पर्यावरण रसायन क्या है? हम कौन-सी हवा लेते हैं
पर्यावरण रसायन हवा, पानी, मिट्टी और भोजन में मौजूद रसायनों का अध्ययन है: वे कहाँ से आते हैं, कैसे अभिक्रिया करते हैं और जीवों पर क्या असर डालते हैं।
हवा एक मिश्रण है
सूखी हवा में ज़्यादातर नाइट्रोजन (लगभग 78%) और ऑक्सीजन (लगभग 21%) है। ये मुख्य घटक हैं। गौण घटक हैं: आर्गन (0.93%), कार्बन डाइऑक्साइड (लगभग 0.04%), नियॉन, हीलियम, मीथेन और थोड़ी ओज़ोन। जलवाष्प 0 से 4% तक मौसम के साथ बदलती है।
ज़रूरी शब्द
- प्रदूषक (pollutant): कोई पदार्थ जो ग़लत जगह पर या ज़्यादा मात्रा में हो और नुक़सान करे।
- प्राथमिक प्रदूषक: सीधे स्रोत से निकलता है (चिमनी से SO₂)।
- द्वितीयक प्रदूषक: हवा में दूसरे प्रदूषकों से बनता है (धुंध की ओज़ोन, बारिश का अम्ल)।
- ppm: दस लाख में भाग; 1 ppm = 1 mg प्रति kg।
हवा को प्रदूषित करने वाली गैसें और कण
ज़्यादातर वायु प्रदूषण कार्बन ईंधन (कोयला, पेट्रोल, डीज़ल, लकड़ी) जलाने से होता है।
- कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂): पूरे दहन से। कम मात्रा में ज़हरीली नहीं, पर गर्मी रोकती है (ग्रीनहाउस गैस)। CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O
- कार्बन मोनोऑक्साइड (CO): ऑक्सीजन कम होने पर अधूरे दहन से। यह ख़ून को ऑक्सीजन ले जाने से रोकती है। 2C + O₂ → 2CO
- सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂): कोयले और डीज़ल का सल्फर जलता है। S + O₂ → SO₂
- नाइट्रोजन के ऑक्साइड (NOₓ): गरम इंजन में हवा की नाइट्रोजन और ऑक्सीजन जुड़ जाती हैं। N₂ + O₂ → 2NO; 2NO + O₂ → 2NO₂
- कणिकीय पदार्थ (PM10, PM2.5): 10 या 2.5 माइक्रोमीटर से छोटे कालिख और धूल के कण, जो फेफड़ों में गहरे चले जाते हैं।
धूम-कोहरा (स्मॉग)
धुएँ वाला स्मॉग = धुआँ + कोहरा + SO₂ (ठंडी, नम जगह)। प्रकाश-रासायनिक स्मॉग = NOₓ + बिना जला ईंधन + धूप → ओज़ोन और चुभने वाली गैसें (धूप वाले, भीड़ भरे शहर)।
अम्ल, क्षार और अम्लीय वर्षा
आरेनियस के अनुसार: अम्ल पानी में H⁺ आयन देता है; क्षारक पानी में OH⁻ आयन देता है।
प्रबल और दुर्बल
प्रबल अम्ल (HCl, H₂SO₄, HNO₃) लगभग 100% आयनित होता है। दुर्बल अम्ल (एथेनॉइक अम्ल CH₃COOH, कार्बोनिक अम्ल H₂CO₃) बस कुछ प्रतिशत।
प्रबलता और सांद्रता अलग हैं
सांद्रता = 1 L में अम्ल के कितने मोल (mol/L)। प्रबलता = अम्ल का कितना हिस्सा आयनों में टूटा। इसलिए तनु प्रबल अम्ल भी हो सकता है और सांद्र दुर्बल अम्ल भी।
अम्लीय वर्षा
साफ़ बारिश भी हल्की अम्लीय है (pH लगभग 5.6), क्योंकि CO₂ घुलती है: CO₂ + H₂O ⇌ H₂CO₃। pH 5.6 से नीचे की बारिश अम्लीय वर्षा है:
- SO₂ + H₂O → H₂SO₃; 2SO₂ + O₂ → 2SO₃; SO₃ + H₂O → H₂SO₄
- 4NO₂ + O₂ + 2H₂O → 4HNO₃
असर: झीलें मछलियों के लिए बहुत अम्लीय, पत्तियाँ ख़राब, धातुओं में जल्दी जंग, और चूना पत्थर व संगमरमर घिसते हैं: CaCO₃ + H₂SO₄ → CaSO₄ + H₂O + CO₂।
पानी, मिट्टी और भोजन: उर्वरक, धातुएँ और POPs
प्राकृतिक पानी हमेशा एक विलयन है: उसमें घुली ऑक्सीजन, CO₂ और लवण होते हैं (कठोर जल में Ca²⁺ और Mg²⁺)।
- उर्वरक (नाइट्रेट, फ़ॉस्फ़ेट) बहकर नदियों में जाते हैं। शैवाल तेज़ी से बढ़ते, मरते और सड़ते हैं; बैक्टीरिया ऑक्सीजन ख़त्म कर देते हैं; मछलियाँ मरती हैं। यह सुपोषण (eutrophication) है।
- भारी धातुएँ (लेड, मरकरी, कैडमियम, आर्सेनिक) टूटती नहीं और शरीर में जमा होती हैं।
- कीटनाशक: कुछ ऑर्गेनोफ़ॉस्फ़ोरस कीटनाशक तंत्रिकाओं के लिए बहुत ज़हरीले हैं। स्थायी कार्बनिक प्रदूषक (POPs) जैसे DDT सालों टिकते हैं और खाद्य शृंखला में बढ़ते जाते हैं (जैव-आवर्धन)।
- खाद्य योजक (परिरक्षक, रंग) के कोड नंबर (E या INS नंबर) होते हैं और सुरक्षित सीमा तक ही मिलाए जा सकते हैं।
निष्कर्षण (extraction)
किसी प्रदूषक की जाँच से पहले उसे अक्सर निष्कर्षित करते हैं: पानी को ऐसे विलायक के साथ हिलाते हैं जिसमें प्रदूषक ज़्यादा घुलता है, फिर परतें अलग करते हैं। जल शोधन में छानना, बैठाना, सक्रिय कार्बन और क्लोरीन काम आते हैं।
प्रदूषण नापना: अनुमापन, मानक और क़ानून
मात्रात्मक विश्लेषण मतलब कितना है, यह नापना। बिना अंकों के हम सीमा से तुलना नहीं कर सकते, न साबित कर सकते कि कोई नियम काम कर रहा है।
अम्ल-क्षार अनुमापन
- अम्ल के नमूने का तय आयतन फ़्लास्क में लो, सूचक (फ़िनॉल्फ़थेलिन) डालो।
- ब्यूरेट में ज्ञात सांद्रता का क्षार भरो (जैसे 0.100 mol/L NaOH)।
- क्षार धीरे-धीरे डालो, जब रंग ठीक बदले (अंत बिंदु) तो आयतन पढ़ो।
- मोल लगाओ: n(क्षार) = c × V, फिर संतुलित समीकरण से अनुपात, फिर c(अम्ल) = n ÷ V।
मानक और जोखिम
सरकारें और WHO मानक तय करते हैं, जैसे हवा में PM2.5 की सीमा, पीने के पानी में नाइट्रेट (लगभग 50 mg/L), भोजन में लेड। जोखिम सूची हर ख़तरे को, उसकी संभावना और गंभीरता के साथ लिखती है। गाड़ियों में कैटेलिटिक कन्वर्टर, कम सल्फर वाला ईंधन, बिजलीघरों में स्क्रबर (CaCO₃ से SO₂ हटाना) और पेट्रोल में लेड पर रोक से प्रदूषण साफ़ घटा है। किसी नए कारख़ाने को परखने के लिए उसके उत्पाद और रोज़गार को उसके उत्सर्जन, स्वास्थ्य असर और लंबे समय की स्थिरता से तौलते हैं।
घर पर करके देखो
लाल पत्तागोभी काटकर गरम पानी में भिगोओ और बैंगनी पानी अलग कर लो: यही तुम्हारा सूचक है। इसे बारिश के पानी, नल के पानी, नींबू रस और साबुन के पानी में डालो। लाल या गुलाबी = अम्लीय, बैंगनी = उदासीन, हरा या पीला = क्षारीय। क्या तुम्हारी बारिश का पानी हल्का अम्लीय है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सूखी हवा: N₂ ≈ 78%, O₂ ≈ 21%, Ar ≈ 0.93%, CO₂ ≈ 0.04%
- अम्लीय वर्षा: SO₂ + H₂O → H₂SO₃; 2SO₂ + O₂ → 2SO₃; SO₃ + H₂O → H₂SO₄
- 4NO₂ + O₂ + 2H₂O → 4HNO₃
- संगमरमर का क्षरण: CaCO₃ + H₂SO₄ → CaSO₄ + H₂O + CO₂
- उदासीनीकरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O
- मोल: n = c × V (V लीटर में); c = n ÷ V
- pH = −log[H⁺]; pH 5.6 से कम = अम्लीय वर्षा
हल किए गए उदाहरण
1. संतुलित समीकरण लिखो: कोयले का सल्फर बारिश में सल्फ्यूरिक अम्ल कैसे बनता है?
S + O₂ → SO₂ (जलना)। 2SO₂ + O₂ → 2SO₃ (हवा में)। SO₃ + H₂O → H₂SO₄ (बादल के पानी में)।
2. 25.0 mL HCl नमूने को अंत बिंदु तक 12.5 mL, 0.0100 mol/L NaOH चाहिए। अम्ल की सांद्रता निकालो।
n(NaOH) = 0.0100 × 0.0125 = 1.25 × 10⁻⁴ mol। HCl : NaOH = 1 : 1, तो n(HCl) = 1.25 × 10⁻⁴ mol। c = 1.25 × 10⁻⁴ ÷ 0.0250 = 5.0 × 10⁻³ mol/L।
3. 20.0 mL H₂SO₄ को 30.0 mL, 0.100 mol/L NaOH चाहिए। c(H₂SO₄) निकालो।
H₂SO₄ + 2NaOH → Na₂SO₄ + 2H₂O। n(NaOH) = 0.100 × 0.0300 = 3.00 × 10⁻³ mol। n(H₂SO₄) = आधा = 1.50 × 10⁻³ mol। c = 1.50 × 10⁻³ ÷ 0.0200 = 0.0750 mol/L।
4. शहर A की बारिश का pH 4 और शहर B का pH 5 है। A में कितने गुना ज़्यादा H⁺ है?
हर pH इकाई ×10 है, तो A में B से 10 गुना ज़्यादा H⁺ आयन हैं।
आम गलतियाँ
- सोचना कि प्रबल अम्ल हमेशा सांद्र होता है। प्रबलता = कितना आयनित; सांद्रता = कितना घुला।
- कहना कि साफ़ बारिश का pH 7 है। CO₂ घुलने से यह लगभग 5.6 है; 5.6 से नीचे ही अम्लीय वर्षा है।
- n = c × V में mL को L में न बदलना (12.5 mL = 0.0125 L)।
- CO और CO₂ को मिला देना: CO अधूरे दहन से बनती और ज़हरीली है; CO₂ ग्रीनहाउस गैस है।