Poland Liceum ogólnokształcące, klasa IV Chemistry (extended level)
अध्याय: 6
1. Esters and fats
Esters and fats
- एस्टर: अम्ल और ऐल्कोहॉल से बने खुशबूदार यौगिक – जब कार्बोक्सिलिक अम्ल ऐल्कोहॉल से अभिक्रिया करता है तो एस्टर बनता है: अम्ल + ऐल्कोहॉल ⇌ एस्टर + पानी। अम्ल –OH देता है, ऐल्कोहॉल H देता है और एस्टर बंध –COO– दोनों भागों को जोड़ता है। सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल उत्प्रेरक है और पानी भी सोखता है। एस्टर फल जैसी गंध वाले होते हैं और खुशबू, स्वाद व विलायक में काम आते हैं। पानी एस्टर को वापस तोड़ता है (जल-अपघटन); क्षार के साथ इसे साबुनीकरण कहते हैं। वसा और तेल ग्लिसरॉल और तीन वसा अम्लों के एस्टर हैं; NaOH के साथ उबालने पर साबुन और ग्लिसरॉल बनते हैं।
2. Nitrogen-containing organic compounds
Amines · Amino acids and peptides
- ऐमीन: संरचना, नामकरण, बनाना, क्षारकता और अभिक्रियाएँ – ऐमीन यानी अमोनिया, जिसके एक, दो या तीन H की जगह कार्बन समूह लग गए। N पर एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म बचा रहता है, इसलिए ऐमीन क्षार हैं। N पर लगे C गिनो: 1, 2 या 3 → प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक। बनाने के तरीके: नाइट्रो, नाइट्राइल या एमाइड का अपचयन, ऐल्किल हैलाइड + NH₃, गैब्रिएल (केवल 1°), हॉफमान ब्रोमेमाइड (एक C कम)। ऐल्किल समूह क्षारकता बढ़ाते हैं; ऐनिलीन का वलय घटाता है। मुख्य अभिक्रियाएँ: अम्ल से लवण, ऐसीटिलन, कार्बिलऐमीन परीक्षण, हिन्सबर्ग परीक्षण, नाइट्रस अम्ल और ऐनिलीन के वलय पर प्रतिस्थापन।
- प्रोटीन और एंज़ाइम: ऐमीनो अम्ल, पेप्टाइड बंध, संरचना और विकृतीकरण – प्रोटीन ऐमीनो अम्लों की लंबी शृंखलाएँ हैं। हर ऐमीनो अम्ल के एक कार्बन पर ऐमीनो समूह (–NH₂), अम्ल समूह (–COOH), एक हाइड्रोजन और एक पार्श्व समूह R होता है। एक का –COOH अगले के –NH₂ से पानी निकालकर जुड़ता है: यह पेप्टाइड बंध (–CO–NH–) है। ऐमीनो अम्लों का क्रम प्राथमिक संरचना; कुंडली और परत द्वितीयक; पूरा 3D मोड़ तृतीयक; कई शृंखलाएँ साथ में चतुर्धातुक संरचना। गर्मी, अम्ल या ऐल्कोहॉल मोड़ खोल देते हैं (विकृतीकरण)। एंज़ाइम ज़्यादातर प्रोटीन हैं जो शरीर की अभिक्रियाएँ तेज़ करते हैं।
3. Proteins
Proteins
- प्रोटीन और एंज़ाइम: ऐमीनो अम्ल, पेप्टाइड बंध, संरचना और विकृतीकरण – प्रोटीन ऐमीनो अम्लों की लंबी शृंखलाएँ हैं। हर ऐमीनो अम्ल के एक कार्बन पर ऐमीनो समूह (–NH₂), अम्ल समूह (–COOH), एक हाइड्रोजन और एक पार्श्व समूह R होता है। एक का –COOH अगले के –NH₂ से पानी निकालकर जुड़ता है: यह पेप्टाइड बंध (–CO–NH–) है। ऐमीनो अम्लों का क्रम प्राथमिक संरचना; कुंडली और परत द्वितीयक; पूरा 3D मोड़ तृतीयक; कई शृंखलाएँ साथ में चतुर्धातुक संरचना। गर्मी, अम्ल या ऐल्कोहॉल मोड़ खोल देते हैं (विकृतीकरण)। एंज़ाइम ज़्यादातर प्रोटीन हैं जो शरीर की अभिक्रियाएँ तेज़ करते हैं।
4. Sugars
Carbohydrates
- कार्बोहाइड्रेट: वर्गीकरण, ग्लूकोज़, डाइसैकेराइड और पॉलीसैकेराइड – कार्बोहाइड्रेट यानी शर्कराएँ और शर्करा से बने बड़े अणु। रसायन की भाषा में ये पॉलीहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड या कीटोन हैं (बहुत सारे –OH और एक C=O), या वे पदार्थ जो जल-अपघटन पर ऐसे अणु देते हैं। इकाइयों की गिनती से इन्हें बाँटते हैं: एक (मोनोसैकेराइड), दो से दस (ऑलिगोसैकेराइड), बहुत सारी (पॉलीसैकेराइड)। ग्लूकोज़ छह कार्बन वाला ऐल्डोज़ है, फ्रक्टोज़ कीटोज़। दो इकाइयाँ –O– पुल (ग्लाइकोसाइडी बंध) से जुड़कर सुक्रोज़, माल्टोज़, लैक्टोज़ बनाती हैं; सैकड़ों जुड़कर स्टार्च, सेलुलोज़, ग्लाइकोजन।
5. Chemistry around us
Chemistry in daily life
- दैनिक जीवन में विज्ञान – विज्ञान सिर्फ प्रयोगशाला में नहीं है। खाना पकाना रासायनिक परिवर्तन है। साबुन इसलिए साफ करता है क्योंकि उसके कण का एक सिरा पानी को और दूसरा तेल को पसंद करता है। अम्ल और क्षार क्रिया करते हैं, जैसे सिरका और खाने का सोडा कार्बन डाइऑक्साइड बनाते हैं। खेल बल और गति से भरा है। फिल्में, विज्ञापन और सोशल मीडिया भी विज्ञान का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए दावों को सबूत से जाँचना ज़रूरी है।
6. Environmental protection
Environmental chemistry
- प्रदूषण: वायु, जल, भूमि और ध्वनि – प्रदूषण यानी हवा, पानी या ज़मीन में हानिकारक पदार्थ या ऊर्जा इतनी तेज़ी से डालना कि प्रकृति उसे हटा न सके। मुख्य वायु प्रदूषक हैं कण (PM), कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फ़र डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और ओज़ोन; इनसे अम्लीय वर्षा और स्मॉग बनते हैं। पोषक तत्व, सीवेज और ज़हरीले रसायन पानी में सुपोषण और जैव आवर्धन करते हैं। स्रोत पर उत्सर्जन घटाकर, कचरा छोड़ने से पहले साफ़ करके और 3R से प्रदूषण घटता है।