Poland Szkoła podstawowa, klasa VII Chemistry
अध्याय: 5
1. Substances and their properties
Everyday substances and lab safety · Mixtures, elements and compounds
- प्रयोगशाला सुरक्षा और सुरक्षित प्रयोग – सुरक्षा पहनावा (गॉगल्स, कोट, बंद जूते, बँधे बाल)। लेबल और ख़तरा चिह्न पढ़ें। परखनली का मुँह दूर रखकर धीरे गरम करें। अम्ल को पानी में डालें, गंध हवा करके लें, कभी न चखें। हर दुर्घटना तुरंत बताएँ। प्रयोग की योजना बनाएँ, पहले जोखिम आँकें और कचरा सही जगह डालें।
- मिश्रण और उनका पृथक्करण – मिश्रण में दो या ज़्यादा पदार्थ किसी भी अनुपात में मिले होते हैं और हर पदार्थ अपने गुण बनाए रखता है। समांगी मिश्रण (विलयन) हर जगह एक जैसा दिखता है, विषमांगी नहीं। कण के आकार से: विलयन (< 1 nm), कोलॉइड (1–1000 nm), निलंबन (> 1000 nm)। कोलॉइड प्रकाश फैलाता है (टिंडल प्रभाव)। सांद्रता बताती है कि विलयन में कितना विलेय है। मिश्रण को उसके हिस्सों के अंतर से अलग करते हैं: वाष्पीकरण, क्रिस्टलीकरण, आसवन, क्रोमैटोग्राफी, ऊर्ध्वपातन, अपकेंद्रण और स्कंदन।
2. Internal structure of matter
Atoms and the periodic table · Chemical bonds · Valency and oxides
- परमाणु की संरचना – परमाणु के बीच में एक बहुत छोटा, भारी और धनावेशित नाभिक होता है, जिसमें प्रोटॉन और न्यूट्रॉन रहते हैं। इलेक्ट्रॉन इसके चारों ओर तय कोशों K, L, M, N में घूमते हैं। प्रोटॉन की संख्या (Z) से तत्व तय होता है; प्रोटॉन + न्यूट्रॉन = द्रव्यमान संख्या (A)। बाहरी इलेक्ट्रॉन संयोजकता तय करते हैं।
3. Chemical reactions
Physical and chemical changes; equations
जल्द आ रहा है
4. Oxygen, hydrogen and their compounds; air
Oxygen, oxides and carbon dioxide · Hydrogen and hydrides · Air
- ऑक्सीजन – ऑक्सीजन (O, परमाणु क्रमांक 8) रंगहीन, गंधहीन गैस है जो आयतन के हिसाब से हवा का लगभग 21% है। यह O₂ अणुओं के रूप में रहती है। प्रयोगशाला में इसे मैंगनीज़ डाइऑक्साइड उत्प्रेरक की मदद से हाइड्रोजन पेरॉक्साइड को तोड़कर (2H₂O₂ → 2H₂O + O₂) या पोटैशियम परमैंगनेट गरम करके बनाते हैं; उद्योग में द्रव वायु के प्रभाजी आसवन से। यह सुलगती तीली को फिर जला देती है। ऑक्सीजन दहन और श्वसन में मदद करती है और ज़्यादातर तत्वों से ऑक्साइड बनाती है: धातु ऑक्साइड क्षारीय, अधातु ऑक्साइड ज़्यादातर अम्लीय। इसका दूसरा रूप ओज़ोन (O₃) पृथ्वी को UV किरणों से बचाता है।
- हाइड्रोजन: सबसे हल्का तत्व – हाइड्रोजन (H) तत्व संख्या 1 है: एक प्रोटॉन और एक इलेक्ट्रॉन। यह H₂ अणुओं के रूप में रहता है, एक रंगहीन, गंधहीन गैस जो सभी गैसों में सबसे कम घनत्व वाली है और पानी में लगभग नहीं घुलती। प्रयोगशाला में इसे सक्रिय धातु और तनु अम्ल से बनाते हैं (Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂) और पानी के ऊपर इकट्ठा करते हैं। यह पॉप की आवाज़ के साथ जलकर सिर्फ़ पानी बनाती है। अधातुओं से मिलकर यह HCl, NH₃ और H₂S जैसे हाइड्राइड बनाती है और कुछ धातु ऑक्साइडों का अपचयन करती है। इसके तीन समस्थानिक हैं: प्रोटियम, ड्यूटीरियम और ट्रिटियम। उपयोग: अमोनिया और उर्वरक, वनस्पति घी, रॉकेट ईंधन और ईंधन सेल।
- वायु का संघटन – हवा कई गैसों का मिश्रण है। आयतन के हिसाब से सूखी हवा में लगभग 78% नाइट्रोजन, 21% ऑक्सीजन, 0.93% आर्गन और 0.04% कार्बन डाइऑक्साइड होती है, साथ में दूसरी उत्कृष्ट गैसें बहुत थोड़ी। जलवाष्प 0 से लगभग 4% तक बदलती रहती है। बंद नली में लोहे को जंग लगने देकर (या फ़ॉस्फ़ोरस जलाकर) हम ऑक्सीजन नाप सकते हैं: पानी लगभग 1/5 ऊपर चढ़ता है। धुआँ, सल्फ़र डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे प्रदूषक हवा को हानिकारक बनाते हैं, और हम इन्हें कम कर सकते हैं।
5. Water and aqueous solutions
Water as a solvent · Solubility and concentration
- जल: छोटा-सा अणु जो जीवन संभव बनाता है – जल का अणु (H₂O) मुड़ा हुआ और ध्रुवीय है: ऑक्सीजन थोड़ा ऋण आवेशित और हाइड्रोजन थोड़े धन आवेशित। इसी कारण जल के अणु हाइड्रोजन बंध से आपस में चिपकते हैं। इन्हीं बंधों से जल बहुत-से पदार्थ घोलता है, बहुत ऊष्मा जमा करता है, भाप बनने में बहुत ऊर्जा लेता है, आपस में (संसंजन) और सतहों से (आसंजन) चिपकता है, और बर्फ़ तैरती है। जीव जल को अभिक्रियाओं, परिवहन और कोशिकाओं को कसा रखने में भी इस्तेमाल करते हैं। जल में घुले खनिज लवण Na⁺, K⁺, Ca²⁺, Fe²⁺ और फ़ॉस्फ़ेट जैसे आयन देते हैं।
- विलयन: चीज़ें कैसे घुलती हैं और कितनी घुल सकती हैं – विलयन विलायक में घुले विलेय का समांगी मिश्रण है। पानी में (जलीय विलयन) विलेय इतने छोटे कणों में टूटता है कि दिखता नहीं, नीचे नहीं बैठता और फ़िल्टर पेपर से निकल जाता है। सांद्रता बताती है कितना विलेय है (द्रव्यमान % = विलेय ÷ विलयन × 100)। विलेयता किसी ताप पर 100 g विलायक में घुल सकने वाली अधिकतम मात्रा है; उसके बाद विलयन संतृप्त है। वाष्पीकरण, क्रिस्टलीकरण और आसवन से विलयन अलग होता है।