अनुप्रयुक्त रसायन क्या है?
अनुप्रयुक्त रसायन यानी असली काम के लिए रसायन का उपयोग। काम हो सकता है किसी चीज़ में क्या है यह पता करना, कोई उपयोगी चीज़ बनाना, या कोई समस्या ठीक करना।
इसकी कई शाखाएँ हैं। विश्लेषणात्मक रसायन पूछता है "इसमें क्या है और कितना?"। कार्बनिक रसायन कार्बन के यौगिक बनाता है, जैसे दवाइयाँ, प्लास्टिक और रंग। रासायनिक प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला की अभिक्रिया को कारख़ाने की प्रक्रिया बनाती है (औद्योगिक रसायन का पाठ देखें)।
अच्छी जाँच के चार हिस्से हैं: निष्पक्ष नमूना, विधि, ठीक माप और निर्णय। नमूना निष्पक्ष न हो तो सबसे अच्छी विधि भी ग़लत उत्तर देती है।
विश्लेषण: नमूना, अनुमापन और क्रोमैटोग्राफी
नमूना लेना। टैंकर में हज़ारों लीटर होता है, पर जाँच कुछ mL की होती है। इसलिए पहले मिलाते हैं और अलग-अलग जगह से नमूना लेते हैं। तब छोटा नमूना पूरे का प्रतिनिधि बनता है।
अनुमापन से घोल की तेज़ी पता चलती है। ब्यूरेट से ज्ञात सांद्रता का घोल नापे हुए अज्ञात घोल में धीरे-धीरे डालते हैं। सूचक (इंडिकेटर) अंतिम बिंदु पर रंग बदलता है, जब अभिक्रिया अभी-अभी पूरी हुई। अम्ल और क्षार 1 : 1 में अभिक्रिया करें तो:
Mअम्ल × Vअम्ल = Mक्षार × Vक्षार
क्रोमैटोग्राफी मिश्रण को अलग करती है। काग़ज़ पर एक बिंदु रखते हैं और विलायक (तरल) काग़ज़ पर ऊपर चढ़ता है। जो हिस्सा कम चिपकता है वह ऊँचा चढ़ता है। हम दूरी का अनुपात Rf = बिंदु की चली दूरी ÷ विलायक की चली दूरी लिखते हैं। Rf हमेशा 0 और 1 के बीच होता है और जाने हुए पदार्थों से मिलाकर नाम पहचानने में मदद करता है।
पदार्थ: चुनना और बनाना
हर उत्पाद पदार्थ चुनने से शुरू होता है। रसायनज्ञ पूछते हैं: कितना मज़बूत, कितना हल्का, ज़ंग लगता है क्या, पुनर्चक्रण हो सकता है क्या, दाम क्या है? धातु, सेरामिक, प्लास्टिक (बहुलक) और संयुक्त पदार्थों के उत्तर अलग-अलग हैं।
रसायन पदार्थ को बदल सकता है। लोहे में थोड़ा कार्बन मिलाने से इस्पात बनता है। छोटे अणुओं को लंबी लड़ी में जोड़ने से प्लास्टिक बनता है। लोहे पर ज़िंक की परत ज़ंग रोकती है। फिर गुणवत्ता-जाँच हर खेप को इन्हीं विधियों से परखती है, ताकि हज़ारवाँ उत्पाद भी पहले जितना अच्छा हो।
जैव-प्रौद्योगिकी: स्वास्थ्य और पर्यावरण
जैव-प्रौद्योगिकी जीवित कोशिकाओं या उनके हिस्सों से उपयोगी काम कराती है। रसायनज्ञ इन प्रक्रियाओं को जाँचते और नियंत्रित करते हैं।
स्वास्थ्य के लिए: ख़मीर और जीवाणु टंकियों में उगाए जाते हैं ताकि इंसुलिन और टीके जैसी दवाइयाँ बनें। क्रोमैटोग्राफी जैसी जाँचें देखती हैं कि दवा शुद्ध और सही तेज़ी की है।
पर्यावरण के लिए: कुछ जीवाणु प्रदूषक खाकर तेल का रिसाव या गंदा पानी साफ़ करते हैं। विश्लेषण बताता है कि कितना प्रदूषक बचा। खाद और बायोगैस संयंत्र कचरे को मिट्टी का भोजन और ईंधन बनाते हैं।
हर बार रसायनज्ञ पहले नापता है, फिर काम करता है, फिर दोबारा नापकर सिद्ध करता है कि काम हुआ।
करके देखें
3D में: चरण 3 में स्लाइडर चलाएँ और जैसे ही तरल गुलाबी हो, रुकें। आयतन लिखें। चरण 5 में अम्ल B चुनें और स्लाइडर चलाने से पहले अंतिम बिंदु का अनुमान लगाएँ।
घर पर (सुरक्षित): कॉफ़ी फ़िल्टर की पट्टी काटें। नीचे के पास पानी वाले काले मार्कर का एक बिंदु लगाएँ। पट्टी को थोड़े पानी में खड़ा करें ताकि सिर्फ़ काग़ज़ का सिरा पानी को छुए और बिंदु पानी से ऊपर रहे। 10 मिनट रुकें और काले रंग को कई रंगों में बँटते देखें। दूरियाँ नापकर हर रंग का Rf निकालें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- M₁V₁ = M₂V₂ (अम्ल और क्षार 1 : 1, अंतिम बिंदु पर)
- Rf = बिंदु की चली दूरी ÷ विलायक की चली दूरी (0 से 1)
- अज्ञात की सांद्रता (mol/L) = M(ब्यूरेट) × V(ब्यूरेट) ÷ V(नमूना)
- निष्पक्ष नमूना: अच्छी तरह मिलाएँ, कई जगह से लें, हर बार बराबर आयतन
हल किए गए उदाहरण
1. अज्ञात अम्ल के 25 mL को गुलाबी करने में 0.1 M NaOH के 20 mL लगे। अम्ल की सांद्रता निकालें (1 : 1)।
M × 25 = 0.1 × 20, इसलिए M = 2 ÷ 25 = 0.08 mol/L।
2. काग़ज़ की पट्टी पर विलायक 8 cm चला और नीला बिंदु 4.4 cm। Rf निकालें।
Rf = 4.4 ÷ 8 = 0.55।
3. दूध के 25 mL नमूने में 0.1 M NaOH के 30 mL लगे। अम्ल की सांद्रता निकालें और बताएँ कि पहले उदाहरण से तेज़ है या नहीं।
M = 0.1 × 30 ÷ 25 = 0.12 mol/L। हाँ, 0.12 > 0.08, इसलिए यह नमूना ज़्यादा तेज़ है।
4. 0.20 M अम्ल के 25 mL के लिए 0.10 M NaOH कितने mL चाहिए?
0.20 × 25 = 0.10 × V, इसलिए V = 5 ÷ 0.10 = 50 mL।
आम गलतियाँ
- ब्यूरेट का पाठ ग़लत स्तर पर पढ़ना। आँख की सीध में वक्र का निचला भाग पढ़ें, और प्रयुक्त आयतन = अंतिम − शुरुआती।
- अंतिम बिंदु पार कर जाना। अंत के पास बूँदें धीरे डालें; एक बूँद ज़्यादा रंग बहुत बदल देती है।
- क्रोमैटोग्राफी में बिंदु को विलायक के अंदर डुबो देना। शुरुआती रेखा तरल से ऊपर रहे, वरना रंग बह जाते हैं।
- ऐसा नमूना जाँचना जो निष्पक्ष नहीं (जैसे टैंक का सिर्फ़ ऊपरी हिस्सा)। उत्तर पूरे का प्रतिनिधि नहीं होगा।