Poland Szkoła podstawowa, klasa VIII Chemistry
अध्याय: 5
1. Hydroxides and acids
Formulas, preparation and uses · Dissociation, indicators and pH
- अम्ल और क्षारक: गुण, सूचक और अभिक्रियाएँ – अम्ल पानी में H⁺ आयन देता है और क्षारक OH⁻ आयन। सूचक रंग या गंध बदलकर बताता है कि कौन मौजूद है। H⁺ और OH⁻ मिलकर पानी बनाते हैं और पीछे लवण बच जाता है।
- pH स्केल: अम्ल या क्षारक कितना प्रबल है? – pH 0 से 14 तक की एक संख्या है जो बताती है कि घोल कितना अम्लीय या क्षारीय है। 7 उदासीन, 7 से कम अम्लीय और 7 से ज़्यादा क्षारीय। pH में 1 कम होने का अर्थ है 10 गुना ज़्यादा H⁺।
2. Salts
Neutralisation and naming salts · Making salts and precipitation
- अम्ल और क्षारक: गुण, सूचक और अभिक्रियाएँ – अम्ल पानी में H⁺ आयन देता है और क्षारक OH⁻ आयन। सूचक रंग या गंध बदलकर बताता है कि कौन मौजूद है। H⁺ और OH⁻ मिलकर पानी बनाते हैं और पीछे लवण बच जाता है।
3. Hydrocarbons
Alkanes · Alkenes, alkynes and polymers · Fossil fuels
- कार्बन और उसके यौगिक: आबंधन, हाइड्रोकार्बन और नामकरण – कार्बन के बाहरी कोश में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए वह इलेक्ट्रॉन लेने-देने के बजाय साझा करता है (सहसंयोजक आबंध)। वह अपने जैसे कार्बन से जुड़ता है (श्रृंखलन) और हमेशा 4 आबंध बनाता है (चतुःसंयोजकता), इसलिए लाखों यौगिक बनते हैं: सीधी श्रृंखला, शाखा और वलय, संतृप्त या असंतृप्त। एक ही क्रियात्मक समूह वाले यौगिक समजातीय श्रेणी बनाते हैं, जिनमें हर सदस्य –CH₂– से अलग होता है।
4. Hydrocarbon derivatives
Alcohols · Carboxylic acids and esters
- कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुण, एथेनॉल और एथेनॉइक अम्ल – कार्बन यौगिक ऑक्सीजन में जलकर CO₂, पानी, ऊष्मा और प्रकाश देते हैं (दहन); ऑक्सीकारक ऐल्कोहॉल को अम्ल बना देते हैं (ऑक्सीकरण); असंतृप्त यौगिक निकेल की उपस्थिति में हाइड्रोजन जोड़ते हैं (संकलन); संतृप्त यौगिक धूप में H की जगह Cl लेते हैं (प्रतिस्थापन)। एथेनॉल सोडियम से हाइड्रोजन देता है; एथेनॉइक अम्ल दुर्बल अम्ल है जो ऐल्कोहॉल से एस्टर और कार्बोनेट से CO₂ देता है।
5. Biologically important substances
Fatty acids and fats · Amino acids and proteins · Carbohydrates
- लिपिड: वसा, तेल और अन्य – लिपिड वे जैव-अणु हैं जो पानी में नहीं घुलते। मुख्य हैं वसा और तेल (ट्राइग्लिसराइड): एक ग्लिसरॉल से तीन वसीय अम्ल एस्टर बंध से जुड़े। संतृप्त वसीय अम्लों की पूँछ सीधी होती है और ठोस वसा बनती है; असंतृप्त में C=C द्विबंध, मुड़ी पूँछ और द्रव तेल। फ़ॉस्फ़ोलिपिड कोशिका झिल्ली बनाते हैं और कोलेस्ट्रॉल जैसे स्टेरॉयड हार्मोन बनाते हैं।
- कार्बोहाइड्रेट: वर्गीकरण, ग्लूकोज़, डाइसैकेराइड और पॉलीसैकेराइड – कार्बोहाइड्रेट यानी शर्कराएँ और शर्करा से बने बड़े अणु। रसायन की भाषा में ये पॉलीहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड या कीटोन हैं (बहुत सारे –OH और एक C=O), या वे पदार्थ जो जल-अपघटन पर ऐसे अणु देते हैं। इकाइयों की गिनती से इन्हें बाँटते हैं: एक (मोनोसैकेराइड), दो से दस (ऑलिगोसैकेराइड), बहुत सारी (पॉलीसैकेराइड)। ग्लूकोज़ छह कार्बन वाला ऐल्डोज़ है, फ्रक्टोज़ कीटोज़। दो इकाइयाँ –O– पुल (ग्लाइकोसाइडी बंध) से जुड़कर सुक्रोज़, माल्टोज़, लैक्टोज़ बनाती हैं; सैकड़ों जुड़कर स्टार्च, सेलुलोज़, ग्लाइकोजन।