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निर्माण और खेती में रसायन

निर्माण में चूना-पत्थर से चूना, सीमेंट, कंक्रीट और काँच बनते हैं, और जहाँ कंक्रीट कमज़ोर है वहाँ स्टील लगता है। खेती में पौधों को नाइट्रोजन, फ़ॉस्फ़ोरस और पोटैशियम मिलते हैं। दोनों जगह सही मात्रा ज़रूरी है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. एक घर और एक खेत देखो। दोनों रसायन से बनते हैं। चलो देखें कैसे।
  2. चूना-पत्थर को गरम करने पर बिना बुझा चूना बनता है। पानी मिलाने पर बुझा चूना बनता है। हवा से यह फिर पत्थर बन जाता है। पुराना चूने का गारा ऐसे ही जमता है।
  3. कंक्रीट दबाने पर मज़बूत है, पर खींचने पर टूट जाता है। नीचे स्टील की सरिया खिंचाव सँभालती है, इसलिए बीम नहीं टूटता।
  4. रेत, सोडा ऐश और चूना-पत्थर को साथ पिघलाते हैं। ठंडा होने पर यह साफ़ काँच बन जाता है।
  5. अब खेत। पौधे को तीन मुख्य खुराक चाहिए: N हरी पत्तियों के लिए, P जड़ों के लिए, K मज़बूत तने के लिए।
  6. खाद का स्लाइडर चलाओ। फ़सल पहले तेज़ी से बढ़ती है, फिर बढ़ना रुक जाती है। फ़ालतू खाद बहकर पानी को नुकसान पहुँचाती है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या चूने का गारा सिर्फ़ सूखने से सख़्त होता है?

सिर्फ़ सूखने से नहीं। वह धीरे-धीरे हवा की CO2 लेकर फिर कैल्शियम कार्बोनेट बनता है, जो पत्थर जैसा कड़ा है। चूना-चक्र का आख़िरी ब्लॉक देखो।

स्टील की सरिया बीम के नीचे क्यों होती है?

भार पड़ने पर नीचे का हिस्सा खिंचता है। वहाँ कंक्रीट में दरार पड़ती है, इसलिए खिंचाव सँभालने के लिए स्टील वहीं चाहिए।

रेत अपारदर्शी है तो काँच साफ़ क्यों है?

रेत बहुत छोटे दानों का ढेर है, जो रोशनी बिखेरते हैं। पिघलकर ठंडा हुआ काँच एक चिकना ठोस है जिसमें दाने नहीं हैं, इसलिए रोशनी निकल जाती है।

कौन-सा पोषक पौधे के किस हिस्से की मदद करता है?

N पत्तियों की, P जड़ों की, K तने और सेहत की। लेबल पौधे के हर हिस्से के पास लगे हैं।

ज़्यादा खाद पर फ़सल बढ़ना क्यों रुक जाती है?

पौधा एक सीमा तक ही ले सकता है। स्लाइडर 60 के पार ले जाओ और लाल पट्टी देखो: फ़ालतू खाद बेकार है।

फ़ालतू खाद कहाँ जाती है?

वह बहकर नालों और तालाबों में पहुँचती है, शैवाल बढ़ाती है और मछलियों की ऑक्सीजन घटाती है।

चूना और गारा: चूना-चक्र

चूना-पत्थर कैल्शियम कार्बोनेट, CaCO3 है। लगभग 900 °C पर गरम करने से कार्बन डाइऑक्साइड निकल जाती है और बिना बुझा चूना (कैल्शियम ऑक्साइड, CaO) बचता है।

यह चूना पानी से मिलकर बहुत गरम होता है और बुझा चूना (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड, Ca(OH)2) बनता है। रेत और पानी के साथ यह चूने का गारा है, जो ईंटों को जोड़ता है।

धीरे-धीरे बुझा चूना हवा से CO2 लेकर फिर कैल्शियम कार्बोनेट बन जाता है। इसलिए गारा सख़्त होता है। चक्र है: पत्थर, गरमी, पानी, हवा, पत्थर।

बुझे चूने से सफ़ेदी भी होती है और खेत की अम्लीय मिट्टी भी ठीक की जाती है।

सीमेंट और कंक्रीट, और स्टील क्यों लगाते हैं

सीमेंट चूना-पत्थर और चिकनी मिट्टी को लगभग 1450 °C पर पकाकर, थोड़े जिप्सम के साथ पीसकर बनता है। यह पानी से अभिक्रिया करके सख़्त होता है। पूरी कहानी सीमेंट पाठ में है।

कंक्रीट यानी सीमेंट + रेत + गिट्टी + पानी। यह दबाव (संपीडन) सहने में बहुत अच्छा है, पर खिंचाव (तनाव) में कमज़ोर है।

बीम में ऊपर का हिस्सा दबता है और नीचे का खिंचता है। इसलिए नीचे की तरफ़ स्टील की सरिया लगाते हैं। स्टील खिंचाव सह लेता है। स्टील वाला कंक्रीट प्रबलित कंक्रीट (RCC) कहलाता है। गरम होने पर स्टील और कंक्रीट लगभग बराबर फैलते हैं, इसलिए अलग नहीं होते।

काँच और दूसरी निर्माण सामग्री

खिड़की का आम काँच सोडा-चूना काँच है। यह रेत (सिलिका, SiO2), सोडा ऐश (सोडियम कार्बोनेट) और चूना-पत्थर को लगभग 1500 °C पर पिघलाकर बनता है। जल्दी ठंडा होने पर परमाणु किसी क्रम में नहीं जम पाते, इसलिए यह साफ़, कड़ा और भंगुर ठोस बनता है।

और सामग्री: ईंट (भट्ठे में पकी मिट्टी), स्टील (लोहा और थोड़ा कार्बन), प्लास्टर ऑफ़ पेरिस (गरम किया जिप्सम), और पेंट। हर एक को ताकत, वज़न, दाम और टिकाऊपन देखकर चुनते हैं।

पौधों का भोजन: N, P, K उर्वरक

पौधे पानी और हवा से CO2 लेते हैं, पर उन्हें मिट्टी से खनिज भी चाहिए। फ़सल ये खनिज खत्म कर देती है, इसलिए किसान उर्वरक (खाद) डालते हैं।

बोरी पर NPK 10:26:26 लिखा हो तो उसमें 10% N, 26% P2O5 और 26% K2O (द्रव्यमान से) है। नाइट्रोजन खाद के लिए अमोनिया हेबर विधि से बनती है (देखें हेबर विधि)।

खाद का समझदारी से उपयोग और मिट्टी का pH

खाद बढ़ाने से फ़सल बढ़ती है, पर एक सीमा तक। उसके बाद फ़ालतू खाद से कोई फ़ायदा नहीं होता। वह बारिश में बहकर तालाबों और नदियों में चली जाती है। इससे शैवाल (काई) बहुत बढ़ती है और पानी की ऑक्सीजन खत्म कर देती है। इसे सुपोषण (यूट्रोफ़िकेशन) कहते हैं, और मछलियाँ मर जाती हैं।

अच्छा तरीका: मिट्टी की जाँच करो, जो कम है वही डालो, खुराक बाँटकर दो, और कम्पोस्ट व दलहन के साथ फ़सल-चक्र अपनाओ (दलहन नाइट्रोजन देती है)। मिट्टी बहुत अम्लीय हो तो चूना (CaO या Ca(OH)2) डालकर pH बढ़ाते हैं।

कीटनाशक कीड़े मारते हैं, पर लाभदायक कीटों को भी नुकसान पहुँचा सकते हैं और भोजन में रह सकते हैं, इसलिए कम और सुरक्षित मात्रा में ही उपयोग करें।

करके देखो

3D में खाद का स्लाइडर 0 से 100 तक चलाओ। पहले अनुमान लगाओ: क्या 100 पर फ़सल 50 से दुगुनी होगी? फ़सल का प्रतिशत और लाल पट्टी देखकर जाँचो। घर पर खाद या पौधों के भोजन के लेबल पर तीन संख्याएँ ढूँढो। किसी बड़े की मदद से छोटे पत्थर पर चूने का पानी लगाकर देखो कि सूखते-सूखते वह CO2 लेकर सफ़ेद हो जाता है (चूना त्वचा जला सकता है)।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. चूना-चक्र के तीन चरण बताओ।

चूना-पत्थर गरम करने पर बिना बुझा चूना बनता है। उसमें पानी मिलाने पर बुझा चूना बनता है। बुझा चूना हवा से CO2 लेकर फिर चूना-पत्थर बन जाता है।

2. यूरिया की 50 kg की बोरी में 46% नाइट्रोजन है। उसमें कितनी नाइट्रोजन है?

50 × 46 ÷ 100 = 23 kg नाइट्रोजन।

3. कंक्रीट के बीम में स्टील ऊपर नहीं, नीचे क्यों लगाते हैं?

भार पड़ने पर बीम का नीचे का हिस्सा खिंचता है और ऊपर का दबता है। कंक्रीट खिंचाव में कमज़ोर है, इसलिए जहाँ खिंचाव है, यानी नीचे, वहाँ स्टील लगाते हैं।

4. बोरी पर NPK 10:26:26 लिखा है। इस खाद के 20 kg में P2O5 कितना है?

20 × 26 ÷ 100 = 5.2 kg P2O5।

5. 100 kg शुद्ध चूना-पत्थर पूरा गरम करके बिना बुझा चूना बनाया गया। मोलर द्रव्यमान: CaCO3 100, CaO 56। कितना चूना बना?

100 g CaCO3 से 56 g CaO बनता है, तो 100 kg से 56 kg चूना बनेगा। बाकी 44 kg CO2 गैस बनकर निकल जाता है।

6. एक खेत को प्रति हेक्टेयर 69 kg नाइट्रोजन चाहिए। 2 हेक्टेयर के लिए कितना यूरिया (46% N) डालें?

1 हेक्टेयर के लिए: 69 ÷ 0.46 = 150 kg यूरिया। 2 हेक्टेयर के लिए: 300 kg यूरिया।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. चूना-पत्थर को गरम करने पर क्या मिलता है?
2. कौन-सा पोषक पत्तियों को हरा बनाता है?
3. कंक्रीट में स्टील की सरिया क्यों लगती है?
4. सोडा-चूना काँच रेत, चूना-पत्थर और किससे बनता है?
5. ज़्यादा खाद तालाब में बहने से क्या होता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खाद की बोरी पर NPK का क्या मतलब है?

यह बताता है कि बोरी में नाइट्रोजन (N), फ़ॉस्फ़ोरस (P2O5 के रूप में) और पोटैशियम (K2O के रूप में) का प्रतिशत कितना है, इसी क्रम में।

काँच पारदर्शी क्यों होता है?

काँच में रवे या दानों की सीमाएँ नहीं होतीं जो प्रकाश को बिखेरें, और उसके इलेक्ट्रॉन दिखने वाली रोशनी सोखते नहीं, इसलिए रोशनी आर-पार निकल जाती है।

चूना अम्लीय मिट्टी में कैसे मदद करता है?

चूना क्षार है। यह मिट्टी के अम्लों से अभिक्रिया करके pH बढ़ाता है, जिससे फ़सल पोषक बेहतर ले पाती है।

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