उपचयन और अपचयन क्या हैं?
उपचयन (oxidation): पदार्थ ऑक्सीजन पाता है या हाइड्रोजन खोता है। अपचयन (reduction): पदार्थ ऑक्सीजन खोता है या हाइड्रोजन पाता है।
ताँबे का चूर्ण हवा में गर्म करने पर भूरी सतह काली हो जाती है: 2Cu + O₂ → 2CuO; ताँबे का उपचयन हुआ। अब गर्म काले CuO पर हाइड्रोजन प्रवाहित करो तो वह फिर भूरा हो जाता है: CuO + H₂ → Cu + H₂O। यहाँ CuO का अपचयन और H₂ का उपचयन हुआ।
रेडॉक्स अभिक्रिया, उपचायक और अपचायक
उपचयन और अपचयन एक ही अभिक्रिया में साथ होते हैं, इसलिए इसे रेडॉक्स (उपचयन-अपचयन) अभिक्रिया कहते हैं।
- उपचायक (oxidising agent): ऑक्सीजन देता है या हाइड्रोजन हटाता है; ख़ुद अपचयित होता है।
- अपचायक (reducing agent): ऑक्सीजन लेता है या हाइड्रोजन देता है; ख़ुद उपचयित होता है।
उदाहरण
ZnO + C → Zn + CO: ZnO अपचयित (उपचायक), C उपचयित (अपचायक)।
MnO₂ + 4HCl → MnCl₂ + 2H₂O + Cl₂: MnO₂ अपचयित, HCl उपचयित (हाइड्रोजन खोता है)।
आगे की कक्षाओं में उपचयन को इलेक्ट्रॉन खोना कहा जाता है; कक्षा 10 में ऑक्सीजन और हाइड्रोजन वाली परिभाषा ही चलती है।
संक्षारण: लोहे पर जंग लगना
संक्षारण (corrosion) में धातु आसपास की हवा, नमी, अम्ल या गैसों से क्रिया करके धीरे-धीरे गलती है। जैसे लोहे पर लाल-भूरी जंग, चाँदी पर काली परत (सिल्वर सल्फ़ाइड), ताँबे पर हरी परत (क्षारकीय कॉपर कार्बोनेट)।
जंग जलयोजित आयरन (III) ऑक्साइड है, Fe₂O₃·xH₂O। लोहे पर जंग तभी लगती है जब ऑक्सीजन (हवा) और पानी दोनों हों; खारा पानी इसे तेज़ करता है।
संक्षारण से नुक़सान
जंग झड़कर नया लोहा खोल देती है, इसलिए पुल, जहाज़, गाड़ियाँ और रेलिंग कमज़ोर हो जाते हैं। हर साल मरम्मत पर बहुत पैसा ख़र्च होता है।
संक्षारण से बचाव
- पेंट, तेल या ग्रीस लगाना (हवा-पानी को रोकना)
- यशदलेपन (galvanisation): ज़िंक की परत चढ़ाना
- क्रोमियम या टिन से विद्युत लेपन
- मिश्रातु बनाना, जैसे स्टेनलेस स्टील
भोजन की विकृतगंधिता
खाने की वसा और तेल हवा से उपचयित होते हैं तो उनकी गंध और स्वाद बदल जाता है। इसे विकृतगंधिता (rancidity) कहते हैं। खुले रखे चिप्स, नमकीन और घी विकृतगंधी हो जाते हैं।
विकृतगंधिता से बचाव
- प्रतिऑक्सीकारक (antioxidants) मिलाना
- पैकेट में हवा की जगह नाइट्रोजन भरना
- वायुरोधी डिब्बों में रखना
- फ़्रिज में और रोशनी से दूर रखना
बोर्ड परीक्षा टिप: ‘संक्षारण और विकृतगंधिता को एक-एक उदाहरण से समझाइए’ और ‘कौन उपचयित/अपचयित हुआ’ बहुत आम 2–3 अंक के प्रश्न हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- उपचयन = ऑक्सीजन पाना या हाइड्रोजन खोना
- अपचयन = ऑक्सीजन खोना या हाइड्रोजन पाना
- उपचायक ख़ुद अपचयित होता है; अपचायक ख़ुद उपचयित होता है
- CuO + H₂ → Cu + H₂O (CuO अपचयित, H₂ उपचयित)
- जंग = Fe₂O₃·xH₂O (हवा + पानी दोनों चाहिए)
हल किए गए उदाहरण
1. CuO + H₂ → Cu + H₂O में किसका उपचयन और किसका अपचयन हुआ?
H₂ ने ऑक्सीजन पाकर H₂O बनाया, इसलिए H₂ उपचयित। CuO ने ऑक्सीजन खोकर Cu बनाया, इसलिए CuO अपचयित।
2. ZnO + C → Zn + CO में उपचायक और अपचायक बताओ।
ZnO कार्बन को ऑक्सीजन देता है, इसलिए उपचायक। कार्बन ऑक्सीजन लेता है, इसलिए अपचायक।
3. MnO₂ + 4HCl → MnCl₂ + 2H₂O + Cl₂ में किसका उपचयन हुआ?
HCl हाइड्रोजन खोकर Cl₂ बना, इसलिए HCl उपचयित। MnO₂ ने ऑक्सीजन खोई, इसलिए अपचयित।
4. तीन परखनलियों में कीलें हैं: A नल के पानी में हवा के साथ, B उबले पानी में ऊपर तेल की परत, C निर्जल कैल्शियम क्लोराइड के साथ सूखी हवा में। जंग कहाँ लगेगी?
सिर्फ़ A में। B में हवा नहीं (उबालने से घुली हवा निकल जाती है, तेल नई हवा रोकता है), C में पानी नहीं। जंग के लिए दोनों चाहिए।
5. चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन क्यों भरते हैं?
नाइट्रोजन क्रियाशील नहीं है और ऑक्सीजन को हटा देती है, इसलिए चिप्स का तेल उपचयित नहीं होता और वे विकृतगंधी नहीं होते।
6. यशदलेपित लोहे पर ज़िंक की परत खुरच जाने पर भी जंग क्यों नहीं लगती?
ज़िंक लोहे से ज़्यादा क्रियाशील है, इसलिए पहले ज़िंक का उपचयन होता है और नीचे का लोहा बचा रहता है।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि उपचायक का उपचयन होता है। उल्टा है: उपचायक ख़ुद अपचयित होता है।
- सोचना कि सूखी हवा में या बिना हवा वाले पानी में लोहे पर जंग लगती है। दोनों चाहिए।
- विकृतगंधिता को ‘कीटाणुओं से खाना सड़ना’ कहना। यह वसा और तेल का उपचयन है।
- हाइड्रोजन वाला नियम भूलना: हाइड्रोजन खोना भी उपचयन है (HCl → Cl₂)।