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कार्बोहाइड्रेट: वर्गीकरण, ग्लूकोज़, डाइसैकेराइड और पॉलीसैकेराइड

कार्बोहाइड्रेट यानी शर्कराएँ और शर्करा से बने बड़े अणु। रसायन की भाषा में ये पॉलीहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड या कीटोन हैं (बहुत सारे –OH और एक C=O), या वे पदार्थ जो जल-अपघटन पर ऐसे अणु देते हैं। इकाइयों की गिनती से इन्हें बाँटते हैं: एक (मोनोसैकेराइड), दो से दस (ऑलिगोसैकेराइड), बहुत सारी (पॉलीसैकेराइड)। ग्लूकोज़ छह कार्बन वाला ऐल्डोज़ है, फ्रक्टोज़ कीटोज़। दो इकाइयाँ –O– पुल (ग्लाइकोसाइडी बंध) से जुड़कर सुक्रोज़, माल्टोज़, लैक्टोज़ बनाती हैं; सैकड़ों जुड़कर स्टार्च, सेलुलोज़, ग्लाइकोजन।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. छल्ले गिनो। एक छल्ला = मोनोसैकेराइड, जैसे ग्लूकोज़। दो जुड़े छल्ले = डाइसैकेराइड, जैसे चीनी। बहुत सारे = पॉलीसैकेराइड, जैसे स्टार्च।
  2. ग्लूकोज़ को खोलकर देखो। यह 6 कार्बन की सीधी शृंखला है। सबसे ऊपर C1 पर –CHO है, इसलिए यह ऐल्डिहाइड शर्करा है। C2 से C5 तक हर कार्बन पर –OH है।
  3. अब शृंखला मुड़ती है। C5 का –OH घूमकर C1 से जुड़ जाता है। 6 कोनों वाला छल्ला बनता है (5 कार्बन, 1 ऑक्सीजन)। C1 का नया –OH नीचे (α) या ऊपर (β) हो सकता है।
  4. फ्रक्टोज़ का सूत्र भी C₆H₁₂O₆ है, पर इसका C=O कार्बन 2 पर है। यह कीटोन शर्करा है और इसका छल्ला 5 कोनों वाला है।
  5. दो छल्ले पास आते हैं। दोनों से मिलकर एक पानी का अणु निकलता है, और बीच में ऑक्सीजन का पुल बच जाता है। यही ग्लाइकोसाइडी बंध है। ग्लूकोज़ + फ्रक्टोज़ = सुक्रोज़।
  6. अब तुम्हारी बारी। स्लाइडर से ग्लूकोज़ इकाइयाँ जोड़ो और स्टार्च, सेलुलोज़ या ग्लाइकोजन चुनो। देखो आकार कैसे बदलता है: कुंडली, सीधा या शाखित।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

Cx(H₂O)y सूत्र अच्छी परिभाषा क्यों नहीं?

कुछ कार्बोहाइड्रेट (रैम्नोज़) इसमें फिट नहीं होते, और कुछ गैर-कार्बोहाइड्रेट (ऐसीटिक अम्ल) फिट हो जाते हैं। असली पहचान संरचना है: कई –OH और एक C=O।

ग्लूकोज़ में –CHO है तो शिफ़ परीक्षण क्यों नहीं?

पानी में लगभग सारा ग्लूकोज़ छल्ले के रूप में रहता है, जहाँ C1 छल्ले के O से जुड़ा है। मुक्त –CHO बहुत कम होता है।

छल्ले में नया काइरल कार्बन कहाँ से आया?

C1 पहले चपटा (C=O) था। छल्ला बनने पर उस पर चार अलग समूह (H, OH, छल्ले का O, C2) हो जाते हैं, इसलिए काइरल।

फ्रक्टोज़ 5 का छल्ला क्यों बनाता है?

इसका C=O, C2 पर है। C5 का –OH, C2 तक पहुँचकर 4 C + 1 O का छल्ला बनाता है।

ग्लाइकोसाइडी बंध में पानी कहाँ से निकला?

एक शर्करा –OH देती है और दूसरी H। ये H₂O बनकर निकलते हैं, और बचा हुआ O दोनों छल्लों के बीच पुल बनता है।

स्टार्च और सेलुलोज़ दोनों ग्लूकोज़ हैं, फिर इतने अलग क्यों?

स्टार्च में α-जोड़ हैं जो कुंडली या शाखाएँ बनाते हैं। सेलुलोज़ में β-जोड़ हैं जो सीधी चपटी शृंखलाएँ बनाते हैं, जो एक पर एक जमकर H-बंध से जुड़ती हैं।

कार्बोहाइड्रेट क्या हैं?

कार्बोहाइड्रेट कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बनते हैं। बहुतों का सूत्र Cx(H2O)y जैसा होता है, इसलिए पहले इन्हें "कार्बन के हाइड्रेट" कहा गया। पर यह नाम पूरा सही नहीं: रैम्नोज़ (C6H12O5) कार्बोहाइड्रेट है पर सूत्र में फिट नहीं होता, और ऐसीटिक अम्ल (C2H4O2) फिट होता है पर कार्बोहाइड्रेट नहीं है।

सही परिभाषा: कार्बोहाइड्रेट प्रकाशिक रूप से सक्रिय पॉलीहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड या कीटोन हैं, या वे यौगिक जो जल-अपघटन पर इन्हें देते हैं। "पॉलीहाइड्रॉक्सी" = कई –OH समूह। "जल-अपघटन" = पानी से बंध तोड़ना।

कार्बोहाइड्रेट का वर्गीकरण

इकाइयों की संख्या से

स्वाद से

मीठे और पानी में घुलने वाले (मोनो और डाइसैकेराइड) = शर्करा। पॉलीसैकेराइड = अशर्करा।

अपचायी और अनपचायी शर्करा

अपचायी शर्करा में मुक्त ऐल्डिहाइड या कीटो समूह होता है (या ऐसा छल्ला जो खुलकर यह दे सके)। यह टॉलेन अभिकर्मक (चाँदी का दर्पण) और फेलिंग विलयन (लाल अवक्षेप) को अपचयित करती है। सभी मोनोसैकेराइड अपचायी हैं; माल्टोज़ और लैक्टोज़ भी। सुक्रोज़ अनपचायी है, क्योंकि उसके दोनों अपचायी सिरे बंध बनाने में लग चुके हैं।

ऐल्डोज़ और कीटोज़

–CHO वाला मोनोसैकेराइड ऐल्डोज़, और शृंखला के बीच C=O वाला कीटोज़। कार्बन की गिनती भी जोड़ो: ग्लूकोज़ = ऐल्डोहेक्सोज़ (6 C), फ्रक्टोज़ = कीटोहेक्सोज़, राइबोज़ = ऐल्डोपेंटोज़ (5 C)।

ग्लूकोज़: बनाना और खुली शृंखला संरचना

बनाने की विधियाँ

खुली शृंखला के सबूत

  1. अणुसूत्र C6H12O6।
  2. HI के साथ देर तक गरम करने पर n-हेक्सेन: 6 कार्बन एक सीधी शृंखला में।
  3. हाइड्रॉक्सिलऐमीन से ऑक्सिम और HCN से सायनोहाइड्रिन: C=O समूह है।
  4. ब्रोमीन जल से ग्लूकोनिक अम्ल (6 C): C=O ऐल्डिहाइड (–CHO) है।
  5. ऐसीटिक ऐनहाइड्राइड से पेंटाऐसीटेट: 5 –OH समूह, अलग-अलग कार्बन पर।
  6. नाइट्रिक अम्ल दोनों सिरों को ऑक्सीकृत कर सैकेरिक अम्ल देता है: एक सिरे पर –CHO, दूसरे पर प्राथमिक –CH2OH।

यानी ग्लूकोज़ = CHO–(CHOH)4–CH2OH। इसे D-(+)-ग्लूकोज़ कहते हैं: "D" = सबसे नीचे वाले काइरल कार्बन (C5) पर –OH दाईं ओर; "(+)" = यह ध्रुवित प्रकाश को दाईं ओर घुमाता है। D और + दो अलग बातें हैं।

ग्लूकोज़: चक्रीय संरचना, ऐनोमर और हॉवर्थ रूप

खुली शृंखला कुछ बातें नहीं समझा पाती:

हल: C5 का –OH, C1 के –CHO से जुड़कर छह सदस्यीय छल्ला (5 C + 1 O) बनाता है, जिसे पाइरेनोज़ छल्ला कहते हैं। C1 एक नया काइरल केंद्र बन जाता है। इसका नया –OH एक ओर हो तो α-D-ग्लूकोज़, दूसरी ओर हो तो β-D-ग्लूकोज़। केवल C1 पर अलग ऐसे जोड़े को ऐनोमर कहते हैं, और C1 को ऐनोमरी कार्बन। पानी में दोनों रूप खुली शृंखला से होकर धीरे-धीरे एक-दूसरे में बदलते रहते हैं (म्यूटारोटेशन)।

हॉवर्थ चित्र में छल्ला एक चपटे षट्भुज जैसा दिखता है, समूह ऊपर या नीचे।

फ्रक्टोज़

फ्रक्टोज़ (C6H12O6) सबसे मीठी प्राकृतिक शर्करा है, फलों और शहद में मिलती है। इसका कीटो समूह C2 पर है, इसलिए यह कीटोहेक्सोज़ है। यह वामावर्ती है: D-(–)-फ्रक्टोज़। C5 का –OH, C2 से जुड़कर पाँच सदस्यीय छल्ला (4 C + 1 O) बनाता है, जिसे फ्यूरेनोज़ कहते हैं। इसके भी α और β ऐनोमर होते हैं।

डाइसैकेराइड: सुक्रोज़, माल्टोज़, लैक्टोज़

दो मोनोसैकेराइड पानी निकालकर जुड़ते हैं। यह C–O–C जोड़ ग्लाइकोसाइडी बंध है। अम्ल या एंज़ाइम इसे फिर तोड़ सकते हैं।

डाइसैकेराइडकिससे बनाजोड़अपचायी?कहाँ
सुक्रोज़α-D-ग्लूकोज़ + β-D-फ्रक्टोज़C1 (ग्लूकोज़) – C2 (फ्रक्टोज़)नहींगन्ना, चुकंदर
माल्टोज़α-D-ग्लूकोज़ + α-D-ग्लूकोज़C1 – C4हाँमाल्ट, स्टार्च का पाचन
लैक्टोज़β-D-गैलेक्टोज़ + β-D-ग्लूकोज़C1 – C4हाँदूध

अपवृत शर्करा (इनवर्ट शुगर)

सुक्रोज़ प्रकाश को दाईं ओर (+66.5°) घुमाता है। जल-अपघटन पर बराबर मात्रा में ग्लूकोज़ (+52.5°) और फ्रक्टोज़ (–92.4°) बनते हैं। फ्रक्टोज़ ज़्यादा ज़ोर से घुमाता है, इसलिए मिश्रण बाईं ओर घुमाता है। चिह्न उलट गया, इसलिए इसे अपवृत शर्करा कहते हैं।

पॉलीसैकेराइड: स्टार्च, सेलुलोज़, ग्लाइकोजन

कार्बोहाइड्रेट क्यों ज़रूरी हैं

घर पर करके देखो

  1. कच्चे आलू की फाँक, ब्रेड के टुकड़े और चीनी के घोल पर टिंक्चर आयोडीन (फर्स्ट-एड बॉक्स वाला) की एक बूँद डालो।
  2. पहले अनुमान लगाओ: कौन नीला-काला होगा?
  3. जाँचो: आलू और ब्रेड नीले-काले (स्टार्च)। चीनी का घोल भूरा ही रहा (स्टार्च नहीं)।
  4. अब ब्रेड का छोटा टुकड़ा 2 मिनट चबाओ। मीठा लगने लगेगा: लार स्टार्च को माल्टोज़ में बदल रही है। 3D के चरण 6 में प्रकार "ऐमाइलोज़" चुनो और आयोडीन को थामने वाली कुंडली देखो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. वर्गीकृत करो: ग्लूकोज़, सुक्रोज़, स्टार्च, राइबोज़, लैक्टोज़, सेलुलोज़।

चरण 1: एक इकाई → मोनोसैकेराइड: ग्लूकोज़, राइबोज़। चरण 2: दो इकाई → डाइसैकेराइड: सुक्रोज़, लैक्टोज़। चरण 3: बहुत इकाई → पॉलीसैकेराइड: स्टार्च, सेलुलोज़।

2. 5 ग्लूकोज़ इकाइयाँ एक शृंखला में जुड़ें तो कितने पानी के अणु निकलेंगे? उत्पाद का मोलर द्रव्यमान?

चरण 1: 5 इकाइयों को 4 जोड़ चाहिए, हर जोड़ पर 1 H₂O निकलता है। यानी 4 H₂O। चरण 2: द्रव्यमान = 5 × 180 − 4 × 18 = 900 − 72 = 828 g/mol। उत्तर: 4 अणु, 828 g/mol।

3. स्टार्च के नमूने का मोलर द्रव्यमान 162 000 g/mol है। लगभग कितनी ग्लूकोज़ इकाइयाँ?

चरण 1: शृंखला में हर इकाई C₆H₁₀O₅ = 162 g/mol (ग्लूकोज़ − एक पानी)। चरण 2: n ≈ 162 000 ÷ 162 = 1000। उत्तर: लगभग 1000 इकाइयाँ।

4. 34.2 g सुक्रोज़ के पूरे जल-अपघटन से कितना ग्लूकोज़ बनेगा?

चरण 1: सुक्रोज़ के मोल = 34.2 ÷ 342 = 0.1 mol। चरण 2: 1 सुक्रोज़ → 1 ग्लूकोज़ + 1 फ्रक्टोज़, तो 0.1 mol ग्लूकोज़। चरण 3: द्रव्यमान = 0.1 × 180 = 18 g। उत्तर: 18 g ग्लूकोज़ (और 18 g फ्रक्टोज़)।

5. ऐसीटिक ऐनहाइड्राइड से ग्लूकोज़ पेंटाऐसीटेट बनता है। इससे क्या पता चलता है, और प्रति मोल द्रव्यमान कितना बढ़ा?

चरण 1: पेंटा = 5 ऐसीटिल समूह, यानी 5 –OH। चरण 2: हर –OH → –OCOCH₃ में H (1) की जगह COCH₃ (43) आया: हर समूह पर 42 बढ़ा। चरण 3: 5 × 42 = 210। उत्तर: 5 –OH; 180 → 390 g/mol।

6. सुक्रोज़ अनपचायी और माल्टोज़ अपचायी क्यों है?

चरण 1: शर्करा टॉलेन/फेलिंग को तभी अपचयित करती है जब एक ऐनोमरी कार्बन मुक्त हो। चरण 2: सुक्रोज़ में ग्लूकोज़ का C1, फ्रक्टोज़ के C2 से जुड़ा: दोनों ऐनोमरी कार्बन बंद। चरण 3: माल्टोज़ में एक का C1 दूसरे के C4 से जुड़ा; दूसरे का C1 मुक्त। उत्तर: सुक्रोज़ में मुक्त ऐनोमरी कार्बन नहीं, माल्टोज़ में एक है।

7. सुक्रोज़ (+66.5°) का जल-अपघटन हुआ। ग्लूकोज़ +52.5°, फ्रक्टोज़ −92.4°। मिश्रण का चिह्न?

चरण 1: दोनों बराबर मोल बनते हैं। औसत घूर्णन ≈ (52.5 − 92.4) ÷ 2 ≈ −20°। चरण 2: ऋणात्मक, यानी वामावर्ती। उत्तर: + से − हो गया, इसीलिए इसे अपवृत शर्करा कहते हैं।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. इनमें कीटोहेक्सोज़ कौन है?
2. दो मोनोसैकेराइड को जोड़ने वाला बंध:
3. अनपचायी शर्करा कौन है?
4. सेलुलोज़ किसका बहुलक है?
5. ग्लूकोज़ का पेंटाऐसीटेट बनना बताता है कि उसमें हैं:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ग्लूकोज़ और डेक्सट्रोज़ एक ही हैं?

हाँ। D-ग्लूकोज़ को डेक्सट्रोज़ भी कहते हैं, क्योंकि यह ध्रुवित प्रकाश को दाईं ओर (डेक्स्ट्रो) घुमाता है।

पाइरेनोज़ और फ्यूरेनोज़ में क्या अंतर है?

पाइरेनोज़ 6 सदस्यीय छल्ला (5 C + 1 O) है, जैसे ग्लूकोज़। फ्यूरेनोज़ 5 सदस्यीय (4 C + 1 O), जैसे फ्रक्टोज़।

स्टार्च आयोडीन से नीला क्यों होता है?

आयोडीन के अणु ऐमाइलोज़ की कुंडली के अंदर फँसकर नीला-काला संकुल बनाते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

पोलैंडSzkoła podstawowa, klasa VIIIBiologically important substances
पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IIISugars
पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IVSugars
स्पेन2º BachilleratoBiomolecules
यूक्रेन10 класOxygen-containing organic compounds
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सीबीएसई (भारत)कक्षा 12जैव-अणु
रूस10 классOxygen-containing compounds
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चीन高三Selective 3 Ch.4 Biological macromolecules

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