Ukraine 8 клас Chemistry
अध्याय: 4
1. Quantitative laws of chemistry
Formulas of binary compounds · Relative masses and mass fraction · Molar mass and amount of substance
- परमाणु और अणु – रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न बनता है, न नष्ट होता है (द्रव्यमान संरक्षण), और यौगिक में तत्व हमेशा द्रव्यमान के एक ही अनुपात में होते हैं (स्थिर अनुपात)। डाल्टन ने दोनों को समझाया: पदार्थ छोटे-छोटे परमाणुओं से बना है जो पूरी संख्याओं में जुड़ते हैं। परमाणु जुड़कर अणु बनाते हैं; आवेश वाले परमाणु या समूह आयन हैं। सूत्र संयोजकता को क्रॉस करके लिखते हैं। आण्विक द्रव्यमान (आयनिक यौगिक के लिए सूत्र इकाई द्रव्यमान) सूत्र के सभी परमाणु द्रव्यमानों का योग है, u में।
2. Gases of the environment
Air and oxygen · Ozone · Gas laws in chemistry · Oxides and water; hydrogen · Carbon oxides, methane and climate
- ऑक्सीजन – ऑक्सीजन (O, परमाणु क्रमांक 8) रंगहीन, गंधहीन गैस है जो आयतन के हिसाब से हवा का लगभग 21% है। यह O₂ अणुओं के रूप में रहती है। प्रयोगशाला में इसे मैंगनीज़ डाइऑक्साइड उत्प्रेरक की मदद से हाइड्रोजन पेरॉक्साइड को तोड़कर (2H₂O₂ → 2H₂O + O₂) या पोटैशियम परमैंगनेट गरम करके बनाते हैं; उद्योग में द्रव वायु के प्रभाजी आसवन से। यह सुलगती तीली को फिर जला देती है। ऑक्सीजन दहन और श्वसन में मदद करती है और ज़्यादातर तत्वों से ऑक्साइड बनाती है: धातु ऑक्साइड क्षारीय, अधातु ऑक्साइड ज़्यादातर अम्लीय। इसका दूसरा रूप ओज़ोन (O₃) पृथ्वी को UV किरणों से बचाता है।
- आवोगाद्रो का नियम: बराबर आयतन, बराबर अणु – आवोगाद्रो का नियम: एक ही ताप और दाब पर, सभी गैसों के बराबर आयतन में अणुओं की संख्या बराबर होती है। इसलिए आयतन मोलों की संख्या के समानुपाती है: V ∝ n, यानी V₁/n₁ = V₂/n₂। STP (0 °C, 101.3 kPa) पर किसी भी गैस का 1 मोल 22.4 L लेता है (मोलर आयतन Vm)। काम के सूत्र: n = V ÷ Vm, N = n × 6.02 × 10²³, m = n × M। बराबर आयतन का द्रव्यमान अलग होता है, इसलिए सापेक्ष घनत्व D = M₁ ÷ M₂ (हाइड्रोजन के सापेक्ष M ÷ 2, हवा के सापेक्ष M ÷ 29)। गैस अभिक्रियाओं में आयतन समीकरण के गुणांकों के अनुपात में होते हैं (2H₂ + O₂ → 2H₂O: 2 : 1 : 2)।
- हाइड्रोजन: सबसे हल्का तत्व – हाइड्रोजन (H) तत्व संख्या 1 है: एक प्रोटॉन और एक इलेक्ट्रॉन। यह H₂ अणुओं के रूप में रहता है, एक रंगहीन, गंधहीन गैस जो सभी गैसों में सबसे कम घनत्व वाली है और पानी में लगभग नहीं घुलती। प्रयोगशाला में इसे सक्रिय धातु और तनु अम्ल से बनाते हैं (Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂) और पानी के ऊपर इकट्ठा करते हैं। यह पॉप की आवाज़ के साथ जलकर सिर्फ़ पानी बनाती है। अधातुओं से मिलकर यह HCl, NH₃ और H₂S जैसे हाइड्राइड बनाती है और कुछ धातु ऑक्साइडों का अपचयन करती है। इसके तीन समस्थानिक हैं: प्रोटियम, ड्यूटीरियम और ट्रिटियम। उपयोग: अमोनिया और उर्वरक, वनस्पति घी, रॉकेट ईंधन और ईंधन सेल।
- ग्रीनहाउस प्रभाव – सूर्य पृथ्वी को दृश्य प्रकाश से गर्म करता है। लगभग 30% प्रकाश सीधे अंतरिक्ष में लौट जाता है (एल्बिडो ≈ 0.30)। बाक़ी ज़मीन को गर्म करता है, और गर्म ज़मीन अवरक्त विकिरण छोड़ती है। ग्रीनहाउस गैसें – जलवाष्प, कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड – दृश्य प्रकाश को जाने देती हैं, पर अवरक्त को सोखकर उसका कुछ भाग वापस नीचे भेजती हैं। पृथ्वी उस तापमान पर टिकती है जहाँ आने वाली ऊर्जा = जाने वाली ऊर्जा। इन गैसों के बिना औसत तापमान लगभग −18 °C होता; इनके साथ लगभग +15 °C है। ईंधन जलाने, खेती और कूड़े के ढेरों से CO₂ और CH₄ बढ़ने पर यह प्रभाव तेज़ होता है और धरती गर्म होती है।
3. Structure of the atom
Atomic structure · Electron shells and properties of elements · Periodic law and periodic table
- परमाणु की संरचना – परमाणु के बीच में एक बहुत छोटा, भारी और धनावेशित नाभिक होता है, जिसमें प्रोटॉन और न्यूट्रॉन रहते हैं। इलेक्ट्रॉन इसके चारों ओर तय कोशों K, L, M, N में घूमते हैं। प्रोटॉन की संख्या (Z) से तत्व तय होता है; प्रोटॉन + न्यूट्रॉन = द्रव्यमान संख्या (A)। बाहरी इलेक्ट्रॉन संयोजकता तय करते हैं।
- क्वांटम यांत्रिक मॉडल: क्वांटम संख्याएँ, कक्षक और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास – चलते इलेक्ट्रॉन तरंग जैसे भी हैं: λ = h/mv (दे ब्रॉग्ली)। इसलिए स्थिति और संवेग एक साथ ठीक-ठीक नहीं जान सकते: Δx·Δp ≥ h/4π (हाइज़ेनबर्ग)। इसलिए पक्की कक्षाएँ छोड़कर कक्षक (orbital) लेते हैं: वह जगह जहाँ इलेक्ट्रॉन मिलने की संभावना ज़्यादा है (श्रोडिंगर समीकरण, ψ² = संभावना)। चार क्वांटम संख्याएँ हर इलेक्ट्रॉन बताती हैं: n (कोश, आकार, ऊर्जा), l (उपकोश, आकृति: 0 से n−1), mₗ (दिशा: −l से +l) और mₛ (चक्रण: +½ या −½)। s गोल, p डम्बल, d ज़्यादातर चार पत्ती जैसा। इलेक्ट्रॉन आउफबाऊ (n + l), पाउली (अधिकतम 2, उल्टे चक्रण) और हुंड (पहले अकेले) नियम से भरते हैं। आधे और पूरे भरे उपकोश ज़्यादा स्थायी, इसलिए Cr = 3d⁵4s¹ और Cu = 3d¹⁰4s¹।
- तत्वों का आवर्त वर्गीकरण – वैज्ञानिकों ने मिलते-जुलते तत्वों को एक साथ रखने की कोशिश की। डॉबेराइनर ने त्रिक बनाए, न्यूलैंड्स ने देखा कि हर 8वाँ तत्व पहले जैसा है (अष्टक), मेंडेलीफ़ ने परमाणु द्रव्यमान के क्रम में तत्व रखे और अनजान तत्वों के लिए खाली जगह छोड़ी। मोसले ने बताया कि असली आधार परमाणु संख्या है। आधुनिक आवर्त नियम: तत्वों के गुण उनकी परमाणु संख्या के आवर्ती फलन हैं। आधुनिक सारणी में 7 आवर्त और 18 वर्ग हैं। Z > 100 वाले तत्वों के अस्थायी IUPAC नाम अंकों के मूल (nil, un, bi, tri, quad, pent, hex, sept, oct, enn) + ium से बनते हैं।
4. Structure of substances
Covalent bonding · Ionic bonding and crystals
- ठोस अवस्था (Solid State) – ठोस में कण पास-पास होते हैं और अपनी जगह पर सिर्फ़ कंपन करते हैं, इसलिए ठोस का आकार तय रहता है। क्रिस्टलीय ठोस में कण एक नियमित पैटर्न में दोहराते हैं; अक्रिस्टलीय ठोस (जैसे काँच) में नहीं। सबसे छोटा दोहराने वाला डिब्बा एकक कोष्ठिका है। सरल घन में 1, अंतःकेंद्रित घन में 2 और फलक-केंद्रित घन में 4 कण होते हैं। बंधन के आधार पर क्रिस्टल आयनिक, सहसंयोजक जालक, आण्विक या धात्विक होते हैं।