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मानव स्वास्थ्य तथा रोग

स्वास्थ्य का मतलब है शरीर, मन और सामाजिक जीवन तीनों ठीक हों। रोग कई बार कीटाणुओं (रोगजनक) से होते हैं: जीवाणु, वायरस, प्रोटोज़ोआ, कृमि और कवक। शरीर दो तरह की प्रतिरक्षा से लड़ता है: सहज (जन्म से) और उपार्जित (सीखी हुई, याद रखने वाली)। टीके इसी याददाश्त का उपयोग करते हैं। HIV सहायक T कोशिकाओं को नष्ट करके एड्स करता है। कैंसर में कोशिकाएँ बिना रुके बँटती हैं। नशा और शराब किशोरों के शरीर और मन को नुकसान पहुँचाते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. रोगजनक वह कीटाणु है जो रोग करता है। यहाँ लाल कीटाणु एक कोशिका के पास आता है। नीचे कोई रोग चुनें: देखें कौन-सा कीटाणु, कैसे फैलता है, कैसे रोकें।
  2. शरीर का पहला पहरेदार एक दीवार है। त्वचा, श्लेष्मा, पेट का अम्ल और आँसू ज़्यादातर कीटाणु रोकते हैं। ये जन्म से होते हैं। इसे सहज प्रतिरक्षा कहते हैं।
  3. कुछ कीटाणु अंदर आ जाते हैं। B कोशिकाएँ Y आकार की प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी) बनाती हैं जो उन्हें पकड़ती हैं। पहली बार धीमा और कम (प्राथमिक अनुक्रिया)। दूसरी बार तेज़ और ज़्यादा (द्वितीयक अनुक्रिया), क्योंकि शरीर याद रखता है।
  4. टीका कमज़ोर या मरा हुआ कीटाणु, या उसका एक टुकड़ा है। यह बिना बीमार किए शरीर को सिखाता है। स्मृति कोशिकाएँ बनती हैं, फिर असली कीटाणु जल्दी साफ़ होता है।
  5. HIV एक वायरस है जो सहायक T कोशिकाओं में घुसता है। ये प्रतिरक्षा की 'कप्तान' हैं। वायरस प्रतियाँ बनाकर उन्हें मारता है। जब T कोशिकाएँ बहुत कम रह जाएँ, छोटे कीटाणु भी जीतते हैं। इस अवस्था को एड्स कहते हैं।
  6. कैंसर: सामान्य कोशिका पड़ोसी को छूकर बँटना रोक देती है। कैंसर कोशिका यह 'रुको' नहीं मानती और दुगुनी होती जाती है। अब खेलें: कोई रोग चुनें या विभाजन का स्लाइडर चलाएँ।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या हर कीटाणु रोगजनक है?

नहीं। कई सूक्ष्मजीव हानिरहित या उपयोगी हैं (दही के जीवाणु, आँत के जीवाणु)। रोगजनक सिर्फ़ वह है जो रोग करे। चरण 1 में रोग चुनकर असली रोगजनक देखें।

त्वचा और अम्ल होते हुए भी हम बीमार क्यों होते हैं?

कुछ कीटाणु कटने, भोजन या हवा से निकल आते हैं। सहज रोधक उन्हें धीमा करते हैं, पर काम पूरा करने के लिए उपार्जित प्रतिरक्षा चाहिए। चरण 2 में कुछ कीटाणु दीवार पार करते दिखते हैं।

दूसरी अनुक्रिया तेज़ क्यों होती है?

पहली मुलाकात की स्मृति कोशिकाएँ पहले से तैयार होती हैं। वे तुरंत प्रतिरक्षी बनाना शुरू करती हैं। चरण 3 में दोनों स्तंभों की तुलना करें।

क्या टीके से रोग हो सकता है?

टीके में कमज़ोर, मृत या आंशिक कीटाणु होते हैं, इसलिए वे बिना सच में बीमार किए सिखाते हैं। एक दिन हल्का बुखार आम और सामान्य है। चरण 4 में स्मृति बनती दिखती है।

क्या गले मिलने या मच्छर से HIV हो सकता है?

नहीं। HIV के लिए संक्रमित रक्त या शरीर द्रव का सीधे प्रवेश चाहिए। मच्छर इसे नहीं फैलाते। चरण 5 में देखें इसका असली निशाना: सहायक T कोशिकाएँ।

HIV को एड्स बनने में सालों क्यों लगते हैं?

सहायक T कोशिकाएँ हर साल थोड़ी-थोड़ी घटती हैं। बहुत कम बचने पर ही दूसरे कीटाणु हावी होते हैं। चरण 5 में गिनती घटती देखें।

क्या हर गाँठ कैंसर है?

नहीं। सुदम अर्बुद एक जगह रहते हैं। दुर्दम फैलते हैं (मेटास्टेसिस)। बायोप्सी से फ़र्क पता चलता है। चरण 6 में बेकाबू दुगुना होना दिखता है।

स्वास्थ्य क्या है?

स्वास्थ्य का मतलब सिर्फ़ 'रोग न होना' नहीं है। इसका मतलब है शरीर, मन और सामाजिक जीवन तीनों ठीक हों।

तीन चीज़ें हमें स्वस्थ रखती हैं: अच्छे जीन, साफ़ वातावरण और अच्छी आदतें (संतुलित भोजन, व्यायाम, नींद, साफ़ हाथ)।

जब कोई अंग या तंत्र ठीक से काम न करे, वह रोग है। संक्रामक रोग एक से दूसरे में फैलता है (जैसे ज़ुकाम)। असंक्रामक रोग नहीं फैलता (जैसे कैंसर)।

रोगजनक और सामान्य रोग

रोगजनक कोई भी जीव है जो रोग करे: जीवाणु, वायरस, कवक, प्रोटोज़ोआ (एककोशिकीय जंतु) या कृमि।

रोगरोगजनककैसे फैलता हैमुख्य लक्षण
टाइफ़ॉइड (मोतीझरा)साल्मोनेला टाइफ़ी (जीवाणु)गंदा भोजन और पानीलंबा तेज़ बुखार, पेट दर्द, कमज़ोरी; आँत में छेद हो सकता है। विडाल जाँच से पुष्टि।
निमोनियास्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनी, हीमोफ़िलस इन्फ़्लुएंज़ी (जीवाणु)खाँसी-छींक की बूँदें, साझा गिलासवायु-कूपिकाओं में द्रव; बुखार, खाँसी, साँस में कठिनाई; होंठ और नाखून नीले पड़ सकते हैं
सामान्य ज़ुकामराइनो वायरसबूँदें, चीज़ें छूनाबंद नाक, गले में खराश; फेफड़े प्रभावित नहीं; 3–7 दिन
मलेरियाप्लाज़्मोडियम (प्रोटोज़ोआ): P. वाइवैक्स, P. मलेरी, P. फ़ैल्सीपेरम (सबसे ख़तरनाक)मादा एनॉफ़िलीज़ मच्छर का काटनाठंड लगकर तेज़ बुखार, हर 3–4 दिन में लौटता है
अमीबताएंटअमीबा हिस्टोलिटिकामक्खियाँ भोजन तक ले जाती हैंपेट दर्द, मल में श्लेष्मा और रक्त
ऐस्कैरिसताऐस्कैरिस (गोलकृमि)मिट्टी, पानी, बिना धुली सब्ज़ी में अंडेपेट दर्द, रक्ताल्पता; आँत में रुकावट
फ़ाइलेरिएसिस (फीलपाँव)वुचेरेरिया (कृमि)मादा क्यूलेक्स मच्छर का काटनालसीका वाहिनियाँ सूजती हैं, पैर बहुत मोटे
दाद (रिंगवर्म)कवक: माइक्रोस्पोरम, ट्राइकोफ़ाइटॉन, एपिडर्मोफ़ाइटॉनतौलिया, कंघी, नम पसीने वाली त्वचात्वचा, नाखून, सिर पर सूखे, खुजली वाले गोल चकत्ते
डेंगू और चिकनगुनियावायरसएडीज़ मच्छर (दिन में काटता है)बुखार, तेज़ जोड़ों का दर्द, चकत्ते; डेंगू में प्लेटलेट घटते हैं

प्लाज़्मोडियम (मलेरिया परजीवी) का जीवन चक्र

  1. संक्रमित मादा एनॉफ़िलीज़ काटती है। छोटे रूप स्पोरोज़ॉइट हमारे रक्त में आते हैं।
  2. ये यकृत (लिवर) में पहुँचकर बढ़ते हैं।
  3. फिर लाल रक्त कोशिकाओं में घुसकर बढ़ते हैं। लाल कोशिकाएँ फटती हैं और हीमोज़ोइन नाम का विष निकलता है। इसी से हर 3–4 दिन ठंड और तेज़ बुखार आता है।
  4. कुछ रूप रक्त में युग्मकजनक (गैमीटोसाइट) बनते हैं।
  5. नया मच्छर यह रक्त चूसता है। उसकी आँत में नर और मादा युग्मक मिलते हैं। नए स्पोरोज़ॉइट बनकर उसकी लार ग्रंथियों में जाते हैं। अब यह मच्छर अगले व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है।

यानी प्लाज़्मोडियम को दो पोषक चाहिए: मनुष्य (अलैंगिक गुणन) और मच्छर (लैंगिक अवस्था)।

इन रोगों को कैसे रोकें?

प्रतिरक्षा: सहज और उपार्जित

प्रतिरक्षा शरीर की कीटाणुओं से लड़ने की शक्ति है। यह दो तरह की है।

सहज प्रतिरक्षा (जन्म से)

यह हर कीटाणु पर एक जैसे काम करती है। इसमें याददाश्त नहीं होती। इसके चार रोधक हैं:

  1. भौतिक: त्वचा; नाक, फेफड़े, आँत की श्लेष्मा जो कीटाणु फँसाती है।
  2. कार्यिकीय: पेट का अम्ल, लार, आँसू।
  3. कोशिकीय: न्यूट्रोफ़िल, मोनोसाइट, प्राकृतिक मारक (NK) कोशिकाएँ और ऊतकों में महाभक्षकाणु (मैक्रोफ़ेज) कीटाणु खाते या मारते हैं।
  4. साइटोकाइन: वायरस-संक्रमित कोशिकाएँ इंटरफ़ेरॉन छोड़ती हैं, जो पास की कोशिकाओं को बचाते हैं।

उपार्जित प्रतिरक्षा (सीखी हुई)

यह हर कीटाणु को अलग पहचानती है और याद रखती है। पहली मुलाकात में धीमी, कमज़ोर प्राथमिक अनुक्रिया; उसी कीटाणु से दोबारा मिलने पर तेज़, तीव्र द्वितीयक (एनेमनेस्टिक) अनुक्रिया।

B लसीकाणु रक्त में प्रतिरक्षी छोड़ते हैं (तरल / ह्यूमोरल प्रतिरक्षा)। T लसीकाणु B कोशिकाओं की मदद करते हैं और संक्रमित कोशिकाओं को खुद मारते हैं (कोशिका-माध्यित प्रतिरक्षा)। इसी कारण प्रत्यारोपित अंग अस्वीकार हो सकता है, इसलिए दाता का मिलान ज़रूरी है।

प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी) की संरचना

प्रतिरक्षी एक Y आकार का प्रोटीन है। इसमें चार शृंखलाएँ हैं: दो लंबी भारी शृंखलाएँ और दो छोटी हल्की शृंखलाएँ। इसे H2L2 लिखते हैं। Y के दोनों सिरे कीटाणु के चिह्न (प्रतिजन/एंटीजन) को पकड़ते हैं। प्रकार: IgA, IgM, IgE, IgG (और IgD)।

सक्रिय और निष्क्रिय प्रतिरक्षा; टीकाकरण

टीकाकरण: कमज़ोर, मृत या निष्क्रिय कीटाणु (या उसका प्रोटीन) शरीर में दिया जाता है। B और T स्मृति कोशिकाएँ बनती हैं। बाद में असली कीटाणु जल्दी नष्ट होता है। पुनर्योगज DNA तकनीक से कुछ टीकों के प्रोटीन यीस्ट या जीवाणु में बनाए जाते हैं, जैसे हेपेटाइटिस B का टीका।

एलर्जी, स्व-प्रतिरक्षा और लसीकाभ अंग

एड्स और HIV

एड्स = उपार्जित प्रतिरक्षा न्यूनता संलक्षण (Acquired Immuno Deficiency Syndrome)। 'उपार्जित' यानी जन्म से नहीं होता। इसका कारण HIV है, एक रेट्रोवायरस (इसके जीन RNA में हैं)।

कैसे फैलता है: संक्रमित व्यक्ति से असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त, साझा सुई (नशा करने वालों में), और संक्रमित माँ से शिशु। यह छूने, गले मिलने, साथ खाने या मच्छर से नहीं फैलता।

कैसे काम करता है:

  1. HIV महाभक्षकाणु में घुसता है। रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज़ एंज़ाइम उसके RNA से DNA बनाता है। यह DNA कोशिका के DNA में जुड़ जाता है। महाभक्षकाणु 'वायरस फ़ैक्टरी' बन जाता है।
  2. फिर HIV सहायक T कोशिकाओं (TH) में घुसकर प्रतियाँ बनाता और उन्हें मारता है।
  3. कई सालों में TH संख्या धीरे-धीरे घटती है। बुखार, दस्त, वज़न कम होना हो सकता है।
  4. जब बहुत कम TH बचें, कमज़ोर कीटाणु (माइकोबैक्टीरियम, टॉक्सोप्लाज़्मा, कवक) भी गंभीर रोग करते हैं।

जाँच: ELISA। इलाज: प्रति-रेट्रोवायरस दवाएँ इसे धीमा करती हैं, ठीक नहीं करतीं। बचाव: सुरक्षित रक्त, एक बार प्रयोग वाली सुई, कंडोम, जागरूकता। भारत में NACO (राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन) इस पर काम करता है। HIV वाले लोगों को डर नहीं, देखभाल और सम्मान चाहिए।

कैंसर

सामान्य कोशिकाएँ नियंत्रित ढंग से बँटती हैं। दूसरी कोशिकाओं को छूते ही बँटना रोक देती हैं। इसे संपर्क संदमन कहते हैं। कैंसर कोशिकाओं में यह गुण खो जाता है। वे बँटती जाती हैं और गाँठ बनाती हैं जिसे अर्बुद (ट्यूमर) कहते हैं।

कारण (कैंसरजन): X-किरणें और गामा किरणें (आयनकारी विकिरण), UV किरणें (अनायनकारी), तंबाकू के धुएँ के रसायन, और कुछ वायरस (ऑन्कोजेनिक वायरस)। कोशिकाओं में आद्य-ऑन्कोजीन (कोशिकीय ऑन्कोजीन) होते हैं; गलत ढंग से सक्रिय होने पर कैंसर शुरू हो सकता है।

पहचान: बायोप्सी (ऊतक का पतला टुकड़ा सूक्ष्मदर्शी से), रक्त और अस्थि मज्जा जाँच (ल्यूकेमिया के लिए), X-रे, CT स्कैन, MRI, और कैंसर चिह्नों के विरुद्ध प्रतिरक्षी।

इलाज: शल्य क्रिया, विकिरण चिकित्सा, रसायन चिकित्सा (तेज़ी से बँटती कोशिकाओं को मारने वाली दवाएँ), और प्रतिरक्षा चिकित्सा – जैसे α-इंटरफ़ेरॉन प्रतिरक्षा तंत्र को अर्बुद नष्ट करने में मदद करता है।

किशोरावस्था में नशा और शराब का दुरुपयोग

किशोरावस्था लगभग 12 से 18 वर्ष है: शरीर और मन तेज़ी से बदलते हैं। जिज्ञासा, दोस्तों का दबाव, परीक्षा का तनाव और 'बड़ा दिखने' की चाह कुछ किशोरों को तंबाकू, शराब या नशे की ओर ले जाती है।

समूहस्रोतअसर
ओपिऑइड (हेरोइन/स्मैक)पोस्त के पौधे पैपेवर सोम्नीफ़ेरम के मॉर्फ़ीन सेशरीर को सुस्त करते हैं (अवसादक); मस्तिष्क और आँत के ओपिऑइड ग्राही से जुड़ते हैं
कैनाबिनॉइड (मारिजुआना, हशीश, चरस, गाँजा)कैनाबिस सैटाइवाहृदय और रक्त वाहिकाओं पर असर
कोकेन (कोक, क्रैक)कोका पौधा एरिथ्रोज़ाइलम कोकाडोपामिन का हटना रोकता है: झूठी खुशी और ऊर्जा; ज़्यादा मात्रा में भ्रम (मतिभ्रम)
विभ्रमजनकएट्रोपा बेलाडोना, धतूराजो नहीं है वह दिखना या सुनना
तंबाकूनिकोटिनरक्तचाप और धड़कन बढ़ाता है; धूम्रपान से फेफड़े, गले, मूत्राशय का कैंसर; कार्बन मोनोऑक्साइड रक्त में ऑक्सीजन घटाती है

व्यसन (लत) का मतलब शरीर और मन को नशा बार-बार ज़्यादा चाहिए। निर्भरता का मतलब छोड़ने पर दर्दनाक लक्षण (बेचैनी, कंपकंपी, पसीना)। शराब यकृत (सिरोसिस) और तंत्रिकाओं को नुकसान करती है। साझा सुई से HIV और हेपेटाइटिस B फैलते हैं। कुछ खिलाड़ी स्टीरॉयड का दुरुपयोग करते हैं, जो शरीर को नुकसान करते हैं।

चेतावनी के संकेत: अंक गिरना, स्कूल से गायब रहना, शौक में रुचि खत्म, छिपकर व्यवहार, नींद और भूख में बदलाव।

बचाव: 'हमेशा अव्वल' के दबाव से बचें, दोस्तों को 'ना' कहना सीखें, माता-पिता, शिक्षक और भरोसेमंद दोस्तों से बात करें, डॉक्टर और परामर्शदाता से जल्दी मदद लें।

आज़माएँ: मच्छर पनपने की जगहें गिनें

घर और स्कूल में देखें। गिनें कि कहाँ पानी एक हफ़्ते तक रुका रहता है: कूलर की ट्रे, गमले की प्लेट, पुराने टायर, बिना ढक्कन की टंकी। संख्या लिखें। हर जगह खाली करें या ढकें। एक हफ़्ते बाद फिर जाँचें। डेंगू और मलेरिया ऐसे ही रोके जाते हैं।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक बच्चा सड़क किनारे का पानी पीता है और उसे लंबा तेज़ बुखार व पेट दर्द होता है। विडाल जाँच पॉज़िटिव है। रोग और कीटाणु बताइए।

टाइफ़ॉइड। कीटाणु जीवाणु साल्मोनेला टाइफ़ी है। यह गंदे पानी और भोजन से फैलता है। विडाल जाँच से पुष्टि होती है।

2. मलेरिया में बुखार हर कुछ दिन बाद बार-बार क्यों आता है, लगातार क्यों नहीं?

प्लाज़्मोडियम लाल रक्त कोशिकाओं में बढ़ता है। जब बहुत सी कोशिकाएँ एक साथ फटती हैं, हीमोज़ोइन विष निकलता है और ठंड-बुखार आता है। अगला चक्र लगभग 3–4 दिन में पूरा होता है, इसलिए बुखार चक्रों में लौटता है।

3. किसी को खसरा एक बार हुआ, फिर कभी नहीं हुआ, भले ही बाद में भाई को हुआ। समझाइए।

पहले संक्रमण से स्मृति B और T कोशिकाएँ बनीं। दोबारा मिलने पर तेज़, तीव्र द्वितीयक अनुक्रिया हुई और वायरस बीमार करने से पहले मारा गया। यह सक्रिय उपार्जित प्रतिरक्षा है।

4. साँप काटे मरीज़ को प्रतिविष का इंजेक्शन दिया गया। यह सक्रिय है या निष्क्रिय? टीका क्यों नहीं दिया?

निष्क्रिय, क्योंकि तैयार प्रतिरक्षी दी गई। विष मिनटों में असर करता है, और शरीर को अपनी प्रतिरक्षी बनाने में दिन लगते। इसलिए तुरंत मदद चाहिए।

5. किसी व्यक्ति की सहायक T कोशिकाएँ आठ साल में लगभग 1000 से घटकर 150 प्रति माइक्रोलीटर रह गईं। कौन-सा रोग संभव है और साधारण संक्रमण अब ख़तरनाक क्यों हैं?

HIV संक्रमण जो एड्स की ओर बढ़ रहा है। सहायक T कोशिकाएँ B कोशिकाओं और मारक T कोशिकाओं को निर्देश देती हैं। इनके बिना प्रतिरक्षा जवाब नहीं दे पाती, इसलिए टॉक्सोप्लाज़्मा या कवक जैसे कमज़ोर कीटाणु भी गंभीर रोग करते हैं।

6. एक गाँठ की सीमा साफ़ है और फैली नहीं। दूसरे व्यक्ति की गाँठ से कोशिकाएँ फेफड़ों तक पहुँच गईं। कौन-सी सुदम और कौन-सी दुर्दम है?

पहली सुदम (एक जगह रहती है)। दूसरी दुर्दम, क्योंकि कोशिकाएँ मेटास्टेसिस से दूसरे अंग तक गईं।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. मलेरिया कौन-सा मच्छर फैलाता है?
2. प्रतिरक्षी अणु को लिखा जाता है:
3. HIV मुख्य रूप से नष्ट करता है:
4. संपर्क संदमन का खो जाना किसकी विशेषता है?
5. हेरोइन (स्मैक) किससे प्राप्त होती है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कक्षा 12 जीव विज्ञान में प्रतिरक्षा के प्रकार कौन-से हैं?

सहज (जन्म से, अविशिष्ट) और उपार्जित (विशिष्ट, याद रखने वाली)। उपार्जित सक्रिय (अपनी प्रतिरक्षी) या निष्क्रिय (तैयार प्रतिरक्षी) हो सकती है। यह तरल (B कोशिका) और कोशिका-माध्यित (T कोशिका) अनुक्रिया से काम करती है।

मानव स्वास्थ्य तथा रोग अध्याय में कौन-से रोग हैं?

टाइफ़ॉइड, निमोनिया, सामान्य ज़ुकाम, मलेरिया, अमीबता, ऐस्कैरिसता, फ़ाइलेरिएसिस, दाद, डेंगू और चिकनगुनिया, साथ में एड्स, कैंसर और नशे का दुरुपयोग।

क्या एड्स ठीक हो सकता है?

अभी नहीं। प्रति-रेट्रोवायरस दवाएँ HIV को कम रखती हैं और लंबा, स्वस्थ जीवन देती हैं, पर वायरस पूरी तरह नहीं हटातीं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

कनाडा (ओंटारियो)Grade 12C. Pathogens and Disease
नीदरलैंडHAVO 5 (eindexamenjaar)Health, protection and safety
नीदरलैंडVWO 5Health and safety
पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IIIXI. How animals function
स्पेन2º ESOHealth and disease
स्पेन3º ESOHealth and disease
स्पेन1º BachilleratoMicroorganisms and acellular forms
स्पेन2º BachilleratoImmunology
स्पेन2º BachilleratoThe Earth system
यूक्रेन11 класBiological basis of a healthy lifestyle
सीबीएसई (भारत)कक्षा 12जीव विज्ञान और मानव कल्याण
इंग्लैंडYear 123.2 Cells
दक्षिण कोरिया고등학교 2학년Homeostasis and control
दक्षिण कोरिया고등학교 3학년Homeostasis and control
फ्रांसPremièreHuman body and health
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चीन高二Sel.1 Ch.4 Immune regulation
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