हाइड्रोजन क्या है?
हाइड्रोजन आवर्त सारणी का पहला तत्व है। इसके परमाणु में 1 प्रोटॉन और 1 इलेक्ट्रॉन होता है। ज़्यादातर हाइड्रोजन परमाणुओं में कोई न्यूट्रॉन नहीं होता।
यह ब्रह्मांड में सबसे ज़्यादा पाया जाने वाला तत्व है। सूर्य जैसे तारे ज़्यादातर हाइड्रोजन से बने हैं। पृथ्वी पर यह ज़्यादातर पानी (H₂O) और जीवों में बँधा रहता है।
आवर्त सारणी में इसकी जगह
हाइड्रोजन में 1 बाहरी इलेक्ट्रॉन है, लीथियम और सोडियम की तरह, इसलिए इसे अक्सर समूह 1 के ऊपर रखते हैं। पर यह अधातु गैस है और 1 इलेक्ट्रॉन लेकर H⁻ भी बना सकती है, हैलोजन की तरह। इसलिए यह किसी एक समूह में पूरी तरह फ़िट नहीं होती।
समस्थानिक (isotopes)
- प्रोटियम ¹H: 0 न्यूट्रॉन (लगभग सारा हाइड्रोजन)।
- ड्यूटीरियम ²H या D: 1 न्यूट्रॉन। D₂O को "भारी जल" कहते हैं।
- ट्रिटियम ³H या T: 2 न्यूट्रॉन, रेडियोधर्मी।
समस्थानिकों में इलेक्ट्रॉन बराबर होते हैं, इसलिए उनका रसायन एक जैसा होता है।
हाइड्रोजन के भौतिक गुण
- रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन गैस।
- सभी गैसों में सबसे हल्की: लगभग 0.09 g प्रति लीटर, हवा से लगभग 14 गुना हल्की। इससे भरा गुब्बारा ऊपर उड़ता है।
- पानी में लगभग नहीं घुलती।
- −253 °C पर उबलती है, इसलिए कमरे के ताप पर गैस है।
- H₂ अणुओं से बनी है जिनमें एक सहसंयोजक आबंध (H–H) है।
हाइड्रोजन बनाना और उसकी पहचान
प्रयोगशाला में
दानेदार ज़िंक को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल या तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल में डालिए:
Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂ या Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂
गैस को पानी के ऊपर इकट्ठा करते हैं (यह घुलती नहीं), या उल्टे जार में हवा के अधोमुखी विस्थापन से (यह हवा से हल्की है)।
दूसरे तरीके
- बहुत सक्रिय धातुएँ पानी के साथ: 2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂।
- पानी का विद्युत अपघटन: 2H₂O → 2H₂ + O₂ (हाइड्रोजन ऋण इलेक्ट्रोड पर)। सौर या पवन बिजली से बनी हो तो इसे "हरित हाइड्रोजन" कहते हैं।
- उद्योग में ज़्यादातर हाइड्रोजन प्राकृतिक गैस और भाप से बनती है: CH₄ + H₂O → CO + 3H₂।
पॉप परीक्षण
गैस भरी परखनली के मुँह पर जलती तीली लाइए। हाइड्रोजन पॉप की आवाज़ के साथ जलती है। हवा मिली हाइड्रोजन का बड़ा जार कभी न जलाएँ: मिश्रण फट सकता है।
रासायनिक गुण: हाइड्रोजन की अभिक्रियाएँ
ऑक्सीजन के साथ
2H₂ + O₂ → 2H₂O। बहुत ऊष्मा निकलती है। इसीलिए हाइड्रोजन ईंधन है।
दूसरी अधातुओं के साथ (हाइड्राइड बनाना)
हाइड्राइड वह यौगिक है जिसमें हाइड्रोजन और सिर्फ़ एक दूसरा तत्व हो।
- हाइड्रोजन क्लोराइड: H₂ + Cl₂ → 2HCl। रंगहीन गैस, पानी में बहुत घुलकर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल बनाती है। स्टील साफ़ करने और PVC बनाने में काम आती है।
- अमोनिया: N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃ (हेबर प्रक्रम: आयरन उत्प्रेरक, लगभग 450 °C, लगभग 200 atm)। तीखी गंध वाली रंगहीन गैस, पानी में बहुत घुलती है, क्षारीय विलयन बनाती है। उर्वरक, नाइट्रिक अम्ल और सफ़ाई के घोल बनाने में काम आती है।
- हाइड्रोजन सल्फ़ाइड: H₂ + S → H₂S। सड़े अंडे जैसी गंध वाली ज़हरीली गैस। हवा के बिना सड़ने पर और ज्वालामुखी गैस में बनती है; लेड एसीटेट पेपर को काला कर देती है।
धातु ऑक्साइड के साथ (अपचयन)
गर्म हाइड्रोजन कुछ धातु ऑक्साइडों से ऑक्सीजन छीन लेती है: CuO + H₂ → Cu + H₂O। काला पाउडर गुलाबी-भूरा कॉपर बन जाता है। हाइड्रोजन अपचायक है।
बहुत सक्रिय धातुओं के साथ
सोडियम या कैल्शियम गर्म हाइड्रोजन से NaH जैसे आयनिक हाइड्राइड बनाते हैं, जिनमें हाइड्रोजन H⁻ होता है।
हाइड्रोजन के उपयोग और ईंधन के रूप में हाइड्रोजन
- उर्वरकों के लिए अमोनिया बनाना (सबसे बड़ा उपयोग)।
- वनस्पति तेल को ठोस घी में बदलना (हाइड्रोजनीकरण, वनस्पति घी)।
- द्रव ऑक्सीजन के साथ द्रव हाइड्रोजन रॉकेट ईंधन के रूप में।
- ईंधन सेल जो हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से सीधे बिजली बनाते हैं, बसों और कारों के लिए।
- टंगस्टन जैसी धातुएँ उनके ऑक्साइड से निकालना।
हाइड्रोजन ईंधन के अच्छे और कठिन पहलू
अच्छा: लगभग 142 kJ प्रति ग्राम, पेट्रोल का लगभग तीन गुना; उत्पाद सिर्फ़ पानी। कठिन: इसे रखना मुश्किल है (बहुत हल्की गैस, ऊँचा दाब या बहुत ठंडी टंकी चाहिए), आसानी से रिसती है और हवा के साथ विस्फोट से जलती है, और यह तभी "स्वच्छ" है जब इसे बनाने की ऊर्जा स्वच्छ हो।
करके देखिए
3D के आख़िरी चरण में 4 g हाइड्रोजन चुनिए। देखने से पहले अनुमान लगाइए कि कितना पानी बनेगा (संकेत: 2 g H₂ से 18 g H₂O)।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂ (प्रयोगशाला विधि)
- 2H₂ + O₂ → 2H₂O (जलना; पॉप परीक्षण)
- H₂ + Cl₂ → 2HCl
- N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃ (हेबर प्रक्रम)
- H₂ + S → H₂S
- CuO + H₂ → Cu + H₂O (अपचयन)
- 2H₂O → 2H₂ + O₂ (विद्युत अपघटन)
हल किए गए उदाहरण
1. मैग्नीशियम रिबन को तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल में डालने पर कौन-सी गैस बनती है? समीकरण लिखिए।
हाइड्रोजन गैस बनती है। Mg + H₂SO₄ → MgSO₄ + H₂। पहचान: जलती तीली से पॉप की आवाज़।
2. 4 g हाइड्रोजन पूरी तरह जलने पर कितने ग्राम पानी बनेगा?
2H₂ + O₂ → 2H₂O। 2 mol H₂ (4 g) से 2 mol H₂O (2 × 18 = 36 g)। यानी 36 g पानी।
3. हाइड्रोजन को पानी के ऊपर इकट्ठा कर सकते हैं, अमोनिया को क्यों नहीं?
हाइड्रोजन पानी में लगभग नहीं घुलती, इसलिए जार में गैस बनी रहती है। अमोनिया पानी में बहुत घुलती है, इसलिए पानी में ग़ायब हो जाएगी। अमोनिया को हवा के अधोमुखी विस्थापन से इकट्ठा करते हैं।
4. CuO + H₂ → Cu + H₂O में किसका अपचयन हुआ और अपचायक कौन है?
कॉपर(II) ऑक्साइड ने ऑक्सीजन खोई, इसलिए उसका अपचयन हुआ। हाइड्रोजन ने ऑक्सीजन ली (पानी बनी), इसलिए हाइड्रोजन अपचायक है।
5. अमोनिया के 2 अणु बनाने में कितने हाइड्रोजन अणु लगते हैं?
N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃। यानी 3 H₂ अणु (और 1 N₂ अणु) से 2 NH₃ बनते हैं।
6. 5 g हाइड्रोजन जलाने पर लगभग कितनी ऊर्जा निकलेगी?
लगभग 142 kJ प्रति ग्राम, इसलिए 5 × 142 = 710 kJ।
आम गलतियाँ
- हाइड्रोजन गैस को H लिखना। मुक्त हाइड्रोजन अणु है, H₂; समीकरण हमेशा H₂ से संतुलित कीजिए।
- परीक्षण मिला देना: पॉप की आवाज़ हाइड्रोजन, सुलगती तीली का फिर जलना ऑक्सीजन, चूने के पानी का दूधिया होना कार्बन डाइऑक्साइड।
- सोचना कि समस्थानिकों का रसायन अलग है। तीनों में 1 प्रोटॉन और 1 इलेक्ट्रॉन है, इसलिए अभिक्रियाएँ एक जैसी हैं (सिर्फ़ द्रव्यमान अलग)।
- हाइड्रोजन ईंधन को हमेशा स्वच्छ मानना। जलने पर सिर्फ़ पानी बनता है, पर प्राकृतिक गैस से इसे बनाने में कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है।