परमाणु अभिक्रिया क्यों करते हैं? अष्टक का विचार
उत्कृष्ट गैसें (He, Ne, Ar) लगभग अभिक्रिया नहीं करतीं क्योंकि उनका बाहरी कोश भरा है: हीलियम में 2, बाकी में 8। दूसरे परमाणु यही स्थायी व्यवस्था पाने के लिए अभिक्रिया करते हैं। धातुओं के बाहर 1–3 इलेक्ट्रॉन होते हैं, उन्हें खोना आसान है; अधातुओं के बाहर 5–7, उन्हें लेना आसान है।
धातु और अधातु कैसे अभिक्रिया करते हैं: इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण
Na (2, 8, 1) → Na+ (2, 8) + e−। Cl (2, 8, 7) + e− → Cl− (2, 8, 8)। आयन जुड़कर NaCl बनाते हैं।
मैग्नीशियम क्लोराइड
Mg (2, 8, 2) दो इलेक्ट्रॉन देता है, दो क्लोरीन परमाणुओं को एक-एक: Mg → Mg2+ + 2e−; 2Cl + 2e− → 2Cl−। सूत्र MgCl2।
मैग्नीशियम ऑक्साइड
Mg दो इलेक्ट्रॉन एक ऑक्सीजन (2, 6) को देता है: Mg2+ और O2−, सूत्र MgO।
इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना में केवल बाहरी इलेक्ट्रॉन बिंदु या क्रॉस से दिखाते हैं और तीर से स्थानांतरण। बोर्ड में NaCl, MgCl2, MgO, CaO की संरचना अक्सर पूछी जाती है (3 अंक)।
आयनिक (वैद्युत संयोजी) बंध और आयनिक यौगिक
धातु से अधातु में इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण से बने यौगिक आयनिक या वैद्युत संयोजी यौगिक हैं। धनावेशित आयन धनायन, ऋणावेशित ऋणायन। यौगिक का कुल आवेश शून्य होता है, इसी से सूत्र निकालते हैं: Ca2+ + 2Cl− → CaCl2; 2Na+ + O2− → Na2O।
आयनिक यौगिकों के गुण
- भौतिक प्रकृति: कठोर, भंगुर क्रिस्टलीय ठोस, क्योंकि आयन प्रबल बल से तय जगह पर बंधे हैं; तेज़ चोट से परतें खिसकती हैं, समान आवेश आमने-सामने आते हैं और क्रिस्टल टूट जाता है।
- उच्च गलनांक व क्वथनांक: प्रबल आकर्षण तोड़ने में बहुत ऊर्जा लगती है (NaCl लगभग 801 °C पर पिघलता है)।
- घुलनशीलता: सामान्यतः पानी में घुलनशील, केरोसिन-पेट्रोल में अघुलनशील।
- विद्युत चालकता: ठोस अवस्था में नहीं (आयन हिल नहीं सकते), पर पिघलने या पानी में घुलने पर चालक, क्योंकि आयन इलेक्ट्रोड की ओर चल पाते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- धातु परमाणु → धनायन + इलेक्ट्रॉन (Na → Na⁺ + e⁻)
- अधातु परमाणु + इलेक्ट्रॉन → ऋणायन (Cl + e⁻ → Cl⁻)
- सूत्र: कुल धन आवेश = कुल ऋण आवेश
- मुख्य शब्द: अष्टक, धनायन, ऋणायन, आयनिक/वैद्युत संयोजी बंध, इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना
हल किए गए उदाहरण
1. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से Na₂O का बनना दिखाओ।
हर Na (2, 8, 1) एक इलेक्ट्रॉन खोकर Na⁺ बनता है। ऑक्सीजन (2, 6) को दो चाहिए, वह दो Na से एक-एक लेकर O²⁻ (2, 8) बनती है। 2Na⁺ + O²⁻ → Na₂O।
2. Mg²⁺ और Cl⁻ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखो।
Mg (12): 2, 8, 2; दो खोकर Mg²⁺ = 2, 8। Cl (17): 2, 8, 7; एक लेकर Cl⁻ = 2, 8, 8।
3. ठोस नमक बिजली क्यों नहीं चलाता पर नमक का पानी चलाता है?
ठोस में Na⁺ और Cl⁻ क्रिस्टल में जकड़े हैं, हिल नहीं सकते। पानी में वे अलग होकर घूम सकते हैं और आवेश ढोते हैं।
4. कैल्शियम-ऑक्सीजन और पोटैशियम-सल्फर से बने यौगिकों के सूत्र लिखो।
Ca²⁺ और O²⁻ 1:1 → CaO। S²⁻ को दो K⁺ चाहिए → K₂S।
आम गलतियाँ
- आयन बनाते समय पुराने बाहरी इलेक्ट्रॉन बना रहने देना: Na⁺ के तीसरे कोश में कोई इलेक्ट्रॉन नहीं।
- Cl⁻ पर +1 लिखना क्योंकि उसने 'कुछ पाया': इलेक्ट्रॉन पाने से वह ऋण बनता है।
- कहना कि ठोस आयनिक यौगिक बिजली चलाते हैं: केवल पिघले या घुले हुए चलाते हैं।
- मैग्नीशियम क्लोराइड को MgCl लिखना: Mg²⁺ को दो Cl⁻ चाहिए, MgCl₂।