पौधों को उर्वरक क्यों चाहिए?
पौधे हवा और पानी से भोजन बनाते हैं, पर उन्हें मिट्टी से खनिज पोषक तत्व भी चाहिए। फ़सल कटने पर ये खनिज खेत से चले जाते हैं। उर्वरक वे पदार्थ हैं जो इन्हें मिट्टी में वापस जोड़ते हैं।
तीन मुख्य पोषक तत्व:
- नाइट्रोजन (N): पत्तियाँ, प्रोटीन और क्लोरोफ़िल बनाती है। कमी: पीली, फीकी पत्तियाँ, रुकी वृद्धि। उर्वरक: यूरिया CO(NH₂)₂, अमोनियम नाइट्रेट NH₄NO₃, अमोनियम सल्फ़ेट (NH₄)₂SO₄।
- फ़ॉस्फ़ोरस (P): जड़, फूल, बीज और ऊर्जा-स्थानांतरण (ATP) में मदद। कमी: बैंगनी आभा, कमज़ोर जड़। उर्वरक: सुपरफ़ॉस्फ़ेट, डीएपी।
- पोटैशियम (K): जल-संतुलन, एंज़ाइम, मज़बूत तना, फल की गुणवत्ता। कमी: पत्तों के किनारे भूरे, कमज़ोर तना। उर्वरक: पोटैशियम क्लोराइड KCl (म्यूरिएट ऑफ़ पोटाश), पोटैशियम सल्फ़ेट।
उर्वरक पर NPK 20-10-10 लिखा हो तो वह N, फ़ॉस्फ़ोरस (P₂O₅ के रूप में) और पोटैशियम (K₂O के रूप में) का प्रतिशत है।
न्यूनतम का नियम
पौधा उस पोषक तत्व से सीमित होता है जो सबसे कम मात्रा में है, जैसे पीपा अपनी सबसे छोटी तख़्ती से टपकता है। जो पोषक तत्व पहले से काफ़ी है उसे और डालने से कुछ नहीं होता। इसलिए किसान पहले मिट्टी की जाँच करके सिर्फ़ वही डालते हैं जो कम है।
मिट्टी की अम्लता और चूना डालना
मिट्टी का pH बताता है कि मिट्टी कितनी अम्लीय या क्षारीय है (pH 7 उदासीन)। ज़्यादातर फ़सलें pH 6 से 7.5 में सबसे अच्छी उगती हैं। बारिश, कुछ उर्वरक (जैसे अमोनियम सल्फ़ेट) और सड़ते पौधे मिट्टी को अम्लीय बना सकते हैं। अम्लीय मिट्टी में कुछ पोषक तत्व बँध जाते हैं और एल्युमीनियम जैसी धातुएँ जड़ों को नुकसान पहुँचाती हैं।
चूना डालना: चूना (CaO), बुझा चूना Ca(OH)₂ या पिसा चूना पत्थर CaCO₃ अम्ल को उदासीन करके pH बढ़ाता है। बहुत क्षारीय मिट्टी को जिप्सम या गंधक और जैविक पदार्थ से सुधारते हैं। पहले pH पत्र या pH मीटर से मिट्टी जाँचिए। देखिए pH पैमाना और मिट्टी।
उर्वरकों के अच्छे और बुरे प्रभाव
अच्छे: ज़्यादा उपज, स्वस्थ फ़सल, उसी ज़मीन से ज़्यादा लोगों का पेट भरना।
ज़्यादा इस्तेमाल पर बुरे: नाइट्रेट और फ़ॉस्फ़ेट खेत से बहकर तालाब, नदी और कुओं में जाते हैं। इससे काई तेज़ी से बढ़ती है (सुपोषण/यूट्रोफ़िकेशन); काई मरने पर जीवाणु ऑक्सीजन खा जाते हैं और मछलियाँ मर जाती हैं (देखिए सुपोषण)। पीने के पानी में नाइट्रेट हानिकारक है, खासकर शिशुओं के लिए। ज़्यादा उर्वरक जड़ें जला देता है। मिट्टी के जीव भी कष्ट पाते हैं।
समझदारी से उपयोग: मिट्टी की जाँच, सही मात्रा और समय, जैविक खाद व कंपोस्ट के साथ मिलाना, दलहनी फ़सलों से फ़सल-चक्र (जो नाइट्रोजन बाँधती हैं)।
तत्वों की जैविक भूमिका
- C, H, O: सारे कार्बनिक पदार्थों (कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन) का शरीर।
- N: प्रोटीन, DNA, क्लोरोफ़िल।
- P: DNA, ATP, हड्डी और दाँत (कैल्शियम फ़ॉस्फ़ेट)।
- S: कुछ अमीनो अम्ल (प्रोटीन)।
- Ca: हड्डी, दाँत, कोशिका भित्ति, पेशी और तंत्रिका क्रिया।
- K और Na: तंत्रिका संकेत और जल-संतुलन।
- Mg: क्लोरोफ़िल के केंद्र में।
- Fe: हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन ले जाता है।
- Zn, Cu, I और अन्य: एंज़ाइम और हार्मोन के लिए बहुत थोड़ी मात्रा (आयोडीन थायरॉइड के लिए)।
आयनों की गुणात्मक जाँच
उर्वरक या लवण में क्या है, यह जानने के लिए आयनों की जाँच करते हैं। कुछ त्वरित जाँचें:
- अमोनियम (NH₄⁺): NaOH के साथ गर्म करें; तीखी गैस जो नम लाल लिटमस को नीला करती है।
- नाइट्रेट (NO₃⁻): भूरा वलय परीक्षण।
- क्लोराइड (Cl⁻): AgNO₃ और तनु HNO₃ डालें; सफ़ेद अवक्षेप।
- सल्फ़ेट (SO₄²⁻): BaCl₂ डालें; सफ़ेद अवक्षेप जो अम्ल में नहीं घुलता।
- कार्बोनेट (CO₃²⁻): अम्ल डालें; CO₂ का झाग चूने के पानी को दूधिया करता है।
- फ़ॉस्फ़ेट (PO₄³⁻): अमोनियम मॉलिब्डेट से पीला अवक्षेप।
और जानकारी आयनों की जाँच में।
अकार्बनिक वर्गों के बीच आनुवंशिक संबंध
अकार्बनिक पदार्थ वंश-वृक्ष की तरह जुड़े हैं:
- धातु → क्षारकीय ऑक्साइड → क्षार → लवण। उदाहरण: Ca → CaO → Ca(OH)₂ → CaCO₃ या CaCl₂।
- अधातु → अम्लीय ऑक्साइड → अम्ल → लवण। उदाहरण: P → P₂O₅ → H₃PO₄ → Ca₃(PO₄)₂ या फ़ॉस्फ़ेट उर्वरक।
- अम्ल और क्षार मिलकर लवण और पानी बनाते हैं (उदासीनीकरण), यही अमोनियम नाइट्रेट जैसे उर्वरक-लवण बनाने की विधि है: NH₃ + HNO₃ → NH₄NO₃।
सिलिकेट पदार्थ
काँच, सीमेंट और सिरेमिक रेत और मिट्टी से बने सिलिकेट पदार्थ हैं। इन्हें कार्बन परिवार वाले पाठ, काँच, सीमेंट और सिरेमिक में समझाया गया है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- NPK लेबल = % N : % P₂O₅ : % K₂O
- यूरिया: CO(NH₂)₂ (46 % N)
- NH₃ + HNO₃ → NH₄NO₃
- चूना डालना: CaCO₃ + 2H⁺ → Ca²⁺ + H₂O + CO₂
- धातु → क्षारकीय ऑक्साइड → क्षार → लवण; अधातु → अम्लीय ऑक्साइड → अम्ल → लवण
हल किए गए उदाहरण
1. एक बोरे पर 10-26-26 लिखा है। 50 kg के बोरे में नाइट्रोजन कितनी है?
50 kg का 10 % = 5 kg N।
2. फ़सल की पत्तियाँ पीली हैं और वृद्धि धीमी है। कौन-सा पोषक तत्व संभवतः कम है?
नाइट्रोजन। यह क्लोरोफ़िल और पत्तियाँ बनाती है।
3. चूना अम्लीय मिट्टी की मदद क्यों करता है?
चूना क्षारीय है। यह मिट्टी के अम्ल (H⁺) से क्रिया करके pH बढ़ाता है, जिससे पोषक तत्व मुक्त होते हैं और एल्युमीनियम कम हानिकारक रहता है।
4. यूरिया CO(NH2)2 में नाइट्रोजन का % ज्ञात कीजिए। (C = 12, O = 16, N = 14, H = 1)
मोलर द्रव्यमान = 12 + 16 + 2 × (14 + 2) = 60। N का द्रव्यमान = 28। % N = 28 / 60 × 100 = 46.7 %।
आम गलतियाँ
- ज़्यादा उर्वरक हमेशा बेहतर मानना। बहुत ज़्यादा जड़ें जलाता और पानी प्रदूषित करता है।
- किस पोषक तत्व का क्या काम है, यह गड़बड़ करना: N पत्तियाँ, P जड़-फूल, K तना-फल।
- पहले से क्षारीय मिट्टी में चूना डालना।
- यह भूलना कि पोषक तत्व मिट्टी में होकर भी गलत pH से बँधे हो सकते हैं।