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हैबर प्रक्रम और NPK उर्वरक

हैबर प्रक्रम हवा की नाइट्रोजन और (ज़्यादातर प्राकृतिक गैस से बनी) हाइड्रोजन से अमोनिया बनाता है: N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃। अग्र अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी और उत्क्रमणीय है। लगभग 200 atm दाब, लगभग 450 °C और लोहे का उत्प्रेरक, यह समझौता अच्छी दर पर ठीक-ठाक उपज देता है। अमोनिया को ठंडा करके द्रव बनाया और अलग किया जाता है; बची गैसें वापस भेजी जाती हैं। अमोनिया से अमोनियम नाइट्रेट जैसे नाइट्रोजन उर्वरक बनते हैं। NPK उर्वरक फ़सलों को नाइट्रोजन, फ़ॉस्फ़ोरस और पोटैशियम देते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. कच्चा माल: नाइट्रोजन हवा से और हाइड्रोजन प्राकृतिक गैस से। दोनों 1 : 3 में मिलाई जाती हैं।
  2. अभिक्रिया उत्क्रमणीय है। चार गैस अणु मिलकर दो अमोनिया अणु बनाते हैं, पर कुछ अमोनिया वापस टूट जाती है।
  3. कारख़ाना समझौता करता है: लगभग 200 atm, लगभग 450 °C और लोहा उत्प्रेरक। उपज लगभग 25%, पर काम तेज़।
  4. गैस मिश्रण ठंडा किया जाता है। अमोनिया द्रव बनकर बाहर आती है। बची नाइट्रोजन और हाइड्रोजन फिर घूमती हैं।
  5. अमोनिया से उर्वरक बनते हैं। NPK उर्वरक फ़सल को नाइट्रोजन, फ़ॉस्फ़ोरस और पोटैशियम देते हैं।
  6. खुद आज़माइए: तापमान और दाब की स्लाइडर चलाइए और उपज व दर देखिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

नाइट्रोजन और हाइड्रोजन 1 : 3 में क्यों मिलाते हैं?

समीकरण में हर 1 N₂ के लिए 3 H₂ लगते हैं। कदम 1 में गिनिए: हर नीले गोले के साथ तीन सफ़ेद।

सारी गैस अमोनिया क्यों नहीं बनती?

अभिक्रिया उत्क्रमणीय है: अमोनिया साथ-साथ बनती और टूटती है। कदम 2 में कुछ हरे अणु वापस टूटते हैं।

कम तापमान पर अमोनिया ज़्यादा बनती है, तो वही क्यों नहीं लेते?

क्योंकि अभिक्रिया बहुत धीमी हो जाएगी और कारख़ाना प्रति घंटा कम अमोनिया बनाएगा। कदम 3 में उपज और दर की पट्टियाँ साथ देखिए।

क्या उत्प्रेरक उपज बदलता है?

नहीं। वह सिर्फ़ साम्य जल्दी लाता है। कदम 6 में उत्प्रेरक हटाइए: सिर्फ़ दर की पट्टी गिरती है।

जो गैस अभिक्रिया नहीं करती, उसका क्या होता है?

वह वापस रिएक्टर में भेजी जाती है, इसलिए बहुत कम बर्बाद होती है। कदम 4 में वापसी का पाइप देखिए।

किसानों को सिर्फ़ N नहीं, P और K भी क्यों चाहिए?

हर तत्व का अलग काम है: N पत्तियों के लिए, P जड़ों के लिए, K फूल-फल के लिए। कदम 5 में थैले में तीनों भरते हैं।

हैबर प्रक्रम: कच्चा माल और समीकरण

हैबर प्रक्रम अमोनिया (NH3) बनाता है।

गैसों को शुद्ध करके 1 N2 : 3 H2 के अनुपात में मिलाते हैं।

नाइट्रोजन + हाइड्रोजन ⇌ अमोनिया
N2(g) + 3H2(g) ⇌ 2NH3(g)

⇌ का मतलब अभिक्रिया उत्क्रमणीय (reversible) है: अमोनिया वापस नाइट्रोजन और हाइड्रोजन में टूट सकती है। अग्र अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) है, यानी गर्मी देती है।

शर्तें चुनना: एक समझौता

दाब: लगभग 200 वायुमंडल

बाईं ओर गैस के 4 अणु हैं, दाईं ओर सिर्फ़ 2। ज़्यादा दाब साम्य को कम गैस अणुओं वाली ओर धकेलता है, इसलिए अमोनिया की उपज बढ़ती है। ज़्यादा दाब पर कण ज़्यादा टकराते हैं, तो दर भी बढ़ती है। पर बहुत ज़्यादा दाब के लिए मोटे, महँगे पाइप और ज़्यादा ऊर्जा चाहिए, और ख़तरा भी बढ़ता है। इसलिए लगभग 200 atm।

तापमान: लगभग 450 °C

अग्र अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है। कम तापमान पर उपज ज़्यादा, पर अभिक्रिया बहुत धीमी। ज़्यादा तापमान पर तेज़, पर उपज कम। 450 °C एक समझौता है: जल्दी से ठीक-ठाक उपज।

उत्प्रेरक: लोहा

लोहे का उत्प्रेरक आगे और पीछे दोनों अभिक्रियाएँ तेज़ करता है। यह उपज नहीं बदलता, बस साम्य जल्दी आता है।

अमोनिया को अलग करना और गैसों का पुनःचक्रण

एक बार में सिर्फ़ 15–30% गैस अमोनिया बनती है। रिएक्टर से निकला गर्म मिश्रण ठंडा किया जाता है। अमोनिया का क्वथनांक नाइट्रोजन और हाइड्रोजन से बहुत ऊँचा है, इसलिए वह द्रव बनकर अलग हो जाती है। बची नाइट्रोजन और हाइड्रोजन वापस रिएक्टर में भेजी जाती हैं (पुनःचक्रण)। आख़िर में लगभग 97% गैस अमोनिया बन जाती है।

NPK उर्वरकों का उत्पादन और उपयोग

पौधों को अच्छी बढ़त के लिए तीन मुख्य तत्व चाहिए: N नाइट्रोजन (पत्तियाँ और बढ़त), P फ़ॉस्फ़ोरस (जड़ें) और K पोटैशियम (फूल, फल और सेहत)। NPK उर्वरक लवणों का ऐसा मिश्रण है जो ये तत्व सही मात्रा में देता है। इससे फ़सल की पैदावार बढ़ती है।

उद्योग में यह बड़े, लगातार चलने वाले संयंत्रों में होता है। स्कूल की प्रयोगशाला में अमोनिया विलयन और सल्फ़्यूरिक अम्ल के अनुमापन और फिर क्रिस्टलीकरण से अमोनियम सल्फ़ेट बना सकते हैं।

खुद आज़माइए: खाद का थैला पढ़िए

किसी खाद के पैकेट (नर्सरी या किसान का थैला) पर तीन संख्याएँ ढूँढिए, जैसे 19:19:19 या 10:26:26। ये N, P और K के प्रतिशत हैं। कौन-सा पोषक सबसे ज़्यादा है? यह किस फ़सल या बढ़त की किस अवस्था के लिए हो सकता है?

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. ज़्यादा दाब पर अमोनिया की उपज क्यों बढ़ती है?

बाईं ओर गैस के 4 अणु (1 N₂ + 3 H₂) और दाईं ओर 2 (2 NH₃) हैं। दाब बढ़ाने पर साम्य कम अणुओं वाली ओर, यानी अमोनिया की ओर, खिसकता है।

2. 10 mol अमोनिया बनाने के लिए कितनी हाइड्रोजन चाहिए?

N₂ + 3H₂ → 2NH₃ से 3 mol H₂ से 2 mol NH₃। तो 10 mol NH₃ के लिए 10 × 3/2 = 15 mol H₂।

3. किसी फ़सल की जड़ें कमज़ोर हैं। किस पोषक की कमी है और कौन-सा यौगिक देगा?

फ़ॉस्फ़ोरस (P)। अमोनियम फ़ॉस्फ़ेट या सुपरफ़ॉस्फ़ेट (फ़ॉस्फ़ेट चट्टान + अम्ल) देगा।

4. 450 °C को समझौते का तापमान क्यों कहते हैं?

अग्र अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है, तो कम तापमान पर उपज ज़्यादा पर दर बहुत धीमी। ज़्यादा तापमान पर तेज़ पर उपज कम। 450 °C पर ठीक-ठाक उपज ठीक-ठाक रफ़्तार से मिलती है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. हैबर प्रक्रम में उत्प्रेरक क्या है?
2. नाइट्रोजन कहाँ से आती है?
3. लगभग कितना दाब इस्तेमाल होता है?
4. अमोनिया को बची गैसों से कैसे अलग करते हैं?
5. NPK का मतलब है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैबर प्रक्रम क्या है?

औद्योगिक विधि जो लोहे के उत्प्रेरक, लगभग 450 °C और 200 atm पर नाइट्रोजन और हाइड्रोजन से अमोनिया बनाती है।

हैबर प्रक्रम क्यों ज़रूरी है?

इसकी अमोनिया से उर्वरक बनते हैं जो अरबों लोगों का पेट भरने में मदद करते हैं; साथ ही नाइट्रिक अम्ल, विस्फोटक और सफ़ाई के सामान भी।

NPK उर्वरक क्या है?

ऐसा उर्वरक जिसमें नाइट्रोजन, फ़ॉस्फ़ोरस और पोटैशियम के यौगिक हों, जो पौधों के तीन मुख्य तत्व हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

इंग्लैंडYear 114.10 Using resources

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