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बफ़र विलयन और विलेयता गुणनफल

बफ़र वह विलयन है जिसमें थोड़ा अम्ल या क्षारक डालने पर भी pH लगभग वही रहता है। अम्लीय बफ़र = दुर्बल अम्ल + उसका लवण (CH₃COOH + CH₃COONa); क्षारीय बफ़र = दुर्बल क्षारक + उसका लवण (NH₄OH + NH₄Cl)। pH हेंडरसन समीकरण से: pH = pKa + log([लवण]/[अम्ल])। अल्प-विलेय लवण अपने संतृप्त घोल में आयनों से साम्य बनाता है; आयन सांद्रताओं का गुणनफल (गुणांक की घात में) विलेयता गुणनफल Ksp है। AB के लिए Ksp = s², AB₂ या A₂B के लिए Ksp = 4s³। आयनिक गुणनफल Q > Ksp हो तो अवक्षेप बनता है। सम-आयन विलेयता घटाता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. दोनों बीकर में 1 mmol HCl डाला। शुद्ध पानी का pH 7 से 2 पर गिरा। बफ़र में हर H⁺ को एक ऐसीटेट आयन (बैंगनी) पकड़कर ऐसीटिक अम्ल (हरा) बना देता है। बफ़र का pH लगभग नहीं हिलता।
  2. बफ़र का pH लवण और अम्ल के अनुपात पर है: pH = pKa + log([लवण]/[अम्ल])। बराबर मात्रा पर pH = pKa = 4.74। अनुपात खिसकाओ और बैंगनी-हरी गिनती देखो।
  3. अब पानी में AgCl का क्रिस्टल है। बहुत थोड़ा ही घुलता है। आयन क्रिस्टल से निकलते और वापस जुड़ते रहते हैं। [Ag⁺][Cl⁻] स्थिर रहता है: यही Ksp है।
  4. Ksp से विलेयता s मिलती है। AgCl (1 : 1) के लिए Ksp = s²। CaF₂ (1 : 2) में हर Ca²⁺ के साथ दो F⁻, इसलिए Ksp = s × (2s)² = 4s³।
  5. NaCl डालो। अब Cl⁻ ज़्यादा है, तो [Ag⁺][Cl⁻] Ksp से बड़ा हो गया। Ag⁺ वापस ठोस बनकर अवक्षेपित होता है। सम-आयन से लवण कम घुलता है।
  6. अब खुद खेलो: बफ़र में अम्ल या क्षारक डालो, या लवण चुनकर सम-आयन डालो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

डाला गया H⁺ बफ़र का pH क्यों नहीं गिराता?

ऐसीटेट आयन H⁺ को पकड़कर ऐसीटिक अम्ल बनाते हैं, जो लगभग आयनित नहीं होता। 3D में हर बूँद एक बैंगनी आयन को हरा करती है।

pH = pKa सबसे अच्छा बफ़र क्यों?

बराबर अम्ल और लवण बराबर मात्रा का क्षारक या अम्ल सोख सकते हैं। स्लाइडर पर अनुपात 1 पर गिनती बराबर दिखती है।

थोड़ा AgCl घुलता है, तो सारा क्यों नहीं?

आयन क्रिस्टल में वापस भी जाते हैं। जब निकलना और लौटना बराबर हो, घोल संतृप्त है और [Ag⁺][Cl⁻] = Ksp।

CaF₂ के लिए Ksp = 4s³ क्यों, s² क्यों नहीं?

हर CaF₂ से एक Ca²⁺ और दो F⁻, तो [F⁻] = 2s और Ksp = s(2s)²। 3D में F⁻ दोगुने दिखते हैं।

NaCl से AgCl कम क्यों घुलता है?

ज़्यादा Cl⁻ से Q, Ksp से बड़ा हो जाता है, तो Ag⁺ और Cl⁻ ठोस में लौटते हैं जब तक Q = Ksp न हो। 3D में क्रिस्टल बढ़ता दिखता है।

बफ़र में पानी डालने से pH बदलता है?

लगभग नहीं। लवण और अम्ल दोनों बराबर पतले होते हैं, तो अनुपात वही रहता है।

बफ़र विलयन: क्या हैं और कैसे काम करते हैं

बफ़र विलयन थोड़ा अम्ल या क्षारक डालने पर, या पतला करने पर, pH बदलने का विरोध करता है।

कैसे काम करता है (ऐसीटेट बफ़र): लवण बहुत सारे CH₃COO⁻ देता है, और दुर्बल अम्ल ज़्यादातर CH₃COOH ही रहता है (सम-आयन उसे आयनित नहीं होने देता)।

सिर्फ़ [लवण]/[अम्ल] अनुपात थोड़ा बदलता है, इसलिए pH बहुत कम बदलता है। अनुपात 0.1 से 10 (pH = pKa ± 1) के बीच बफ़र सबसे अच्छा है। दोनों ज़्यादा सांद्र हों तो बफ़र क्षमता ज़्यादा।

करके देखो: चरण 1 में “+ 1 mmol HCl” बार-बार दबाओ। पानी का pH तुरंत गिरता है; बफ़र का धीरे-धीरे, जब तक बैंगनी A⁻ खत्म न हों।

हेंडरसन–हैसलबाल्क समीकरण (व्युत्पत्ति)

दुर्बल अम्ल से शुरू करो: Ka = [H⁺][A⁻]/[HA]।

पुनर्व्यवस्थित करो: [H⁺] = Ka × [HA]/[A⁻]। दोनों ओर −log लो:

−log[H⁺] = −log Ka − log([HA]/[A⁻]) → pH = pKa + log([लवण]/[अम्ल])।

यहाँ [A⁻] ≈ [लवण] (लवण पूरा आयनित) और [HA] ≈ [अम्ल] (अम्ल लगभग आयनित नहीं)। क्षारीय बफ़र के लिए: pOH = pKb + log([लवण]/[क्षारक]), फिर pH = 14 − pOH।

[लवण] = [अम्ल] हो तो log 1 = 0, यानी pH = pKa। यह सबसे अच्छा बफ़र बिंदु है।

अल्प-विलेय लवणों का विलेयता गुणनफल

AgCl, BaSO₄, CaF₂ जैसे लवण बहुत कम घुलते हैं। संतृप्त घोल में ठोस अपने आयनों से साम्य में रहता है: AgCl(s) ⇌ Ag⁺(aq) + Cl⁻(aq)।

ठोस छोड़ दिया जाता है, इसलिए Ksp = [Ag⁺][Cl⁻]। सामान्य रूप में AₓBᵧ(s) ⇌ xAʸ⁺ + yBˣ⁻: Ksp = [Aʸ⁺]ˣ[Bˣ⁻]ʸ।

विलेयता s (mol/L) और Ksp:

अलग सूत्र-प्रकार के लवणों की विलेयता की तुलना s से करो, Ksp से नहीं।

आयनिक गुणनफल, अवक्षेपण और सम-आयन प्रभाव

आयनिक गुणनफल Q वही व्यंजक है, पर अभी की सांद्रताओं से।

सम-आयन प्रभाव: पहले से मौजूद आयन डालो (AgCl में NaCl से Cl⁻), तो साम्य पीछे जाता है और विलेयता घटती है। 0.1 M NaCl में AgCl की विलेयता s = Ksp/0.1 = 1.8 × 10⁻⁹ M, पानी से लगभग 7 000 गुना कम।

इसका उपयोग लवण विश्लेषण (अम्ल में H₂S या NH₄OH/NH₄Cl से समूह अलग करना) और नमक शुद्ध करने में होता है।

करके देखो: चरण 5 में “NaCl डालो” दबाओ और आयनों को क्रिस्टल में लौटते देखो।

परीक्षा के लिए

अक्सर आंकिक प्रश्न: बफ़र का pH, किसी pH के लिए ज़रूरी अनुपात, s से Ksp, 1:1 और 1:2 लवणों के लिए Ksp से s, अवक्षेप बनेगा या नहीं (Q और Ksp), और सम-आयन में विलेयता।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 0.1 M CH₃COOH और 0.1 M CH₃COONa वाले बफ़र का pH (pKa = 4.74)?

अनुपात 1, log 1 = 0, इसलिए pH = pKa = 4.74।

2. 0.2 M CH₃COONa + 0.1 M CH₃COOH का pH (pKa = 4.74)?

pH = 4.74 + log 2 = 4.74 + 0.30 = 5.04।

3. 0.1 M NH₄OH और 0.1 M NH₄Cl वाले बफ़र का pH (pKb = 4.74)?

pOH = 4.74 + log 1 = 4.74। pH = 14 − 4.74 = 9.26।

4. उदाहरण 1 के 100 mL बफ़र (10 mmol अम्ल, 10 mmol लवण) में 1 mmol HCl डाला। नया pH?

H⁺ 1 mmol ऐसीटेट को अम्ल बनाता है: लवण = 9, अम्ल = 11 mmol। pH = 4.74 + log(9/11) = 4.74 − 0.087 = 4.65। सिर्फ़ 0.09 घटा (पानी 7 से 2 पर जाता)।

5. AgCl की विलेयता 1.34 × 10⁻⁵ mol/L है। Ksp निकालो।

Ksp = s² = (1.34 × 10⁻⁵)² = 1.8 × 10⁻¹⁰।

6. CaF₂ का Ksp = 3.9 × 10⁻¹¹। विलेयता निकालो।

Ksp = 4s³ → s³ = 9.75 × 10⁻¹² → s = 2.1 × 10⁻⁴ mol/L।

7. 2 × 10⁻⁴ M AgNO₃ और 2 × 10⁻⁴ M NaCl के बराबर आयतन मिलाए। क्या अवक्षेप बनेगा? Ksp(AgCl) = 1.8 × 10⁻¹⁰।

मिलाने पर हर एक आधा: [Ag⁺] = [Cl⁻] = 10⁻⁴ M। Q = 10⁻⁸ > Ksp, इसलिए AgCl अवक्षेपित होगा।

8. 0.1 M NaCl में AgCl (Ksp = 1.8 × 10⁻¹⁰) की विलेयता?

[Cl⁻] ≈ 0.1 M। s × 0.1 = 1.8 × 10⁻¹⁰ → s = 1.8 × 10⁻⁹ mol/L, पानी से लगभग 7 400 गुना कम।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. कौन-सा युग्म अम्लीय बफ़र बनाता है?
2. अम्लीय बफ़र में [लवण] = [अम्ल] हो तो pH:
3. CaF₂ के लिए Ksp, s के रूप में:
4. अवक्षेप कब बनता है?
5. संतृप्त AgCl घोल में NaCl डालने से:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बफ़र विलयन क्या है?

दुर्बल अम्ल और उसके लवण (या दुर्बल क्षारक और उसके लवण) का विलयन, जो थोड़ा अम्ल या क्षारक डालने पर भी pH लगभग स्थिर रखता है।

विलेयता और विलेयता गुणनफल में क्या संबंध है?

AₓBᵧ के लिए Ksp = xˣyʸ s^(x+y)। AB के लिए Ksp = s², AB₂ के लिए 4s³।

सम-आयन प्रभाव विलेयता को कैसे बदलता है?

साम्य में पहले से मौजूद आयन डालने से साम्य पीछे जाता है और लवण कम घुलता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 11साम्यावस्था
अमेरिकाGrade 11Equilibrium
अमेरिकाGrade 11Acids and Bases
दक्षिण कोरिया고등학교 2학년Acid-base equilibria
दक्षिण कोरिया고등학교 3학년Reaction enthalpy and equilibrium
चीन高二Selective 1 Ch.3 Ionic equilibria

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