कॉस्मेटिक क्या है, और त्वचा व बालों के प्रकार
कॉस्मेटिक कोई भी ऐसा उत्पाद है जो शरीर के बाहर (त्वचा, बाल, नाख़ून, होंठ, दाँत) साफ़ करने, ख़ुशबू देने, बचाने या रूप बदलने के लिए लगाया जाए। बीमारी का इलाज करने वाली दवा कॉस्मेटिक नहीं है।
त्वचा का प्रकार मुख्य रूप से इस पर निर्भर है कि ग्रंथियाँ कितना तेल (सीबम) बनाती हैं: तैलीय (चमकदार, बड़े रोमछिद्र), रूखी (खिंची, पपड़ीदार), मिश्रित (माथा, नाक, ठुड्डी तैलीय; गाल रूखे), सामान्य, और संवेदनशील (जल्दी प्रतिक्रिया)। बाल सीधे, लहरदार, घुँघराले हो सकते हैं, और सिर की त्वचा तैलीय या रूखी।
रोज़ की देखभाल आसान है: हल्के क्लींज़र से धोओ, मॉइस्चराइज़ करो, बाहर सनस्क्रीन लगाओ, अच्छा खाओ और सोओ। स्वस्थ त्वचा हल्की अम्लीय (pH लगभग 5) होती है, इसलिए बहुत क्षारीय साबुन उसे रूखा कर सकते हैं।
क्रीम के अंदर: इमल्शन और सामग्री
इमल्शन दो ऐसे द्रवों का मिश्रण है जो आम तौर पर अलग हो जाते हैं, जैसे तेल और पानी। इमल्सीफायर अणु का सिर पानी-प्रेमी (जलरागी) और पूँछ तेल-प्रेमी (जलविरागी) होती है। पूँछ तेल की बूँद में और सिर पानी की ओर रहते हैं, इसलिए बूँदें फैली रहती हैं।
- पानी में तेल (O/W): हल्के लोशन और डे क्रीम; चिपचिपे नहीं लगते।
- तेल में पानी (W/O): कोल्ड क्रीम, गाढ़ी नाइट क्रीम; चिकनी लगती हैं, नमी बंद रखती हैं।
आम सामग्री: पानी, तेल/मोम (मुलायम करने वाले), ह्यूमेक्टेंट जैसे ग्लिसरॉल जो त्वचा में पानी खींचते हैं, इमल्सीफायर, गाढ़ा करने वाले, कीटाणु रोकने वाले प्रिज़र्वेटिव, ख़ुशबू और रंग। लेबल पर सामग्री सबसे ज़्यादा मात्रा से सबसे कम के क्रम में लिखी होती है।
शैम्पू और क्लींज़र में सर्फ़ेक्टेंट होते हैं, साबुन जैसा ही विचार: ये चिकनाई पकड़ते हैं और पानी उसे बहा ले जाता है। बालों के रंग ऑक्सीकरण रसायन (अक्सर हाइड्रोजन पेरॉक्साइड और अमोनिया) से बाल खोलकर अंदर रंग बनाते हैं।
UV रोशनी और सनस्क्रीन
पराबैंगनी (UV) रोशनी की तरंगदैर्घ्य दिखने वाली रोशनी से छोटी होती है और हर फ़ोटॉन में ज़्यादा ऊर्जा होती है।
- UVB (280–315 nm): ज़्यादातर एपिडर्मिस में रुकती है; धूप से जलन करती है और विटामिन D बनाने में मदद करती है।
- UVA (315–400 nm): डर्मिस तक पहुँचती है; त्वचा साँवली करती, झुर्रियाँ और DNA नुक़सान करती है। यह बादलों और खिड़की के काँच से भी निकल जाती है।
सनस्क्रीन फ़िल्टर: कार्बनिक (रासायनिक) फ़िल्टर UV सोखकर थोड़ी गर्मी बना देते हैं; खनिज (भौतिक) फ़िल्टर जैसे ज़िंक ऑक्साइड और टाइटेनियम डाइऑक्साइड उसे लौटाते और बिखेरते हैं।
SPF (सन प्रोटेक्शन फ़ैक्टर) UVB के बारे में है। त्वचा तक पहुँचा हिस्सा ≈ 1/SPF: SPF 15 लगभग 93%, SPF 30 लगभग 97%, SPF 50 लगभग 98% रोकता है। UVA के लिए ब्रॉड स्पेक्ट्रम (या PA+++) देखो। लगभग 2 mg प्रति cm² (चेहरे-गर्दन के लिए क़रीब एक चम्मच) लगाओ और हर 2 घंटे या तैरने के बाद दोबारा लगाओ।
एंटीऑक्सीडेंट, सुरक्षा, क़ीमत और पर्यावरण
फ्री रेडिकल वह परमाणु या अणु है जिसमें एक अकेला (बिना जोड़ी का) इलेक्ट्रॉन है, इसलिए वह बहुत क्रियाशील है। यह कोशिका झिल्ली, कोलेजन और DNA को नुक़सान कर सकता है। एंटीऑक्सीडेंट (विटामिन C, विटामिन E, हरी चाय के यौगिक) उसे एक इलेक्ट्रॉन देकर शृंखला अभिक्रिया रोक देते हैं। इन्हें क्रीम में तेल को बासी होने से बचाने के लिए भी डालते हैं।
ज़िम्मेदारी से इस्तेमाल: लेबल और एक्सपायरी पढ़ो (खुले डिब्बे का चिह्न, जैसे 12M); नए उत्पाद और बालों के रंग से पहले पैच टेस्ट करो (बाँह के अंदर थोड़ा लगाकर 24–48 घंटे); आँख और होंठ के उत्पाद साझा न करो; लालिमा या खुजली हो तो बंद करो।
क़ीमत: पैक की नहीं, प्रति ग्राम या प्रति इस्तेमाल क़ीमत की तुलना करो। एक साधारण क्लींज़र + मॉइस्चराइज़र + सनस्क्रीन ज़्यादातर ज़रूरतें पूरी करते हैं; सैलून के ट्रीटमेंट महँगे हैं, सिर्फ़ असली ज़रूरत पर चुनो।
पर्यावरण-अनुकूल विकल्प: प्लास्टिक माइक्रोबीड्स से बचो, रिफ़िल और रीसायकल होने वाले पैक लो, कम मात्रा इस्तेमाल करो, और जहाँ हो सके समुद्री जीवों के लिए सुरक्षित सनस्क्रीन चुनो।
करके देखो
एक जार में 2 चम्मच तेल और 2 चम्मच पानी हिलाओ: एक मिनट में अलग हो जाते हैं। अब थोड़ा लिक्विड साबुन या अंडे की ज़र्दी (दोनों में इमल्सीफायर) डालकर फिर हिलाओ: तुमने धुँधला इमल्शन बना लिया जो काफ़ी देर टिकता है। फिर घर की दो क्रीमों की सामग्री सूची पढ़ो और इमल्सीफायर, ह्यूमेक्टेंट (ग्लिसरीन) और प्रिज़र्वेटिव ढूँढो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- इमल्शन = एक द्रव की बूँदें दूसरे में फैली, इमल्सीफायर से टिकी
- O/W: पानी में तेल (हल्का लोशन); W/O: तेल में पानी (कोल्ड क्रीम)
- UVB 280–315 nm (जलन); UVA 315–400 nm (बुढ़ापा)
- त्वचा तक पहुँची UVB ≈ 1 / SPF
- % रुकी ≈ (1 − 1/SPF) × 100
- स्वस्थ त्वचा का pH ≈ 4.5–5.5
हल किए गए उदाहरण
1. SPF 20 कितने प्रतिशत UVB रोकता है?
अंदर = 1/20 = 0.05 = 5%। रुकी = 100 − 5 = 95%।
2. बिना सनस्क्रीन त्वचा 10 मिनट में लाल होती है। ठीक से SPF 30 लगाने पर लगभग कितनी देर?
सिद्धांत में 10 × 30 = 300 मिनट। असल में पसीना और पतली परत इसे घटाते हैं, इसलिए हर 2 घंटे दोबारा लगाओ।
3. 50 g क्रीम ₹200 की और 150 g ₹480 की। प्रति ग्राम कौन सस्ती?
₹200 ÷ 50 = ₹4.00/g; ₹480 ÷ 150 = ₹3.20/g। बड़ा पैक प्रति ग्राम सस्ता (अगर एक्सपायरी से पहले इस्तेमाल हो जाए)।
4. तेल-पानी वाली क्रीम में प्रिज़र्वेटिव क्यों चाहिए?
पानी में जीवाणु और फफूँद पनपते हैं। प्रिज़र्वेटिव उन्हें रोकता है ताकि खोलने के बाद भी क्रीम सुरक्षित रहे।
आम गलतियाँ
- सोचना कि SPF 50, SPF 25 से दोगुना रोकता है। वह 98% बनाम 96% है; असली फ़र्क़ पूरी मात्रा लगाने और दोबारा लगाने से पड़ता है।
- मानना कि बादल वाले दिन या खिड़की के पास घर में सनस्क्रीन नहीं चाहिए। UVA बादल और काँच से निकल जाती है।
- सोचना कि 'प्राकृतिक' मतलब हमेशा सुरक्षित। पौधों के तेल से भी एलर्जी हो सकती है; पैच टेस्ट करो।
- प्रति ग्राम या प्रति इस्तेमाल की जगह सिर्फ़ पैक की क़ीमत देखना।