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विलयन: प्रकार, सांद्रता और हेनरी का नियम

विलयन दो या ज़्यादा पदार्थों का एकसमान मिश्रण है। जो ज़्यादा मात्रा में हो वह विलायक, जो कम हो वह विलेय। विलयन कितना 'गाढ़ा' है, यह सांद्रता के पदों से बताते हैं: द्रव्यमान %, आयतन %, ppm, मोल अंश, मोलरता (1 लीटर विलयन में) और मोललता (1 kg विलायक में)। ठोस अक्सर गर्म करने पर ज़्यादा घुलते हैं। गैस दाब बढ़ाने पर ज़्यादा घुलती है (हेनरी का नियम, p = KH·x) और गर्म करने पर कम।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. बीकर देखो। नीली गेंदें विलायक हैं: जो ज़्यादा है। नारंगी गेंदें विलेय हैं: जो कम है। दोनों बराबर मिल जाएँ तो विलयन बनता है। पिकर से देखो: विलयन गैस, द्रव या ठोस, कुछ भी हो सकता है।
  2. विलयन कितना गाढ़ा है? गिनो! नारंगी गेंदें 2 से 10 हो रही हैं। सांद्रता बस यह बताती है कि तय मात्रा में कितना विलेय है। नीचे मोल अंश दिख रहा है: विलेय गेंदें ÷ सारी गेंदें।
  3. गिनने के दो खास तरीके। मोलरता (M) = 1 लीटर विलयन में विलेय के मोल। मोललता (m) = 1 kg विलायक में विलेय के मोल। मोललता द्रव्यमान से बनती है, इसलिए गर्म होकर द्रव फैले तब भी नहीं बदलती।
  4. अब बहुत ज़्यादा ठोस डाला। कुछ नीचे पड़ा रह गया: विलयन संतृप्त है। लौ से गर्म करो: ढेर से और नारंगी गेंदें घुल जाती हैं। ज़्यादातर ठोसों की विलेयता ताप बढ़ने पर बढ़ती है।
  5. गैस अलग चलती है। पानी के ऊपर हरी गैस है। पिस्टन नीचे दबता है: दाब बढ़ा, और ज़्यादा हरी गेंदें पानी में चली गईं। यही हेनरी का नियम है: घुली गैस उसके दाब के समानुपाती है।
  6. अब तुम्हारी बारी। प्रकार, विलेय कण, ताप और गैस का दाब बदलो। 'हल किया उदाहरण' दबाओ और मोलरता का सवाल लाइन-दर-लाइन हल होते देखो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

विलायक कौन है, कैसे तय करें?

जो ज़्यादा मात्रा में हो। बीकर में नीली गेंदें ज़्यादा हैं, वे विलायक; कम नारंगी गेंदें विलेय।

मोलरता ताप से बदलती है पर मोललता नहीं, क्यों?

गर्मी से द्रव फैलता है, तो 1 लीटर में थोड़े कम कण आते हैं। मोललता विलायक के द्रव्यमान से बनती है, और द्रव्यमान गर्म करने पर नहीं बदलता।

गर्म करने पर चीनी ज़्यादा घुलती है पर सोडा से गैस निकलती है, क्यों?

ज़्यादातर ठोस घुलते समय ऊष्मा लेते हैं, तो गर्मी मदद करती है। गैस घुलते समय ऊष्मा छोड़ती है, तो गर्मी उसे बाहर धकेलती है। चरण 4 की लौ और चरण 5 की गैस की तुलना करो।

ज़्यादा दाब से पानी में ज़्यादा गैस क्यों जाती है?

दाब बढ़ा तो पानी के ऊपर ज़्यादा अणु, सतह पर ज़्यादा टक्कर, ज़्यादा अणु अंदर फँसे। पिस्टन नीचे जाते समय हरी गेंदें पानी में जाती देखो।

बड़ा KH मतलब कम विलेय गैस, क्यों?

x = p ÷ KH। KH बड़ा हो तो उसी दाब पर x छोटा, यानी पानी में कम गैस।

मोल अंश की इकाई क्यों नहीं होती?

यह मोल ÷ मोल है, इकाइयाँ कट जाती हैं। यह बस हिस्सा है, जैसे 10 में से 3।

विलयन क्या है? विलयन के प्रकार

विलयन एक समांगी (homogeneous) मिश्रण है: हर जगह एक जैसा दिखता है। जो घटक ज़्यादा मात्रा में है वह विलायक (solvent), बाकी विलेय (solute)। सिर्फ़ दो घटक हों तो द्विअंगी विलयन (binary solution) कहते हैं।

विलयन की अवस्था विलायक तय करता है। विलेय और विलायक, दोनों तीन अवस्थाओं में हो सकते हैं, तो नौ प्रकार बनते हैं:

विलायकविलेयउदाहरण
गैसगैसहवा (नाइट्रोजन में ऑक्सीजन)
गैसद्रवनम हवा (हवा में जलवाष्प)
गैसठोसनाइट्रोजन में कपूर की वाष्प
द्रवगैससोडा वाटर (पानी में CO₂)
द्रवद्रवपानी में एथेनॉल
द्रवठोसपानी में चीनी या नमक
ठोसगैसपैलेडियम में हाइड्रोजन
ठोसद्रवसोने में पारा (अमलगम)
ठोसठोसपीतल (तांबे में जस्ता)

सांद्रता के पद (विलयन कितना गाढ़ा है)

सांद्रता बताती है कि तय मात्रा के विलयन (या विलायक) में कितना विलेय है:

  1. द्रव्यमान प्रतिशत (w/w) = (विलेय का द्रव्यमान ÷ विलयन का द्रव्यमान) × 100
  2. आयतन प्रतिशत (V/V) = (विलेय का आयतन ÷ विलयन का आयतन) × 100
  3. द्रव्यमान-आयतन (w/V) = 100 mL विलयन में विलेय के ग्राम। दवाइयों में आम।
  4. प्रति दस लाख भाग (ppm) = (विलेय के भाग ÷ कुल भाग) × 10⁶। बहुत कम मात्रा के लिए, जैसे पानी में फ्लोराइड।
  5. मोल अंश (x) = उस घटक के मोल ÷ कुल मोल। x₁ + x₂ = 1। इसकी कोई इकाई नहीं।
  6. मोलरता (M) = विलेय के मोल ÷ विलयन का आयतन (लीटर)। इकाई mol L⁻¹।
  7. मोललता (m) = विलेय के मोल ÷ विलायक का द्रव्यमान (kg)। इकाई mol kg⁻¹।

कौन-से पद ताप से बदलते हैं?

गर्म करने पर द्रव फैलता है, यानी आयतन बदलता है। जिन पदों में आयतन है (मोलरता, आयतन %, w/V) वे बदलते हैं। जिनमें सिर्फ़ द्रव्यमान या मोल हैं (द्रव्यमान %, मोल अंश, मोललता) वे नहीं बदलते।

बोर्ड टिप

मोलरता, मोललता, द्रव्यमान % और मोल अंश को एक-दूसरे में बदलने वाले सवाल अक्सर आते हैं (2–3 अंक)। हमेशा लिखो: मोल = द्रव्यमान ÷ मोलर द्रव्यमान, और mL को L, g को kg में बदलो।

द्रवों में ठोसों की विलेयता

विलेयता: किसी ताप पर तय मात्रा के विलायक में किसी पदार्थ की घुल सकने वाली सबसे ज़्यादा मात्रा। जब और न घुले तो विलयन संतृप्त है, कम हो तो असंतृप्त।

गैसों की विलेयता और हेनरी का नियम

गैस की विलेयता दाब और ताप पर बहुत निर्भर करती है।

हेनरी का नियम (अपने शब्दों में): स्थिर ताप पर, किसी द्रव में घुली गैस की मात्रा उस गैस के आंशिक दाब के समानुपाती होती है:

p = KH · x

p = गैस का आंशिक दाब, x = विलयन में गैस का मोल अंश, KH = हेनरी स्थिरांक (इकाई दाब की, जैसे kbar)। KH जितना बड़ा, गैस उतनी कम विलेय।

दाब क्यों मदद करता है

ज़्यादा दाब = द्रव के ऊपर ज़्यादा गैस अणु। वे सतह से ज़्यादा टकराते हैं और ज़्यादा अंदर फँसते हैं।

गर्मी क्यों उल्टा असर करती है

गैस घुलने में आमतौर पर ऊष्मा निकलती है, इसलिए गर्म करने पर गैस बाहर आती है। इसीलिए मछलियाँ ठंडे पानी में ज़्यादा आराम से रहती हैं (ज़्यादा ऑक्सीजन)।

उपयोग

सीमाएँ

यह नियम कम दाब पर और उन गैसों के लिए ठीक है जो विलायक से क्रिया नहीं करतीं (NH₃, CO₂ पानी से क्रिया करती हैं)।

करके देखो (घर पर)

एक जैसी दो बंद सोडा बोतलें लो: एक फ्रिज में, एक धूप में एक घंटा रखो। पहले अंदाज़ा लगाओ, फिर सिंक पर खोलो: गर्म वाली ज़्यादा झाग देगी, क्योंकि गर्म पानी कम गैस पकड़ता है। 3D में दाब वाला स्लाइडर बदलकर यही बात देखो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 45 g पानी में 5 g नमक घोला। नमक का द्रव्यमान प्रतिशत?

विलयन = 5 + 45 = 50 g। द्रव्यमान % = (5 ÷ 50) × 100 = 10%।

2. 4 g NaOH (M = 40) घोलकर 250 mL विलयन बनाया। मोलरता?

मोल = 4 ÷ 40 = 0.1। आयतन = 0.25 L। M = 0.1 ÷ 0.25 = 0.4 mol L⁻¹।

3. 500 g पानी में 18 g ग्लूकोस (M = 180) घोला। मोललता?

मोल = 18 ÷ 180 = 0.1। विलायक = 0.5 kg। m = 0.1 ÷ 0.5 = 0.2 mol kg⁻¹।

4. 1 mol एथेनॉल और 9 mol पानी। दोनों के मोल अंश?

कुल = 10 mol। x(एथेनॉल) = 0.1, x(पानी) = 0.9। जाँच: 0.1 + 0.9 = 1।

5. 1 L पानी (1000 g) में 2 mg फ्लोराइड है। ppm में बताओ।

फ्लोराइड = 0.002 g। ppm = (0.002 ÷ 1000) × 10⁶ = 2 ppm।

6. 298 K पर एक गैस का KH = 50 kbar है। 0.5 bar आंशिक दाब पर पानी में उसका मोल अंश?

x = p ÷ KH = 0.5 ÷ 50 000 = 1 × 10⁻⁵।

7. H₂SO₄ का 20% (द्रव्यमान से) विलयन, घनत्व 1.2 g/mL (M = 98)। मोलरता?

100 g विलयन लो: 20 g अम्ल = 0.204 mol। आयतन = 100 ÷ 1.2 = 83.3 mL = 0.0833 L। M ≈ 2.45 mol L⁻¹।

8. 2 M NaCl विलयन, घनत्व 1.1 g/mL (M = 58.5)। मोललता?

1 L विलयन = 1100 g। NaCl = 2 × 58.5 = 117 g। पानी = 983 g = 0.983 kg। m = 2 ÷ 0.983 ≈ 2.03 mol kg⁻¹।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. कौन-सा पद ताप से नहीं बदलता?
2. पीतल किस प्रकार का विलयन है?
3. हेनरी का नियम है:
4. मोललता की इकाई:
5. सोडा की बोतल गर्म करने पर CO₂:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोलरता और मोललता में क्या अंतर है?

मोलरता = प्रति लीटर विलयन में विलेय के मोल, ताप से बदलती है। मोललता = प्रति किलो विलायक में विलेय के मोल, ताप से नहीं बदलती।

हेनरी का नियम क्या है?

स्थिर ताप पर द्रव में घुली गैस का मोल अंश उसके आंशिक दाब के समानुपाती होता है: p = KH · x।

विलयन कितने प्रकार के होते हैं?

नौ: विलेय और विलायक दोनों गैस, द्रव या ठोस हो सकते हैं। विलायक की अवस्था विलयन की अवस्था तय करती है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

कनाडा (ओंटारियो)Grade 11E. Solutions and Solubility
सीबीएसई (भारत)कक्षा 12विलयन
अमेरिकाGrade 11Properties of Substances and Mixtures
अमेरिकाGrade 11Common course additions (beyond NGSS PEs)
दक्षिण कोरिया고등학교 2학년Dynamic chemical reactions
दक्षिण कोरिया고등학교 2학년Properties of solutions
दक्षिण कोरिया고등학교 3학년First steps in chemistry
दक्षिण कोरिया고등학교 3학년States of matter and solutions
फ्रांसPremièrePhysics-chemistry: Constitution of matter
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रूस11 классTheoretical foundations of chemistry
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