बनाना, अलग करना और जाँचना
पदार्थ बनाना
अभिक्रिया की योजना बनाइए, उपकरण चुनिए और तय कीजिए कि उत्पाद कैसे इकट्ठा होगा। उदाहरण: संगमरमर (कैल्शियम कार्बोनेट) + तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → कैल्शियम क्लोराइड + पानी + कार्बन डाइऑक्साइड। CO₂ हवा से भारी है, इसलिए उसे ऊर्ध्व विस्थापन (जार सीधा) से इकट्ठा करते हैं। हवा से हल्की गैस (हाइड्रोजन) या जो पानी में नहीं घुलती, उसे पानी के ऊपर या अधोमुखी विस्थापन से इकट्ठा करते हैं।
मिश्रण अलग करना
जिस गुण में फ़र्क है उससे विधि चुनिए:
- द्रव में न घुला ठोस → निस्यंदन (छानना)।
- घुला हुआ ठोस → वाष्पन या क्रिस्टलन।
- अलग क्वथनांक वाले द्रव → आसवन।
- रंजक या ऐसे मिश्रण → क्रोमैटोग्राफ़ी।
पहचान के लिए जाँच
साफ़ नतीजे वाला परीक्षण लीजिए: CO₂ से चूने का पानी दूधिया होता है; हाइड्रोजन के साथ जलती तीली "पॉप" की आवाज़ करती है; ज्वाला परीक्षण (सोडियम पीला, ताँबा हरा, पोटैशियम बैंगनी); सार्वत्रिक सूचक अम्ल में लाल-नारंगी, उदासीन में हरा, क्षार में नीला-बैंगनी। शुद्धता की जाँच: शुद्ध ठोस एक निश्चित ताप पर पिघलता है।
सटीक (नियत) मापन
कुछ प्रयोग मात्रात्मक होते हैं: हमें संख्या चाहिए। अच्छी आदतें संख्या को भरोसेमंद बनाती हैं:
- सही उपकरण लीजिए: द्रव्यमान के लिए तराज़ू, सटीक आयतन के लिए ब्यूरेट या पिपेट, मोटे आयतन के लिए मापक सिलेंडर।
- आँख की सीध में वक्र की निचली सतह (मेनिस्कस) पढ़िए।
- दोहराइए और जो पाठ्यांक मेल खाएँ (संगत पाठ्यांक: 0.1 mL के भीतर) उन्हें रखकर औसत लीजिए। पहली मोटी रीडिंग छोड़ दीजिए।
- बाकी स्थितियाँ नियत रखिए: वही ताप, वही मात्राएँ।
अनुमापन। ब्यूरेट से अम्ल को ज्ञात आयतन के क्षार में सूचक के साथ तब तक डालिए जब रंग बस बदल जाए (अंत बिंदु)। उस बिंदु पर अम्ल और क्षार ठीक-ठीक अभिक्रिया कर चुके होते हैं: 1 : 1 अभिक्रिया में C₁V₁ = C₂V₂।
प्रतिशत उपज = वास्तविक द्रव्यमान ÷ सैद्धांतिक द्रव्यमान × 100।
प्रयोगशाला में औद्योगिक प्रक्रिया का मॉडल
फ़ैक्टरी को स्कूल की प्रयोगशाला में नहीं चला सकते, पर चरणों का छोटा मॉडल बना सकते हैं: आगत → उत्प्रेरक वाला अभिक्रियक → शीतक और पृथक्कारी → उत्पाद, और बचा अभिकारक लौटाकर फिर इस्तेमाल।
लौटाना क्यों? अगर एक बार में सिर्फ़ 30% अभिक्रिया करता है, तो बाकी फेंकने से 70% बेकार जाता है। 3 बार के बाद कुल 1 − 0.7³ = 66% हो जाता है। 8 बार के बाद लगभग 94%।
सरल प्रयोगशाला मॉडल: घोलकर और क्रिस्टल बनाकर लवण तैयार कीजिए, क्रिस्टल छान लीजिए और बचे द्रव (मातृ द्रव) को अगले बैच में फिर लगाइए। देखिए क्या बचा: कच्चा माल, ऊर्जा और अपशिष्ट। असली उदाहरणों से तुलना कीजिए, जैसे हेबर प्रक्रम, जहाँ अभिक्रिया न करने वाली नाइट्रोजन और हाइड्रोजन लौटा दी जाती हैं।
पर्यावरण की जाँच: क्या यह पानी सुरक्षित है?
रसायन समाज की मदद करता है (STSE: विज्ञान, प्रौद्योगिकी, समाज, पर्यावरण)। पानी के नमूने की जाँच में हम मापते हैं:
- सार्वत्रिक सूचक या मीटर से pH। पीने के पानी का pH लगभग 6.5 से 8.5 होता है। pH का हर कदम हाइड्रोजन आयन की मात्रा में 10 गुना है।
- परीक्षण पट्टी से नाइट्रेट (खाद और सीवेज से)। पीने के लिए आम सीमा नाइट्रेट के रूप में 50 mg/L है।
- अन्य: कठोरता, क्लोराइड, घुली ऑक्सीजन, कीटाणु।
अच्छा तरीका: साफ़ बोतल में नमूना लीजिए, जगह और समय लिखिए, उसी दिन जाँचिए, सुरक्षित सीमा से तुलना कीजिए और रिपोर्ट दीजिए। सीमा से बाहर की रीडिंग स्रोत ढूँढने का संकेत है (फ़ैक्टरी का नाला, खेत का बहाव या सीवेज)।
करके देखिए: रसोई और बगीचे की रसायन
पहले अनुमान, फिर जाँच। घर पर मिट्टी को पानी में घोलिए, कपड़े से छानिए और साफ़ पानी देखिए। क्या कुछ घुला है? थोड़ा पानी थाली में उड़ने दीजिए। लाल पत्तागोभी के रस का सूचक नींबू के रस में गुलाबी और बेकिंग सोडा में हरा-नीला हो जाता है। एक तालिका बनाइए: आपने क्या सोचा था और क्या देखा। प्रयोगशाला के रसायनों को न चखिए, न सूँघिए, और गरम करने से पहले हमेशा बड़ों से पूछिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- C₁V₁ = C₂V₂ (1 : 1 अम्ल–क्षार अनुमापन)
- प्रतिशत उपज = (वास्तविक ÷ सैद्धांतिक) × 100
- माध्य पाठ्यांक = संगत पाठ्यांकों का योग ÷ पाठ्यांकों की संख्या
- पुनर्चक्रण से n बार के बाद अभिक्रिया का अंश = 1 − (1 − p)ⁿ
- पेयजल निर्देश: pH 6.5 से 8.5; नाइट्रेट ≤ 50 mg/L
हल किए गए उदाहरण
1. संगत पाठ्यांक 20.1, 20.0 और 20.1 mL हैं। माध्य पाठ्यांक निकालिए।
(20.1 + 20.0 + 20.1) ÷ 3 = 60.2 ÷ 3 = 20.07 mL ≈ 20.1 mL।
2. 25.0 mL NaOH को पूरा करने में 0.10 mol/L HCl के 20.0 mL लगे। NaOH की सांद्रता निकालिए।
1 : 1 अभिक्रिया है, इसलिए C₁V₁ = C₂V₂। C(NaOH) = 0.10 × 20.0 ÷ 25.0 = 0.080 mol/L।
3. आपको 8.4 g लवण मिला पर गणना कहती है कि 12.0 g संभव था। प्रतिशत उपज निकालिए।
8.4 ÷ 12.0 × 100 = 70%।
4. हर बार में 30% आगत बदलता है और बची गैस लौटाई जाती है। 3 बार में कितना अंश बदला?
अनबदला = 0.7³ = 0.343। बदला = 1 − 0.343 = 0.657, लगभग 66%।
5. 5.0 g CaCO₃ (M = 100 g/mol) अधिक अम्ल से अभिक्रिया करता है। कमरे की स्थिति (24 L/mol) में कितनी CO₂ बनेगी?
मोल = 5.0 ÷ 100 = 0.050 mol। CaCO₃ : CO₂ = 1 : 1। आयतन = 0.050 × 24 = 1.2 L।
6. एक नदी के नमूने का pH 4.8 और नाइट्रेट 64 mg/L है। क्या वह पीने योग्य है? कौन-सा संकेत फ़ैक्टरी के नाले की ओर इशारा करता है?
नहीं: pH 6.5 से कम और नाइट्रेट 50 mg/L से ज़्यादा है। कम pH (अम्लीय) अम्ल छोड़ने वाले फ़ैक्टरी के नाले की ओर इशारा करता है; अधिक नाइट्रेट खाद या सीवेज की ओर।
आम गलतियाँ
- ब्यूरेट को आँख की सीध में पढ़ने की जगह ऊपर या नीचे से पढ़ना।
- मोटी पहली रीडिंग समेत सभी पाठ्यांकों का औसत लेना, सिर्फ़ संगत पाठ्यांकों का नहीं।
- CO₂ जैसी भारी गैस को अधोमुखी विस्थापन (जार उलटा) से इकट्ठा करना। वह रुकेगी नहीं।
- लगभग साफ़ द्रव को "शुद्ध" कहना। शुद्ध का मतलब एक ही पदार्थ; गलनांक या क्वथनांक से जाँचिए।