लवण क्या है? लवणों के परिवार
अम्ल जब क्षारक को उदासीन करता है तो जल के साथ जो यौगिक बनता है वह लवण है। इसका धनायन क्षारक से और ऋणायन अम्ल से आता है। NaOH + HCl → NaCl + H₂O।
समान धनायन या समान ऋणायन वाले लवण एक परिवार के होते हैं। NaCl और Na₂SO₄ सोडियम परिवार के हैं; NaCl और KCl क्लोराइड परिवार के।
लवणों का pH
- प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक → उदासीन लवण, pH 7 (NaCl, Na₂SO₄, KNO₃)।
- प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक → अम्लीय लवण, pH 7 से कम (NH₄Cl)।
- दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षारक → क्षारीय लवण, pH 7 से ज़्यादा (Na₂CO₃, CH₃COONa, NaHCO₃)।
यानी जनक तय करते हैं: जो प्रबल है वही जीतता है।
साधारण नमक और खनिज लवण
साधारण नमक समुद्र के पानी को वाष्पित करके मिलता है। ज़मीन के नीचे मिलने वाले ठोस नमक के बड़े भंडार को खनिज लवण (rock salt) कहते हैं; अशुद्धियों के कारण यह भूरा होता है और कोयले की तरह खोदकर निकाला जाता है।
सोडियम हाइड्रॉक्साइड: क्लोर-क्षार प्रक्रिया
लवण-जल (brine), यानी पानी में NaCl का गाढ़ा घोल, में बिजली प्रवाहित करने पर वह विघटित होता है:
2NaCl(aq) + 2H₂O(l) → 2NaOH(aq) + Cl₂(g) + H₂(g)
ऐनोड पर क्लोरीन, कैथोड पर हाइड्रोजन और कैथोड के पास सोडियम हाइड्रॉक्साइड बनता है। नाम उत्पादों से आया है: क्लोर (क्लोरीन) + क्षार (NaOH)।
- NaOH: साबुन और अपमार्जक, कागज़, कृत्रिम रेशे, धातुओं की चिकनाई हटाना।
- Cl₂: पानी की सफ़ाई, PVC, रोगाणुनाशक, कीटनाशक, विरंजक चूर्ण।
- H₂: ईंधन, मार्जरीन (तेलों का हाइड्रोजनीकरण), उर्वरकों के लिए अमोनिया।
- H₂ + Cl₂ → HCl: स्टील की सफ़ाई, दवाइयाँ, सौंदर्य प्रसाधन।
विरंजक चूर्ण, खाने का सोडा और धोने का सोडा
विरंजक चूर्ण (bleaching powder), CaOCl₂
सूखे बुझे चूने पर क्लोरीन प्रवाहित करके: Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O। (इसकी असली संरचना जटिल है; CaOCl₂ सरल सूत्र है।) उपयोग: कपड़ा मिलों में सूती और लिनन, कागज़ कारख़ानों में लकड़ी की लुगदी और लॉन्ड्री में धुले कपड़ों का विरंजन; उद्योगों में ऑक्सीकारक; पीने के पानी को रोगाणुमुक्त करना।
खाने का सोडा (baking soda), सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट NaHCO₃
NaCl, पानी, CO₂ और अमोनिया से: NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ → NH₄Cl + NaHCO₃। यह हल्का, संक्षारण न करने वाला क्षारक है। गरम करने पर: 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂। यही CO₂ केक और ब्रेड को फुलाती है।
बेकिंग पाउडर = खाने का सोडा + हल्का खाद्य अम्ल (जैसे टार्टरिक अम्ल)। पानी मिलने पर अम्ल NaHCO₃ से CO₂ बनाता है और कड़वा स्वाद नहीं बचता। अन्य उपयोग: एंटासिड, सोडा-अम्ल अग्निशामक।
धोने का सोडा (washing soda), Na₂CO₃·10H₂O
खाने के सोडे को गरम करके सोडियम कार्बोनेट बनाते हैं, फिर पानी से पुनः क्रिस्टलीकरण: Na₂CO₃ + 10H₂O → Na₂CO₃·10H₂O। उपयोग: काँच, साबुन और कागज़ उद्योग; बोरैक्स बनाना; घर की सफ़ाई; पानी की स्थायी कठोरता हटाना।
क्रिस्टलन जल और प्लास्टर ऑफ़ पेरिस
क्रिस्टलन जल लवण के एक सूत्र-इकाई में मौजूद पानी के अणुओं की निश्चित संख्या है। क्रिस्टल सूखे लगते हैं, फिर भी पानी उनमें होता है।
- कॉपर सल्फ़ेट: CuSO₄·5H₂O (नीला)। गरम करने पर पानी निकलकर सफ़ेद CuSO₄ बचता है; पानी डालने पर फिर नीला।
- धोने का सोडा: Na₂CO₃·10H₂O।
- जिप्सम: CaSO₄·2H₂O।
प्लास्टर ऑफ़ पेरिस, CaSO₄·½H₂O
जिप्सम को 373 K पर गरम करने से: CaSO₄·2H₂O → CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O। दो CaSO₄ इकाइयाँ एक पानी का अणु साझा करती हैं, इसलिए ½H₂O लिखते हैं। प्लास्टर ऑफ़ पेरिस में पानी मिलाने पर यह फिर कठोर जिप्सम बन जाता है: CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O।
इसे नमी-रोधी डिब्बे में रखते हैं, वरना यह जम जाता है। 373 K से ज़्यादा गरम करने पर सारा पानी निकल जाता है और "डेड बर्न्ट प्लास्टर" बनता है जो जमता नहीं। उपयोग: टूटी हड्डी का प्लास्टर, खिलौने, सजावट, दीवारों को चिकना करना, मूर्तियाँ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अम्ल + क्षारक → लवण + जल
- क्लोर-क्षार: 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂
- विरंजक चूर्ण: Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
- खाने का सोडा: NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ → NH₄Cl + NaHCO₃; गरम करने पर 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂
- धोने का सोडा: Na₂CO₃ + 10H₂O → Na₂CO₃·10H₂O
- प्लास्टर ऑफ़ पेरिस: CaSO₄·2H₂O (373 K) → CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O
- जमना: CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O
- नीला थोथा: CuSO₄·5H₂O (नीला) → गरम → CuSO₄ (सफ़ेद) + 5H₂O
हल किए गए उदाहरण
1. सोडियम ऐसीटेट (CH₃COONa) का घोल अम्लीय, क्षारीय या उदासीन होगा?
यह ऐसीटिक अम्ल (दुर्बल) और NaOH (प्रबल) से बना है। प्रबल क्षारक जीतता है, इसलिए घोल क्षारीय (pH 7 से ज़्यादा) होगा।
2. लवण-जल के विद्युत अपघटन में हर इलेक्ट्रोड पर कौन-सी गैस बनती है? एक-एक उपयोग लिखिए।
ऐनोड: क्लोरीन (पानी की सफ़ाई, PVC)। कैथोड: हाइड्रोजन (ईंधन, अमोनिया)। कैथोड के पास NaOH बनता है (साबुन, कागज़)।
3. केवल खाने के सोडे से बना केक कड़वा क्यों लगता है, और बेकिंग पाउडर इसे कैसे ठीक करता है?
गरम करने पर खाने का सोडा सोडियम कार्बोनेट छोड़ता है, जो कड़वा है। बेकिंग पाउडर में खाद्य अम्ल (टार्टरिक अम्ल) होता है जो NaHCO₃ से अभिक्रिया करता है, CO₂ बनती है पर कड़वा सोडियम कार्बोनेट नहीं बचता।
4. सूखी परखनली में नीले थोथे के क्रिस्टल गरम करने पर क्या होता है?
नली के ठंडे भाग पर पानी की बूँदें दिखती हैं और क्रिस्टल सफ़ेद हो जाते हैं: CuSO₄·5H₂O → CuSO₄ + 5H₂O। कुछ बूँदें पानी डालने पर नीला रंग लौट आता है।
5. प्लास्टर ऑफ़ पेरिस को नमी-रोधी डिब्बे में क्यों रखते हैं?
यह पानी (हवा की नमी भी) से अभिक्रिया करके कठोर जिप्सम बन जाता है: CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O। फिर वह प्लास्टर के काम का नहीं रहता।
6. डॉक्टर टूटी हड्डी को सहारा देने के लिए सफ़ेद चूर्ण X इस्तेमाल करते हैं जो पानी मिलाने पर कठोर हो जाता है। X, पदार्थ Y को 373 K पर गरम करके बनता है। X और Y पहचानिए।
X प्लास्टर ऑफ़ पेरिस CaSO₄·½H₂O है। Y जिप्सम CaSO₄·2H₂O है।
आम गलतियाँ
- धोने के सोडे का सूत्र NaHCO₃ लिखना। NaHCO₃ खाने का सोडा है; धोने का सोडा Na₂CO₃·10H₂O है।
- कहना कि प्लास्टर ऑफ़ पेरिस सूखकर जमता है। वह पानी लेकर जिप्सम बनकर जमता है।
- हर लवण को उदासीन मानना। NH₄Cl अम्लीय और Na₂CO₃ क्षारीय है।
- प्लास्टर ऑफ़ पेरिस को CaSO₄·H₂O लिखना। इसमें प्रति CaSO₄ आधा पानी का अणु है: CaSO₄·½H₂O।