कार्बन में सहसंयोजक आबंध
कार्बन (परमाणु संख्या 6) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 4 है, यानी 4 संयोजी इलेक्ट्रॉन। अष्टक पूरा करने के लिए उसे या तो 4 इलेक्ट्रॉन लेने होंगे (C⁴⁻) या 4 देने होंगे (C⁴⁺)। 6 प्रोटॉन 10 इलेक्ट्रॉनों को ठीक से नहीं पकड़ सकते, और 4 इलेक्ट्रॉन निकालने में बहुत ऊर्जा लगती है। इसलिए कार्बन दोनों नहीं करता।
कार्बन इलेक्ट्रॉन साझा करता है। दो परमाणुओं के बीच साझा किया गया इलेक्ट्रॉन-युग्म सहसंयोजक आबंध (covalent bond) कहलाता है। एक युग्म = एकल आबंध (–), दो युग्म = द्वि-आबंध (=), तीन युग्म = त्रि-आबंध (≡)।
इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना
मेथेन (CH₄) में कार्बन चारों हाइड्रोजन के साथ एक-एक इलेक्ट्रॉन साझा करता है: 4 एकल आबंध। O₂ में द्वि-आबंध और N₂ में त्रि-आबंध होता है।
सहसंयोजक यौगिकों के गुण
- आयन नहीं बनते, इसलिए ये सामान्यतः विद्युत के कुचालक होते हैं।
- अणुओं के बीच बल कमज़ोर होते हैं, इसलिए गलनांक और क्वथनांक कम होते हैं।
कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति: श्रृंखलन और चतुःसंयोजकता
कार्बन के लाखों यौगिक ज्ञात हैं, बाकी सभी तत्वों से ज़्यादा। दो खास गुण इसका कारण हैं:
- श्रृंखलन (catenation): कार्बन दूसरे कार्बन परमाणुओं से जुड़कर लंबी श्रृंखलाएँ, शाखाएँ और वलय बनाता है। C–C आबंध बहुत मज़बूत होता है। सिलिकॉन में भी थोड़ा श्रृंखलन है, पर उसकी श्रृंखलाएँ छोटी और अस्थिर होती हैं।
- चतुःसंयोजकता (tetravalency): कार्बन की संयोजकता 4 है, इसलिए वह चार परमाणुओं से जुड़ सकता है: C, H, O, N, S, Cl आदि।
कार्बन का आकार छोटा है, इसलिए उसका नाभिक साझा युग्मों को कसकर पकड़ता है और आबंध मज़बूत बनते हैं।
संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन
हाइड्रोकार्बन में केवल कार्बन और हाइड्रोजन होते हैं।
- संतृप्त: केवल एकल C–C आबंध। ये ऐल्केन हैं, सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ (मेथेन CH₄, एथेन C₂H₆)।
- असंतृप्त: कम से कम एक द्वि या त्रि आबंध। ऐल्कीन (C=C) CₙH₂ₙ, जैसे एथीन C₂H₄; ऐल्काइन (C≡C) CₙH₂ₙ₋₂, जैसे एथाइन C₂H₂।
असंतृप्त यौगिक ज़्यादा क्रियाशील होते हैं (संकलन अभिक्रिया देते हैं) और पीली, धुएँ वाली ज्वाला से जलते हैं।
श्रृंखला, शाखा और वलय
कार्बन का ढाँचा तीन तरह का होता है: सीधी श्रृंखला (ब्यूटेन), शाखित श्रृंखला (आइसोब्यूटेन) और वलय (साइक्लोहेक्सेन C₆H₁₂ संतृप्त वलय; बेंज़ीन C₆H₆ एकांतर द्वि-आबंध वाला वलय)। एक ही अणुसूत्र पर अलग संरचना वाले यौगिक संरचनात्मक समावयवी कहलाते हैं: ब्यूटेन और आइसोब्यूटेन दोनों C₄H₁₀ हैं।
क्रियात्मक समूह और विषम परमाणु
जब हाइड्रोकार्बन में H की जगह कोई दूसरा परमाणु (विषम परमाणु, जैसे O, Cl, N) आ जाता है, तो वह यौगिक को अपने खास गुण देता है। उसे क्रियात्मक समूह कहते हैं।
| समूह | सूत्र | नाम में | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| हैलो | –Cl, –Br | क्लोरो-/ब्रोमो- (पहले) | क्लोरोप्रोपेन |
| ऐल्कोहॉल | –OH | -ऑल | प्रोपेनॉल |
| ऐल्डिहाइड | –CHO | -ऐल | प्रोपेनैल |
| कीटोन | >C=O | -ओन | प्रोपेनोन |
| कार्बोक्सिलिक अम्ल | –COOH | -ऑइक अम्ल | प्रोपेनॉइक अम्ल |
| द्वि-आबंध | C=C | -ईन | प्रोपीन |
| त्रि-आबंध | C≡C | -आइन | प्रोपाइन |
समजातीय श्रेणी
समजातीय श्रेणी ऐसे यौगिकों का परिवार है जिनमें एक ही क्रियात्मक समूह और एक ही सामान्य सूत्र होता है, और हर सदस्य अगले से एक –CH₂– (14 u) से अलग होता है।
- समूह एक ही, इसलिए रासायनिक गुण मिलते-जुलते।
- द्रव्यमान बढ़ता है, इसलिए भौतिक गुण धीरे-धीरे बदलते हैं: गलनांक, क्वथनांक बढ़ते हैं; पानी में घुलनशीलता घटती है।
उदाहरण: CH₃OH, C₂H₅OH, C₃H₇OH (ऐल्कोहॉल); CH₄, C₂H₆, C₃H₈ (ऐल्केन)।
कार्बन यौगिकों का नामकरण
- सबसे लंबी श्रृंखला के कार्बन गिनें: 1 मेथ, 2 एथ, 3 प्रोप, 4 ब्यूट, 5 पेंट, 6 हेक्स।
- क्रियात्मक समूह पहचानें। हैलो समूह हो तो नाम के आगे लगाएँ: क्लोरोएथेन।
- प्रत्यय वाले समूह में ऐल्केन नाम का अंतिम "e" हटाकर अंत जोड़ें: propane → propanol, propanal, propanone, propanoic acid। द्वि-आबंध के लिए "ane" → "ene", त्रि-आबंध के लिए "yne"।
बोर्ड परीक्षा में संरचना से नाम, नाम से संरचना या क्रियात्मक समूह पहचानने के प्रश्न (2–3 अंक) आते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ऐल्केन: CₙH₂ₙ₊₂ (एकल आबंध, संतृप्त)
- ऐल्कीन: CₙH₂ₙ (एक C=C, असंतृप्त)
- ऐल्काइन: CₙH₂ₙ₋₂ (एक C≡C, असंतृप्त)
- क्रमागत सदस्यों में अंतर –CH₂– (14 u)
- मूल शब्द: मेथ 1, एथ 2, प्रोप 3, ब्यूट 4, पेंट 5, हेक्स 6
- अंत: -ऑल (–OH), -ऐल (–CHO), -ओन (>C=O), -ऑइक अम्ल (–COOH), -ईन (C=C), -आइन (C≡C)
हल किए गए उदाहरण
1. एथेन C₂H₆ के एक अणु में कितने सहसंयोजक आबंध हैं?
एक C–C + छह C–H = 7 एकल सहसंयोजक आबंध।
2. C₃H₆ संतृप्त है या असंतृप्त? नाम बताइए।
n = 3 पर ऐल्केन C₃H₈ होता। C₃H₆ सूत्र CₙH₂ₙ में आता है, यानी एक C=C वाला ऐल्कीन: प्रोपीन। यह असंतृप्त है।
3. श्रेणी CH₃OH, C₂H₅OH के अगले दो सदस्य लिखिए।
हर बार –CH₂– जोड़ें: C₃H₇OH (प्रोपेनॉल) और C₄H₉OH (ब्यूटेनॉल)।
4. CH₃–CH₂–CHO का नाम बताइए।
3 कार्बन → प्रोप; –CHO → ऐल्डिहाइड, अंत -ऐल। नाम: प्रोपेनैल।
5. CH₃–CO–CH₃ का नाम बताइए।
3 कार्बन, बीच में >C=O → कीटोन, अंत -ओन: प्रोपेनोन (ऐसीटोन)।
6. एथीन की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाइए और बताइए कि यह असंतृप्त क्यों है।
हर कार्बन दो हाइड्रोजन से एक-एक युग्म और दूसरे कार्बन से दो युग्म साझा करता है: H₂C::CH₂। C=C के कारण इसमें और परमाणु जुड़ सकते हैं, इसलिए यह असंतृप्त है।
आम गलतियाँ
- यह लिखना कि कार्बन C⁴⁺ या C⁴⁻ आयन बनाता है। कार्बन इलेक्ट्रॉन साझा करता है।
- द्वि-आबंध को एक युग्म गिनना। द्वि-आबंध में 2 युग्म (4 इलेक्ट्रॉन), त्रि-आबंध में 3 युग्म (6 इलेक्ट्रॉन) होते हैं।
- CH₃CH₂OH को "एथेनऑल" लिखना। स्वर से शुरू होने वाले अंत से पहले "e" हटता है: एथेनॉल (ethanol)।
- समजातीय श्रेणी के सदस्यों के भौतिक गुण भी एक जैसे मानना। रासायनिक गुण मिलते हैं, भौतिक गुण धीरे-धीरे बदलते हैं।