France Terminale ST2S (health and social sciences) — Terminale specialties
अध्याय: 4
1. Chemistry
Road safety chemistry · Food safety chemistry · Chemical safety in the environment · Waves and radioactivity in diagnosis · Chemical analysis of media · Biomolecules and trace elements · From molecule to medicine · Responsible use of cosmetics
- रासायनिक अभिक्रियाएँ और समीकरण संतुलन – रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु न बनते हैं, न नष्ट होते हैं; वे सिर्फ़ अपने साथी बदलते हैं। इसलिए समीकरण के दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर होने चाहिए। हम सूत्र के आगे की संख्या बदलकर संतुलन करते हैं, सूत्र को कभी नहीं बदलते।
- खाद्य विज्ञान: हमारे भोजन का रसायन – खाद्य विज्ञान पढ़ता है कि भोजन किससे बना है और खेत से थाली तक कैसे बदलता है। भोजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, पानी, विटामिन और खनिज होते हैं। पकाने से ये बदलते हैं: गर्मी प्रोटीन को खोलती है (विकृतीकरण), स्टार्च पानी में फूलता है (जिलेटिनीकरण), और सूखी गर्मी मेयार्ड अभिक्रिया व कैरामेलीकरण से भोजन भूरा करती है। सूक्ष्मजीव किण्वन से ब्रेड, दही और अचार बनाते हैं, पर भोजन ख़राब भी कर सकते हैं। प्रसंस्करण, परिरक्षण और सही तापमान भोजन को सुरक्षित और पौष्टिक रखते हैं।
- प्रदूषण: वायु, जल, भूमि और ध्वनि – प्रदूषण यानी हवा, पानी या ज़मीन में हानिकारक पदार्थ या ऊर्जा इतनी तेज़ी से डालना कि प्रकृति उसे हटा न सके। मुख्य वायु प्रदूषक हैं कण (PM), कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फ़र डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और ओज़ोन; इनसे अम्लीय वर्षा और स्मॉग बनते हैं। पोषक तत्व, सीवेज और ज़हरीले रसायन पानी में सुपोषण और जैव आवर्धन करते हैं। स्रोत पर उत्सर्जन घटाकर, कचरा छोड़ने से पहले साफ़ करके और 3R से प्रदूषण घटता है।
- चिकित्सा भौतिकी: अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, सीटी और विकिरण सुरक्षा – अल्ट्रासाउंड शरीर में ध्वनि के स्पंद भेजकर गूँज का समय नापता है: गहराई = चाल × समय ÷ 2। एक्स-रे शरीर से गुज़रती हैं और हड्डी उन्हें ज़्यादा रोकती है, इसलिए छाया-चित्र बनता है। सीटी सब कोणों के एक्स-रे चित्र जोड़कर कटान की तस्वीरें बनाता है। एक्स-रे आयनकारी हैं, इसलिए कम समय, ज़्यादा दूरी और ढाल से मात्रा घटाई जाती है। अल्ट्रासाउंड ध्वनि है, आयनकारी नहीं।
- विलयन: चीज़ें कैसे घुलती हैं और कितनी घुल सकती हैं – विलयन विलायक में घुले विलेय का समांगी मिश्रण है। पानी में (जलीय विलयन) विलेय इतने छोटे कणों में टूटता है कि दिखता नहीं, नीचे नहीं बैठता और फ़िल्टर पेपर से निकल जाता है। सांद्रता बताती है कितना विलेय है (द्रव्यमान % = विलेय ÷ विलयन × 100)। विलेयता किसी ताप पर 100 g विलायक में घुल सकने वाली अधिकतम मात्रा है; उसके बाद विलयन संतृप्त है। वाष्पीकरण, क्रिस्टलीकरण और आसवन से विलयन अलग होता है।
- जैव अणु – कोशिका में ज़्यादातर पानी है, और कार्बन यौगिकों के चार बड़े परिवार: प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, लिपिड और न्यूक्लिक अम्ल। ऊतक को अम्ल में पीसने से छोटे अणु (अम्ल-विलेय भाग) बड़े अणुओं – प्रोटीन, पॉलीसैकेराइड, न्यूक्लिक अम्ल (अम्ल-अविलेय भाग) – से अलग हो जाते हैं। प्रोटीन अमीनो अम्लों की शृंखलाएँ हैं जो चार स्तरों में मुड़ती हैं। पॉलीसैकेराइड शर्करा की शृंखलाएँ हैं; लिपिड ग्लिसरॉल पर वसा अम्ल; न्यूक्लिक अम्ल न्यूक्लियोटाइड की शृंखलाएँ। एंज़ाइम प्रोटीन उत्प्रेरक हैं जो सक्रिय स्थल पर क्रियाधार पकड़ते हैं, सक्रियण ऊर्जा घटाते हैं, और तापमान, pH, क्रियाधार मात्रा व संदमकों से प्रभावित होते हैं।
- औषधि डिज़ाइन: अणु से दवा तक – दवा एक अणु है जो शरीर में अपने लक्ष्य में ऐसे बैठता है जैसे ताले में चाबी। कई दवाएँ पहले पौधों से मिलीं (प्राकृतिक)। फिर रसायनज्ञों ने प्रयोगशाला में उन्हें बदला ताकि वे बेहतर बैठें और कम दुष्प्रभाव करें (कृत्रिम)। नैनो दवा छोटे कैप्सूल हैं जो दवा को सही जगह ले जाते हैं।
- सौंदर्य प्रसाधनों (कॉस्मेटिक्स) का रसायन – कॉस्मेटिक वह उत्पाद है जो त्वचा, बाल, नाख़ून या दाँत पर साफ़ करने, बचाने या रूप बदलने के लिए लगाया जाता है। ज़्यादातर क्रीम इमल्शन हैं: पानी में तेल की बारीक बूँदें (या तेल में पानी), जिन्हें इमल्सीफायर मिलाए रखता है। सनस्क्रीन UV रोशनी को सोखते या लौटाते हैं: UVB ऊपर जलाती है, UVA गहराई में जाकर त्वचा बूढ़ी करती है; SPF बताता है कितनी UVB रुकी। एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल को शांत करते हैं। ज़िम्मेदारी से इस्तेमाल यानी अपनी त्वचा का प्रकार जानना, लेबल पढ़ना, पैच टेस्ट, और क़ीमत व पर्यावरण का ध्यान।
2. Human biology and pathophysiology
Internal environment and homeostasis · Immune system and defence · Reproduction · Genes and genetic information
- समस्थापन (Homeostasis) – समस्थापन वह तरीका है जिससे शरीर अपना आंतरिक वातावरण (रक्त और ऊतक द्रव) स्थिर रखता है, चाहे बाहर का मौसम बदले। यह शरीर का ताप (लगभग 37 °C), रक्त ग्लूकोज़ (लगभग 4–6 mmol/L), पानी-लवण और रक्त pH (लगभग 7.4) नियंत्रित करता है। ज़्यादातर यह ऋणात्मक पुनर्भरण से होता है: ग्राही बदलाव पहचानता है, नियंत्रण केंद्र तय करता है, और प्रभावक स्तर को निर्धारित बिंदु पर लौटाता है।
- मानव स्वास्थ्य तथा रोग – स्वास्थ्य का मतलब है शरीर, मन और सामाजिक जीवन तीनों ठीक हों। रोग कई बार कीटाणुओं (रोगजनक) से होते हैं: जीवाणु, वायरस, प्रोटोज़ोआ, कृमि और कवक। शरीर दो तरह की प्रतिरक्षा से लड़ता है: सहज (जन्म से) और उपार्जित (सीखी हुई, याद रखने वाली)। टीके इसी याददाश्त का उपयोग करते हैं। HIV सहायक T कोशिकाओं को नष्ट करके एड्स करता है। कैंसर में कोशिकाएँ बिना रुके बँटती हैं। नशा और शराब किशोरों के शरीर और मन को नुकसान पहुँचाते हैं।
- मानव में जनन और जनन स्वास्थ्य – यौवनारंभ पर मस्तिष्क के हॉर्मोन वृषण और अंडाशय को सक्रिय करते हैं। नर तंत्र शुक्राणु बनाता और ले जाता है; मादा तंत्र अंडाणु बनाता है और गर्भाशय में शिशु के बढ़ने की जगह देता है। निषेचन अंडवाहिनी में होता है और भ्रूण को प्लेसेंटा से पोषण मिलता है। जनन स्वास्थ्य में सुरक्षित निर्णय, गर्भनिरोध, भ्रूण हत्या पर रोक और HIV/AIDS जैसे रोगों से बचाव शामिल हैं।
- वंशागति का आणविक आधार – ज़्यादातर जीवों में DNA आनुवंशिक पदार्थ है (कुछ वायरस में RNA)। यह द्विकुंडली है: न्यूक्लियोटाइड के दो प्रतिसमांतर सूत्र; A–T दो हाइड्रोजन बंध से, G–C तीन से। लंबा DNA हिस्टोन पर लिपटकर न्यूक्लियोसोम और फिर क्रोमैटिन बनाता है। DNA अर्धसंरक्षी ढंग से प्रतिकृति बनाता है (मेसेल्सन–स्टाल)। केंद्रीय सिद्धांत: DNA → RNA → प्रोटीन। अनुलेखन एक सूत्र से RNA बनाता है; यूकैरियोट में hnRNA पर कैप, पूँछ और स्प्लाइसिंग होती है। आनुवंशिक कूट त्रिक है, 64 कोडॉन (61 अमीनो अम्ल, 3 समापन), AUG से शुरू, लगभग सार्वत्रिक और अपह्रासित। राइबोसोम tRNA की मदद से mRNA को प्रोटीन में बदलता है। जीन चालू-बंद होते हैं; लैक ओपेरॉन इसका उदाहरण है। मानव और चावल जीनोम परियोजनाओं ने पूरा जीनोम पढ़ा, और DNA फिंगरप्रिंटिंग दोहराव वाले DNA (VNTR) से व्यक्ति की पहचान करती है।
3. Health and social sciences: thematic strand
Public health policies · Social policies and action
- स्वास्थ्य सेवा प्रणाली: कहाँ जाएँ, आपके अधिकार और खर्च कौन दे – स्वास्थ्य सेवा प्रणाली वे लोग, जगहें और पैसा हैं जो पूरी आबादी को स्वस्थ रखते हैं। देखभाल के स्तर होते हैं: छोटी समस्या के लिए स्व-देखभाल और फ़ार्मेसी, पहला दरवाज़ा प्राथमिक चिकित्सक, रेफ़रल से विशेषज्ञ और जाँच, गंभीर बीमारी में अस्पताल, और जान का खतरा हो तो 112 से आपातकालीन विभाग। मरीज़ के अधिकार हैं: जानकारी, सहमति, गोपनीयता, सम्मान और शिकायत। ई-हेल्थ (ऑनलाइन रिकॉर्ड, ई-पर्ची, टेलीमेडिसिन) पहुँच आसान बनाती है। पैसा कर, बीमा किश्त और जेब से भुगतान से आता है और एक कोष में जुड़कर सेवाओं को मिलता है।
- कल्याणकारी राज्य और सामाजिक सुरक्षा – कल्याणकारी राज्य वह राज्य है जो लोगों को जीवन के बड़े जोखिमों से बचाता है: बीमारी, नौकरी छूटना, बुढ़ापा, विकलांगता और ग़रीबी। इसके लिए एक सुरक्षा-जाल होता है जिसके तीन हिस्से हैं। सामाजिक बीमा वेतन से लिए गए अंशदान से चलता है। सामाजिक सहायता करों से ज़रूरतमंदों को मिलती है। स्कूल और अस्पताल जैसी सार्वजनिक सेवाएँ सबके लिए खुली हैं। देश इन्हें अलग-अलग ढंग से मिलाते हैं: उदार (कम कर, थोड़ी मदद), रूढ़िवादी (मदद नौकरी से जुड़ी) और सामाजिक-लोकतांत्रिक (ऊँचा कर, सबके लिए मदद)। आज बढ़ती उम्र, बढ़ता ख़र्च, वैश्वीकरण और अनौपचारिक काम इसकी चुनौतियाँ हैं।
4. Health and social sciences: methods strand
Project approach in health and social work
- परियोजना प्रबंधन – परियोजना (project) एक बार का काम है जिसका साफ़ लक्ष्य, शुरुआत और अंत होता है। परियोजना प्रबंधन यानी उसकी योजना बनाकर और नियंत्रण करके उसे तय दायरे में, समय पर और बजट में पूरा करना। जीवन चक्र: आरंभ, योजना, कार्यान्वयन, निगरानी और समापन। योजनाकार काम को छोटे कामों (WBS) में बाँटते हैं, गैंट चार्ट पर रखते हैं, क्रांतिक पथ ढूँढते हैं, जोखिम सँभालते हैं और अंत में सीख की समीक्षा करते हैं।