Italy Secondaria di secondo grado – classe 1ª Technical institutes – new ordinamento (DM 29/2026)
अध्याय: 4
1. General education area (all indirizzi)
General subjects
जल्द आ रहा है
2. Economic sector
Amministrazione, finanza e marketing · Turismo, beni culturali e ambientali
- व्यवसाय, पेशा और रोज़गार – मनुष्य की क्रियाएँ आर्थिक (पैसा कमाने के लिए) या अनार्थिक (प्रेम, कर्तव्य या आस्था से) होती हैं। आर्थिक क्रियाएँ तीन रूप में होती हैं: व्यवसाय (वस्तुएँ-सेवाएँ बनाकर या बेचकर लाभ), पेशा (विशेषज्ञ सेवा के बदले शुल्क) और रोज़गार (किसी के लिए काम करके वेतन)। व्यवसाय के कई उद्देश्य होते हैं, और टिके रहने व बढ़ने के लिए लाभ ज़रूरी है।
- आतिथ्य और पर्यटन: मेहमानों का स्वागत, भोजन और देखभाल – पर्यटन यानी लोगों का घर से दूर घूमने, काम, पढ़ाई या परिवार के लिए यात्रा करना। आतिथ्य वह स्वागत और देखभाल है जो उन्हें मिलती है: ठहरने की जगह, खाना-पीना और सेवाएँ। उद्योग के पाँच मुख्य क्षेत्र हैं: आवास, खान-पान, परिवहन, आकर्षण, और आयोजन व यात्रा सेवाएँ। कर्मचारियों को पाक ज्ञान (पोषण, खाद्य सुरक्षा, रसोई उपकरण और बनावट) और आयोजन की योजना, संचालन, प्रबंधन और समीक्षा का कौशल चाहिए।
3. Technological-environmental sector
Agraria, agroalimentare e agroindustria · Chimica, materiali e biotecnologie · Costruzioni, ambiente e territorio · Elettronica ed elettrotecnica · Grafica e comunicazione · Informatica e telecomunicazioni · Meccanica, meccatronica ed energia · Sistema moda · Trasporti e logistica
- कृषि और पर्यावरण: कृषि-पारितंत्र, हरित क्रांति और टिकाऊपन – खेत एक कृषि-पारितंत्र है: सरल किया हुआ पारितंत्र जहाँ लोग कम प्रजातियाँ उगाते हैं और उपज बढ़ाने के लिए ऊर्जा व सामग्री (उर्वरक, पानी, ईंधन, कीटनाशक) जोड़ते हैं। बेहतर फसल व पशु आनुवंशिकी और हरित क्रांति के पैकेज (HYV बीज, सिंचाई, उर्वरक, कीटनाशक, मशीनें) ने अनाज कई गुना बढ़ाया। पर सघन खेती से सुपोषण, लवणीकरण, मिट्टी का कटाव, कीटों में प्रतिरोध, जैव-विविधता की हानि और ग्रीनहाउस गैसें बढ़ सकती हैं। सामाजिक-आर्थिक ताक़तें भी खेती तय करती हैं। टिकाऊ तरीक़े (फसल चक्र, IPM, कम जुताई, कुशल सिंचाई, कृषि-वानिकी) उपज ऊँची रखते हुए ज़मीन और पानी बचाते हैं।
- अनुप्रयुक्त रसायन: रसायनज्ञ कैसे जाँचते और उपयोग करते हैं – अनुप्रयुक्त रसायन असली कामों में रसायन का उपयोग है: नमूने में क्या है यह पता करना, गुणवत्ता जाँचना, काम के पदार्थ बनाना और जीवित कोशिकाओं से सफ़ाई या इलाज करना। रसायनज्ञ एक छोटा, निष्पक्ष नमूना लेते हैं, उसे ठीक-ठीक नापते हैं (अनुमापन, क्रोमैटोग्राफी) और नतीजे से तय करते हैं कि चीज़ अच्छी और सुरक्षित है या नहीं।
- सिविल इंजीनियरिंग: इमारतें कैसे खड़ी रहती हैं और मौसम से बचाती हैं – सिविल इंजीनियर घर, पुल, सड़क और बाँध जैसी संरचनाएँ डिज़ाइन करते और बनाते हैं। इमारत में एक ढाँचा होता है (स्तंभ, बीम, स्लैब, ब्रेसिंग) जो भार को नींव और मिट्टी तक पहुँचाता है, और एक आवरण (दीवारें, कर्टन वॉल, छत) जो अंदर के लोगों को बचाता है। इंजीनियर सामग्री (लकड़ी, स्टील, कंक्रीट) चुनते, बलों की जाँच करते और जगह व पर्यावरण के हिसाब से योजना बनाते हैं।
- बेसिक इलेक्ट्रॉनिक्स: पुर्ज़े और परिपथ – इलेक्ट्रॉनिक्स में छोटे पुर्ज़े विद्युत धारा को नियंत्रित करते हैं। बैटरी या पावर सप्लाई ऊर्जा देती है; स्विच रास्ता खोलता या बंद करता है। प्रतिरोधक धारा सीमित करता है (V = IR), संधारित्र आवेश जमा करता है और सिग्नल को समतल या धीमा कर सकता है, डायोड धारा को एक ही दिशा में जाने देता है, LED रोशनी देने वाला डायोड है, और ट्रांज़िस्टर छोटी बेस धारा से बहुत बड़ी धारा को चालू करता या बढ़ाता है। हर पुर्ज़े का मानक प्रतीक है। परिपथ पहले काग़ज़ या सिम्युलेटर में बनाते हैं, ब्रेडबोर्ड पर आज़माते हैं, और बोर्ड पर सोल्डर करके पक्का करते हैं। एनालॉग परिपथ लगातार बदलते सिग्नल, डिजिटल परिपथ केवल चालू/बंद सिग्नल सँभालते हैं।
- ग्राफ़िक डिज़ाइन (Graphic Design) – ग्राफ़िक डिज़ाइन चित्र, शब्द और आकृतियों को इस तरह सजाना है कि संदेश साफ़, काम का और सुंदर लगे। डिज़ाइनर तत्वों (रेखा, आकृति, रंग, अक्षर, चित्र, खाली जगह) और सिद्धांतों (ग्रिड व संरेखण, पदानुक्रम, कंट्रास्ट, निकटता, दोहराव, संतुलन, खाली जगह) का उपयोग करते हैं। प्रक्रिया: ब्रीफ़, खोज, विचार, स्केच, डिजिटल ड्राफ़्ट, राय और अंतिम कलाकृति। पोस्टर, लोगो, किताब के कवर, पैकेट, साइन बोर्ड, वेबसाइट और ऐप सब इसी से बनते हैं।
- कंप्यूटर विज्ञान: कंप्यूटर समस्याएँ कैसे हल करते हैं – कंप्यूटर विज्ञान (जिसे informatics भी कहते हैं) कंप्यूटर से समस्याएँ हल करने का अध्ययन है। हर प्रोग्राम इनपुट लेता है, उसे संसाधित करता है और आउटपुट देता है। कंप्यूटर सारा डेटा बिट (0 और 1) में रखता है; 8 बिट = 1 बाइट, और बाइनरी के स्थानीय मान दोगुने होते जाते हैं: 1, 2, 4, 8 … 128। एल्गोरिदम साफ़ क़दमों की सीमित सूची है; प्रोग्राम वह एल्गोरिदम है जो प्रोग्रामिंग भाषा में क्रम, चयन और दोहराव से लिखा जाता है। डेटा संरचनाएँ (सूची, स्टैक, क्यू, ट्री, ग्राफ़) डेटा को सजाती हैं ताकि प्रोग्राम तेज़ चलें। नेटवर्क और दूरसंचार कंप्यूटरों को जोड़ते हैं: संदेश पैकेट बनकर राउटरों से होते हुए तार, फ़ाइबर और रेडियो पर प्रोटोकॉल के नियमों से चलते हैं। AI, IoT, क्लाउड और रोबोटिक्स जैसी नई तकनीकें बड़े लाभ और निजता, निष्पक्षता, नौकरियों और सुरक्षा के नए सवाल लाती हैं।
- मैकेनिकल इंजीनियरिंग: मशीनें कैसे डिज़ाइन होती और बनती हैं – मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग की वह शाखा है जो मशीनें डिज़ाइन करती, बनाती और सँभालती है: हर वह चीज़ जिसमें चलने वाले पुर्ज़े हों और जो बल व ऊर्जा का उपयोग करे, साइकिल से जेट इंजन तक। मैकेनिकल इंजीनियर भौतिकी (बल, गति, ऊर्जा, ऊष्मा), पदार्थ विज्ञान और गणित का उपयोग करते हैं। मुख्य विचार: तंत्र (मैकेनिज़्म) गति और बल बदलते हैं (गियर, लीवर, क्रैंक); ऊर्जा रूप बदलती है (इंजन में ऊष्मा से गति, मोटर में बिजली से गति); पुर्ज़े पर्याप्त मज़बूत होने चाहिए (प्रतिबल, मुड़ना, सुरक्षा); और पुर्ज़े मशीनिंग, फ़िटिंग और असेंबली से सटीक माप और टॉलरेंस के साथ बनते हैं। मेकाट्रॉनिक्स इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर और कंप्यूटर नियंत्रण जोड़ता है।
- फ़ैशन डिज़ाइन की बुनियाद – फ़ैशन डिज़ाइन यानी ऐसे कपड़े बनाने की योजना जो अच्छे दिखें, ठीक फ़िट हों, काम आएँ और बिकें। हर पोशाक एक कड़ी से गुज़रती है: रेशे से धागा, धागे से बुनाई या निटिंग करके कपड़ा, कपड़े को काटकर-सिलकर पोशाक, और फिर दुकान या ऑनलाइन बिक्री। रेशे प्राकृतिक (कपास, ऊन, रेशम, लिनन) या कृत्रिम (पॉलिएस्टर, नायलॉन) होते हैं। डिज़ाइनर डिज़ाइन के तत्व (रंग, रेखा, आकार, बनावट) और सिद्धांत (संतुलन, अनुपात, ज़ोर, लय, सामंजस्य) इस्तेमाल करते हैं। प्रक्रिया: शोध, मूड बोर्ड, स्केच, पैटर्न, नमूना, उत्पादन, बिक्री। मार्केटिंग 4P से होती है: उत्पाद, कीमत, जगह, प्रचार। आज टिकाऊपन भी ज़रूरी है।
- परिवहन और लॉजिस्टिक्स – परिवहन लोगों और सामान को सड़क, रेल, जल, हवाई और पाइपलाइन से ले जाता है। हर साधन को ढाँचा चाहिए: सड़क, रेल पटरी, बंदरगाह और हवाई अड्डे, जो मिलकर एक जाल बनाते हैं। लॉजिस्टिक्स सामान की पूरी यात्रा की योजना है, फ़ैक्टरी से गोदाम, दुकान और घर तक, कम लागत में और समय पर। साधन चुनना गति, लागत, भार और दूरी के बीच का सौदा है।
4. First-year common technology subjects
Base area of indirizzo
जल्द आ रहा है