रेडॉक्स समीकरण संतुलित क्यों करें?
संतुलित समीकरण में दोनों ओर हर परमाणु की संख्या और कुल आवेश बराबर होना चाहिए।
रेडॉक्स में एक नियम और: खोए इलेक्ट्रॉन = पाए इलेक्ट्रॉन। इलेक्ट्रॉन न ग़ायब होते हैं, न अचानक आते हैं।
करके देखो: 3D के चरण 1 में तराज़ू झुका है। तुम्हें उसे सीधा करना है।
ऑक्सीकरण संख्या विधि
- सही सूत्रों से कच्चा समीकरण लिखो।
- जिन परमाणुओं की ऑक्सीकरण संख्या बदली, उनका बदलाव लिखो (प्रति परमाणु और प्रति सूत्र)।
- गुणा करो ताकि कुल बढ़त = कुल घटत।
- O और H छोड़कर बाकी परमाणु संतुलित करो।
- O को H₂O जोड़कर, H को H⁺ (अम्ल) से संतुलित करो। क्षार में जिधर H कम हो उधर H₂O और दूसरी ओर उतने OH⁻।
- परमाणु और आवेश जाँचो।
उदाहरण (अम्ल): MnO₄⁻ + Fe²⁺ → Mn²⁺ + Fe³⁺। Mn: +7 → +2, घटत 5। Fe: +2 → +3, बढ़त 1। Fe को ×5। O: दाएँ 4H₂O। H: बाएँ 8H⁺।
MnO₄⁻ + 5Fe²⁺ + 8H⁺ → Mn²⁺ + 5Fe³⁺ + 4H₂O। आवेश: −1 + 10 + 8 = +17 और +2 + 15 = +17।
करके देखो: 3D के चरण 2 से 5 यही पंक्तियाँ करते हैं।
अर्ध-अभिक्रिया (आयन-इलेक्ट्रॉन) विधि
- ऑक्सीकरण अर्ध और अपचयन अर्ध में तोड़ो।
- हर अर्ध में O और H के अलावा बाकी परमाणु बराबर करो।
- O को H₂O से, फिर H को H⁺ से बराबर करो।
- आवेश बराबर करने को इलेक्ट्रॉन जोड़ो (अपचयन में बाएँ, ऑक्सीकरण में दाएँ)।
- दोनों अर्ध को ऐसे गुणा करो कि इलेक्ट्रॉन बराबर हों। जोड़ो और दोनों ओर आने वाली चीज़ें काटो।
- क्षार में: जितने H⁺ हैं उतने OH⁻ दोनों ओर जोड़ो, H⁺ + OH⁻ को पानी बनाओ और फ़ालतू पानी काटो।
उदाहरण (अम्ल): Cr₂O₇²⁻ + SO₂ → Cr³⁺ + SO₄²⁻।
ऑक्सीकरण: SO₂ + 2H₂O → SO₄²⁻ + 4H⁺ + 2e⁻ (× 3)।
अपचयन: Cr₂O₇²⁻ + 14H⁺ + 6e⁻ → 2Cr³⁺ + 7H₂O।
जोड़कर काटो: Cr₂O₇²⁻ + 3SO₂ + 2H⁺ → 2Cr³⁺ + 3SO₄²⁻ + H₂O।
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MnO₄⁻ + I⁻ → MnO₂ + I₂ (क्षार)। Mn: +7 → +4 (3 पाए)। 2I⁻ → I₂ (2 खोए)। 3 और 2 का LCM 6: 2MnO₄⁻ और 6I⁻।
पहले अम्ल की तरह: 2MnO₄⁻ + 6I⁻ + 8H⁺ → 2MnO₂ + 3I₂ + 4H₂O। फिर दोनों ओर 8OH⁻ जोड़ो और पानी काटो।
2MnO₄⁻ + 6I⁻ + 4H₂O → 2MnO₂ + 3I₂ + 8OH⁻। आवेश −8 = −8।
अनुमापन का आधार: रेडॉक्स अभिक्रियाएँ
रेडॉक्स अनुमापन में ज्ञात सांद्रता का ऑक्सीकारक अपचायक में तब तक डालते हैं जब तक वह ठीक-ठीक ख़त्म न हो जाए।
- KMnO₄ ख़ुद सूचक है: बैंगनी MnO₄⁻ रंगहीन Mn²⁺ बनता है। पहला टिकने वाला गुलाबी रंग अंत-बिंदु है।
- K₂Cr₂O₇ (नारंगी → हरा Cr³⁺) के लिए डाइफ़ेनिलऐमीन जैसा सूचक चाहिए।
- आयोडोमिति में I₂ को थायोसल्फेट से मापते हैं; I₂ रहने तक स्टार्च नीला-काला रहता है।
संतुलित समीकरण मोल अनुपात देता है। MnO₄⁻ : Fe²⁺ = 1 : 5।
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ऑक्सीकरण संख्या हिसाब रखने का औज़ार है। संतुलन में बहुत काम आती है, पर सहसंयोजी अणुओं में असली आवेश नहीं है, और भिन्न मान (जैसे Fe₃O₄ में +8/3, S₄O₆²⁻ में +2.5) सिर्फ़ औसत हैं। असली चित्र इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण का ही है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- खोए इलेक्ट्रॉन = पाए इलेक्ट्रॉन
- अम्ल: O को H₂O से, H को H⁺ से
- क्षार: फिर H⁺ जितने OH⁻ दोनों ओर; H⁺ + OH⁻ → H₂O
- जाँच: दोनों ओर परमाणु और कुल आवेश बराबर
- ऑक्सीकारक के मोल × प्रति इकाई पाए e⁻ = अपचायक के मोल × प्रति इकाई खोए e⁻
हल किए गए उदाहरण
1. अम्ल में संतुलित करो: MnO₄⁻ + Fe²⁺ → Mn²⁺ + Fe³⁺।
Mn 5 पाता, Fe 1 खोता → 5Fe²⁺। दाएँ 4H₂O, बाएँ 8H⁺। MnO₄⁻ + 5Fe²⁺ + 8H⁺ → Mn²⁺ + 5Fe³⁺ + 4H₂O। आवेश +17 = +17।
2. अम्ल में संतुलित करो: Cr₂O₇²⁻ + Fe²⁺ → Cr³⁺ + Fe³⁺।
2Cr: +6 → +3, 6 पाए; Fe 1 खोता → 6Fe²⁺। 7 O → 7H₂O; 14 H → 14H⁺। Cr₂O₇²⁻ + 6Fe²⁺ + 14H⁺ → 2Cr³⁺ + 6Fe³⁺ + 7H₂O। आवेश +24 = +24।
3. अम्ल में संतुलित करो: Cu + NO₃⁻ → Cu²⁺ + NO।
Cu 2 खोता; N: +5 → +2, 3 पाता। LCM 6: 3Cu, 2NO₃⁻। O: बाएँ 6, दाएँ 2 → दाएँ 4H₂O। H: बाएँ 8H⁺। 3Cu + 2NO₃⁻ + 8H⁺ → 3Cu²⁺ + 2NO + 4H₂O। आवेश +6 = +6।
4. अर्ध-अभिक्रिया से अम्ल में: Cr₂O₇²⁻ + SO₂ → Cr³⁺ + SO₄²⁻।
ऑक्सी: SO₂ + 2H₂O → SO₄²⁻ + 4H⁺ + 2e⁻ (×3)। अप: Cr₂O₇²⁻ + 14H⁺ + 6e⁻ → 2Cr³⁺ + 7H₂O। जोड़ो: Cr₂O₇²⁻ + 3SO₂ + 2H⁺ → 2Cr³⁺ + 3SO₄²⁻ + H₂O।
5. क्षार में संतुलित करो: MnO₄⁻ + I⁻ → MnO₂ + I₂।
Mn 3 पाता, 2I⁻ 2 खोते → 2MnO₄⁻ + 6I⁻। अम्ल रूप: बाएँ 8H⁺, दाएँ 4H₂O। दोनों ओर 8OH⁻: 2MnO₄⁻ + 6I⁻ + 4H₂O → 2MnO₂ + 3I₂ + 8OH⁻।
6. क्षार में संतुलित करो: MnO₄⁻ + Br⁻ → MnO₂ + BrO₃⁻।
Mn 3 पाता; Br: −1 → +5, 6 खोता → 2MnO₄⁻ + Br⁻। O: बाएँ 8, दाएँ 7 → दाएँ H₂O, बाएँ 2H⁺। दोनों ओर 2OH⁻ जोड़कर काटो: 2MnO₄⁻ + Br⁻ + H₂O → 2MnO₂ + BrO₃⁻ + 2OH⁻। आवेश −3 = −3।
7. क्षार में असमानुपातन संतुलित करो: P₄ + OH⁻ → PH₃ + H₂PO₂⁻।
P: 0 → −3 (एक P, 3 पाए) और 0 → +1 (तीन P, हर एक 1 खोए)। तो 1 PH₃ : 3 H₂PO₂⁻। P₄ + 3OH⁻ + 3H₂O → PH₃ + 3H₂PO₂⁻। जाँच: O 6 = 6, H 9 = 9, आवेश −3 = −3।
8. 0.02 M KMnO₄ के 20 mL अम्ल में Fe²⁺ से पूरी अभिक्रिया करते हैं। Fe²⁺ के कितने मोल थे?
MnO₄⁻ के मोल = 0.02 × 0.020 = 4 × 10⁻⁴। अनुपात 1 : 5, तो Fe²⁺ = 5 × 4 × 10⁻⁴ = 2 × 10⁻³ mol।
आम गलतियाँ
- परमाणु बराबर करके आवेश भूल जाना। अंत में दोनों ओर आवेश ज़रूर जोड़ो।
- भूलना कि 2Cr हर एक 3 बदलते हैं, तो Cr₂O₇²⁻ 6 इलेक्ट्रॉन पाता है, 3 नहीं।
- क्षारीय घोल के अंतिम उत्तर में H⁺ छोड़ देना। OH⁻ से बदलो।
- इलेक्ट्रॉन गलत ओर लिखना: अपचयन अर्ध में इलेक्ट्रॉन बाएँ होते हैं।