बफ़र विलयन: क्या हैं और कैसे काम करते हैं
बफ़र विलयन थोड़ा अम्ल या क्षारक डालने पर, या पतला करने पर, pH बदलने का विरोध करता है।
- अम्लीय बफ़र: दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षारक के साथ उसका लवण, जैसे CH₃COOH + CH₃COONa (pH 7 से कम)।
- क्षारीय बफ़र: दुर्बल क्षारक + प्रबल अम्ल के साथ उसका लवण, जैसे NH₄OH + NH₄Cl (pH 7 से ज़्यादा)।
कैसे काम करता है (ऐसीटेट बफ़र): लवण बहुत सारे CH₃COO⁻ देता है, और दुर्बल अम्ल ज़्यादातर CH₃COOH ही रहता है (सम-आयन उसे आयनित नहीं होने देता)।
- H⁺ डालो: CH₃COO⁻ + H⁺ → CH₃COOH। H⁺ खत्म।
- OH⁻ डालो: CH₃COOH + OH⁻ → CH₃COO⁻ + H₂O। OH⁻ खत्म।
सिर्फ़ [लवण]/[अम्ल] अनुपात थोड़ा बदलता है, इसलिए pH बहुत कम बदलता है। अनुपात 0.1 से 10 (pH = pKa ± 1) के बीच बफ़र सबसे अच्छा है। दोनों ज़्यादा सांद्र हों तो बफ़र क्षमता ज़्यादा।
करके देखो: चरण 1 में “+ 1 mmol HCl” बार-बार दबाओ। पानी का pH तुरंत गिरता है; बफ़र का धीरे-धीरे, जब तक बैंगनी A⁻ खत्म न हों।
हेंडरसन–हैसलबाल्क समीकरण (व्युत्पत्ति)
दुर्बल अम्ल से शुरू करो: Ka = [H⁺][A⁻]/[HA]।
पुनर्व्यवस्थित करो: [H⁺] = Ka × [HA]/[A⁻]। दोनों ओर −log लो:
−log[H⁺] = −log Ka − log([HA]/[A⁻]) → pH = pKa + log([लवण]/[अम्ल])।
यहाँ [A⁻] ≈ [लवण] (लवण पूरा आयनित) और [HA] ≈ [अम्ल] (अम्ल लगभग आयनित नहीं)। क्षारीय बफ़र के लिए: pOH = pKb + log([लवण]/[क्षारक]), फिर pH = 14 − pOH।
[लवण] = [अम्ल] हो तो log 1 = 0, यानी pH = pKa। यह सबसे अच्छा बफ़र बिंदु है।
अल्प-विलेय लवणों का विलेयता गुणनफल
AgCl, BaSO₄, CaF₂ जैसे लवण बहुत कम घुलते हैं। संतृप्त घोल में ठोस अपने आयनों से साम्य में रहता है: AgCl(s) ⇌ Ag⁺(aq) + Cl⁻(aq)।
ठोस छोड़ दिया जाता है, इसलिए Ksp = [Ag⁺][Cl⁻]। सामान्य रूप में AₓBᵧ(s) ⇌ xAʸ⁺ + yBˣ⁻: Ksp = [Aʸ⁺]ˣ[Bˣ⁻]ʸ।
विलेयता s (mol/L) और Ksp:
- AB (AgCl, BaSO₄): Ksp = s², s = √Ksp।
- AB₂ (CaF₂, PbI₂) या A₂B (Ag₂CrO₄): Ksp = 4s³।
- AB₃ (Fe(OH)₃): Ksp = 27s⁴।
- सामान्य: Ksp = xˣ yʸ s⁽ˣ⁺ʸ⁾।
अलग सूत्र-प्रकार के लवणों की विलेयता की तुलना s से करो, Ksp से नहीं।
आयनिक गुणनफल, अवक्षेपण और सम-आयन प्रभाव
आयनिक गुणनफल Q वही व्यंजक है, पर अभी की सांद्रताओं से।
- Q < Ksp: असंतृप्त, और घुल सकता है।
- Q = Ksp: संतृप्त, साम्य पर।
- Q > Ksp: अवक्षेपण, जब तक Q = Ksp न हो।
सम-आयन प्रभाव: पहले से मौजूद आयन डालो (AgCl में NaCl से Cl⁻), तो साम्य पीछे जाता है और विलेयता घटती है। 0.1 M NaCl में AgCl की विलेयता s = Ksp/0.1 = 1.8 × 10⁻⁹ M, पानी से लगभग 7 000 गुना कम।
इसका उपयोग लवण विश्लेषण (अम्ल में H₂S या NH₄OH/NH₄Cl से समूह अलग करना) और नमक शुद्ध करने में होता है।
करके देखो: चरण 5 में “NaCl डालो” दबाओ और आयनों को क्रिस्टल में लौटते देखो।
परीक्षा के लिए
अक्सर आंकिक प्रश्न: बफ़र का pH, किसी pH के लिए ज़रूरी अनुपात, s से Ksp, 1:1 और 1:2 लवणों के लिए Ksp से s, अवक्षेप बनेगा या नहीं (Q और Ksp), और सम-आयन में विलेयता।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अम्लीय बफ़र: pH = pKa + log([लवण]/[अम्ल])
- क्षारीय बफ़र: pOH = pKb + log([लवण]/[क्षारक]); pH = 14 − pOH
- AₓBᵧ के लिए Ksp = [Aʸ⁺]ˣ[Bˣ⁻]ʸ = xˣyʸ s^(x+y)
- AB: Ksp = s²; AB₂ / A₂B: Ksp = 4s³; AB₃: Ksp = 27s⁴
- Q > Ksp → अवक्षेप; Q < Ksp → और घुलेगा
- सम-आयन c के साथ (AB): s = Ksp/c
हल किए गए उदाहरण
1. 0.1 M CH₃COOH और 0.1 M CH₃COONa वाले बफ़र का pH (pKa = 4.74)?
अनुपात 1, log 1 = 0, इसलिए pH = pKa = 4.74।
2. 0.2 M CH₃COONa + 0.1 M CH₃COOH का pH (pKa = 4.74)?
pH = 4.74 + log 2 = 4.74 + 0.30 = 5.04।
3. 0.1 M NH₄OH और 0.1 M NH₄Cl वाले बफ़र का pH (pKb = 4.74)?
pOH = 4.74 + log 1 = 4.74। pH = 14 − 4.74 = 9.26।
4. उदाहरण 1 के 100 mL बफ़र (10 mmol अम्ल, 10 mmol लवण) में 1 mmol HCl डाला। नया pH?
H⁺ 1 mmol ऐसीटेट को अम्ल बनाता है: लवण = 9, अम्ल = 11 mmol। pH = 4.74 + log(9/11) = 4.74 − 0.087 = 4.65। सिर्फ़ 0.09 घटा (पानी 7 से 2 पर जाता)।
5. AgCl की विलेयता 1.34 × 10⁻⁵ mol/L है। Ksp निकालो।
Ksp = s² = (1.34 × 10⁻⁵)² = 1.8 × 10⁻¹⁰।
6. CaF₂ का Ksp = 3.9 × 10⁻¹¹। विलेयता निकालो।
Ksp = 4s³ → s³ = 9.75 × 10⁻¹² → s = 2.1 × 10⁻⁴ mol/L।
7. 2 × 10⁻⁴ M AgNO₃ और 2 × 10⁻⁴ M NaCl के बराबर आयतन मिलाए। क्या अवक्षेप बनेगा? Ksp(AgCl) = 1.8 × 10⁻¹⁰।
मिलाने पर हर एक आधा: [Ag⁺] = [Cl⁻] = 10⁻⁴ M। Q = 10⁻⁸ > Ksp, इसलिए AgCl अवक्षेपित होगा।
8. 0.1 M NaCl में AgCl (Ksp = 1.8 × 10⁻¹⁰) की विलेयता?
[Cl⁻] ≈ 0.1 M। s × 0.1 = 1.8 × 10⁻¹⁰ → s = 1.8 × 10⁻⁹ mol/L, पानी से लगभग 7 400 गुना कम।
आम गलतियाँ
- प्रबल अम्ल और उसके लवण (HCl + NaCl) को बफ़र मान लेना। बफ़र में दुर्बल अम्ल या दुर्बल क्षारक चाहिए।
- हेंडरसन अनुपात उल्टा लिखना। अम्लीय बफ़र में [लवण]/[अम्ल] है।
- हर लवण के लिए Ksp = s² लगाना। CaF₂ या Ag₂CrO₄ के लिए 4s³ है।
- बराबर आयतन मिलाने पर Q निकालने से पहले सांद्रता आधी करना भूल जाना।