द्रव्यमान संरक्षण का नियम
1780 के दशक में लवॉज़िए ने बंद बर्तनों में अभिक्रिया से पहले और बाद में ध्यान से तौला। उन्होंने पाया:
रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्य न बनाया जा सकता है, न नष्ट किया जा सकता है। अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान।
उदाहरण: 24 g मैग्नीशियम + 16 g ऑक्सीजन → 40 g मैग्नीशियम ऑक्साइड। जलती मोमबत्ती हल्की लगती है क्योंकि गैसें हवा में निकल जाती हैं; बंद जार में द्रव्यमान वही रहता है।
स्थिर (निश्चित) अनुपात का नियम
प्राउस्ट ने देखा कि शुद्ध कॉपर कार्बोनेट — लैब में बना हो या ज़मीन से निकला — उसमें कॉपर, कार्बन और ऑक्सीजन का प्रतिशत हमेशा एक जैसा।
किसी यौगिक में हमेशा वही तत्व, द्रव्यमान के उसी अनुपात में होते हैं, चाहे वह कहीं से आए।
पानी में हमेशा हाइड्रोजन : ऑक्सीजन = 1 : 8 (द्रव्यमान से)। 9 g पानी में 1 g H और 8 g O; 18 g में 2 g H और 16 g O।
गुणित अनुपात का नियम
डाल्टन ने देखा कि कुछ तत्व-जोड़े एक से ज़्यादा यौगिक बनाते हैं।
दो तत्व दो या अधिक यौगिक बनाएँ, तो एक तत्व के स्थिर द्रव्यमान से जुड़ने वाले दूसरे तत्व के द्रव्यमान छोटी पूर्ण संख्याओं के अनुपात में होते हैं।
- CO: 12 g C के साथ 16 g O। CO₂: 12 g C के साथ 32 g O। अनुपात 1 : 2।
- H₂O: 2 g H के साथ 16 g O। H₂O₂: 2 g H के साथ 32 g O। अनुपात 1 : 2।
जाँचने का तरीका: दोनों यौगिकों में एक तत्व का द्रव्यमान बराबर करो, फिर दूसरे की तुलना करो।
गे-लुसैक का गैसीय आयतन नियम
गे-लुसैक ने गैसों पर काम किया (1808)।
गैसें जब जुड़ती या बनती हैं, तो उनके आयतन सरल पूर्ण-संख्या अनुपात में होते हैं, बशर्ते सब आयतन एक ही ताप और दाब पर मापे गए हों।
2 आयतन हाइड्रोजन + 1 आयतन ऑक्सीजन → 2 आयतन भाप (2 : 1 : 2)। 1 आयतन H₂ + 1 आयतन Cl₂ → 2 आयतन HCl। यह नियम आयतन का है; स्थिर अनुपात नियम द्रव्यमान का।
आवोगाद्रो का नियम
आवोगाद्रो (1811) ने गे-लुसैक के अनुपात समझाए।
एक ही ताप और दाब पर सभी गैसों के बराबर आयतन में अणुओं की संख्या बराबर होती है।
इसलिए 2 L H₂ में 1 L O₂ से दुगुने अणु। उन्होंने यह भी कहा कि हाइड्रोजन और ऑक्सीजन दो-परमाणु अणु (H₂, O₂) के रूप में रहते हैं। तब 2 H₂ + O₂ → 2 H₂O ठीक 2 : 1 : 2 से मेल खाता है। उन्होंने परमाणु और अणु को अलग किया।
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत
1808 में डाल्टन ने अपना सिद्धांत दिया। मुख्य बातें:
- द्रव्य बहुत छोटे, अविभाज्य कणों — परमाणुओं — से बना है।
- एक तत्व के सब परमाणु एक जैसे, द्रव्यमान भी। अलग तत्वों के परमाणुओं का द्रव्यमान अलग।
- यौगिक तब बनते हैं जब अलग तत्वों के परमाणु छोटी पूर्ण संख्याओं के तय अनुपात में जुड़ते हैं।
- अभिक्रिया में परमाणु सिर्फ़ फिर से सजते हैं; न बनते हैं न नष्ट होते हैं।
नियमों की व्याख्या
बिंदु 4 से द्रव्यमान संरक्षण। बिंदु 3 से स्थिर और गुणित अनुपात।
कमियाँ
- गे-लुसैक का गैसीय आयतन नियम नहीं समझा सका।
- परमाणु क्यों जुड़ते हैं, और परमाणु-अणु का अंतर नहीं बताया।
- अब पता है कि परमाणु टूट सकता है (इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन) और एक तत्व के समस्थानिकों का द्रव्यमान अलग होता है।
घर पर करके देखो
प्लास्टिक की बोतल में थोड़ा खाने का सोडा और सिरका डालकर मुँह पर गुब्बारा बाँधो। झाग से पहले और बाद में रसोई के तराज़ू पर तौलो। द्रव्यमान वही रहेगा। फिर ऊपर 3D का स्लाइडर चलाओ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान
- यौगिक में द्रव्यमान अनुपात तय (पानी H : O = 1 : 8)
- A का स्थिर द्रव्यमान → B के द्रव्यमान छोटी पूर्ण संख्या अनुपात में
- गैसों के आयतन (समान T, P) सरल पूर्ण-संख्या अनुपात में
- बराबर आयतन (समान T, P) ⇒ बराबर अणु: V ∝ n
हल किए गए उदाहरण
1. 10 g कैल्शियम कार्बोनेट गरम करने पर 5.6 g कैल्शियम ऑक्साइड बचता है। कितनी कार्बन डाइऑक्साइड निकली?
पंक्ति 1: द्रव्यमान संरक्षण: CaCO₃ = CaO + CO₂। पंक्ति 2: 10 = 5.6 + m(CO₂)। पंक्ति 3: m(CO₂) = 4.4 g।
2. 0.24 g Mg जलकर 0.40 g ऑक्साइड देता है। दूसरे नमूने में 1.2 g Mg से 2.0 g ऑक्साइड। दिखाओ कि स्थिर अनुपात नियम लागू है।
पंक्ति 1: नमूना 1: O = 0.40 − 0.24 = 0.16 g। Mg : O = 3 : 2। पंक्ति 2: नमूना 2: O = 2.0 − 1.2 = 0.8 g। Mg : O = 1.2 : 0.8 = 3 : 2। पंक्ति 3: दोनों में एक ही अनुपात, नियम लागू।
3. 45 g पानी बनाने के लिए कितनी ऑक्सीजन चाहिए? (H : O = 1 : 8)
पंक्ति 1: 1 + 8 = 9 भाग। पंक्ति 2: ऑक्सीजन का हिस्सा 8/9। पंक्ति 3: m(O) = 45 × 8/9 = 40 g (H = 5 g)।
4. नाइट्रोजन के दो ऑक्साइड में 63.6% और 46.7% N है। दिखाओ कि गुणित अनुपात नियम लागू है।
पंक्ति 1: ऑक्साइड 1: 1 g N पर O = 36.4/63.6 = 0.572 g। पंक्ति 2: ऑक्साइड 2: 1 g N पर O = 53.3/46.7 = 1.141 g। पंक्ति 3: 0.572 : 1.141 ≈ 1 : 2। नियम लागू (ये N₂O और NO हैं)।
5. एक ही T और P पर 60 mL हाइड्रोजन कितनी ऑक्सीजन से भाप बनाएगी? कितनी भाप बनेगी?
पंक्ति 1: 2 H₂ + O₂ → 2 H₂O (2 : 1 : 2)। पंक्ति 2: O₂ = 60 × 1/2 = 30 mL। पंक्ति 3: भाप = 60 mL।
6. समान T, P पर हाइड्रोजन का एक फ्लास्क और उतना ही बड़ा CO₂ का फ्लास्क है। H₂ फ्लास्क में 3 × 10²² अणु हैं। CO₂ में कितने, और कौन भारी?
पंक्ति 1: आवोगाद्रो: बराबर आयतन → बराबर अणु। पंक्ति 2: CO₂ में भी 3 × 10²² अणु। पंक्ति 3: CO₂ (44 u) H₂ (2 u) से भारी, इसलिए CO₂ फ्लास्क 22 गुना भारी।
आम गलतियाँ
- जलती मोमबत्ती को द्रव्यमान संरक्षण के खिलाफ़ मानना। बनी गैसें उड़ जाती हैं; बंद जार में तौलो।
- स्थिर अनुपात (एक यौगिक, तय अनुपात) और गुणित अनुपात (दो यौगिक, एक तत्व स्थिर करके तुलना) को मिला देना।
- गे-लुसैक का आयतन अनुपात ठोस-द्रव पर या अलग T, P पर लगाना।
- बराबर आयतन की गैसों का द्रव्यमान बराबर मानना। अणु बराबर होते हैं, द्रव्यमान नहीं।