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रेडॉक्स अभिक्रियाओं का संतुलन: ऑक्सीकरण संख्या और अर्ध-अभिक्रिया विधि

संतुलित रेडॉक्स समीकरण में तीन चीज़ें बराबर होनी चाहिए: परमाणु, आवेश और इलेक्ट्रॉन। अपचायक के खोए इलेक्ट्रॉन = ऑक्सीकारक के पाए इलेक्ट्रॉन। ऑक्सीकरण संख्या विधि पहले संख्याओं का बदलाव बराबर करती है; अर्ध-अभिक्रिया विधि अभिक्रिया को दो हिस्सों में तोड़कर जोड़ती है। O को H₂O से और H को अम्ल में H⁺ से या क्षार में OH⁻ से संतुलित करते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह असंतुलित अभिक्रिया है: MnO₄⁻ + Fe²⁺ → Mn²⁺ + Fe³⁺। तराज़ू झुका है क्योंकि खोए और पाए इलेक्ट्रॉन बराबर नहीं।
  2. ऑक्सीकरण संख्याएँ लिखो। Mn +7 से +2 पर गिरता है, यानी 5 इलेक्ट्रॉन पाता है। Fe +2 से +3 पर जाता है, 1 खोता है।
  3. Fe²⁺ को 5 से गुणा करो। अब 5 खोए और 5 पाए। तराज़ू सीधा हो गया।
  4. ऑक्सीजन गिनो। बाएँ MnO₄⁻ में 4 O हैं। दाएँ 4H₂O जोड़ो।
  5. हाइड्रोजन गिनो। दाएँ अब 8 H हैं। बाएँ 8H⁺ जोड़ो। आवेश: दोनों ओर +17। हो गया।
  6. खुद खेलो: अभिक्रिया चुनो और + या − दबाकर तराज़ू सीधा करो। फिर O और H पूरे करो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

शुरू में तराज़ू झुका क्यों है?

कच्चे समीकरण में दिए और लिए इलेक्ट्रॉन बराबर नहीं। चरण 1 यही असंतुलित शुरुआत दिखाता है।

कैसे पता करूँ कि कितने इलेक्ट्रॉन गए?

ऑक्सीकरण संख्या के बदलाव को परमाणुओं की संख्या से गुणा करके। चरण 2 में Mn: 5 और Fe: 1।

इलेक्ट्रॉन सीधे जोड़ने की बजाय गुणा क्यों?

इलेक्ट्रॉन असली परमाणु ही ले जाते हैं। 5 इलेक्ट्रॉन के लिए 5 Fe²⁺ चाहिए। चरण 3 में पलड़ा एक-एक Fe से भरता है।

ऑक्सीजन के लिए पानी क्यों?

जलीय घोल में H₂O हमेशा मौजूद है जो O दे या ले सकता है। चरण 4 में 4 O के लिए 4H₂O जोड़ा।

आवेश क्यों बराबर होना चाहिए?

परमाणुओं की तरह आवेश भी बनाया नहीं जा सकता। चरण 5 में दोनों ओर +17 जाँचा।

क्षारीय घोल में क्या अलग है?

वहाँ H⁺ लगभग नहीं होते, इसलिए दोनों ओर OH⁻ जोड़कर H⁺ + OH⁻ को पानी बनाते हैं। चरण 6 में क्षार वाली अभिक्रिया चुनकर देखो।

रेडॉक्स समीकरण संतुलित क्यों करें?

संतुलित समीकरण में दोनों ओर हर परमाणु की संख्या और कुल आवेश बराबर होना चाहिए।

रेडॉक्स में एक नियम और: खोए इलेक्ट्रॉन = पाए इलेक्ट्रॉन। इलेक्ट्रॉन न ग़ायब होते हैं, न अचानक आते हैं।

करके देखो: 3D के चरण 1 में तराज़ू झुका है। तुम्हें उसे सीधा करना है।

ऑक्सीकरण संख्या विधि

  1. सही सूत्रों से कच्चा समीकरण लिखो।
  2. जिन परमाणुओं की ऑक्सीकरण संख्या बदली, उनका बदलाव लिखो (प्रति परमाणु और प्रति सूत्र)।
  3. गुणा करो ताकि कुल बढ़त = कुल घटत।
  4. O और H छोड़कर बाकी परमाणु संतुलित करो।
  5. O को H₂O जोड़कर, H को H⁺ (अम्ल) से संतुलित करो। क्षार में जिधर H कम हो उधर H₂O और दूसरी ओर उतने OH⁻।
  6. परमाणु और आवेश जाँचो।

उदाहरण (अम्ल): MnO₄⁻ + Fe²⁺ → Mn²⁺ + Fe³⁺। Mn: +7 → +2, घटत 5। Fe: +2 → +3, बढ़त 1। Fe को ×5। O: दाएँ 4H₂O। H: बाएँ 8H⁺।

MnO₄⁻ + 5Fe²⁺ + 8H⁺ → Mn²⁺ + 5Fe³⁺ + 4H₂O। आवेश: −1 + 10 + 8 = +17 और +2 + 15 = +17।

करके देखो: 3D के चरण 2 से 5 यही पंक्तियाँ करते हैं।

अर्ध-अभिक्रिया (आयन-इलेक्ट्रॉन) विधि

  1. ऑक्सीकरण अर्ध और अपचयन अर्ध में तोड़ो।
  2. हर अर्ध में O और H के अलावा बाकी परमाणु बराबर करो।
  3. O को H₂O से, फिर H को H⁺ से बराबर करो।
  4. आवेश बराबर करने को इलेक्ट्रॉन जोड़ो (अपचयन में बाएँ, ऑक्सीकरण में दाएँ)।
  5. दोनों अर्ध को ऐसे गुणा करो कि इलेक्ट्रॉन बराबर हों। जोड़ो और दोनों ओर आने वाली चीज़ें काटो।
  6. क्षार में: जितने H⁺ हैं उतने OH⁻ दोनों ओर जोड़ो, H⁺ + OH⁻ को पानी बनाओ और फ़ालतू पानी काटो।

उदाहरण (अम्ल): Cr₂O₇²⁻ + SO₂ → Cr³⁺ + SO₄²⁻।

ऑक्सीकरण: SO₂ + 2H₂O → SO₄²⁻ + 4H⁺ + 2e⁻ (× 3)।

अपचयन: Cr₂O₇²⁻ + 14H⁺ + 6e⁻ → 2Cr³⁺ + 7H₂O।

जोड़कर काटो: Cr₂O₇²⁻ + 3SO₂ + 2H⁺ → 2Cr³⁺ + 3SO₄²⁻ + H₂O।

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MnO₄⁻ + I⁻ → MnO₂ + I₂ (क्षार)। Mn: +7 → +4 (3 पाए)। 2I⁻ → I₂ (2 खोए)। 3 और 2 का LCM 6: 2MnO₄⁻ और 6I⁻।

पहले अम्ल की तरह: 2MnO₄⁻ + 6I⁻ + 8H⁺ → 2MnO₂ + 3I₂ + 4H₂O। फिर दोनों ओर 8OH⁻ जोड़ो और पानी काटो।

2MnO₄⁻ + 6I⁻ + 4H₂O → 2MnO₂ + 3I₂ + 8OH⁻। आवेश −8 = −8।

अनुमापन का आधार: रेडॉक्स अभिक्रियाएँ

रेडॉक्स अनुमापन में ज्ञात सांद्रता का ऑक्सीकारक अपचायक में तब तक डालते हैं जब तक वह ठीक-ठीक ख़त्म न हो जाए।

संतुलित समीकरण मोल अनुपात देता है। MnO₄⁻ : Fe²⁺ = 1 : 5।

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ऑक्सीकरण संख्या हिसाब रखने का औज़ार है। संतुलन में बहुत काम आती है, पर सहसंयोजी अणुओं में असली आवेश नहीं है, और भिन्न मान (जैसे Fe₃O₄ में +8/3, S₄O₆²⁻ में +2.5) सिर्फ़ औसत हैं। असली चित्र इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण का ही है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. अम्ल में संतुलित करो: MnO₄⁻ + Fe²⁺ → Mn²⁺ + Fe³⁺।

Mn 5 पाता, Fe 1 खोता → 5Fe²⁺। दाएँ 4H₂O, बाएँ 8H⁺। MnO₄⁻ + 5Fe²⁺ + 8H⁺ → Mn²⁺ + 5Fe³⁺ + 4H₂O। आवेश +17 = +17।

2. अम्ल में संतुलित करो: Cr₂O₇²⁻ + Fe²⁺ → Cr³⁺ + Fe³⁺।

2Cr: +6 → +3, 6 पाए; Fe 1 खोता → 6Fe²⁺। 7 O → 7H₂O; 14 H → 14H⁺। Cr₂O₇²⁻ + 6Fe²⁺ + 14H⁺ → 2Cr³⁺ + 6Fe³⁺ + 7H₂O। आवेश +24 = +24।

3. अम्ल में संतुलित करो: Cu + NO₃⁻ → Cu²⁺ + NO।

Cu 2 खोता; N: +5 → +2, 3 पाता। LCM 6: 3Cu, 2NO₃⁻। O: बाएँ 6, दाएँ 2 → दाएँ 4H₂O। H: बाएँ 8H⁺। 3Cu + 2NO₃⁻ + 8H⁺ → 3Cu²⁺ + 2NO + 4H₂O। आवेश +6 = +6।

4. अर्ध-अभिक्रिया से अम्ल में: Cr₂O₇²⁻ + SO₂ → Cr³⁺ + SO₄²⁻।

ऑक्सी: SO₂ + 2H₂O → SO₄²⁻ + 4H⁺ + 2e⁻ (×3)। अप: Cr₂O₇²⁻ + 14H⁺ + 6e⁻ → 2Cr³⁺ + 7H₂O। जोड़ो: Cr₂O₇²⁻ + 3SO₂ + 2H⁺ → 2Cr³⁺ + 3SO₄²⁻ + H₂O।

5. क्षार में संतुलित करो: MnO₄⁻ + I⁻ → MnO₂ + I₂।

Mn 3 पाता, 2I⁻ 2 खोते → 2MnO₄⁻ + 6I⁻। अम्ल रूप: बाएँ 8H⁺, दाएँ 4H₂O। दोनों ओर 8OH⁻: 2MnO₄⁻ + 6I⁻ + 4H₂O → 2MnO₂ + 3I₂ + 8OH⁻।

6. क्षार में संतुलित करो: MnO₄⁻ + Br⁻ → MnO₂ + BrO₃⁻।

Mn 3 पाता; Br: −1 → +5, 6 खोता → 2MnO₄⁻ + Br⁻। O: बाएँ 8, दाएँ 7 → दाएँ H₂O, बाएँ 2H⁺। दोनों ओर 2OH⁻ जोड़कर काटो: 2MnO₄⁻ + Br⁻ + H₂O → 2MnO₂ + BrO₃⁻ + 2OH⁻। आवेश −3 = −3।

7. क्षार में असमानुपातन संतुलित करो: P₄ + OH⁻ → PH₃ + H₂PO₂⁻।

P: 0 → −3 (एक P, 3 पाए) और 0 → +1 (तीन P, हर एक 1 खोए)। तो 1 PH₃ : 3 H₂PO₂⁻। P₄ + 3OH⁻ + 3H₂O → PH₃ + 3H₂PO₂⁻। जाँच: O 6 = 6, H 9 = 9, आवेश −3 = −3।

8. 0.02 M KMnO₄ के 20 mL अम्ल में Fe²⁺ से पूरी अभिक्रिया करते हैं। Fe²⁺ के कितने मोल थे?

MnO₄⁻ के मोल = 0.02 × 0.020 = 4 × 10⁻⁴। अनुपात 1 : 5, तो Fe²⁺ = 5 × 4 × 10⁻⁴ = 2 × 10⁻³ mol।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. हर संतुलित रेडॉक्स समीकरण में:
2. अम्ल में ऑक्सीजन परमाणु बराबर करने को जोड़ते हैं:
3. MnO₄⁻ से Mn²⁺ बनने में प्रति आयन पाए इलेक्ट्रॉन:
4. संतुलित समीकरण में MnO₄⁻ : Fe²⁺ मोल अनुपात:
5. अनुमापन में कौन ख़ुद सूचक है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेडॉक्स संतुलन की कौन-सी विधि बेहतर है?

दोनों का उत्तर एक ही आता है। पूरे समीकरण के लिए ऑक्सीकरण संख्या विधि तेज़ है; आयनिक समीकरण और विद्युत-रसायन के लिए अर्ध-अभिक्रिया विधि अच्छी है।

क्षारीय माध्यम में रेडॉक्स कैसे संतुलित करें?

पहले अम्ल की तरह संतुलित करो, फिर H⁺ जितने OH⁻ दोनों ओर जोड़ो, H⁺ + OH⁻ को पानी बनाओ और फ़ालतू पानी काटो।

KMnO₄ को स्व-सूचक क्यों कहते हैं?

अभिक्रिया के दौरान इसका बैंगनी रंग गायब होता रहता है; पहला टिकने वाला गुलाबी रंग अंत-बिंदु बताता है, अलग सूचक की ज़रूरत नहीं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 11अपचयोपचय अभिक्रियाएँ

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