प्रकाश संश्लेषण: पौधे ग्लूकोज़ कैसे बनाते हैं
हरे पौधे हवा से कार्बन डाइऑक्साइड और मिट्टी से पानी लेते हैं। क्लोरोफ़िल से पकड़ी गई प्रकाश ऊर्जा से वे ग्लूकोज़ बनाते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं:
6 CO2 + 6 H2O + प्रकाश → C6H12O6 + 6 O2
परमाणु गिनिए: दोनों तरफ़ 6 C, 12 H और 18 O हैं, इसलिए समीकरण संतुलित है। प्रकाश ऊर्जा ग्लूकोज़ के बंधों में जमा हो जाती है। लगभग हर खाद्य श्रृंखला की शुरुआत यही है।
जैव-अणुओं की संरचना
जीवों में बड़े अणुओं के चार मुख्य परिवार होते हैं। ज़्यादातर बहुलक (polymers) हैं: छोटी दोहराई जाने वाली इकाइयों की लंबी ज़ंजीरें।
- कार्बोहाइड्रेट: शर्करा इकाइयों (जैसे ग्लूकोज़) से बने। स्टार्च और सेल्यूलोज़ ग्लूकोज़ की लंबी ज़ंजीरें हैं।
- प्रोटीन: अमीनो अम्ल की ज़ंजीरें। 20 प्रकार होते हैं; उनका क्रम तय करता है कि ज़ंजीर कैसे मुड़ेगी और प्रोटीन क्या काम करेगा।
- वसा (लिपिड): एक ग्लिसरॉल से जुड़ी तीन वसा-अम्ल की पूँछें। ये ऊर्जा जमा रखती हैं, सच्चे बहुलक नहीं हैं।
- न्यूक्लिक अम्ल (DNA और RNA): न्यूक्लियोटाइड की ज़ंजीरें। ये जीवन के निर्देश ढोते हैं।
इकाइयाँ एक अभिक्रिया से जुड़ती हैं जिसमें पानी का एक अणु निकलता है (संघनन)। तोड़ने के लिए पानी वापस जोड़ना पड़ता है (जल-अपघटन)।
पोषक तत्वों का टूटना
पाचन बड़े अणुओं को छोटे अणुओं में काटता है ताकि शरीर उन्हें सोख सके: स्टार्च से ग्लूकोज़, प्रोटीन से अमीनो अम्ल, वसा से ग्लिसरॉल और वसा अम्ल।
कोशिका के अंदर ग्लूकोज़ ऑक्सीजन से धीरे-धीरे जलकर काम के लिए ऊर्जा देता है (श्वसन):
C6H12O6 + 6 O2 → 6 CO2 + 6 H2O + ऊर्जा
यह प्रकाश संश्लेषण का उलटा है। एंज़ाइम वे प्रोटीन हैं जो हर चरण को तेज़ करते हैं। हर एंज़ाइम एक ही तरह के अणु पर ताले में चाबी की तरह फिट होता है और ख़र्च नहीं होता।
प्रोटीन संश्लेषण के चरण
DNA के जीन में न्यूक्लियोटाइड का क्रम प्रोटीन की विधि रखता है। कोशिका इसे चरणों में बनाती है:
- अनुलेखन (transcription): केंद्रक में जीन की छोटी नक़ल, mRNA, बनती है।
- mRNA कोशिकाद्रव्य में राइबोसोम तक जाती है।
- अनुवाद (translation): राइबोसोम mRNA को तीन अक्षर एक साथ पढ़ता है। हर त्रिक एक अमीनो अम्ल चुनता है।
- अमीनो अम्ल उसी क्रम में जुड़कर ज़ंजीर बनाते हैं, जो फिर मुड़कर काम करने वाला प्रोटीन बनती है।
DNA के क्रम में बदलाव से अमीनो अम्ल और इसलिए प्रोटीन बदल सकता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- 6 CO2 + 6 H2O + प्रकाश → C6H12O6 + 6 O2
- C6H12O6 + 6 O2 → 6 CO2 + 6 H2O + ऊर्जा
- इकाइयाँ संघनन से जुड़ती हैं (पानी निकलता है); ज़ंजीर जल-अपघटन से टूटती है (पानी जुड़ता है)
- DNA → mRNA (अनुलेखन) → प्रोटीन (अनुवाद)
हल किए गए उदाहरण
1. प्रकाश संश्लेषण में 3 ग्लूकोज़ अणु बने तो कितने ऑक्सीजन अणु बने?
एक ग्लूकोज़ के साथ 6 O2 बनते हैं। इसलिए 3 ग्लूकोज़ के साथ 3 × 6 = 18 ऑक्सीजन अणु।
2. 10 अमीनो अम्ल की ज़ंजीर बनी। जुड़ने पर पानी के कितने अणु निकले?
हर जोड़ पर 1 पानी निकलता है। 10 इकाइयों के 9 जोड़ होते हैं, इसलिए 9 पानी के अणु निकले।
3. चबाने पर रोटी मीठी लगती है। यहाँ कौन-सा एंज़ाइम काम करता है?
लार का एमाइलेज़ स्टार्च को छोटी शर्कराओं (माल्टोज़ और ग्लूकोज़) में काटता है। छोटी शर्कराएँ मीठी लगती हैं।
4. mRNA के टुकड़े में 12 अक्षर हैं। वह कितने अमीनो अम्ल कोड करता है?
राइबोसोम हर अमीनो अम्ल के लिए 3 अक्षर पढ़ता है। 12 ÷ 3 = 4 अमीनो अम्ल।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि पौधे केवल प्रकाश में श्वसन करते हैं। श्वसन दिन-रात होता है; प्रकाश संश्लेषण केवल प्रकाश में।
- दोनों समीकरण उलझाना। प्रकाश संश्लेषण ग्लूकोज़ और ऑक्सीजन बनाता है; श्वसन उन्हें उपयोग करता है।
- एंज़ाइम को ख़र्च होने वाला मानना। ये ख़र्च नहीं होते, बार-बार काम करते हैं।
- यह सोचना कि DNA केंद्रक से बाहर आता है। यात्रा उसकी नक़ल mRNA करती है।