सिलिकॉन डाइऑक्साइड (सिलिका): रूप और उपयोग
सिलिका सिलिकॉन डाइऑक्साइड, SiO₂ है। हर सिलिकॉन परमाणु चार ऑक्सीजन परमाणुओं से जुड़ा होता है और ये मिलकर विशाल जालक बनाते हैं, इसलिए सिलिका कठोर है और 1700 °C से ऊपर ही पिघलती है। यह क्वार्ट्ज़ (साफ़ क्रिस्टल), रेत (क्वार्ट्ज़ के छोटे कण), चकमक पत्थर आदि रूपों में मिलती है। शुद्ध सिलिका को पिघलाकर ठंडा करने पर क्वार्ट्ज़ काँच बनता है। सिलिका जेल छिद्रदार रूप है जो जलवाष्प सोख लेता है (नए जूतों के डिब्बे के पैकेट)।
उपयोग: काँच, सीमेंट और कंक्रीट, ईंट और चीनी-मिट्टी, प्रकाशीय तंतु (ऑप्टिकल फ़ाइबर), रेगमाल, और (अपचयन के बाद) चिप के लिए शुद्ध सिलिकॉन। SiO₂ अम्लीय ऑक्साइड है: गरम सांद्र क्षारक से अभिक्रिया करती है, पानी से नहीं। देखिए: सिलिकॉन, सिलिकेट, काँच और सिरेमिक।
काँच: बनाना, प्रकार और उपयोग
साधारण सोडा-लाइम काँच रेत (SiO₂), सोडा ऐश (Na₂CO₃) और चूना-पत्थर (CaCO₃) को लगभग 1500 °C पर गरम करके बनता है। पिघले द्रव को आकार दिया जाता है (फूँककर, बेलकर या तैराकर) और जल्दी ठंडा किया जाता है। जल्दी ठंडा होने से परमाणुओं को सजने का समय नहीं मिलता: जालक बेतरतीब रहता है, इसलिए काँच पारदर्शी और भंगुर होता है।
- सोडा-लाइम काँच: खिड़कियाँ, बोतलें, जार।
- बोरोसिलिकेट काँच (बोरॉन ऑक्साइड के साथ): गरमी सह लेने वाले प्रयोगशाला के बर्तन और कुकवेयर।
- लेड क्रिस्टल: चमकदार, भारी, सजावट के लिए।
- रंगीन काँच: धातु ऑक्साइड मिलाने से, जैसे कोबाल्ट से नीला, आयरन या क्रोमियम से हरा।
- सुरक्षा काँच (टफ़न्ड या लैमिनेटेड) और काँच के रेशे (इन्सुलेशन और प्रकाश-केबल)।
चूना-पत्थर, संगमरमर और चॉक
तीनों मुख्यतः कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃) हैं: चूना-पत्थर (अवसादी, अक्सर सीपियों के जीवाश्म के साथ), संगमरमर (चूना-पत्थर जो गर्मी और दाब से बदल गया, इसलिए कठोर, क्रिस्टलीय और चमकाने योग्य) और चॉक (नरम, महीन, सफ़ेद चूना-पत्थर जो समुद्री सीपियों के कणों से बना)।
इन्हें दूसरे पत्थरों से कैसे पहचानें: तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की एक बूँद डालो। CaCO₃ में झाग उठता है, क्योंकि CaCO₃ + 2HCl → CaCl₂ + H₂O + CO₂। गैस को चूने के पानी में डालो: दूधिया हो जाता है। ग्रेनाइट या बलुआ पत्थर में झाग नहीं उठता।
चूने का चक्र: चूना-पत्थर को गरम करो (लगभग 900 °C) तो बिना बुझा चूना मिलता है: CaCO₃ → CaO + CO₂। उसमें पानी डालो तो बुझा चूना बनता है: CaO + H₂O → Ca(OH)₂। बुझा चूना धीरे-धीरे हवा की CO₂ लेकर फिर CaCO₃ बन जाता है, इसी से चूने का गारा सख़्त होता है। उपयोग: सीमेंट, काँच, इस्पात बनाना (अशुद्धि हटाता है), अम्लीय मिट्टी और झीलों को उदासीन करना, एंटासिड गोलियाँ।
कठोर जल और अस्थायी कठोरता हटाना
कठोर जल में कैल्शियम (और मैग्नीशियम) आयन घुले होते हैं और साबुन से आसानी से झाग नहीं बनता। अस्थायी कठोरता कैल्शियम हाइड्रोजनकार्बोनेट, Ca(HCO₃)₂ से होती है। उबालने से यह हट जाती है: Ca(HCO₃)₂ → CaCO₃ + H₂O + CO₂। यह सफ़ेद ठोस केतली और पाइपों में जमने वाली परत है। स्थायी कठोरता कैल्शियम सल्फ़ेट या क्लोराइड से आती है और उबालने से नहीं हटती।
दूसरे तरीके: धावन सोडा (Na₂CO₃) डालो, जिससे CaCO₃ अवक्षेपित होकर दोनों तरह की कठोरता हटा देता है; या आयन-विनिमय मृदुकारक लगाओ जो Ca²⁺ को Na⁺ से बदल देता है।
हाइड्रेट, निर्जल लवण और प्लास्टर का जमना
हाइड्रेट के क्रिस्टल में पानी के अणु बँधे होते हैं (क्रिस्टलन जल), जिन्हें बिंदु के बाद लिखते हैं: CuSO₄·5H₂O नीला है, और धावन सोडा Na₂CO₃·10H₂O है। गरम करने पर पानी निकल जाता है और निर्जल लवण बचता है: CuSO₄·5H₂O → CuSO₄ (सफ़ेद) + 5H₂O। पानी डालो तो नीला रंग लौट आता है, इसलिए सफ़ेद निर्जल कॉपर(II) सल्फ़ेट पानी की जाँच है।
जिप्सम CaSO₄·2H₂O है। हल्का गरम (लगभग 150 °C) करने पर इसका ज़्यादातर पानी निकल जाता है और प्लास्टर ऑफ पेरिस, CaSO₄·½H₂O बनता है। पानी मिलाने पर जिप्सम के नुकीले छोटे क्रिस्टल उगकर आपस में फँस जाते हैं, इसलिए लेप मिनटों में सख़्त हो जाता है और थोड़ा फैलता है (साँचे और प्लास्टर कास्ट के लिए अच्छा): CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O। प्लास्टर ऑफ पेरिस को सूखा रखो, वरना थैली में ही जम जाएगा।
उर्वरक: प्राकृतिक और कृत्रिम
पौधों को पत्तियों के लिए नाइट्रोजन (N), जड़ों और फूलों के लिए फ़ॉस्फ़ोरस (P), और सेहत के लिए पोटैशियम (K) चाहिए। कई फसलों के बाद मिट्टी में ये कम हो जाते हैं, इसलिए उर्वरक डालते हैं।
- प्राकृतिक: गोबर की खाद, कम्पोस्ट, हरी खाद, हड्डी का चूरा। धीमे, मिट्टी की बनावट सुधारते हैं, पर कमज़ोर।
- कृत्रिम: यूरिया CO(NH₂)₂ (46% N), अमोनियम नाइट्रेट NH₄NO₃ (35% N), अमोनियम सल्फ़ेट (NH₄)₂SO₄, सुपरफ़ॉस्फ़ेट (P), पोटैशियम क्लोराइड KCl (K), और NPK मिश्रण।
तत्व का प्रतिशत = (सूत्र में तत्व का द्रव्यमान ÷ सूत्र द्रव्यमान) × 100। यूरिया में 28 ÷ 60 × 100 ≈ 46.7%। ज़्यादा उर्वरक नदियों में बहकर सुपोषण (यूट्रोफ़िकेशन) कर सकता है: शैवाल फैल जाते हैं और मछलियाँ मर जाती हैं। उर्वरक के लिए अमोनिया कैसे बनती है: हैबर प्रक्रम देखिए।
करके देखो: पाँच छोटे परीक्षण
(1) चॉक या सीप पर सिरका डालो: झाग मतलब कैल्शियम कार्बोनेट। (2) साफ़ बर्तन में नल का पानी उबालो और सफ़ेद परत देखो। (3) 3D में जिप्सम को गरम करो और नीले पानी की गेंदों को निकलते देखो। (4) घर पर कागज़ के कप में प्लास्टर ऑफ पेरिस पानी में मिलाओ और जमने का समय नापो। (5) फ्री प्ले में यूरिया और सुपरफ़ॉस्फ़ेट की तुलना करो: कौन सिर्फ़ नाइट्रोजन देता है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- काँच: रेत SiO₂ + सोडा ऐश Na₂CO₃ + चूना-पत्थर CaCO₃ → पिघलाओ → जल्दी ठंडा करो
- CaCO₃ + 2HCl → CaCl₂ + H₂O + CO₂; CaCO₃ → CaO + CO₂; CaO + H₂O → Ca(OH)₂
- Ca(HCO₃)₂ → CaCO₃ + H₂O + CO₂ (उबालने पर)
- CaSO₄·2H₂O → CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O (गरम); उल्टा, पानी से = जमना
- तत्व का % = (तत्व का द्रव्यमान ÷ सूत्र द्रव्यमान) × 100
हल किए गए उदाहरण
1. यूरिया CO(NH₂)₂ में नाइट्रोजन का प्रतिशत ज्ञात कीजिए (C = 12, O = 16, N = 14, H = 1)।
सूत्र द्रव्यमान = 12 + 16 + 2 × (14 + 2) = 60। N का द्रव्यमान = 28। % N = 28 ÷ 60 × 100 = 46.7%।
2. अमोनियम नाइट्रेट NH₄NO₃ में नाइट्रोजन का प्रतिशत ज्ञात कीजिए।
द्रव्यमान = 14 + 4 + 14 + 48 = 80। N = 28। 28 ÷ 80 × 100 = 35%।
3. 100 kg शुद्ध चूना-पत्थर से कितना बिना बुझा चूना (CaO) मिलेगा? (Ca 40, C 12, O 16)
CaCO₃ = 100, CaO = 56। इसलिए 100 kg से 56 kg CaO (और 44 kg CO₂) मिलेगा।
4. कैसे दिखाएँगे कि सफ़ेद पत्थर ग्रेनाइट नहीं, चूना-पत्थर है?
तनु HCl की एक बूँद डालो। चूना-पत्थर में झाग उठेगा और गैस चूने के पानी को दूधिया कर देगी। ग्रेनाइट में झाग नहीं उठेगा।
5. अस्थायी कठोर जल को उबालने पर क्या होता है, लिखिए।
Ca(HCO₃)₂ → CaCO₃ + H₂O + CO₂। सफ़ेद CaCO₃ की परत बनती है और पानी मृदु हो जाता है।
6. CuSO₄·5H₂O के 1 मोल को पूरा गरम करने पर कितने मोल पानी निकलता है? द्रव्यमान कितना? (H₂O = 18)
5 मोल पानी निकलता है। द्रव्यमान = 5 × 18 = 90 g।
आम गलतियाँ
- काँच को क्रिस्टल समझना। यह बेतरतीब (असस्फटिक) जालक है जो जल्दी ठंडा करने से बनता है।
- सोचना कि उबालने से सारा कठोर जल मृदु हो जाता है। सिर्फ़ अस्थायी कठोरता जाती है; स्थायी के लिए धावन सोडा या आयन-विनिमय चाहिए।
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O) और जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) को एक समझना। प्लास्टर में पानी कम है।
- संगमरमर और चूना-पत्थर को अलग रसायन कहना। दोनों CaCO₃ हैं, सिर्फ़ बनावट अलग है।