Netherlands VWO 6 (eindexamenjaar) Chemistry
अध्याय: 2
1. Industrial chemical processes
Industrial processes · Green chemistry · Energy conversions · Risk and safety · Sustainable production
- औद्योगिक रसायन: रासायनिक संयंत्र कैसे काम करता है – रासायनिक संयंत्र सस्ते कच्चे माल को उपयोगी उत्पाद में बदलता है। पहले कच्चा माल तैयार होता है, फिर चुनी हुई परिस्थितियों में रिएक्टर में अभिक्रिया होती है, उत्पाद अलग किया जाता है और बचा पदार्थ वापस भेजा जाता है (पुनःचक्रण)। इंजीनियर गति, लब्धि, ख़र्च, सुरक्षा और पर्यावरण में संतुलन बनाते हैं।
- हरित रसायन (Green Chemistry) – हरित रसायन का अर्थ है ऐसे रासायनिक उत्पाद और प्रक्रियाएँ बनाना जो कम अपशिष्ट दें, सुरक्षित पदार्थ लें, ऊर्जा बचाएँ और नवीकरणीय कच्चा माल इस्तेमाल करें। मुख्य उपाय: ऊँची परमाणु अर्थव्यवस्था, उत्प्रेरक, पानी जैसे सुरक्षित विलायक, नवीकरणीय कच्चा माल, और सुरक्षित रूप से टूटने वाले उत्पाद। जीवन-चक्र मूल्यांकन कच्चे माल से निपटान तक उत्पाद का असर जाँचता है।
- ऊर्जा संरक्षण (Conservation of Energy) – ऊर्जा को न बनाया जा सकता है, न नष्ट किया जा सकता है। वह केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदलती है या एक वस्तु से दूसरी में जाती है। बंद तंत्र की कुल ऊर्जा हमेशा उतनी ही रहती है। घर्षण न हो तो यांत्रिक ऊर्जा (स्थितिज + गतिज) स्थिर रहती है: mgh + ½mv² = स्थिर। घर्षण हो तो कुछ यांत्रिक ऊर्जा ऊष्मा बन जाती है, पर कुल ऊर्जा फिर भी वही रहती है। दक्षता = उपयोगी ऊर्जा ÷ कुल दी गई ऊर्जा × 100%।
- औद्योगिक सुरक्षा: रासायनिक उत्पादन में जोखिम और सुरक्षा – ख़तरा (hazard) वह है जो नुकसान कर सकता है। जोखिम (risk) बताता है कि नुकसान कितना संभव है और कितना गंभीर होगा। रासायनिक कारख़ाने अपने जोखिम (आग, ज़हर, दाब, गर्मी) पहचानते हैं, चिह्न लगाते हैं और कई परतों में सुरक्षा रखते हैं: अच्छा डिज़ाइन, अलार्म, राहत वाल्व और प्रशिक्षण। जोखिम = संभावना × असर; परतें जोड़कर इसे कम रखा जाता है।
- संधारणीयता (Sustainability) – संधारणीयता यानी आज अपनी ज़रूरतें ऐसे पूरी करना कि आने वाली पीढ़ियाँ भी अपनी ज़रूरतें पूरी कर सकें। यह तीन स्तंभों पर टिकी है — पर्यावरण, समाज और अर्थव्यवस्था। कोई संसाधन तभी टिकाऊ ढंग से इस्तेमाल होता है जब हम उसे उसके नवीकरण से तेज़ न लें। आज मानवता हर साल लगभग 1.7 पृथ्वी जितना इस्तेमाल करती है, और यह इस्तेमाल बहुत असमान है। देखभाल (stewardship), समझदार योजना और GIS जैसे औज़ार हमें संधारणीयता की ओर ले जाते हैं।
2. Society, chemistry and technology
Chemistry of life · Environmental impact · Energy and industry · Environmental standards · Business processes
- जैव-रसायन: जीवन का रसायन – पौधे प्रकाश संश्लेषण से ग्लूकोज़ बनाते हैं: 6 CO2 + 6 H2O + प्रकाश से C6H12O6 + 6 O2। बड़े अणुओं के चार परिवार (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, न्यूक्लिक अम्ल) छोटी इकाइयों से बनते हैं। कोशिकाएँ पोषक तत्वों को तोड़कर ऊर्जा लेती हैं और हर चरण में एंज़ाइम मदद करते हैं। प्रोटीन DNA पढ़कर, mRNA बनाकर और राइबोसोम पर अमीनो अम्ल जोड़कर बनता है।
- पर्यावरण रसायन – पर्यावरण रसायन हवा, पानी और मिट्टी में मौजूद रसायनों का अध्ययन है: वे कहाँ से आते हैं और क्या असर करते हैं। सूखी हवा में लगभग 78% नाइट्रोजन, 21% ऑक्सीजन, 0.9% आर्गन और 0.04% कार्बन डाइऑक्साइड है। ईंधन जलने से SO₂, NOₓ, CO और कण जैसे प्रदूषक बनते हैं। SO₂ और NO₂ बारिश में अम्ल बनाते हैं (pH 5.6 से कम)। हम अनुमापन जैसी मात्रात्मक जाँच से प्रदूषण नापते हैं, मानकों से तुलना करते हैं और क़ानून व साफ़ तकनीक से नुक़सान घटाते हैं।
- औद्योगिक रसायन: रासायनिक संयंत्र कैसे काम करता है – रासायनिक संयंत्र सस्ते कच्चे माल को उपयोगी उत्पाद में बदलता है। पहले कच्चा माल तैयार होता है, फिर चुनी हुई परिस्थितियों में रिएक्टर में अभिक्रिया होती है, उत्पाद अलग किया जाता है और बचा पदार्थ वापस भेजा जाता है (पुनःचक्रण)। इंजीनियर गति, लब्धि, ख़र्च, सुरक्षा और पर्यावरण में संतुलन बनाते हैं।