हम क्या करना चाहते हैं और यह विधि क्यों
इस प्रयोग में हम कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) बनाते हैं, उसे इकट्ठा करते हैं और उसके गुण जाँचते हैं। सबसे आसान तरीका है कार्बोनेट पर अम्ल डालना।
अभिकर्मक: संगमरमर के टुकड़े (कैल्सियम कार्बोनेट, CaCO₃) और तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl)।
समीकरण: CaCO₃ + 2HCl → CaCl₂ + H₂O + CO₂
तनु सल्फ्यूरिक अम्ल क्यों नहीं? उससे कैल्सियम सल्फेट बनता है, जो मुश्किल से घुलता है। वह संगमरमर पर परत चढ़ा देता है और अभिक्रिया जल्दी रुक जाती है। HCl से कैल्सियम क्लोराइड बनता है, जो घुल जाता है, इसलिए बुलबुले चलते रहते हैं।
उपकरण और चरण
उपकरण: शंक्वाकार फ्लास्क, एक छेद वाला कॉर्क, थिसल कीप, मुड़ी हुई निकास नली, गैस जार, काँच की ढक्कन-प्लेट, चूने का पानी, लकड़ी की तीली, माचिस।
- फ्लास्क में कुछ संगमरमर के टुकड़े डालो।
- कॉर्क में कीप लगाओ। कीप का सिरा अम्ल में डूबा रहना चाहिए, ताकि गैस ऊपर से न निकले।
- कीप से तनु HCl डालो।
- गैस को नली से सूखे जार में ले जाओ।
- जार भर जाए तो प्लेट से ढक दो।
सुरक्षा: चश्मा पहनो, अम्ल तनु रखो और गैस को सीधे मत सूँघो।
गैस इकट्ठी करना: ऊर्ध्व विस्थापन
CO₂ हवा से लगभग डेढ़ गुना भारी है। वह नीचे बैठती है और हवा को ऊपर धकेलकर बाहर निकाल देती है। इसलिए जार का मुँह ऊपर रखते हैं और गैस को तली तक जाने देते हैं। इसे ऊर्ध्व विस्थापन (हवा का नीचे की ओर विस्थापन) कहते हैं।
पानी के ऊपर इकट्ठा नहीं करते, क्योंकि CO₂ थोड़ी पानी में घुल जाती है। हल्की गैसों (जैसे हाइड्रोजन) वाला उल्टा जार भी यहाँ नहीं चलता।
CO₂ की जाँच और गुण
- चूने के पानी की जाँच: CO₂ चूने के पानी (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड घोल) को दूधिया कर देती है। सफेद कैल्सियम कार्बोनेट बनता है: Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O। गैस ज़्यादा देर डालो तो दूधियापन साफ़ हो जाता है, क्योंकि घुलनशील कैल्सियम हाइड्रोजनकार्बोनेट बनता है।
- जलती तीली: तीली बुझ जाती है। CO₂ जलने में मदद नहीं करती।
- नम नीली लिटमस: लाल हो जाती है, क्योंकि CO₂ पानी से मिलकर कमज़ोर कार्बोनिक अम्ल (H₂CO₃) बनाती है।
- अन्य तथ्य: रंगहीन, गंधहीन, हवा से भारी, पानी में थोड़ी घुलनशील।
अवलोकन और रिपोर्ट लिखना
लिखो: उद्देश्य, उपकरण, चरण, जो देखा, समीकरण और निष्कर्ष। अच्छी रिपोर्ट में जाँच, अवलोकन और निष्कर्ष की तालिका होती है। जैसे: चूने का पानी + गैस → दूधिया → CO₂ है। एक सुरक्षा पंक्ति और एक त्रुटि का स्रोत (जैसे कॉर्क से रिसाव) भी लिखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- CaCO₃ + 2HCl → CaCl₂ + H₂O + CO₂
- Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O (दूधिया)
- CaCO₃ + H₂O + CO₂ → Ca(HCO₃)₂ (दूधियापन साफ़)
- CO₂ + H₂O ⇌ H₂CO₃ (कमज़ोर अम्ल)
हल किए गए उदाहरण
1. एक छात्र संगमरमर और अम्ल से बनी गैस को चूने के पानी में डालता है। वह दूधिया हो जाता है। इससे क्या पता चलता है?
गैस कार्बन डाइऑक्साइड है। उसने कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड से अभिक्रिया करके सफेद कैल्सियम कार्बोनेट बनाया।
2. गैस जार का मुँह ऊपर क्यों रखा जाता है?
CO₂ हवा से भारी है। वह जार की तली में बैठती है और हवा को ऊपर से बाहर धकेल देती है।
3. सल्फ्यूरिक अम्ल लेने पर बुलबुले एक मिनट में धीमे होकर रुक जाते हैं। कारण बताओ।
कैल्सियम सल्फेट बनता है और संगमरमर पर परत की तरह जम जाता है। अम्ल संगमरमर तक नहीं पहुँच पाता।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि चूने का पानी हमेशा दूधिया रहता है। बहुत CO₂ डालने पर वह फिर साफ़ हो जाता है।
- CO₂ के लिए उल्टा जार लगाना। वह हल्की गैसों के लिए है; CO₂ भारी है।
- तेज़ अम्ल या चूर्ण लेना। अभिक्रिया बहुत तेज़ हो जाती है और झाग फ्लास्क से बाहर आ जाता है।
- जलती तीली बुझने को CO₂ का पक्का प्रमाण मानना। नाइट्रोजन से भी तीली बुझती है, इसलिए चूने के पानी से पक्का करो।