उत्पादन में सुरक्षा जोखिम पहचानना
रासायनिक कारख़ाने में कई चीज़ें बिगड़ सकती हैं। ख़तरा (hazard) वह चीज़ या स्थिति है जो नुकसान कर सकती है। जोखिम (risk) बताता है कि नुकसान कितना संभव है और कितना गंभीर होगा।
उत्पादन के आम जोखिम:
- आग और विस्फोट: जलने वाले ईंधन, विलायक, धूल और गैसें।
- विषैला रिसाव: ज़हरीली गैस या द्रव का निकलना।
- ऊँचा दाब और ऊँचा ताप: टंकी और पाइप फट सकते हैं, लोग जल सकते हैं।
- संक्षारण और रासायनिक जलन: तेज़ अम्ल और क्षार।
- प्रकृति को नुकसान: नदी में रिसाव, ख़राब हवा, कचरा।
ऊष्मा देने वाली अभिक्रिया (ऊष्माक्षेपी) बेक़ाबू हो सकती है: ज़्यादा गर्मी से तेज़ी, और तेज़ी से और गर्मी। इसे भगोड़ी अभिक्रिया (runaway reaction) कहते हैं।
ख़तरे के चिह्न और सुरक्षा डेटा
हर डिब्बे पर ख़तरे का चिह्न होता है: लाल किनारे वाला हीरा आकार और उसमें छोटा चित्र। पढ़ना न आए तब भी चित्र से ख़तरा तुरंत समझ आ जाता है।
- लौ: पदार्थ में आग लग सकती है।
- खोपड़ी और हड्डियाँ: थोड़ी मात्रा में भी ज़हरीला।
- संक्षारक: त्वचा, आँख और धातु को नुकसान।
- मरी मछली और पेड़: प्रकृति के लिए हानिकारक।
हर रसायन के साथ एक सुरक्षा डेटा शीट आती है। उसमें ख़तरे, सुरक्षित भंडारण, सुरक्षा उपकरण, प्राथमिक उपचार और रिसाव या आग में क्या करें, यह लिखा होता है। कर्मचारी इस्तेमाल से पहले उसे पढ़ते हैं।
सुरक्षा के उपाय: सुरक्षा की परतें
कोई एक उपाय पूरा नहीं होता, इसलिए कारख़ाने कई परतें रखते हैं। छेद वाले पनीर के टुकड़ों की तरह सोचिए: मुसीबत तभी निकलती है जब हर टुकड़े के छेद एक सीध में हों।
- सुरक्षित डिज़ाइन: मज़बूत टंकियाँ, सुरक्षित रसायन, कम मात्रा, अलग भंडारण।
- सेंसर और अलार्म: दाब, ताप या गैस ज़्यादा होने पर चेतावनी देते हैं।
- सुरक्षा उपकरण: राहत वाल्व तय दाब पर खुलकर गैस सुरक्षित निकाल देता है। स्वचालित बंद-व्यवस्था आपूर्ति रोक देती है।
- लोग और नियम: प्रशिक्षण, अनुमति, अभ्यास, सुरक्षा पोशाक, आपातकालीन निकास।
सबसे अच्छा तरीक़ा पहले ख़तरा हटाना है (सुरक्षित रसायन लेना)। सुरक्षा पोशाक आख़िरी परत है, पहली नहीं।
औद्योगिक प्रक्रियाओं में जोखिम का आकलन
जोखिम को एक सरल नियम से आँकते हैं:
जोखिम = संभावना × असर
संभावना और असर को 1 (कम) से 3 (ज़्यादा) तक अंक दीजिए। अंक 1 से 2 कम, 3 से 4 मध्यम और 6 से 9 ज़्यादा माना जाता है। अंक ज़्यादा हो तो परतें जोड़िए या प्रक्रिया बदलिए जब तक वह घट न जाए।
कंपनियाँ लाभ (रोज़गार, दवा, खाद) की तुलना बचे हुए जोखिम से भी करती हैं। जोखिम तभी स्वीकार्य है जब वह कम हो और आस-पास के लोग सुरक्षित हों। कारख़ाने में कोई बदलाव होने पर सुरक्षा फिर जाँची जाती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- जोखिम = संभावना × असर (दोनों 1 से 3 अंक)
- अंक 1-2 कम, 3-4 मध्यम, 6-9 ज़्यादा
- जितनी ज़्यादा स्वतंत्र परतें, असफलता की संभावना उतनी कम
- चुनाव का क्रम: ख़तरा हटाओ, फिर रोक लगाओ, फिर प्रशिक्षण, फिर सुरक्षा उपकरण
हल किए गए उदाहरण
1. एक टंकी में ज़हरीली गैस है। रिसाव की संभावना कम (1) है पर बहुत लोगों को नुकसान होगा (3)। जोखिम अंक और स्तर क्या है?
जोखिम = 1 × 3 = 3। यह मध्यम है। इसे घटाने के लिए अलार्म, गैस डिटेक्टर और आपातकालीन योजना जोड़िए।
2. एक कारख़ाना ऐसा विलायक इस्तेमाल करता है जो आसानी से जलता है। सुरक्षा की तीन परतें बताइए।
संभव परतें: कम मात्रा अग्निरोधी कमरे में रखना (डिज़ाइन); धुएँ और गैस का अलार्म (सेंसर); स्वचालित स्प्रिंकलर और अभ्यास किए हुए कर्मचारी (उपकरण और लोग)।
3. रिएक्टर का दाब 9 इकाई हो गया। राहत वाल्व 8 पर खुलता है। क्या होगा और यह क्यों अच्छा है?
वाल्व खुलकर गैस सुरक्षित निकास से निकाल देता है। टंकी फटने से पहले दाब घट जाता है। इससे बड़ी दुर्घटना रुकती है।
4. कारख़ाना ज़हरीले विलायक की जगह पानी वाला विलायक ले सकता है। यह कर्मचारियों को मास्क देने से बेहतर क्यों है?
इससे ख़तरा ही हट जाता है। मास्क केवल एक व्यक्ति को बचाता है और विफल हो सकता है। ख़तरा हटाना सबसे मज़बूत परत है।
आम गलतियाँ
- ख़तरा और जोखिम को एक मान लेना। ख़तरा चीज़ है; जोखिम में संभावना और असर दोनों हैं।
- सिर्फ़ एक सुरक्षा उपकरण पर भरोसा करना। परतें इसलिए चाहिए कि कोई भी एक विफल हो सकता है।
- सुरक्षा उपकरण को पहला उपाय मानना। पहले ख़तरा हटाना या बदलना है।
- डिब्बा छोटा देखकर चिह्न अनदेखा करना। छोटी बोतल भी ज़हरीली या संक्षारक हो सकती है।