pH क्या है?
pH में p जर्मन शब्द पोटेंज़ (शक्ति) से आया है और H का अर्थ हाइड्रोजन आयन है। pH किसी घोल में H⁺ (H₃O⁺) आयनों की सांद्रता को 0 से 14 के पैमाने पर बताता है।
- pH < 7: अम्लीय (OH⁻ से ज़्यादा H⁺)
- pH = 7: उदासीन (H⁺ और OH⁻ बराबर), जैसे शुद्ध पानी
- pH > 7: क्षारीय (H⁺ से ज़्यादा OH⁻)
ज़्यादा H⁺ मतलब कम pH। हर 1 pH कम होने पर H⁺ 10 गुना बढ़ जाते हैं।
सार्वत्रिक सूचक और pH पेपर
लिटमस केवल अम्ल या क्षारक बताता है। सार्वत्रिक सूचक (universal indicator) कई सूचकों का मिश्रण है; हर pH पर इसका रंग अलग होता है, इसलिए लगभग pH पढ़ा जा सकता है। लाल = प्रबल अम्लीय, नारंगी-पीला = दुर्बल अम्लीय, हरा = उदासीन, नीला = दुर्बल क्षारीय, बैंगनी = प्रबल क्षारीय।
| द्रव | लगभग pH |
|---|---|
| जठर रस | 1.5–2 |
| नींबू का रस | 2.2 |
| सिरका | 3 |
| टमाटर का रस | 4.2 |
| दूध | 6.5 |
| शुद्ध पानी | 7 |
| रक्त | 7.4 |
| खाने के सोडे का घोल | 8.3 |
| मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया | 10 |
| सोडियम हाइड्रॉक्साइड का घोल | 14 |
प्रबल और दुर्बल अम्ल व क्षारक
प्रबलता इस पर निर्भर है कि पदार्थ पानी में कितने H⁺ या OH⁻ आयन देता है।
- प्रबल अम्ल बहुत H⁺ देते हैं: HCl, H₂SO₄, HNO₃।
- दुर्बल अम्ल कम H⁺ देते हैं: ऐसीटिक अम्ल, सिट्रिक अम्ल, कार्बोनिक अम्ल।
- प्रबल क्षारक: NaOH, KOH। दुर्बल क्षारक: NH₄OH, Mg(OH)₂।
प्रबलता और सांद्रता अलग बातें हैं। तनु प्रबल अम्ल भी पूरा आयनित होता है; सांद्र दुर्बल अम्ल भी कम आयन देता है। इसलिए 0.1 M HCl का pH (लगभग 1) 0.1 M ऐसीटिक अम्ल (लगभग 3) से कम है।
दैनिक जीवन में pH का महत्व
पौधे, जंतु और हमारा शरीर
हमारा शरीर लगभग 7.0–7.8 के छोटे pH दायरे में काम करता है। रक्त का pH लगभग 7.4 रहता है।
अम्लीय वर्षा
जब वर्षा के पानी का pH 5.6 से कम हो, तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं (हवा में सल्फ़र और नाइट्रोजन के ऑक्साइड से)। यह नदियों में जाकर pH घटाती है और मछलियों व जलीय जीवों को नुकसान पहुँचाती है।
मिट्टी का pH
पौधे एक ख़ास pH दायरे में अच्छे उगते हैं। ज़्यादा अम्लीय मिट्टी में बिना बुझा चूना, बुझा चूना या चॉक डालते हैं; ज़्यादा क्षारीय मिट्टी में जैविक खाद।
पाचन
आमाशय पाचन के लिए HCl बनाता है। ज़्यादा अम्ल से दर्द और जलन (अम्लता) होती है; मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया जैसे हल्के क्षारक इसे उदासीन करते हैं।
दंत क्षय
मुँह के जीवाणु चीनी और खाने के कणों से अम्ल बनाते हैं। pH 5.5 से नीचे दाँत का इनेमल (कैल्सियम हाइड्रॉक्सीएपेटाइट, शरीर का सबसे कठोर पदार्थ) घुलने लगता है। टूथपेस्ट क्षारीय होता है और अम्ल को उदासीन करता है।
जंतुओं और पौधों की आत्मरक्षा
मधुमक्खी का डंक अम्ल छोड़ता है, इसलिए खाने के सोडे जैसा हल्का क्षारक राहत देता है। बिच्छू-बूटी (नेटल) के रोमों में मेथेनॉइक अम्ल होता है; पास उगने वाले डॉक पौधे की पत्ती मलने का पारंपरिक उपाय है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- pH < 7 अम्लीय, pH = 7 उदासीन, pH > 7 क्षारीय
- कम pH = ज़्यादा H⁺; 1 pH इकाई = 10 गुना H⁺
- दो घोलों में H⁺ का अनुपात = 10^(pH का अंतर)
- प्रबल अम्ल: HCl, H₂SO₄, HNO₃; दुर्बल अम्ल: CH₃COOH, सिट्रिक, कार्बोनिक
- प्रबल क्षारक: NaOH, KOH; दुर्बल क्षारक: NH₄OH, Mg(OH)₂
- pH 5.5 से नीचे दाँत का इनेमल घुलता है; अम्लीय वर्षा का pH 5.6 से कम
हल किए गए उदाहरण
1. घोल A का pH 3 और B का pH 5 है। कौन ज़्यादा अम्लीय है और कितने गुना?
कम pH ज़्यादा अम्लीय, अतः A। अंतर = 5 − 3 = 2, अतः A में B से 10² = 100 गुना ज़्यादा H⁺ हैं।
2. बढ़ते pH के क्रम में लिखिए: NaOH का घोल, रक्त, नींबू का रस, शुद्ध पानी।
नींबू का रस (लगभग 2.2) < शुद्ध पानी (7) < रक्त (7.4) < NaOH घोल (लगभग 14)।
3. सार्वत्रिक सूचक घोल P में हरा और Q में बैंगनी हो जाता है। क्या निष्कर्ष है?
हरा यानी लगभग pH 7, अतः P उदासीन। बैंगनी यानी pH 13–14, अतः Q प्रबल क्षारीय।
4. अम्लता होने पर मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया क्यों लेते हैं, सिरका क्यों नहीं?
अम्लता का अर्थ है आमाशय में ज़्यादा HCl। मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया Mg(OH)₂ हल्का क्षारक है जो फालतू अम्ल को उदासीन करता है। सिरका स्वयं अम्ल है, वह तकलीफ़ बढ़ाएगा।
5. एक विद्यार्थी pH 2 वाले अम्ल में पानी मिलाता है। pH बढ़ेगा या घटेगा? क्या 7 पार होगा?
तनु करने से H⁺ की सांद्रता घटती है, इसलिए pH बढ़ता है (7 की ओर)। पर केवल पानी मिलाने से pH 7 पार नहीं होगा, बस उदासीन के पास पहुँचेगा।
6. 0.1 M HCl का pH लगभग 1 और 0.1 M ऐसीटिक अम्ल का लगभग 3 है। क्यों?
HCl प्रबल अम्ल है, पूरा आयनित होता है; ऐसीटिक अम्ल दुर्बल है, थोड़ा ही आयनित होता है। समान सांद्रता पर HCl लगभग 100 गुना ज़्यादा H⁺ देता है, इसलिए उसका pH 2 इकाई कम है।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि ज़्यादा pH मतलब ज़्यादा अम्लीय। उल्टा है: कम pH, ज़्यादा अम्लीय।
- pH 4 को pH 5 से थोड़ा ही अम्लीय मानना। इसमें 10 गुना ज़्यादा H⁺ हैं।
- प्रबल और सांद्र को एक समझना। प्रबल = पूरा आयनित; सांद्र = कम पानी में ज़्यादा अम्ल।
- 7 से कम pH वाली हर वर्षा को अम्लीय वर्षा कहना। सामान्य वर्षा CO₂ के कारण लगभग 5.6 की होती है; अम्लीय वर्षा 5.6 से नीचे।