अम्ल और क्षारक क्या हैं?
अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं (नींबू, इमली, सिरका) और नीले लिटमस को लाल कर देते हैं। क्षारक कड़वे और छूने में साबुन जैसे चिकने लगते हैं; ये लाल लिटमस को नीला करते हैं। प्रयोगशाला के रसायन कभी न चखें।
रोज़ के जीवन के अम्ल और क्षारक
- प्राकृतिक अम्ल: सिट्रिक अम्ल (नींबू, संतरा), लैक्टिक अम्ल (दही), ऐसीटिक अम्ल (सिरका), टार्टरिक अम्ल (इमली), मेथेनॉइक अम्ल (चींटी व मधुमक्खी का डंक, बिच्छू-बूटी), ऑक्सैलिक अम्ल (टमाटर)।
- खनिज अम्ल: हाइड्रोक्लोरिक अम्ल HCl, सल्फ़्यूरिक अम्ल H₂SO₄, नाइट्रिक अम्ल HNO₃।
- क्षारक: NaOH, KOH, Ca(OH)₂ (चूने का पानी), Mg(OH)₂ (मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया), NH₄OH।
जो क्षारक पानी में घुल जाए उसे क्षार (alkali) कहते हैं। सभी क्षार क्षारक हैं, पर सभी क्षारक क्षार नहीं; कॉपर ऑक्साइड क्षारक है पर पानी में नहीं घुलता।
सूचक: प्राकृतिक, संश्लेषित और गंधीय
सूचक (indicator) वह पदार्थ है जो रंग या गंध बदलकर बताता है कि घोल अम्लीय है या क्षारीय।
| सूचक | अम्ल में | क्षारक में |
|---|---|---|
| लिटमस (लाइकेन से) | नीला → लाल | लाल → नीला |
| फ़िनॉल्फ़्थेलिन | रंगहीन | गुलाबी |
| मेथिल ऑरेंज | लाल | पीला |
| हल्दी | पीली ही रहती है | लाल-भूरी |
| लाल पत्तागोभी का रस | लाल/गुलाबी | हरा |
गंधीय सूचक (olfactory indicators)
कुछ पदार्थों की गंध बदलती है। प्याज़, वनीला एसेंस और लौंग का तेल क्षारक में अपनी गंध खो देते हैं, पर अम्ल में गंध बनी रहती है। ये उन विद्यार्थियों के काम आते हैं जो रंग नहीं देख पाते।
कपड़े पर लगा हल्दी वाली सब्ज़ी का पीला दाग़ साबुन से धोने पर लाल-भूरा हो जाता है, क्योंकि साबुन क्षारीय है। फिर सादे पानी से धोने पर पीला रंग लौट आता है।
अम्ल और क्षारक के रासायनिक गुण
1. अम्ल + धातु → लवण + हाइड्रोजन गैस
Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂↑। जलती तीली पास लाने पर गैस पॉप की आवाज़ के साथ जलती है: यही हाइड्रोजन की पहचान है।
2. क्षारक + धातु (कुछ धातुएँ ही)
2NaOH + Zn → Na₂ZnO₂ (सोडियम ज़िंकेट) + H₂↑।
3. अम्ल + धातु कार्बोनेट / हाइड्रोजनकार्बोनेट → लवण + जल + कार्बन डाइऑक्साइड
Na₂CO₃ + 2HCl → 2NaCl + H₂O + CO₂↑ और NaHCO₃ + HCl → NaCl + H₂O + CO₂↑। CO₂ चूने के पानी को दूधिया कर देती है (CaCO₃ बनता है); ज़्यादा CO₂ से यह फिर साफ़ हो जाता है (घुलनशील Ca(HCO₃)₂)।
4. अम्ल + क्षारक → लवण + जल (उदासीनीकरण)
NaOH + HCl → NaCl + H₂O। इसमें ऊष्मा निकलती है, यानी यह ऊष्माक्षेपी है।
5. अम्ल + धात्विक ऑक्साइड → लवण + जल
CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O। काला कॉपर ऑक्साइड घुल जाता है और घोल नीला-हरा हो जाता है। इसलिए धात्विक ऑक्साइड क्षारकीय होते हैं।
6. क्षारक + अधात्विक ऑक्साइड → लवण + जल
Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O। इसलिए अधात्विक ऑक्साइड अम्लीय होते हैं।
सभी अम्लों और क्षारकों में समान क्या है?
ग्लूकोज़ और ऐल्कोहॉल में भी हाइड्रोजन है, पर वे अम्ल नहीं हैं। फ़र्क़ यह है कि अम्ल पानी में H⁺ आयन देता है। H⁺ अकेला नहीं रह सकता, वह पानी के अणु से जुड़कर हाइड्रोनियम आयन H₃O⁺ बनाता है: HCl + H₂O → H₃O⁺ + Cl⁻।
क्षारक पानी में OH⁻ आयन देता है: NaOH → Na⁺ + OH⁻।
परिपथ से प्रमाण: तनु HCl या H₂SO₄ में दो इलेक्ट्रोड डालें तो बल्ब जलता है, पर ग्लूकोज़ या ऐल्कोहॉल के घोल में नहीं। धारा आयन ले जाते हैं।
पानी ज़रूरी क्यों: सूखी HCl गैस सूखे नीले लिटमस को नहीं बदलती, पर गीले लिटमस को लाल कर देती है, क्योंकि H⁺ आयन पानी में ही बनते हैं।
अम्ल को सुरक्षित तनु करना
अम्ल या क्षारक को पानी में मिलाना तेज़ ऊष्माक्षेपी है। हमेशा अम्ल को पानी में धीरे-धीरे, हिलाते हुए डालें; पानी को अम्ल में कभी नहीं, वरना मिश्रण उछल सकता है और काँच टूट सकता है।
आयनों की भाषा में उदासीनीकरण
H⁺ + OH⁻ → H₂O। बाकी आयन (Na⁺, Cl⁻) लवण के रूप में बचते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पानी में अम्ल: HCl + H₂O → H₃O⁺ + Cl⁻
- पानी में क्षारक: NaOH → Na⁺ + OH⁻
- अम्ल + धातु → लवण + H₂
- अम्ल + कार्बोनेट/हाइड्रोजनकार्बोनेट → लवण + H₂O + CO₂
- अम्ल + क्षारक → लवण + जल (उदासीनीकरण): H⁺ + OH⁻ → H₂O
- धात्विक ऑक्साइड + अम्ल → लवण + जल (धात्विक ऑक्साइड क्षारकीय)
- अधात्विक ऑक्साइड + क्षारक → लवण + जल (अधात्विक ऑक्साइड अम्लीय)
हल किए गए उदाहरण
1. तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल में ज़िंक के दाने डाले गए। कौन-सी गैस बनेगी और उसकी जाँच कैसे करेंगे?
Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂। गैस हाइड्रोजन है। नली के मुँह पर जलती तीली लाएँ: गैस पॉप की आवाज़ के साथ जलेगी।
2. दही या अचार पीतल या ताँबे के बर्तन में क्यों नहीं रखते?
दही और अचार में अम्ल होते हैं। अम्ल ताँबा और ज़िंक (पीतल में) जैसी धातुओं से अभिक्रिया करके हानिकारक लवण बनाते हैं और स्वाद बिगड़ जाता है। इसलिए काँच, स्टील या चीनी मिट्टी के बर्तन ठीक हैं।
3. धातु यौगिक A तनु HCl से अभिक्रिया करके ऐसी गैस देता है जो चूने के पानी को दूधिया करती है। बचे घोल में कैल्सियम क्लोराइड है। A पहचानिए और समीकरण लिखिए।
गैस CO₂ है, अतः A कार्बोनेट है; लवण CaCl₂ है, अतः धातु कैल्सियम है। A = CaCO₃। CaCO₃ + 2HCl → CaCl₂ + H₂O + CO₂।
4. काले कॉपर ऑक्साइड में तनु HCl डाला गया। क्या दिखेगा और इससे क्या सिद्ध होता है?
काला चूर्ण घुल जाता है और घोल नीला-हरा (CuCl₂) हो जाता है। CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O। धात्विक ऑक्साइड अम्ल से लवण और जल देता है, अतः धात्विक ऑक्साइड क्षारकीय होते हैं।
5. सूखी HCl गैस सूखे नीले लिटमस को लाल क्यों नहीं करती?
अम्ल का गुण H⁺ आयनों से आता है और HCl पानी में ही H⁺ देता है। पानी नहीं तो H⁺ नहीं, इसलिए रंग नहीं बदलता। गीला लिटमस लाल हो जाता है।
आम गलतियाँ
- हर हाइड्रोजन वाले यौगिक को अम्ल मान लेना। ग्लूकोज़ और ऐल्कोहॉल में हाइड्रोजन है पर वे पानी में H⁺ नहीं देते।
- सांद्र अम्ल में पानी डालना। हमेशा अम्ल को धीरे-धीरे पानी में डालें।
- सभी क्षारकों को क्षार मानना। केवल पानी में घुलने वाले क्षारक ही क्षार हैं।
- लिखना कि फ़िनॉल्फ़्थेलिन अम्ल में गुलाबी होता है। यह अम्ल में रंगहीन और क्षारक में गुलाबी होता है।