रासायनिक संयोजन के नियम
द्रव्यमान संरक्षण का नियम
रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न बनाया जा सकता है, न नष्ट किया जा सकता है। अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान। यह लवाज़िए ने दिखाया। गैस बाहर निकले तो तराज़ू कम दिखाता है, इसलिए प्रयोग बंद फ्लास्क में करते हैं।
उदाहरण: 5.3 g सोडियम कार्बोनेट 6.0 g एथेनोइक अम्ल से अभिक्रिया करके 2.2 g कार्बन डाइऑक्साइड, 0.9 g पानी और 8.2 g सोडियम एथेनोएट देता है। अभिकारक: 5.3 + 6.0 = 11.3 g। उत्पाद: 2.2 + 0.9 + 8.2 = 11.3 g। बराबर।
स्थिर अनुपात का नियम
किसी शुद्ध यौगिक में तत्व हमेशा द्रव्यमान के एक ही अनुपात में होते हैं, चाहे यौगिक कहीं से भी लिया गया हो या कैसे भी बना हो। यह प्राउस्ट ने बताया।
पानी: हाइड्रोजन : ऑक्सीजन = 1 : 8। 9 g पानी में 1 g H और 8 g O; 36 g में 4 g H और 32 g O। अमोनिया: नाइट्रोजन : हाइड्रोजन = 14 : 3। कार्बन डाइऑक्साइड: कार्बन : ऑक्सीजन = 3 : 8।
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत
जॉन डाल्टन (1808) ने दोनों नियम इन बातों से समझाए:
- सारा पदार्थ बहुत छोटे कणों से बना है जिन्हें परमाणु कहते हैं।
- रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु न बनते हैं, न नष्ट होते हैं। (इससे द्रव्यमान संरक्षण समझ आता है।)
- एक तत्व के सभी परमाणु द्रव्यमान और गुणों में एक जैसे होते हैं; अलग तत्वों के परमाणु अलग।
- परमाणु छोटी पूरी संख्याओं के अनुपात में जुड़कर यौगिक बनाते हैं। (इससे स्थिर अनुपात समझ आता है।)
- किसी यौगिक में परमाणुओं के प्रकार और संख्या तय होती है।
- परमाणु को अविभाज्य माना गया था।
आज हम जानते हैं: परमाणु इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन में बँट सकता है; एक ही तत्व के परमाणुओं का द्रव्यमान अलग हो सकता है (समस्थानिक); अलग तत्वों के परमाणुओं का द्रव्यमान एक हो सकता है (समभारिक)।
परमाणु, प्रतीक और परमाणु द्रव्यमान
परमाणु किसी तत्व का सबसे छोटा कण है जो अभिक्रिया में भाग लेता है। यह लगभग 10⁻¹⁰ m का होता है। हर तत्व का प्रतीक है: H, O, C, N, Na (लैटिन नेट्रियम), Fe (फ़ेरम), K (कैलियम), Cu (क्यूप्रम)। परमाणु द्रव्यमान इकाई (u) कार्बन-12 के एक परमाणु के द्रव्यमान का 1/12 है। इसलिए H ≈ 1 u, C = 12 u, O = 16 u।
अणु, आयन, आयनिक और सहसंयोजी यौगिक
अणु दो या ज़्यादा परमाणुओं का जुड़ा हुआ समूह है; यह किसी पदार्थ का सबसे छोटा कण है जो अकेले रह सकता है और उसके गुण दिखाता है।
- तत्व का अणु: एक जैसे परमाणु। O₂, N₂, H₂, Cl₂ (परमाणुकता 2), O₃ ओज़ोन (3), P₄ (4), S₈ (8)। He, Ar जैसी उत्कृष्ट गैसें अकेले परमाणु के रूप में रहती हैं (परमाणुकता 1)।
- यौगिक का अणु: अलग परमाणु तय अनुपात में। H₂O, CO₂, NH₃, CH₄।
परमाणुकता = एक अणु में परमाणुओं की संख्या।
आयन आवेश वाला परमाणु या परमाणुओं का समूह है। धनायन: Na⁺, Mg²⁺, NH₄⁺; ऋणायन: Cl⁻, O²⁻, SO₄²⁻। आवेश वाला परमाणु-समूह बहुपरमाणुक आयन है।
आयनिक यौगिक (आमतौर पर धातु + अधातु) आयनों से बने हैं जो एक-दूसरे को खींचते हैं: NaCl, MgO, CaCl₂। इनमें अणु नहीं होते; हम सूत्र इकाई कहते हैं। सहसंयोजी यौगिक (सिर्फ़ अधातु) अणुओं से बने हैं जिनमें परमाणु इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं: H₂O, CO₂, CH₄।
रासायनिक सूत्र लिखना
संयोजकता किसी परमाणु या आयन की जुड़ने की क्षमता है: वह कितने इलेक्ट्रॉन देता, लेता या साझा करता है। H = 1, Na = 1, Cl = 1, O = 2, Mg = 2, Ca = 2, Al = 3, N = 3 (NH₃ में), C = 4।
नियम:
- प्रतीक लिखो, धातु / धनायन पहले।
- हर प्रतीक के नीचे संयोजकता लिखो।
- संयोजकता क्रॉस करो; वे पादांक (नीचे की संख्या) बन जाती हैं।
- सबसे छोटे अनुपात में लाओ; 1 नहीं लिखते।
- बहुपरमाणुक आयन एक से ज़्यादा बार हो तो कोष्ठक लगाओ: Ca(OH)₂, (NH₄)₂SO₄।
उदाहरण: H (1) + Cl (1) → HCl। Mg (2) + Cl (1) → MgCl₂। Al (3) + O (2) → Al₂O₃। Ca (2) + O (2) → Ca₂O₂ → CaO। Al (3) + SO₄ (2) → Al₂(SO₄)₃। कुल धन आवेश हमेशा कुल ऋण आवेश के बराबर।
| मुख्य बहुपरमाणुक आयन | सूत्र |
|---|---|
| अमोनियम | NH₄⁺ |
| हाइड्रॉक्साइड | OH⁻ |
| नाइट्रेट | NO₃⁻ |
| कार्बोनेट | CO₃²⁻ |
| सल्फ़ेट | SO₄²⁻ |
| फ़ॉस्फ़ेट | PO₄³⁻ |
आण्विक द्रव्यमान और सूत्र इकाई द्रव्यमान
आण्विक द्रव्यमान = एक अणु के सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग, u में।
H₂O = 2 × 1 + 16 = 18 u। CO₂ = 12 + 2 × 16 = 44 u। H₂SO₄ = 2 × 1 + 32 + 4 × 16 = 98 u।
आयनिक यौगिकों के लिए सूत्र इकाई द्रव्यमान, उसी तरह सूत्र से: NaCl = 23 + 35.5 = 58.5 u। CaCO₃ = 40 + 12 + 3 × 16 = 100 u।
तरीका: हर तत्व लिखो, उसके परमाणु द्रव्यमान को परमाणुओं की संख्या से गुणा करो, फिर जोड़ो। 3D के आख़िरी चरण में इसे लाइन-दर-लाइन देखो।
आगे (ऊँची कक्षाओं में): किसी भी पदार्थ के 1 मोल में 6.022 × 10²³ कण होते हैं, और ग्राम में उसका द्रव्यमान आण्विक द्रव्यमान के बराबर होता है (18 g पानी = 1 मोल)।
करके देखो
- घर पर तराज़ू टेस्ट (किसी बड़े के साथ): छोटी बोतल में एक चम्मच खाने का सोडा और गुब्बारे में थोड़ा सिरका लो। गुब्बारा बोतल पर चढ़ाकर रसोई के तराज़ू पर तौलो। सिरका अंदर गिराओ। गुब्बारा गैस से फूलता है, पर रीडिंग नहीं बदलती।
- सूत्र का खेल: संयोजकता कार्ड बनाओ (Na 1, Mg 2, Al 3, Cl 1, O 2, SO₄ 2)। एक धन और एक ऋण कार्ड उठाकर क्रॉस करो। आवेश जोड़कर शून्य आए तो उत्तर सही।
- पहले अंदाज़ा, फिर जाँच: 3D में H₂SO₄ चुनने से पहले कागज़ पर उसका आण्विक द्रव्यमान निकालो, फिर लाइन-दर-लाइन जोड़ से मिलाओ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अभिकारकों का द्रव्यमान = उत्पादों का द्रव्यमान
- पानी: H : O = 1 : 8 (द्रव्यमान से)
- आण्विक द्रव्यमान = Σ (परमाणुओं की संख्या × परमाणु द्रव्यमान)
- परमाणु द्रव्यमान (u): H 1, C 12, N 14, O 16, Na 23, Mg 24, Al 27, S 32, Cl 35.5, K 39, Ca 40
- क्रॉस विधि: A (संयोजकता a) + B (संयोजकता b) → A_b B_a, फिर सरल करो
हल किए गए उदाहरण
1. 3 g कार्बन 8 g ऑक्सीजन में जलता है। कितनी कार्बन डाइऑक्साइड बनेगी? कौन-सा नियम?
उत्पाद = 3 + 8 = 11 g CO₂। द्रव्यमान संरक्षण का नियम।
2. हाइड्रोजन और ऑक्सीजन 1 : 8 में जुड़ते हैं। 3 g हाइड्रोजन से पूरी अभिक्रिया के लिए कितनी ऑक्सीजन चाहिए?
ऑक्सीजन = 8 × 3 = 24 g (और 27 g पानी बनता है)।
3. मैग्नीशियम क्लोराइड का सूत्र लिखो।
Mg संयोजकता 2, Cl संयोजकता 1। क्रॉस: Mg₁Cl₂ → MgCl₂। जाँच: +2 और 2 × (−1) = −2।
4. ऐलुमिनियम सल्फ़ेट का सूत्र लिखो।
Al संयोजकता 3, SO₄ संयोजकता 2। क्रॉस: Al₂(SO₄)₃। जाँच: +6 और −6।
5. अमोनिया NH₃ का आण्विक द्रव्यमान निकालो।
N: 1 × 14 = 14 u। H: 3 × 1 = 3 u। कुल = 17 u।
6. कैल्शियम कार्बोनेट CaCO₃ का सूत्र इकाई द्रव्यमान निकालो।
Ca: 40 u। C: 12 u। O: 3 × 16 = 48 u। कुल = 100 u।
7. ग्लूकोज़ C₆H₁₂O₆ का आण्विक द्रव्यमान निकालो।
C: 6 × 12 = 72 u। H: 12 × 1 = 12 u। O: 6 × 16 = 96 u। कुल = 180 u।
आम गलतियाँ
- सरल करना भूलना: Ca²⁺ + O²⁻ से CaO बनता है, Ca₂O₂ नहीं।
- बार-बार आने वाले बहुपरमाणुक आयन पर कोष्ठक न लगाना: Ca(OH)₂ लिखो, CaOH₂ नहीं।
- सिर्फ़ एक परमाणु गिनना: H₂SO₄ में O = 4 × 16 = 64 u, 16 u नहीं।
- NaCl को अणु कहना। यह आयनिक है; 'सूत्र इकाई द्रव्यमान' कहो।