दहन क्या है?
दहन का मतलब है जलना। ईंधन तेज़ी से ऑक्सीजन से क्रिया करता है और गर्मी और रोशनी देता है।
यह रासायनिक परिवर्तन है: नए पदार्थ बनते हैं और ईंधन वापस नहीं मिलता। मोम, लकड़ी, पेट्रोल और रसोई गैस जलते हैं।
जो पदार्थ जलते हैं वे दहनशील हैं (कागज़, लकड़ी, मिट्टी का तेल)। जो नहीं जलते वे अदहनशील हैं (पत्थर, काँच)।
दहन की शर्तें: आग का त्रिकोण
आग के लिए तीनों एक साथ चाहिए:
- ईंधन: जो जल सके।
- ऑक्सीजन: आमतौर पर हवा से (हवा में लगभग 21% ऑक्सीजन)।
- गर्मी: इतनी कि पदार्थ अपने ज्वलन ताप तक पहुँचे। ज्वलन ताप = वह सबसे कम तापमान जिस पर पदार्थ आग पकड़ता है।
पेट्रोल और माचिस के सिरे का ज्वलन ताप कम है, इसलिए वे जल्दी जलते हैं। गीली लकड़ी देर से जलती है क्योंकि पानी उसे ठंडा रखता है।
निष्पक्ष प्रयोग
एक शर्त जाँचनी हो तो सिर्फ़ वही बदलो, बाकी सब वैसा ही रखो। जैसे दो एक जैसी मोमबत्तियाँ, एक पर गिलास, एक खुली।
उत्पाद: CO₂, पानी और चूने के पानी का परीक्षण
ज़्यादातर ईंधनों में कार्बन (C) और हाइड्रोजन (H) होते हैं। पूरा जलने पर:
ईंधन + ऑक्सीजन → कार्बन डाइऑक्साइड + पानी + ऊर्जा
मीथेन (प्राकृतिक गैस): CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O (+ ऊष्मा)।
CO₂ की जाँच: गैस को चूने के पानी (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) में से गुज़ारो, वह दूधिया हो जाता है। पानी की जाँच: नीला कोबाल्ट क्लोराइड कागज़ गुलाबी हो जाता है।
ऊर्जा ईंधन के रासायनिक बंधों में जमा थी। जलने पर रासायनिक ऊर्जा गर्मी और रोशनी में बदलती है।
पूर्ण और अपूर्ण दहन
| पूर्ण | अपूर्ण | |
|---|---|---|
| हवा | भरपूर | कम |
| लौ | नीली, गर्म, साफ़ | पीली, कालिख वाली |
| उत्पाद | CO₂ + H₂O | CO, कालिख (C), H₂O |
| ऊर्जा | ज़्यादा | कम (ईंधन बर्बाद) |
कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) रंगहीन और गंधहीन है। यह खून को ऑक्सीजन ले जाने से रोकती है और जान ले सकती है। बंद कमरे में कोयला, अंगीठी या गैस हीटर कभी न जलाएँ।
ईंधन और ऊष्मीय मान
अच्छा ईंधन: आसानी से मिले, सस्ता हो, ज़्यादा गर्मी दे, एक जैसी रफ़्तार से जले, कम धुआँ-राख छोड़े और रखने में सुरक्षित हो।
ऊष्मीय मान = 1 ग्राम (या 1 kg) ईंधन पूरा जलने पर निकली ऊर्जा। इकाई: kJ/g या kJ/kg।
- लकड़ी ≈ 16 kJ/g
- कोयला ≈ 25–33 kJ/g
- LPG / पेट्रोल ≈ 45–50 kJ/g
- हाइड्रोजन ≈ 142 kJ/g (और सिर्फ़ पानी बनाता है)
निकली ऊर्जा = द्रव्यमान × ऊष्मीय मान।
आग बुझाना और विस्फोट से बचाव
आग बुझाने का हर तरीका त्रिकोण की एक भुजा हटाता है:
- गर्मी हटाओ: पानी ईंधन को ज्वलन ताप से नीचे ठंडा करता है।
- ऑक्सीजन हटाओ: कंबल, रेत, कड़ाही पर ढक्कन या CO₂ अग्निशामक।
- ईंधन हटाओ: गैस बंद करो; जंगल में खाली पट्टी काटो।
जलते तेल पर (तेल छिटकता है) या बिजली की आग पर (करंट का खतरा) पानी कभी न डालें: बिजली बंद करो और CO₂ या पाउडर इस्तेमाल करो।
विस्फोट
जब जलने वाली गैस या बारीक धूल (आटा, कोयले की धूल) बंद जगह में हवा से मिलती है और चिंगारी लगती है, तो सब एक साथ जलता है और गर्म गैस अचानक फैलती है: विस्फोट। बचाव: गैस की गंध आए तो खिड़कियाँ खोलो, स्विच न दबाओ, माचिस न जलाओ; मिलों और खदानों में धूल कम रखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
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हल किए गए उदाहरण
1. 250 mL के गिलास के नीचे मोमबत्ती 10 सेकंड में बुझती है। 500 mL गिलास में क्या होगा और क्यों?
लगभग दुगना समय (करीब 20 सेकंड)। बड़े गिलास में लगभग दुगनी हवा यानी दुगनी ऑक्सीजन है। सिर्फ़ गिलास का आकार बदला, इसलिए प्रयोग निष्पक्ष है।
2. 2 kg LPG जलाने से कितनी ऊष्मा मिलेगी? (ऊष्मीय मान 50 kJ/g)
2 kg = 2000 g। E = 2000 × 50 = 1,00,000 kJ = 100 MJ।
3. प्रोपेन का दहन संतुलित करो: C₃H₈ + O₂ → CO₂ + H₂O
कार्बन: 3 → 3CO₂। हाइड्रोजन: 8 → 4H₂O। दाईं ओर ऑक्सीजन: 3×2 + 4×1 = 10 परमाणु → 5O₂। इसलिए C₃H₈ + 5O₂ → 3CO₂ + 4H₂O।
4. चूल्हे की लौ पीली है और पतीले पर काले निशान हैं। गड़बड़ क्या है और हल क्या?
गैस को हवा कम मिल रही है, दहन अपूर्ण है; काले निशान कालिख (कार्बन) हैं। बर्नर के छेद साफ़ करो ताकि ज़्यादा हवा मिले; लौ नीली हो जाएगी।
5. बिजली की आग पर CO₂ अग्निशामक क्यों काम करता है?
CO₂ हवा से भारी है और जलती नहीं, इसलिए आग को ढककर ऑक्सीजन हटा देती है। यह बिजली नहीं चलाती और पानी नहीं छोड़ती, तो करंट का खतरा नहीं।
6. ज़्यादा ऊष्मा कौन देगा: 3 g हाइड्रोजन (142 kJ/g) या 10 g कोयला (30 kJ/g)?
हाइड्रोजन: 3 × 142 = 426 kJ। कोयला: 10 × 30 = 300 kJ। 3 g हाइड्रोजन ज़्यादा देता है, और उत्पाद सिर्फ़ पानी।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि आग को सिर्फ़ ईंधन और गर्मी चाहिए। ऑक्सीजन के बिना कुछ नहीं जलता, इसीलिए ढकने से आग बुझती है।
- तेल या बिजली की आग पर पानी डालना। पानी जलते तेल को फैलाता है और करंट चलाता है। ढक्कन, कंबल या CO₂ अग्निशामक लो।
- जलने को भौतिक परिवर्तन कहना। नए पदार्थ (CO₂, पानी) बनते हैं, तो यह रासायनिक परिवर्तन है।
- CO और CO₂ में गड़बड़। CO₂ चूने के पानी को दूधिया करती है; CO अपूर्ण दहन की ज़हरीली गैस है।