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आयनिक साम्य: अम्ल, क्षारक, आयनन और pH

अम्ल और क्षारक की तीन परिभाषाएँ हैं: आरेनियस (पानी में H⁺ या OH⁻ देना), ब्रॉन्स्टेड–लोरी (प्रोटॉन दाता या ग्राही) और लुइस (इलेक्ट्रॉन-युग्म ग्राही या दाता)। प्रबल अम्ल-क्षारक पूरे आयनित होते हैं; दुर्बल थोड़े, और उनका साम्य Ka या Kb से लिखा जाता है। पानी भी थोड़ा आयनित होता है: 25 °C पर Kw = [H⁺][OH⁻] = 1.0 × 10⁻¹⁴। pH = −log[H⁺], pH + pOH = 14। दुर्बल वैद्युत-अपघट्य के लिए α ≈ √(K/C), यानी तनु करने पर α बढ़ता है (ओस्टवाल्ड तनुता नियम)। संयुग्मी युग्म के लिए Ka × Kb = Kw। दुर्बल अम्ल या क्षारक से बने लवण पानी से क्रिया करते हैं (जल-अपघटन)।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. दो बीकर, दोनों 0.1 M। HCl के हर अणु ने आयन बना लिए: यह प्रबल अम्ल है। ऐसीटिक अम्ल के कुछ ही अणु टूटे: यह दुर्बल अम्ल है।
  2. देखो एक H⁺ अम्ल से पानी के अणु पर कूदता है। अम्ल H⁺ देता है, पानी लेता है। अम्ल का बचा भाग उसका संयुग्मी क्षारक है; पानी H₃O⁺ बनता है, जो संयुग्मी अम्ल है।
  3. शुद्ध पानी भी यह थोड़ा-सा करता है: एक पानी का अणु दूसरे को H⁺ देता है। इससे H₃O⁺ और OH⁻ बराबर, बहुत कम बनते हैं: 25 °C पर हर एक 10⁻⁷ M।
  4. pH = −log[H⁺]। HCl को दस गुना पतला करने पर सुई हर बार एक pH ऊपर जाती है।
  5. अब ऐसीटिक अम्ल पतला करो। ज़्यादा अणु टूटते हैं, तो α (टूटा भाग) बढ़ता है। यही ओस्टवाल्ड तनुता नियम है। फिर भी pH बढ़ता है, क्योंकि कुल H⁺ घटता है।
  6. अब खुद खेलो: प्रबल या दुर्बल अम्ल-क्षारक चुनो, सांद्रता बदलो, pH और α पढ़ो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

ऐसीटिक अम्ल के पास H है, फिर भी दुर्बल क्यों?

वह H⁺ को कसकर पकड़े रहता है, इसलिए कुछ ही अणु टूटते हैं। 3D बीकर में ज़्यादातर अणु पूरे रहते हैं।

पानी में H⁺ असल में कहाँ जाता है?

खुला H⁺ अकेला नहीं रहता। वह पानी के अणु से जुड़कर H₃O⁺ बनाता है। 3D में प्रोटॉन को पानी पर कूदते देखो।

पानी आयनित होता है, तो उदासीन क्यों?

वह H₃O⁺ और OH⁻ बराबर बनाता है, कोई भारी नहीं पड़ता। 3D में दोनों एक-एक बनते हैं।

[H⁺] 10 गुना बदले तो pH सिर्फ़ 1 क्यों बदलता है?

pH लघुगणक पैमाना है: [H⁺] में हर 10 गुना = 1 pH। हर दस गुना तनुता पर सुई एक इकाई खिसकती है।

पतला करने पर α बढ़ा, तो क्या अम्ल प्रबल हो गया?

नहीं। ज़्यादा भाग टूटता है, पर कुल अणु कम हैं, इसलिए [H⁺] घटता है और pH बढ़ता है। Ka वही रहता है।

क्या pH ऋणात्मक या 14 से ऊपर हो सकता है?

हाँ, बहुत सांद्र (1 M से ऊपर) प्रबल अम्ल या क्षारक में। 0–14 तनु घोलों के लिए है।

अम्ल, क्षारक और लवण: तीन परिभाषाएँ

वैद्युत-अपघट्य वे पदार्थ हैं जो पानी में आयन देते हैं। प्रबल (NaCl, HCl) लगभग पूरे आयनित होते हैं; दुर्बल (ऐसीटिक अम्ल, NH₃) थोड़े।

1. आरेनियस: अम्ल पानी में H⁺ (असल में H₃O⁺) देता है; क्षारक OH⁻ देता है। कमी: सिर्फ़ पानी में, और NH₃ क्षारक क्यों है यह नहीं समझाता।

2. ब्रॉन्स्टेड–लोरी: अम्ल प्रोटॉन (H⁺) दाता; क्षारक प्रोटॉन ग्राही। अम्ल H⁺ देने के बाद अपना संयुग्मी क्षारक बनता है; क्षारक H⁺ लेकर संयुग्मी अम्ल। युग्म में एक H⁺ का अंतर होता है। NH₃ + H₂O ⇌ NH₄⁺ + OH⁻ में पानी अम्ल है (संयुग्मी क्षारक OH⁻), NH₃ क्षारक है (संयुग्मी अम्ल NH₄⁺)। पानी दोनों बन सकता है (उभयधर्मी)। प्रबल अम्ल → बहुत दुर्बल संयुग्मी क्षारक।

3. लुइस: अम्ल इलेक्ट्रॉन-युग्म ग्राही; क्षारक इलेक्ट्रॉन-युग्म दाता। BF₃, AlCl₃, H⁺, Co³⁺ लुइस अम्ल; NH₃, H₂O, OH⁻ लुइस क्षारक। यह H⁺ के बिना भी काम करती है।

लवण अम्ल और क्षारक की क्रिया से बनते हैं। किस अम्ल-क्षारक से बने, इससे तय होता है कि घोल अम्लीय, क्षारीय या उदासीन होगा।

अम्लों और क्षारकों का आयनन: Ka, Kb और आयनन की मात्रा

दुर्बल अम्ल HA: HA + H₂O ⇌ H₃O⁺ + A⁻, Ka = [H₃O⁺][A⁻]/[HA]। दुर्बल क्षारक: B + H₂O ⇌ BH⁺ + OH⁻, Kb = [BH⁺][OH⁻]/[B]। बड़ा Ka = प्रबल अम्ल। pKa = −log Ka: छोटा pKa = प्रबल अम्ल।

आयनन की मात्रा α = टूटे अणुओं का भाग। सांद्रता C के लिए: Ka = Cα²/(1 − α) ≈ Cα²। इसलिए α ≈ √(Ka/C) और [H⁺] = Cα = √(Ka·C)।

ओस्टवाल्ड तनुता नियम: C घटने पर α बढ़ता है। ज़्यादा पानी में आयन दूर-दूर रह पाते हैं।

संयुग्मी युग्म: Ka × Kb = Kw, यानी 25 °C पर pKa + pKb = 14।

बहुक्षारकी अम्ल (H₂SO₄, H₂CO₃, H₃PO₄) एक-एक करके H⁺ छोड़ते हैं: Ka₁ > Ka₂ > Ka₃, क्योंकि ऋणात्मक आयन से H⁺ खींचना कठिन है।

अम्ल प्रबल क्यों? आवर्त में बाएँ से दाएँ विद्युत-ऋणता बढ़ती है (CH₄ < NH₃ < H₂O < HF)। वर्ग में नीचे H–A बंध कमज़ोर होता है (HF < HCl < HBr < HI)।

सम-आयन प्रभाव: साम्य में पहले से मौजूद आयन डालो (जैसे ऐसीटिक अम्ल में सोडियम ऐसीटेट), तो साम्य पीछे खिसकता है और दुर्बल अम्ल और कम आयनित होता है।

पानी का आयनन और pH पैमाना

पानी थोड़ा आयनित होता है: H₂O + H₂O ⇌ H₃O⁺ + OH⁻। Kw = [H₃O⁺][OH⁻] = 1.0 × 10⁻¹⁴ (298 K), जल का आयनिक गुणनफल। शुद्ध पानी में [H₃O⁺] = [OH⁻] = 10⁻⁷ M। ताप बढ़ने पर Kw बढ़ता है।

pH = −log[H₃O⁺], pOH = −log[OH⁻], 25 °C पर pH + pOH = 14।

1 pH का अंतर = [H⁺] में 10 गुना अंतर। बहुत तनु अम्ल (जैसे 10⁻⁸ M HCl) में पानी का 10⁻⁷ M भी जोड़ो, तो pH 7 से थोड़ा कम आता है, 8 नहीं।

घर पर करके देखो: लाल पत्तागोभी पानी में उबालकर ठंडा करो। कुछ बूँदें नींबू रस, पानी और साबुन-पानी में डालो। लाल = अम्लीय, बैंगनी = उदासीन, हरा-पीला = क्षारीय।

लवणों का जल-अपघटन और उनके घोल का pH

दुर्बल जनक से बने लवण के आयन पानी से क्रिया करते हैं: लवण जल-अपघटन।

परीक्षा के लिए

अक्सर पूछा जाता है: संयुग्मी युग्म पहचानना, लुइस अम्ल-क्षारक, प्रबल और दुर्बल का pH, pH से Ka, Ka से α, Ka × Kb = Kw, और लवण घोल का pH। उत्तर जाँचो: अम्ल का pH 7 से कम होना चाहिए।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. H₂SO₄ और HCO₃⁻ का संयुग्मी क्षारक, तथा NH₃ और H₂O का संयुग्मी अम्ल बताओ।

एक H⁺ हटाओ: HSO₄⁻ और CO₃²⁻। एक H⁺ जोड़ो: NH₄⁺ और H₃O⁺।

2. 0.001 M HCl का pH निकालो।

HCl प्रबल है, [H⁺] = 10⁻³ M। pH = 3।

3. 0.01 M NaOH का pH निकालो।

[OH⁻] = 10⁻² M, pOH = 2। pH = 14 − 2 = 12।

4. 0.1 M ऐसीटिक अम्ल (Ka = 1.8 × 10⁻⁵) का pH निकालो।

α = √(1.8 × 10⁻⁴) = 0.0134। [H⁺] = 1.34 × 10⁻³ M। pH = 3 − 0.13 = 2.87।

5. 0.1 M HCOOH का pH 2.39 है। Ka और α निकालो।

[H⁺] = 10⁻²·³⁹ = 4.07 × 10⁻³ M। α = 0.0407। Ka ≈ (4.07 × 10⁻³)²/0.1 = 1.66 × 10⁻⁴।

6. NH₃ का Kb = 1.8 × 10⁻⁵। NH₄⁺ का Ka निकालो।

Ka = Kw/Kb = 10⁻¹⁴/1.8 × 10⁻⁵ = 5.6 × 10⁻¹⁰। NH₃ क्षारक के रूप में, NH₄⁺ के अम्ल होने से कहीं ज़्यादा प्रबल है।

7. 10⁻⁸ M HCl का pH निकालो।

पानी भी H⁺ देता है। (10⁻⁸ + x)x = 10⁻¹⁴ → x ≈ 9.5 × 10⁻⁸। [H⁺] = 1.05 × 10⁻⁷ M। pH ≈ 6.98 (हल्का अम्लीय, 8 नहीं)।

8. 0.1 M सोडियम ऐसीटेट का pH निकालो (ऐसीटिक अम्ल pKa = 4.74)।

दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षारक: pH = 7 + ½(4.74 − 1) = 7 + 1.87 = 8.87। क्षारीय।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. ब्रॉन्स्टेड–लोरी के अनुसार क्षारक है:
2. लुइस अम्ल कौन है?
3. 0.0001 M HCl का pH:
4. 25 °C पर संयुग्मी युग्म के लिए Ka × Kb:
5. NH₄Cl का जलीय घोल है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयनिक साम्य क्या है?

घोल में बिना टूटे अणुओं और उनके आयनों के बीच का साम्य, जैसे दुर्बल अम्ल में HA ⇌ H⁺ + A⁻।

ओस्टवाल्ड तनुता नियम क्या है?

दुर्बल वैद्युत-अपघट्य के लिए K = Cα²/(1 − α); इसलिए α ≈ √(K/C) तनुता पर बढ़ता है।

जल का आयनिक गुणनफल क्या है?

25 °C पर Kw = [H₃O⁺][OH⁻] = 1.0 × 10⁻¹⁴। ताप बढ़ने पर यह बढ़ता है।

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