हम क्या बना रहे हैं और कौन-से औज़ार चाहिए
मोलरता (M, mol/L) का मतलब है 1 लीटर विलयन में विलेय के मोलों की संख्या। मानक विलयन (standard solution) वह है जिसकी मोलरता ज्ञात और सटीक हो।
औज़ार:
- विश्लेषणात्मक तराज़ू: 0.01 g या बेहतर तक तोलता है।
- बीकर और काँच की छड़: विलेय घोलने के लिए।
- कीप: बिना गिराए डालने के लिए।
- आयतनमितीय फ़्लास्क: चपटी तली, लंबी पतली गर्दन और एक वलय चिह्न वाला फ़्लास्क। द्रव चिह्न को छुए तो यह 20 °C पर एक ठीक आयतन (जैसे 250.0 mL) रखता है।
- धुलाई बोतल और ड्रॉपर: बूँद-बूँद पानी डालने के लिए।
मापक सिलिंडर पर्याप्त सटीक नहीं है, और शंक्वाकार फ़्लास्क पर आयतन का ठीक चिह्न नहीं होता।
चरण 1: तोलने का द्रव्यमान निकालो
दो छोटे सूत्र:
मोल n = मोलरता c × आयतन V (लीटर में)
द्रव्यमान m = n × मोलर द्रव्यमान M
उदाहरण: 0.1 mol/L NaCl का 250 mL। V = 250 ÷ 1000 = 0.25 L। n = 0.1 × 0.25 = 0.025 mol। M(NaCl) = 23 + 35.5 = 58.5 g/mol। m = 0.025 × 58.5 = 1.46 g।
mL को पहले L में बदलो। यहीं सबसे ज़्यादा अंक कटते हैं।
चरण 2: तोलो, घोलो, डालो और धोओ
- साफ़ सूखे बीकर में ज़रूरी द्रव्यमान तोलो। असल तोला हुआ द्रव्यमान लिखो (1.46 g की जगह 1.47 g हो सकता है; असली मोलरता निकालने में असली मान लो)।
- थोड़ा आसुत जल (लगभग 50 mL) डालो और काँच की छड़ से तब तक हिलाओ जब तक सब घुल न जाए।
- आयतनमितीय फ़्लास्क की गर्दन में कीप रखो। घोल को काँच की छड़ के सहारे डालो।
- बीकर, छड़ और कीप को थोड़े आसुत जल से तीन बार धोओ और हर धुलाई फ़्लास्क में डालो। इससे सारा विलेय फ़्लास्क में पहुँचता है।
चरण 3: चिह्न तक भरो और मिलाओ
आसुत जल तब तक डालो जब स्तर वलय चिह्न से लगभग 1 cm नीचे रहे। कीप हटाओ। अब ड्रॉपर से बूँद-बूँद डालो जब तक वक्र सतह (मेनिस्कस) का निचला भाग वलय चिह्न को न छू ले। आँख चिह्न की ऊँचाई पर रखो, ऊपर या नीचे नहीं।
ढक्कन लगाओ, उँगली से पकड़ो और फ़्लास्क को लगभग 10 बार उलटो-पलटो ताकि घोल पूरी तरह मिल जाए। नाम, मोलरता, तारीख़ और अपना नाम लिख दो।
त्रुटि विश्लेषण: क्या ग़लत हो सकता है
| ग़लती | क्या होता है | मोलरता पर असर |
|---|---|---|
| वलय चिह्न से आगे जाना | आयतन 250 mL से ज़्यादा | कम (तनु) |
| बीकर या कीप न धोना | कुछ विलेय खो गया | कम |
| आँख चिह्न से ऊपर या नीचे | आयतन का अंदाज़ा ग़लत (लंबन) | थोड़ी ज़्यादा या कम |
| गीला या नम विलेय तोलना | असली विलेय का द्रव्यमान कम | कम |
| गरम घोल इस्तेमाल करना | द्रव फैलता है, ठंडा होने पर कम रह जाएगा | ठंडा होने पर ज़्यादा |
| डालते समय गिर जाना | विलेय खो गया | कम |
| उपयोग से पहले फ़्लास्क आसुत जल से धुला | कोई असर नहीं: चिह्न तक भरना ही है | कोई नहीं |
किसी दूसरे घोल से धुला फ़्लास्क ग़लत है। आसुत जल से गीला फ़्लास्क ठीक है।
ग़लती कितनी बड़ी?
250 mL फ़्लास्क में 5 mL पानी ज़्यादा पड़ा तो असली आयतन 255 mL है, इसलिए असली मोलरता = 0.025 ÷ 0.255 = 0.098 mol/L, यानी लगभग 2% कम। छोटी ग़लती है, पर सटीक काम में मायने रखती है।
करके देखो: पहले अनुमान, फिर जाँच
चरण 6 से पहले अनुमान लगाओ: 100 mL, 0.5 mol/L NaCl के लिए कितना द्रव्यमान चाहिए। फिर स्लाइडर से जाँचो। घर पर एक गिलास पानी में एक चम्मच नमक घोलो, फिर उतना ही नमक बड़े जग में घोलो। छोटे गिलास में घोल ज़्यादा तेज़ बनता है: आयतन बदलने से सांद्रता बदलती है। "बूँद-बूँद" वाले चरण का खेल खेलो: ड्रॉपर से बोतल को किसी निशान तक कितना सटीक भर सकते हो?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- n = c × V (V लीटर में)
- m = n × M = c × V × M
- c (असली) = विलेय के मोल ÷ विलयन का असली आयतन (लीटर में)
- 1 L = 1000 mL; 250 mL = 0.25 L
- मेनिस्कस का निचला भाग वलय पर और आँख वलय की ऊँचाई पर रखकर भरो
हल किए गए उदाहरण
1. 0.1 mol/L के 250 mL विलयन के लिए NaCl (M = 58.5 g/mol) का द्रव्यमान निकालो।
V = 0.25 L। n = 0.1 × 0.25 = 0.025 mol। m = 0.025 × 58.5 = 1.46 g।
2. 0.2 mol/L के 500 mL विलयन के लिए कितने ग्राम NaCl चाहिए?
V = 0.5 L। n = 0.2 × 0.5 = 0.1 mol। m = 0.1 × 58.5 = 5.85 g।
3. 0.5 mol/L के 100 mL विलयन के लिए NaOH (M = 40 g/mol) कितना चाहिए?
V = 0.1 L। n = 0.5 × 0.1 = 0.05 mol। m = 0.05 × 40 = 2.0 g।
4. 0.1 mol/L के 250 mL विलयन के लिए Na₂CO₃ (M = 106 g/mol) का द्रव्यमान निकालो।
n = 0.1 × 0.25 = 0.025 mol। m = 0.025 × 106 = 2.65 g।
5. एक छात्र 1.17 g NaCl (M = 58.5 g/mol) घोलकर 200 mL बनाता है। मोलरता निकालो।
n = 1.17 ÷ 58.5 = 0.02 mol। V = 0.2 L। c = 0.02 ÷ 0.2 = 0.1 mol/L।
6. छात्र ने 250 mL फ़्लास्क में 0.1 mol/L चाहा, पर 5 mL ज़्यादा पानी डाल दिया। असली मोलरता क्या है?
मोल = 0.1 × 0.25 = 0.025 mol। असली आयतन = 255 mL = 0.255 L। c = 0.025 ÷ 0.255 = 0.098 mol/L (लगभग 2% कम)।
आम गलतियाँ
- सूत्र में आयतन mL में लगा देना। पहले हमेशा लीटर में बदलो (250 mL = 0.25 L)।
- ठोस को सीधे आयतनमितीय फ़्लास्क में डाल देना। पहले बीकर में घोलो, फिर डालो।
- आँख चिह्न से ऊपर या नीचे रखकर भरना, या वक्र का ऊपरी भाग पढ़ना, निचला नहीं।
- बीकर, छड़ और कीप फ़्लास्क में न धोना, जिससे कुछ विलेय खो जाता है।