गैसों की जाँच की ज़रूरत क्यों?
ज़्यादातर गैसें रंगहीन हैं। हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड सब हवा जैसी दिखती हैं।
गैस परीक्षण एक छोटी अभिक्रिया है जो साफ़ निशान देती है: आवाज़, लौ, रंग बदलना या दूधिया पानी। हर गैस की अपनी जाँच है।
अच्छी जाँच विशिष्ट होती है: वह नतीजा सिर्फ़ उसी गैस से मिलता है। गैस नली में इकट्ठी करके तुरंत जाँचो, वरना वह निकल जाएगी।
हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की जाँच
हाइड्रोजन: पॉप की आवाज़
नली के मुँह पर जलती तीली रखो। हाइड्रोजन हवा की ऑक्सीजन से बहुत तेज़ी से जलती है और "पॉप" की आवाज़ आती है। पानी बनता है: 2H₂ + O₂ → 2H₂O।
ऑक्सीजन: सुलगती तीली
तीली जलाकर फूँक से बुझा दो, सिर्फ़ लाल सुलगता सिरा बचे। उसे नली में डालो। ऑक्सीजन हो तो तीली फिर से जल उठती है। ऑक्सीजन जलने में सहायक है।
याद रखो: हाइड्रोजन के लिए जलती तीली, ऑक्सीजन के लिए सुलगती तीली।
कार्बन डाइऑक्साइड की जाँच
गैस को चूने के पानी (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड का घोल) में से गुज़ारो। कार्बन डाइऑक्साइड हो तो पानी दूधिया हो जाता है।
क्यों? सफ़ेद, अघुलनशील कैल्शियम कार्बोनेट के छोटे कण बनते हैं: Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O।
CO₂ में जलती तीली बुझ जाती है, पर यह सही जाँच नहीं है: नाइट्रोजन जैसी कई गैसें भी लौ बुझाती हैं। पक्की जाँच सिर्फ़ चूने का पानी है।
क्लोरीन, अमोनिया और दूसरी गैसों की जाँच
क्लोरीन
क्लोरीन हल्की हरी-पीली, ज़हरीली गैस है। उसमें गीला नीला लिटमस रखो। कागज़ पहले लाल होता है (क्लोरीन अम्लीय है), फिर सफ़ेद: क्लोरीन रंग उड़ा देती है (विरंजन)। कागज़ गीला होना चाहिए। हमेशा धुआँ-कोठरी (fume cupboard) में करो।
अमोनिया
अमोनिया की तीखी गंध होती है। यह गीले लाल लिटमस को नीला कर देती है, क्योंकि यह क्षारीय गैस है।
कुछ और गैसें
- जलवाष्प: सफ़ेद निर्जल कॉपर(II) सल्फेट को नीला, या नीले कोबाल्ट क्लोराइड कागज़ को गुलाबी करती है।
- सल्फर डाइऑक्साइड: अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट को बैंगनी से रंगहीन करती है।
करके देखो: घर पर और 3D में
3D में: आख़िरी स्टेप पर जाओ। गैस और जाँच चुनो। पहले बोलकर अनुमान लगाओ, फिर "जाँचो" दबाओ। जानबूझकर ग़लत जाँच भी आज़माओ, जैसे CO₂ में जलती तीली, और समझो कि वह कुछ साबित क्यों नहीं करती।
घर पर (बड़ों के साथ): गिलास में एक चम्मच खाने का सोडा डालो और सिरका डालो। बुलबुले CO₂ के हैं। गिलास के ठीक ऊपर जलती छोटी मोमबत्ती रखो: वह बुझ जाती है, क्योंकि CO₂ हवा से भारी है और हवा को हटा देती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- हाइड्रोजन: जलती तीली → पॉप (2H₂ + O₂ → 2H₂O)
- ऑक्सीजन: सुलगती तीली → फिर जल उठती है
- कार्बन डाइऑक्साइड: चूने का पानी → दूधिया (Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O)
- क्लोरीन: गीला नीला लिटमस → लाल → सफ़ेद
- अमोनिया: गीला लाल लिटमस → नीला
- जलवाष्प: निर्जल CuSO₄ सफ़ेद → नीला
- सल्फर डाइऑक्साइड: अम्लीय KMnO₄ बैंगनी → रंगहीन
हल किए गए उदाहरण
1. तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में ज़िंक डालने पर गैस के बुलबुले निकलते हैं। गैस का नाम, जाँच और नतीजा बताओ।
धातु + अम्ल → लवण + हाइड्रोजन। जाँच: नली के मुँह पर जलती तीली। नतीजा: पॉप की आवाज़।
2. संगमरमर के टुकड़े अम्ल से अभिक्रिया करते हैं। एक छात्रा जलती तीली गैस में ले जाती है और वह बुझ जाती है। वह कहती है यह CO₂ है। क्या जाँच काफ़ी है?
नहीं। कई गैसें (जैसे नाइट्रोजन) लौ बुझाती हैं। गैस को चूने के पानी में गुज़ारना होगा: दूधिया हो तभी CO₂ है।
3. उत्प्रेरक के साथ हाइड्रोजन परॉक्साइड टूटकर ऐसी गैस देता है जो सुलगती तीली को जला देती है। गैस का नाम और शब्द समीकरण लिखो।
ऑक्सीजन। हाइड्रोजन परॉक्साइड → पानी + ऑक्सीजन (2H₂O₂ → 2H₂O + O₂)।
4. एक गैस गीले नीले लिटमस को लाल फिर सफ़ेद करती है। दूसरी गीले लाल लिटमस को नीला करती है। दोनों के नाम बताओ।
पहली रंग उड़ाती है: क्लोरीन। दूसरी क्षारीय है: अमोनिया।
आम गलतियाँ
- हाइड्रोजन के लिए सुलगती तीली या ऑक्सीजन के लिए जलती तीली लेना। हाइड्रोजन: जलती तीली, पॉप। ऑक्सीजन: सुलगती तीली, फिर जलती है।
- "तीली बुझ गई, तो CO₂ है" कहना। कई गैसें लौ बुझाती हैं; सिर्फ़ दूधिया चूने का पानी CO₂ साबित करता है।
- क्लोरीन या अमोनिया के लिए सूखा लिटमस लेना। कागज़ गीला चाहिए, क्योंकि गैस पानी में घुलकर ही असर करती है।
- "क्लोरीन लिटमस को लाल करती है" लिखकर रुक जाना। असली पहचान है कि वह सफ़ेद (विरंजित) हो जाता है।