📘 CodingMarble Learn

रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार

ज़्यादातर अभिक्रियाएँ कुछ ढाँचों में आती हैं। संयोजन: A + B → AB। वियोजन: AB → A + B। विस्थापन: A + BC → AC + B, जहाँ ज़्यादा क्रियाशील A, B को बाहर कर देता है। द्विविस्थापन: AB + CD → AD + CB, साथी बदल जाते हैं; अघुलनशील ठोस बने तो अवक्षेपण अभिक्रिया। ऊष्मा दे तो ऊष्माक्षेपी, ऊष्मा ले तो ऊष्माशोषी।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. संयोजन: दो मैग्नीशियम परमाणु और एक ऑक्सीजन अणु जुड़कर मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाते हैं। दो अभिकारक, एक उत्पाद: 2Mg + O₂ → 2MgO।
  2. वियोजन: गर्मी से एक यौगिक, कैल्शियम कार्बोनेट (चूना पत्थर), दो सरल पदार्थों CaO और CO₂ गैस में टूटता है; गैस ऊपर उड़ जाती है।
  3. विस्थापन: लोहा ताँबे से ज़्यादा क्रियाशील है, इसलिए कॉपर सल्फ़ेट से ताँबे को बाहर कर देता है। लोहा SO₄ ले लेता है, ताँबा अकेला रह जाता है।
  4. द्विविस्थापन: AgNO₃ + NaCl में साथी आपस में बदलते हैं। सिल्वर क्लोराइड पानी में नहीं घुलता, इसलिए सफ़ेद ठोस यानी अवक्षेप बनकर नीचे बैठ जाता है।
  5. ऊर्जा: मैग्नीशियम जलने पर ऊष्मा और प्रकाश निकलते हैं, यह ऊष्माक्षेपी है। चूना पत्थर तोड़ने में लगातार गर्मी देनी पड़ती है, यह ऊष्माशोषी है।
  6. फ़्री प्ले: कोई भी अभिक्रिया चुनो, चलाओ दबाओ और परमाणु रुकने से पहले उसका प्रकार बोलो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

लौ निकलने पर भी मैग्नीशियम का जलना संयोजन क्यों है?

Mg और O₂ जुड़कर एक ही उत्पाद MgO बनाते हैं। लौ सिर्फ़ निकलती ऊष्मा और प्रकाश दिखाती है।

वियोजन में ऊर्जा क्यों चाहिए?

यौगिक को जोड़े रखने वाले बंध तोड़ने पड़ते हैं, और बंध तोड़ने में ऊर्जा लगती है। चूना पत्थर के नीचे की लौ देखो।

लोहा ताँबे को हटा देता है पर ताँबा लोहे को क्यों नहीं?

लोहा ज़्यादा क्रियाशील है, इसलिए सल्फ़ेट साथी को खींच लेता है। कमज़ोर धातु ताक़तवर से साथी नहीं छीन सकती।

अवक्षेप कहाँ से आता है?

अदला-बदली के बाद सिल्वर को क्लोराइड मिलता है। AgCl पानी में नहीं घुलता, इसलिए नीचे बैठ जाता है।

एक अभिक्रिया संयोजन और ऊष्माक्षेपी दोनों कैसे हो सकती है?

प्रकार बताता है परमाणु कैसे जुड़े; ऊष्माक्षेपी/शोषी ऊष्मा के बारे में बताता है। दोनों नाम एक साथ लग सकते हैं।

संयोजन अभिक्रिया

दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं: A + B → AB।

वियोजन अभिक्रिया

एक यौगिक टूटकर दो या अधिक सरल पदार्थ बनाता है: AB → A + B। इसमें ऊर्जा लगती है, इसलिए यह प्रायः ऊष्माशोषी होती है। ऊर्जा के प्रकार से:

ऊष्मीय वियोजन (गर्मी से)

CaCO₃ → CaO + CO₂ (चूना बनाना); 2FeSO₄ → Fe₂O₃ + SO₂ + SO₃ (हरे क्रिस्टल भूरे हो जाते हैं और जलते गंधक की गंध आती है); 2Pb(NO₃)₂ → 2PbO + 4NO₂ + O₂ (भूरा धुआँ)।

विद्युत अपघटन (बिजली से)

अम्लीय पानी में धारा प्रवाहित करने पर 2H₂O → 2H₂ + O₂। हाइड्रोजन का आयतन ऑक्सीजन से दोगुना होता है।

प्रकाश वियोजन (प्रकाश से)

धूप में 2AgCl → 2Ag + Cl₂ और 2AgBr → 2Ag + Br₂: सफ़ेद लवण धूसर हो जाता है। श्वेत-श्याम फ़ोटोग्राफ़ी में इसका उपयोग होता है।

विस्थापन अभिक्रिया

ज़्यादा क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से बाहर कर देता है: A + BC → AC + B।

अगर धातु कम क्रियाशील हो (आयरन सल्फ़ेट में ताँबा), तो कुछ नहीं होता। याद रखो: Zn > Fe > Pb > Cu।

द्विविस्थापन और अवक्षेपण अभिक्रिया

दो यौगिक अपने आयन आपस में बदलते हैं: AB + CD → AD + CB। अगर कोई उत्पाद अघुलनशील ठोस हो तो वह अवक्षेप बनकर बैठता है; इसे अवक्षेपण अभिक्रिया भी कहते हैं।

अम्ल + क्षारक (उदासीनीकरण) भी द्विविस्थापन है: NaOH + HCl → NaCl + H₂O।

ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ

ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ ऊष्मा देती हैं: ईंधन जलना, CaO + पानी, श्वसन (C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + ऊर्जा), और सब्ज़ियों के कचरे का कम्पोस्ट बनना।

ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ ऊष्मा, प्रकाश या बिजली लेती हैं: ज़्यादातर वियोजन (CaCO₃ गर्म करना), प्रकाश-संश्लेषण, पानी का विद्युत अपघटन।

परीक्षा पैटर्न: प्रकार पहचानो (1 अंक), ‘श्वसन ऊष्माक्षेपी क्यों है?’ (2 अंक), FeSO₄ गर्म करने या Pb(NO₃)₂ + KI के प्रेक्षण (3 अंक) अक्सर आते हैं।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. प्रकार बताओ: CaO + H₂O → Ca(OH)₂ + ऊष्मा

दो अभिकारक से एक उत्पाद, इसलिए संयोजन। ऊष्मा निकलती है, इसलिए ऊष्माक्षेपी भी।

2. प्रकार बताओ: 2H₂O → 2H₂ + O₂ (विद्युत धारा)

एक यौगिक बिजली से दो तत्वों में टूटा: विद्युत अपघटनी वियोजन। ऊर्जा लेता है, इसलिए ऊष्माशोषी।

3. कॉपर सल्फ़ेट के घोल में लोहे की कील डालने पर नीला रंग क्यों फीका पड़ता है?

लोहा ताँबे से ज़्यादा क्रियाशील है: Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu। नीले CuSO₄ की जगह हल्का हरा FeSO₄ बनता है और कील पर भूरा ताँबा जमता है।

4. लेड नाइट्रेट के घोल में पोटैशियम आयोडाइड का घोल मिलाने पर क्या दिखेगा? समीकरण लिखो।

लेड आयोडाइड का पीला अवक्षेप। Pb(NO₃)₂(aq) + 2KI(aq) → PbI₂(s) + 2KNO₃(aq)। यह द्विविस्थापन (अवक्षेपण) अभिक्रिया है।

5. सूखी परखनली में फ़ेरस सल्फ़ेट के क्रिस्टल गर्म किए। दो प्रेक्षण और अभिक्रिया का प्रकार बताओ।

हरे क्रिस्टल भूरे (Fe₂O₃) हो जाते हैं और जलते गंधक की गंध (SO₂, SO₃) आती है। 2FeSO₄ → Fe₂O₃ + SO₂ + SO₃ ऊष्मीय वियोजन है।

6. क्या ताँबा ज़िंक सल्फ़ेट से ज़िंक को विस्थापित करेगा? समझाओ।

नहीं। ताँबा ज़िंक से कम क्रियाशील है, इसलिए कोई अभिक्रिया नहीं होगी।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. 2Mg + O₂ → 2MgO है:
2. धूप में सिल्वर क्लोराइड धूसर हो जाता है। यह है:
3. Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu इसलिए होती है क्योंकि लोहा:
4. Pb(NO₃)₂ और KI मिलाने पर बना पीला ठोस है:
5. इनमें ऊष्माशोषी प्रक्रम कौन-सा है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कक्षा 10 में रासायनिक अभिक्रियाओं के कितने प्रकार हैं?

संयोजन, वियोजन (ऊष्मीय, विद्युत, प्रकाश), विस्थापन, द्विविस्थापन (अवक्षेपण सहित) और उपचयन-अपचयन; ऊष्मा के आधार पर ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी।

विस्थापन और द्विविस्थापन में क्या अंतर है?

विस्थापन में एक तत्व यौगिक में दूसरे तत्व की जगह लेता है। द्विविस्थापन में दो यौगिक आयनों की अदला-बदली करते हैं।

क्या प्रकाश-संश्लेषण ऊष्माशोषी है?

हाँ, पौधे धूप की ऊर्जा लेकर ग्लूकोज़ बनाते हैं, इसलिए यह ऊष्माशोषी है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

कनाडा (ओंटारियो)Grade 11C. Chemical Reactions
नीदरलैंडVWO 4 (bovenbouw, 2e fase)Chemical processes (part 1)
रोमानियाClasa a VIII-aChemical changes of substances
यूक्रेन9 класSummarising the course
सीबीएसई (भारत)कक्षा 10रासायनिक पदार्थ – प्रकृति और व्यवहार
दक्षिण कोरिया중학교 3학년Chemical reactions: laws and energy
दक्षिण कोरिया고등학교 1학년Change and diversity
रूस8 классKey inorganic substances
रूस8 классKey inorganic substances
रूस9 классSubstance and chemical reaction

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी रसायन विज्ञान पाठ