चरण 1: अभिक्रिया चुनो
ऑक्सीजन कई तरीकों से बन सकती है। हम सवालों से तुलना करते हैं: क्या सुरक्षित है? क्या लौ चाहिए? क्या नियंत्रण आसान है? क्या गैस शुद्ध है?
| विधि | समीकरण | गरम करना? |
|---|---|---|
| H₂O₂ और MnO₂ उत्प्रेरक | 2H₂O₂ → 2H₂O + O₂ | नहीं |
| KMnO₄ गरम करना | 2KMnO₄ → K₂MnO₄ + MnO₂ + O₂ | हाँ |
| KClO₃ + MnO₂ गरम करना | 2KClO₃ → 2KCl + 3O₂ | हाँ |
| जल का विद्युत अपघटन | 2H₂O → 2H₂ + O₂ | बिजली चाहिए और हाइड्रोजन भी बनती है |
सरल सप्लायर के लिए H₂O₂ और MnO₂ जीतता है: लौ नहीं, शुरू-बंद करना आसान, और केवल पानी बचता है।
उत्प्रेरक: मैंगनीज डाइऑक्साइड
उत्प्रेरक अभिक्रिया की गति बढ़ाता है पर खर्च नहीं होता। हाइड्रोजन परॉक्साइड अपने आप बहुत धीरे टूटता है। MnO₂ उसे तेज़ कर देता है। अभिक्रिया के बाद काला चूर्ण छानकर सुखाओ, उसका द्रव्यमान वही रहता है। ज़्यादा उत्प्रेरक या थोड़ा गरम घोल से बुलबुले तेज़ आते हैं।
चरण 2: सप्लायर की रूपरेखा
हमारी रूपरेखा में तीन भाग हैं।
- अभिक्रिया की बोतल, जिसमें H₂O₂ का घोल और थोड़ा MnO₂ है। परॉक्साइड कीप या ड्रॉपर से धीरे डालो ताकि गति पर नियंत्रण रहे।
- पानी (धावन) की बोतल। गैस लंबी नली से पानी के नीचे घुसती है और छोटी नली से निकलती है। वह गैस को ठंडा करती है, नमी देती है और बुलबुले बहाव गिनने का काम करते हैं।
- निकास नली जो छोटे जार या नोज़ल तक जाती है।
सब जोड़ कसकर रखो ताकि गैस रिसे नहीं। संकरा खुला निकास दाब बनने से रोकता है।
चरण 3: जाँच करो
निकास पर दहकती तीली (जलती तीली फूँककर बुझाई हुई, जो केवल दहकती है) रखो। अगर वह भड़ककर जल उठे, तो गैस ऑक्सीजन है। MnO₂ की अलग-अलग मात्रा पर प्रति सेकंड बुलबुले गिनकर छोटी सारणी बनाओ। परॉक्साइड डालना रोककर देखो कि बहाव रुकता है या नहीं।
रिसाव की जाँच: अगर अभिक्रिया की बोतल में बुलबुले तेज़ हैं पर निकास पर बहाव कमज़ोर है, तो कहीं से गैस निकल रही है।
सुरक्षा और सीमाएँ
- तनु H₂O₂ (लगभग 3 प्रतिशत, घाव धोने वाला) लो। गाढ़ा परॉक्साइड त्वचा जलाता है।
- निकास के पास कभी लौ मत लाओ। ऑक्सीजन आग को बहुत तेज़ कर देती है।
- आँखों की सुरक्षा पहनो और शिक्षक या बड़े के साथ काम करो।
- यह मॉडल प्रदर्शन के लिए थोड़ी गैस बनाता है। यह चिकित्सा उपकरण नहीं है और असली ऑक्सीजन की जगह नहीं ले सकता।
करके देखो: बुलबुले गिनो
कटोरी जैसे गिलास में थोड़ा परॉक्साइड घोल लो और सूखे खमीर (प्राकृतिक उत्प्रेरक) की चुटकी डालो। झाग देखो। खमीर के साथ और बिना खमीर के तुलना करो। किसमें बुलबुले तेज़ हैं? पहले अनुमान लगाओ, फिर जाँचो। बड़े के साथ करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- 2H₂O₂ → 2H₂O + O₂ (उत्प्रेरक MnO₂)
- 2KMnO₄ → K₂MnO₄ + MnO₂ + O₂ (ऊष्मा)
- 2KClO₃ → 2KCl + 3O₂ (ऊष्मा, MnO₂)
- 68 g H₂O₂ से 32 g O₂
- STP पर 1 मोल गैस = 22.4 L
हल किए गए उदाहरण
1. स्कूल के सरल सप्लायर के लिए H₂O₂ और MnO₂ ही क्यों चुनें?
इसमें गरम नहीं करना पड़ता, नियंत्रण आसान है और केवल पानी और उत्प्रेरक बचते हैं।
2. पानी की बोतल क्या काम करती है?
वह गैस को ठंडा करती है, नमी देती है और बुलबुले गिनकर बहाव दिखाती है।
3. गैस ऑक्सीजन है, यह कैसे जाँचते हैं?
निकास पर दहकती तीली रखो। गैस ऑक्सीजन हो तो तीली फिर जल उठती है।
4. 34 g शुद्ध H₂O₂ से कितनी O₂ मिलेगी? (H₂O₂ = 34 g/mol, O₂ = 32 g/mol)
34 g = 1 मोल। 2 मोल H₂O₂ से 1 मोल O₂, अतः 1 मोल से 0.5 मोल O₂ = 16 g।
5. MnO₂ का द्रव्यमान पहले और बाद में बराबर क्यों है?
वह उत्प्रेरक है। वह गति बढ़ाता है पर खर्च नहीं होता।
6. 3.4 g H₂O₂ से STP पर O₂ का आयतन?
3.4 / 34 = 0.1 मोल H₂O₂। इससे 0.05 मोल O₂। आयतन = 0.05 × 22.4 = 1.12 L।
आम गलतियाँ
- MnO₂ को अभिकारक कहना। वह उत्प्रेरक है और खर्च नहीं होता।
- गाढ़ा H₂O₂ लेना। वह त्वचा जलाता है और बहुत तेज़ अभिक्रिया करता है। तनु घोल लो।
- जाँच में जलती तीली लेना। ऑक्सीजन की जाँच दहकती तीली से होती है।
- ऑक्सीजन के निकास के पास लौ लाना, जो ख़तरनाक है।