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कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुण, एथेनॉल और एथेनॉइक अम्ल

कार्बन यौगिक ऑक्सीजन में जलकर CO₂, पानी, ऊष्मा और प्रकाश देते हैं (दहन); ऑक्सीकारक ऐल्कोहॉल को अम्ल बना देते हैं (ऑक्सीकरण); असंतृप्त यौगिक निकेल की उपस्थिति में हाइड्रोजन जोड़ते हैं (संकलन); संतृप्त यौगिक धूप में H की जगह Cl लेते हैं (प्रतिस्थापन)। एथेनॉल सोडियम से हाइड्रोजन देता है; एथेनॉइक अम्ल दुर्बल अम्ल है जो ऐल्कोहॉल से एस्टर और कार्बोनेट से CO₂ देता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. दहन। एक मेथेन अणु दो ऑक्सीजन अणुओं से मिलता है। आबंध टूटते हैं, परमाणु नए ढंग से जुड़ते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड, दो पानी, ऊष्मा और प्रकाश निकलते हैं।
  2. ऑक्सीकरण। क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट एथेनॉल को ऑक्सीजन देता है। –CH₂OH सिरा –COOH बन जाता है, यानी एथेनॉल एथेनॉइक अम्ल बन जाता है।
  3. संकलन। एथीन में C=C द्वि-आबंध है। निकेल उत्प्रेरक के साथ हाइड्रोजन अणु वह आबंध खोलता है और दोनों H जुड़ जाते हैं। एथीन, एथेन बन जाता है।
  4. प्रतिस्थापन। मेथेन में कोई खाली आबंध नहीं है, इसलिए धूप में क्लोरीन एक हाइड्रोजन की जगह ले लेता है। क्लोरोमेथेन और HCl बनते हैं।
  5. एथेनॉल और सोडियम। सोडियम –OH के H की जगह लेता है, सोडियम एथॉक्साइड बनता है और हाइड्रोजन गैस के बुलबुले निकलते हैं।
  6. अब आपकी बारी। कोई भी अभिक्रिया चुनिए, एस्टरीकरण भी (अम्ल + ऐल्कोहॉल → मीठी गंध वाला एस्टर), और चलाएँ दबाकर परमाणुओं को नए ढंग से जुड़ते देखिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या दहन और ऑक्सीकरण एक ही हैं?

दहन ऊष्मा और प्रकाश के साथ तेज़ ऑक्सीकरण है। एथेनॉल से अम्ल बनना धीमा, ऑक्सीकारक से नियंत्रित ऑक्सीकरण है।

मेथेन संकलन क्यों नहीं कर सकता?

मेथेन में केवल एकल आबंध हैं; खोलने के लिए द्वि-आबंध नहीं। इसलिए वह केवल H को Cl से बदल सकता है।

एथेनॉइक अम्ल में अतिरिक्त ऑक्सीजन कहाँ से आई?

ऑक्सीकारक (KMnO₄ या K₂Cr₂O₇) से, जिसे समीकरण में [O] लिखते हैं।

क्या हाइड्रोजनीकरण में निकेल खर्च हो जाता है?

नहीं। उत्प्रेरक केवल गति बढ़ाता है, अंत में वैसा ही बचता है।

एथेनॉल में सोडियम डालने पर कौन-सी गैस निकलती है?

हाइड्रोजन। सोडियम –OH के H की जगह लेता है, H₂ निकलती है और सोडियम एथॉक्साइड बचता है।

एस्टरीकरण में दोनों ओर तीर क्यों?

यह उत्क्रमणीय अभिक्रिया है; एस्टर और पानी वापस अभिक्रिया कर सकते हैं। अम्ल उत्प्रेरक और ऊष्मा इसे आगे बढ़ाते हैं।

दहन

कार्बन और उसके यौगिक ऑक्सीजन में जलकर कार्बन डाइऑक्साइड, पानी, ऊष्मा और प्रकाश देते हैं: CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O + ऊष्मा + प्रकाश।

कोयले और पेट्रोलियम में नाइट्रोजन और सल्फ़र होते हैं, इसलिए उनके जलने से सल्फ़र और नाइट्रोजन के ऑक्साइड बनते हैं, जो अम्ल वर्षा करते हैं।

ऑक्सीकरण

दहन भी ऑक्सीकरण है, पर ऐल्कोहॉल का नियंत्रित ऑक्सीकरण भी होता है। क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO₄) या अम्लीय पोटैशियम डाइक्रोमेट (K₂Cr₂O₇) ऑक्सीकारक हैं: ये दूसरों को ऑक्सीजन देते हैं।

CH₃CH₂OH + 2[O] → CH₃COOH + H₂O (क्षारीय KMnO₄ के साथ गरम करने पर)।

जब तक एथेनॉल बचा है, परमैंगनेट का गुलाबी रंग मिटता जाता है; फिर अतिरिक्त KMnO₄ गुलाबी ही रहता है।

संकलन अभिक्रिया

असंतृप्त यौगिक अपने द्वि या त्रि आबंध पर परमाणु जोड़ते हैं। हाइड्रोजन और उत्प्रेरक (निकेल या पैलेडियम) से एथीन, एथेन बनता है: CH₂=CH₂ + H₂ → CH₃–CH₃।

उत्प्रेरक वह पदार्थ है जो अभिक्रिया की गति बदलता है पर खुद खर्च नहीं होता।

तेलों का हाइड्रोजनीकरण

वनस्पति तेलों में लंबी असंतृप्त श्रृंखलाएँ होती हैं। निकेल के साथ हाइड्रोजन जोड़ने पर ये ठोस संतृप्त वसा (वनस्पति घी) बन जाते हैं। असंतृप्त तेल स्वास्थ्य के लिए बेहतर माने जाते हैं; संतृप्त वसा ज़्यादा खाने से हृदय रोग का खतरा बढ़ता है।

प्रतिस्थापन अभिक्रिया

संतृप्त हाइड्रोकार्बन कम क्रियाशील हैं, पर सूर्य के प्रकाश में क्लोरीन उनके हाइड्रोजन को एक-एक करके हटाती है: CH₄ + Cl₂ → CH₃Cl + HCl। ज़्यादा क्लोरीन से CH₂Cl₂, CHCl₃ और CCl₄ बन सकते हैं।

संकलन बनाम प्रतिस्थापन: संकलन में द्वि/त्रि आबंध चाहिए और एक उत्पाद बनता है; प्रतिस्थापन में परमाणु बदलता है और दो उत्पाद बनते हैं।

एथेनॉल (एथिल ऐल्कोहॉल)

एथेनॉल C₂H₅OH कमरे के ताप पर रंगहीन द्रव है, पानी में हर अनुपात में घुलता है और अच्छा विलायक है (टिंचर, कफ़ सिरप)। यह शराब का सक्रिय भाग है; थोड़ी मात्रा भी शरीर और दिमाग पर असर डालती है, और मिलावटी मेथेनॉल अंधापन और मृत्यु तक कर सकता है। औद्योगिक ऐल्कोहॉल में मेथेनॉल और नीला रंग मिलाकर उसे विकृत (denatured) किया जाता है।

एथेनॉल की अभिक्रियाएँ

पेट्रोल में एथेनॉल मिलाकर (गन्ने से बना) साफ़ ईंधन बनाया जाता है।

एथेनॉइक अम्ल (ऐसीटिक अम्ल)

एथेनॉइक अम्ल CH₃COOH एक दुर्बल अम्ल है (थोड़ा ही आयनित होता है)। शुद्ध एथेनॉइक अम्ल लगभग 290 K (17 °C) पर जम जाता है, ठंड में बर्फ़ जैसा दिखता है, इसलिए इसे ग्लेशियल ऐसीटिक अम्ल कहते हैं। सिरका पानी में इसका 5–8% विलयन है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एथेन के पूर्ण दहन का संतुलित समीकरण लिखिए।

2C₂H₆ + 7O₂ → 4CO₂ + 6H₂O + ऊष्मा + प्रकाश। (पहले C: 4, फिर H: 12 → 6H₂O, फिर O: 8 + 6 = 14 परमाणु = 7O₂)

2. संतृप्त हाइड्रोकार्बन साफ़ लौ देता है पर नैफ़्थलीन कालिख वाली, क्यों?

नैफ़्थलीन असंतृप्त है और उसमें कार्बन अधिक है। सारा कार्बन जलाने लायक ऑक्सीजन नहीं मिलती, इसलिए बिना जले कार्बन कण पीली कालिख वाली लौ देते हैं।

3. एथीन + H₂ और मेथेन + Cl₂ में संकलन कौन-सी है? क्यों?

एथीन + H₂ संकलन है: C=C पर दो H जुड़ते हैं और एक उत्पाद (एथेन) बनता है। मेथेन + Cl₂ प्रतिस्थापन है: दो उत्पाद (CH₃Cl + HCl) बनते हैं।

4. यौगिक X (C₂H₆O) सोडियम से एक गैस देता है जो 'पॉप' ध्वनि से जलती है। क्षारीय KMnO₄ से ऑक्सीकरण पर Y (C₂H₄O₂) बनता है। X, Y और गैस पहचानिए।

X = एथेनॉल, गैस = हाइड्रोजन, Y = एथेनॉइक अम्ल।

5. खाने के सोडे से एथेनॉल और एथेनॉइक अम्ल में अंतर कैसे करेंगे?

NaHCO₃ डालें। एथेनॉइक अम्ल में बुदबुदाहट होगी और CO₂ निकलेगी (चूने का पानी दूधिया); एथेनॉल में कुछ नहीं होगा।

6. Y (C₂H₄O₂) को X (C₂H₆O) और सांद्र H₂SO₄ की कुछ बूँदों के साथ गरम करने पर मीठी गंध आती है। अभिक्रिया और उत्पाद बताइए, और उत्पाद से X वापस कैसे मिलेगा?

एस्टरीकरण: CH₃COOH + C₂H₅OH ⇌ CH₃COOC₂H₅ + H₂O; उत्पाद एथिल एथेनोएट। इसे NaOH के साथ गरम करें (साबुनीकरण), एथेनॉल और सोडियम एथेनोएट मिलेंगे।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण में उत्प्रेरक है:
2. धूप में CH₄ + Cl₂ → CH₃Cl + HCl है:
3. एथेनॉल + सोडियम से निकलती है:
4. क्षारीय KMnO₄ एथेनॉल को बदल देता है:
5. अम्ल + ऐल्कोहॉल से मीठी गंध वाली अभिक्रिया है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संकलन और प्रतिस्थापन अभिक्रिया में क्या अंतर है?

संकलन असंतृप्त यौगिकों में होता है: द्वि/त्रि आबंध पर परमाणु जुड़ते हैं, एक उत्पाद बनता है। प्रतिस्थापन संतृप्त यौगिकों में होता है: एक परमाणु दूसरे की जगह लेता है, दो उत्पाद बनते हैं।

एस्टरीकरण क्या है?

अम्ल उत्प्रेरक की उपस्थिति में कार्बोक्सिलिक अम्ल और ऐल्कोहॉल की अभिक्रिया, जिसमें मीठी गंध वाला एस्टर और पानी बनते हैं।

एथेनॉइक अम्ल को ग्लेशियल ऐसीटिक अम्ल क्यों कहते हैं?

शुद्ध एथेनॉइक अम्ल लगभग 17 °C पर जम जाता है, इसलिए ठंडी जगहों पर बर्फ़ (ग्लेशियर) जैसा दिखता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

पोलैंडSzkoła podstawowa, klasa VIIIHydrocarbon derivatives
यूक्रेन9 класOrganic substances
सीबीएसई (भारत)कक्षा 10रासायनिक पदार्थ – प्रकृति और व्यवहार
इंग्लैंडYear 114.7 Organic chemistry
चीन高一Ch.7 Organic compounds

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