रसायन विज्ञान क्या पढ़ता है?
सब कुछ छोटे-छोटे परमाणुओं से बना है। परमाणु जुड़कर अणु बनाते हैं। रसायन पूछता है: यहाँ कौन से परमाणु हैं, वे कैसे जुड़े हैं और उन्हें कैसे बदला जाए?
रासायनिक अभिक्रिया में पुराने जोड़ टूटते हैं और नए बनते हैं। परमाणु वही रहते हैं, केवल साथी बदलते हैं। 3D में स्लाइडर खिसकाकर देखिए।
पदार्थ: प्लास्टिक, धातु, काँच, रेशे
छोटे अणु, जिन्हें एकलक (मोनोमर) कहते हैं, जुड़कर लंबी लड़ी बनाते हैं जिसे बहुलक (पॉलिमर) कहते हैं। प्लास्टिक की थैली, नायलॉन के कपड़े और पाइप बहुलक हैं। लंबी लड़ी पदार्थ को हल्का, मज़बूत और ढालने में आसान बनाती है।
दूसरे उपयोगी पदार्थ: मिश्रधातु (धातु में दूसरे परमाणु मिलाना, जैसे स्टील) और सिरेमिक व काँच (रेत और मिट्टी को तेज़ आँच में पकाकर)।
समस्या: बहुत से प्लास्टिक सड़ते नहीं और सैकड़ों साल रहते हैं। इसलिए कम करें, दोबारा उपयोग करें, रीसायकल करें और ऐसे नए पदार्थ बनाएँ जो मिट्टी में घुल जाएँ।
दवा: काम के लिए सही आकार
दवा ऐसा अणु है जिसका आकार शरीर के किसी लक्ष्य में ताले-चाबी की तरह बैठ जाता है। दर्द की गोली, एंटीबायोटिक और टीका, तीनों आकार या संदेश के कारण काम करते हैं।
रसायनज्ञ पहले कोई उपयोगी अणु खोजते हैं (अक्सर पौधे या सूक्ष्मजीव से), फिर प्रयोगशाला में उसकी नक़ल बनाते हैं, फिर सुरक्षा की जाँच करते हैं। मात्रा (डोज़) बहुत मायने रखती है: वही रसायन थोड़ा हो तो ठीक करता है और ज़्यादा हो तो नुकसान। दवा हमेशा डॉक्टर या पर्चे के अनुसार ही लें।
भोजन और खेती: खाद और संरक्षण
पौधों को बढ़ने के लिए नाइट्रोजन चाहिए। हवा में लगभग चार-पाँचवाँ भाग नाइट्रोजन है, पर वह मज़बूत N2 अणुओं में बँधी है। हेबर विधि में N2 और H2 को जोड़कर अमोनिया (NH3) बनाते हैं, जिससे खाद बनती है। इससे खेतों ने अरबों लोगों का पेट भरा।
बहुत ज़्यादा खाद नदियों में बहकर शैवाल (काई) का फैलाव कर देती है। खाद्य रसायन हमें परिरक्षक (नमक, सिरका, चीनी) भी देता है, जो खाना ज़्यादा दिन सुरक्षित रखते हैं।
ऊर्जा और पर्यावरण: ईंधन और उसकी क़ीमत
मीथेन (CH4) जैसा ईंधन ऑक्सीजन के साथ जलता है: CH4 + 2 O2 → CO2 + 2 H2O। इसमें ऊष्मा निकलती है। पर CO2 हवा में गर्मी रोकती है और जलवायु परिवर्तन बढ़ाती है।
रसायन ही इसका हल भी देता है: सौर सेल, बैटरी और हरित रसायन, जो कम कचरा बनाता है। अच्छा रसायनज्ञ सिर्फ़ यह नहीं पूछता कि 'काम करता है?' बल्कि यह भी कि 'सुरक्षित और साफ़ है?'
करके देखें: घर में रसायन खोजें
काग़ज़ पर तीन कॉलम बनाइए: पदार्थ, दवा या सेहत, भोजन या ऊर्जा। घर में घूमकर हर कॉलम में पाँच चीज़ें लिखिए जिनमें रसायन की मदद है। फिर 3D में पहले अंदाज़ा लगाइए: कौन-सा बदलाव लंबी लड़ी बनाता है? स्लाइडर खिसकाकर जाँचिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य विचार: अभिक्रिया में परमाणु न बनते हैं न नष्ट होते हैं, केवल नए साथी बनाते हैं।
- प्लास्टिक: बहुत सारे एथीन (C₂H₄) अणु → एक लंबी लड़ी (बहुलक)
- खाद का आधार: N₂ + 3 H₂ → 2 NH₃
- ईंधन: CH₄ + 2 O₂ → CO₂ + 2 H₂O
- मुख्य शब्द: परमाणु, अणु, एकलक, बहुलक, मात्रा (डोज़), परिरक्षक, हरित रसायन
हल किए गए उदाहरण
1. एथीन (C₂H₄) के 3 अणु जुड़कर एक लड़ी बनाते हैं। लड़ी में कार्बन और हाइड्रोजन के कितने परमाणु हैं?
कार्बन: 3 × 2 = 6। हाइड्रोजन: 3 × 4 = 12। लड़ी में 6 C और 12 H हैं। परमाणु पहले जितने ही हैं।
2. N₂ + 3 H₂ → 2 NH₃ में दोनों तरफ़ परमाणु गिनिए।
बायाँ: N = 2, H = 3 × 2 = 6। दायाँ: N = 2 × 1 = 2, H = 2 × 3 = 6। दोनों तरफ़ 2 N और 6 H हैं, यानी कोई परमाणु नहीं घटा।
3. मीथेन का जलना: CH₄ + 2 O₂ → CO₂ + 2 H₂O। हर तरफ़ कुल कितने परमाणु हैं?
बायाँ: 1 C + 4 H + 4 O = 9 परमाणु। दायाँ: CO₂ में 3 और 2 H₂O में 6, यानी 9 परमाणु। संख्या बराबर है।
4. एक गोली 500 mg की है। डॉक्टर ने दिन में 2 गोली कहा है। 3 दिन में कितने mg हुए?
एक दिन में: 2 × 500 = 1000 mg। 3 दिन में: 3 × 1000 = 3000 mg (3 g)। डॉक्टर के कहे से ज़्यादा कभी न लें।
5. प्लास्टिक की एक बोतल फेंक दी गई, रीसायकल नहीं हुई। इस समस्या को घटाने के दो तरीके बताइए।
बोतल दोबारा काम में लें या स्टील की बोतल रखें, और इस्तेमाल किया प्लास्टिक रीसायकल में दें। मिट्टी में घुलने वाले पदार्थ चुनना भी मदद करता है।
6. किसान दोगुनी फ़सल की आशा में दोगुनी खाद डालता है। यह ग़लत क्यों हो सकता है?
पौधे उतना ही लेते हैं जितना चाहिए। बाक़ी बहकर नालों में जाता है और शैवाल को बढ़ाता है। शैवाल पानी की ऑक्सीजन खा लेते हैं और मछलियाँ मर जाती हैं। फ़सल भी दोगुनी नहीं होती।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि रसायन सिर्फ़ प्रयोगशाला की चीज़ है। खाना पकाना, सफ़ाई, खेती और गाड़ियाँ, सबमें रसायन है।
- 'रसायन' का मतलब 'हानिकारक' समझना। पानी और नमक भी रसायन हैं। सुरक्षा मात्रा और उपयोग पर निर्भर है।
- यह कहना कि जलने पर परमाणु नष्ट हो जाते हैं। वे बस नए साथियों (जैसे CO₂ और H₂O) में चले जाते हैं।
- यह मानना कि प्राकृतिक हमेशा सुरक्षित और प्रयोगशाला का हमेशा बुरा है। कुछ प्राकृतिक चीज़ें ज़हरीली हैं और कुछ प्रयोगशाला की दवाएँ जान बचाती हैं।