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आयनिक समीकरण और आयन-विनिमय अभिक्रियाएँ

लवण, प्रबल अम्ल और क्षार पानी में आयनों में टूट जाते हैं: ये विद्युत अपघट्य हैं। दो ऐसे विलयन मिलाने पर अभिक्रिया तभी होती है जब कुछ आयन अवक्षेप, गैस या जल बनकर विलयन से निकल जाएँ। पूर्ण आयनिक समीकरण हर आयन दिखाता है; न बदलने वाले (दर्शक) आयन काटने पर नेट आयनिक समीकरण मिलता है, जैसे Ag⁺ + Cl⁻ → AgCl↓। दोनों ओर परमाणु और आवेश बराबर होने चाहिए।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. नमक का क्रिस्टल (बैंगनी Na⁺, हरा Cl⁻) पानी में गिरता है। पानी आयनों को अलग खींच लेता है और वे आज़ाद तैरते हैं। नमक विद्युत अपघट्य है।
  2. दो साफ़ विलयन, अगल-बगल। बाएँ: सिल्वर नाइट्रेट (Ag⁺ और NO₃⁻)। दाएँ: सोडियम क्लोराइड (Na⁺ और Cl⁻)।
  3. दीवार हटाओ। अब चारों तरह के आयन साथ तैर रहे हैं। यह पूर्ण आयनिक तस्वीर है।
  4. Ag⁺ और Cl⁻ एक-दूसरे को पकड़ कर सफ़ेद ठोस AgCl बनकर नीचे बैठ जाते हैं। अवक्षेप बना: ये आयन विलयन से निकल गए।
  5. Na⁺ और NO₃⁻ ने कुछ नहीं किया। ये दर्शक आयन हैं, इसलिए फीके हो गए। बचा नेट आयनिक समीकरण: Ag⁺ + Cl⁻ → AgCl↓।
  6. अब आपकी बारी: दूसरी अभिक्रिया चुनो। ठोस, गैस के बुलबुले या पानी देखो। कुछ न निकले तो अभिक्रिया नहीं।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

पानी में नमक आयनों में क्यों टूटता है?

पानी के अणुओं के सिरों पर हल्का आवेश होता है। वे Na⁺ और Cl⁻ को हर तरफ़ से खींचकर क्रिस्टल से दूर ले जाते हैं।

आयन मिल गए, तो क्या अभिक्रिया हो गई?

अभी नहीं। सिर्फ़ मिलाने से आयन पास-पास आते हैं। अभिक्रिया तभी होती है जब कुछ आयन ठोस, गैस या पानी बनकर निकलें।

AgCl को तोड़कर क्यों नहीं लिखते?

यह न घुलने वाला ठोस है। इसके आयन नीचे जुड़े हुए हैं, आज़ाद नहीं तैर रहे।

Na⁺ और NO₃⁻ को क्यों काट सकते हैं?

मिलाने से पहले और बाद दोनों में ये आज़ाद आयन हैं। इनके साथ कुछ नहीं हुआ, इसलिए ये असली बदलाव का हिस्सा नहीं।

कोई ठोस न बने तो H⁺ + OH⁻ → H₂O अभिक्रिया क्यों है?

पानी लगभग आयनों में नहीं टूटता, इसलिए H⁺ और OH⁻ विलयन से ग़ायब हो जाते हैं। "अम्ल + क्षार" चुनकर देखो।

कैसे पता चले कि दो आयन अवक्षेप बनाएँगे?

विलेयता सारणी देखो: ज़्यादातर नाइट्रेट और सोडियम/पोटैशियम लवण घुलते हैं; AgCl, BaSO₄, CaCO₃ और ज़्यादातर धातु हाइड्रॉक्साइड नहीं घुलते।

विद्युत अपघट्य और आयनन

विद्युत अपघट्य (electrolyte) वह पदार्थ है जो पिघलने या पानी में घुलने पर बिजली चलाता है, क्योंकि उसमें आज़ाद आयन (आवेशित कण) बनते हैं। पानी में आयनों में टूटना वियोजन या आयनन कहलाता है।

अम्ल पानी में H⁺ देते हैं; क्षार OH⁻ देते हैं; लवण धातु आयन और अम्ल-मूलक आयन देते हैं।

पूर्ण और नेट आयनिक समीकरण

सिल्वर नाइट्रेट + सोडियम क्लोराइड लो।

1. आणविक समीकरण: AgNO₃(aq) + NaCl(aq) → AgCl(s) + NaNO₃(aq)

2. पूर्ण आयनिक समीकरण: हर घुले हुए प्रबल विद्युत अपघट्य को आयनों में तोड़ो। ठोस, गैस, पानी और दुर्बल विद्युत अपघट्य पूरे लिखो।
Ag⁺ + NO₃⁻ + Na⁺ + Cl⁻ → AgCl(s) + Na⁺ + NO₃⁻

3. दर्शक आयन काटो (दोनों ओर एक जैसे): Na⁺ और NO₃⁻।

4. नेट (संक्षिप्त) आयनिक समीकरण: Ag⁺ + Cl⁻ → AgCl↓

5. जाँचो: परमाणु बराबर हों और कुल आवेश दोनों ओर समान हो (यहाँ 0 = 0)।

नेट समीकरण असली बदलाव दिखाता है। कोई भी घुलनशील सिल्वर लवण + कोई भी घुलनशील क्लोराइड यही नेट समीकरण देंगे।

आयन-विनिमय अभिक्रिया कब होती है?

आयन-विनिमय अभिक्रिया तभी पूरी होती है जब आयन विलयन से इनमें से किसी रूप में निकलें:

अगर इनमें से कुछ न बने, जैसे KCl + NaNO₃, तो सभी आयन दर्शक हैं और कोई अभिक्रिया नहीं।

आयनों का साथ रहना

आयन एक विलयन में साथ तभी रह सकते हैं जब वे अवक्षेप, गैस या पानी न बनाएँ। Ba²⁺ और SO₄²⁻ साथ नहीं रह सकते; H⁺ और OH⁻ नहीं; H⁺ और CO₃²⁻ नहीं। Na⁺, K⁺, NO₃⁻ और Cl⁻ लगभग किसी के भी साथ रह सकते हैं। विलेयता सारणी से जाँचो।

आम आयनों के परीक्षण (गुणात्मक अभिक्रियाएँ)

जल-अपघटन, उभयधर्मी यौगिक और जल शोधन

जल-अपघटन (परिचय)

कुछ लवणों के आयन पानी से थोड़ी अभिक्रिया करते हैं। सोडियम कार्बोनेट विलयन क्षारीय है क्योंकि CO₃²⁻ + H₂O ⇌ HCO₃⁻ + OH⁻। अमोनियम क्लोराइड विलयन हल्का अम्लीय है क्योंकि NH₄⁺ + H₂O ⇌ NH₃ + H₃O⁺। प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार का लवण (NaCl) उदासीन विलयन देता है।

उभयधर्मी यौगिक (विचार)

कुछ हाइड्रॉक्साइड, जैसे Zn(OH)₂ और Al(OH)₃, अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया करते हैं। Zn(OH)₂ + 2H⁺ → Zn²⁺ + 2H₂O, और ज़्यादा OH⁻ में यह फिर घुल जाता है।

पानी के लिए आयन विनिमय

कठोर पानी में Ca²⁺ और Mg²⁺ होते हैं। आयन-विनिमय रेज़िन Na⁺ आयन रखता है और बदल देता है: Ca²⁺ रेज़िन पर, Na⁺ पानी में। मिश्रित रेज़िन सभी आयनों को H⁺ और OH⁻ से बदलकर बहुत शुद्ध (विआयनित) पानी देते हैं।

घर पर करके देखो

गिलास में एक चम्मच बेकिंग सोडा डालो और सिरका मिलाओ। बुदबुदाहट CO₂ गैस है जो विलयन छोड़ रही है: HCO₃⁻ + CH₃COOH → CH₃COO⁻ + H₂O + CO₂↑ (सिरका दुर्बल अम्ल है, इसलिए अणु रूप में लिखा)। फिर 3D में "कार्बोनेट + अम्ल" चुनो और बुलबुले बीकर से निकलते देखो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. बेरियम क्लोराइड + सोडियम सल्फ़ेट के पूर्ण और नेट आयनिक समीकरण लिखो।

आणविक: BaCl₂ + Na₂SO₄ → BaSO₄↓ + 2NaCl। पूर्ण: Ba²⁺ + 2Cl⁻ + 2Na⁺ + SO₄²⁻ → BaSO₄↓ + 2Na⁺ + 2Cl⁻। दर्शक: Na⁺, Cl⁻। नेट: Ba²⁺ + SO₄²⁻ → BaSO₄↓।

2. हाइड्रोक्लोरिक अम्ल + सोडियम हाइड्रॉक्साइड का नेट आयनिक समीकरण लिखो।

पूर्ण: H⁺ + Cl⁻ + Na⁺ + OH⁻ → Na⁺ + Cl⁻ + H₂O। दर्शक Na⁺, Cl⁻। नेट: H⁺ + OH⁻ → H₂O।

3. कॉपर(II) सल्फ़ेट विलयन में सोडियम हाइड्रॉक्साइड मिलाया। नेट समीकरण और प्रेक्षण?

Cu²⁺ + 2OH⁻ → Cu(OH)₂↓। नीला जेली जैसा अवक्षेप बनता है। Na⁺ और SO₄²⁻ दर्शक हैं।

4. सोडियम कार्बोनेट + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का नेट आयनिक समीकरण?

पूर्ण: 2Na⁺ + CO₃²⁻ + 2H⁺ + 2Cl⁻ → 2Na⁺ + 2Cl⁻ + H₂O + CO₂↑। नेट: CO₃²⁻ + 2H⁺ → H₂O + CO₂↑। आवेश: बाएँ (−2) + (+2) = 0, दाएँ 0।

5. पोटैशियम नाइट्रेट और सोडियम क्लोराइड विलयन मिलाने पर क्या अभिक्रिया होगी?

आयन: K⁺, NO₃⁻, Na⁺, Cl⁻। नए जोड़े KCl और NaNO₃ दोनों घुलनशील; न गैस, न पानी। सभी दर्शक: कोई अभिक्रिया नहीं।

6. नेट समीकरण Fe³⁺ + 3OH⁻ → Fe(OH)₃↓ से मेल खाता आणविक समीकरण लिखो।

घुलनशील आयरन(III) लवण और घुलनशील हाइड्रॉक्साइड चुनो: FeCl₃ + 3NaOH → Fe(OH)₃↓ + 3NaCl। पूर्ण: Fe³⁺ + 3Cl⁻ + 3Na⁺ + 3OH⁻ → Fe(OH)₃↓ + 3Na⁺ + 3Cl⁻।

7. कौन-सा जोड़ा एक विलयन में साथ नहीं रह सकता: (a) K⁺ और SO₄²⁻, (b) Ag⁺ और Cl⁻, (c) Na⁺ और NO₃⁻?

(b) Ag⁺ और Cl⁻, क्योंकि ये अघुलनशील AgCl बनाते हैं। बाकी घुलनशील लवण बनाते हैं।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. AgNO₃ + NaCl में दर्शक आयन हैं:
2. किसी भी प्रबल अम्ल + प्रबल क्षार का नेट आयनिक समीकरण:
3. दुर्बल विद्युत अपघट्य कौन-सा है?
4. सल्फ़ेट आयन का परीक्षण किस अभिकर्मक से?
5. आयन-विनिमय अभिक्रिया कब नहीं होगी?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेट आयनिक समीकरण क्या है?

वह समीकरण जो दर्शक आयन हटाने के बाद सिर्फ़ वही आयन और अणु दिखाता है जो अभिक्रिया में सच में बदलते हैं।

दर्शक आयन क्या हैं?

वे आयन जो अभिक्रिया से पहले और बाद में विलयन में बिना बदले रहते हैं। पूर्ण आयनिक समीकरण से इन्हें काट देते हैं।

आयनिक समीकरण में किन पदार्थों को आयनों में तोड़ते हैं?

सिर्फ़ घुले हुए प्रबल विद्युत अपघट्य: घुलनशील लवण, प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार। ठोस, गैस, पानी और दुर्बल अम्ल पूरे लिखे जाते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

यूक्रेन9 класReactions in solutions
रूस9 классSubstance and chemical reaction
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