आर्थिक और अनार्थिक क्रियाएँ
आर्थिक क्रिया जीविका कमाने, यानी पैसा या धन कमाने के लिए की जाती है। जैसे: बेचने के लिए गेहूँ उगाता किसान, स्कूल से वेतन पाने वाला शिक्षक।
अनार्थिक क्रिया प्रेम, कर्तव्य, आस्था, समाज सेवा या मनोरंजन के लिए की जाती है, पैसे के लिए नहीं। जैसे: परिवार के लिए खाना बनाती माँ, पार्क साफ़ करता स्वयंसेवक, मंदिर में पूजा।
एक ही काम दोनों हो सकता है। फ़ैसला उसके पीछे के कारण (उद्देश्य) से होता है।
व्यवसाय का अर्थ और विशेषताएँ
व्यवसाय वह आर्थिक क्रिया है जिसमें व्यक्ति लोगों की ज़रूरतें पूरी करके लाभ कमाने के लिए नियमित रूप से वस्तुएँ या सेवाएँ बनाता या ख़रीदता और बेचता है।
- आर्थिक क्रिया: पैसा कमाने के लिए।
- वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन या क्रय।
- विक्रय या विनिमय: माल दूसरों के लिए, पैसे के बदले। अपने उपयोग के लिए बनाना व्यवसाय नहीं।
- बार-बार लेन-देन (नियमितता): एक बार की बिक्री व्यवसाय नहीं।
- लाभ मुख्य उद्देश्य।
- अनिश्चित आय: लाभ कितना होगा, पक्का नहीं।
- जोखिम का तत्व: आग, चोरी, फ़ैशन बदलना या माँग गिरना नुक़सान करा सकते हैं।
व्यवसाय, पेशा और रोज़गार की तुलना
पेशे के लिए विशेष ज्ञान, प्रशिक्षण और किसी पेशेवर संस्था की सदस्यता चाहिए। जैसे: डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट। रोज़गार का अर्थ है सेवा-अनुबंध के तहत किसी दूसरे के लिए वेतन या मज़दूरी पर काम करना।
| आधार | व्यवसाय | पेशा | रोज़गार |
|---|---|---|---|
| शुरुआत | मालिक का निर्णय और क़ानूनी औपचारिकताएँ | पेशेवर संस्था की सदस्यता, प्रैक्टिस का प्रमाणपत्र | नियुक्ति-पत्र और सेवा-अनुबंध |
| कार्य की प्रकृति | जनता को वस्तुएँ-सेवाएँ | व्यक्तिगत विशेषज्ञ सेवा | अनुबंध के अनुसार काम |
| योग्यता | क़ानूनन कोई ज़रूरी नहीं | विशेष डिग्री और प्रशिक्षण ज़रूरी | नियोक्ता जो तय करे |
| प्रतिफल | लाभ | पेशेवर शुल्क | वेतन या मज़दूरी |
| पूँजी | आकार के अनुसार ज़रूरी | सीमित | ज़रूरी नहीं |
| जोखिम | ज़्यादा, आय अनिश्चित | कम, शुल्क लगभग नियमित | लगभग नहीं, तय वेतन |
| हित का हस्तांतरण | कुछ औपचारिकताओं के साथ संभव | संभव नहीं | संभव नहीं |
| आचार संहिता | कोई तय संहिता नहीं | पेशेवर संहिता माननी पड़ती है | नियोक्ता के नियम मानने पड़ते हैं |
व्यवसाय के उद्देश्य
व्यवसाय को सिर्फ़ लाभ नहीं, कई क्षेत्रों में लक्ष्य चाहिए:
- बाज़ार में स्थिति: प्रतियोगियों की तुलना में उसकी जगह।
- नवप्रवर्तन: नए विचार, उत्पाद और तरीक़े।
- उत्पादकता: उतने ही साधनों से ज़्यादा उत्पादन।
- भौतिक और वित्तीय संसाधन: मशीन, भवन और पैसा जुटाना और अच्छे से उपयोग करना।
- लाभ कमाना।
- प्रबंधकों का निष्पादन और विकास।
- कर्मचारियों का निष्पादन और दृष्टिकोण।
- सामाजिक उत्तरदायित्व: ग्राहक, समाज और पर्यावरण का ध्यान।
लाभ की भूमिका
लाभ = बिक्री आय − लागत। लाभ ज़रूरी है, क्योंकि यह:
- मालिक की आय है और व्यवसाय को टिकाए रखता है,
- विकास और विस्तार के लिए पैसा देता है,
- मालिक द्वारा उठाए जोखिम का इनाम है,
- कुशलता दिखाता है (अच्छा काम, ज़्यादा कमाई),
- साख और अच्छा नाम बनाता है।
पर सिर्फ़ लाभ के पीछे भागकर ग्राहक, कर्मचारी और समाज को भूल जाना लंबे समय में व्यवसाय को नुक़सान पहुँचाता है।
करके देखिए
इस हफ़्ते परिवार के पाँच कामों की सूची बनाइए। हर एक पर आ (आर्थिक) या अ (अनार्थिक) लिखिए। फिर 3D के आख़िरी चरण में बिक्री को लागत से कम कीजिए और लाभ का हाल देखिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- लाभ = बिक्री आय − कुल लागत
- व्यवसाय → लाभ; पेशा → शुल्क; रोज़गार → वेतन/मज़दूरी
- आर्थिक या अनार्थिक का फ़ैसला उद्देश्य से होता है, काम से नहीं
हल किए गए उदाहरण
1. एक नर्स अस्पताल में वेतन पर मरीज़ों की देखभाल करती है। घर पर अपने बीमार पिता की देखभाल करती है। दोनों को वर्गीकृत कीजिए।
अस्पताल: आर्थिक क्रिया, रोज़गार (वेतन)। घर: अनार्थिक क्रिया (प्रेम और कर्तव्य से)।
2. रवि अपनी पुरानी साइकिल एक बार ₹2,000 में बेचता है। क्या यह व्यवसाय है?
नहीं। लेन-देन में नियमितता नहीं है। एक बार की बिक्री व्यवसाय नहीं। अगर वह बार-बार पुरानी साइकिलें ख़रीदे-बेचे, तो व्यवसाय बनेगा।
3. एक बेकरी महीने में ₹90,000 का माल बेचती है। आटा, गैस, किराया और मज़दूरी पर ₹72,000 ख़र्च होते हैं। लाभ और बिक्री पर लाभ का प्रतिशत निकालिए।
लाभ = 90,000 − 72,000 = ₹18,000। प्रतिशत = 18,000 ÷ 90,000 × 100 = 20%।
4. एक चार्टर्ड अकाउंटेंट अपना दफ़्तर खोलती है और ग्राहकों से शुल्क लेती है। व्यवसाय या पेशा? क्यों?
पेशा: वह विशेष योग्यता और ICAI सदस्यता वाली विशेषज्ञ सेवा देती है, आचार संहिता मानती है और शुल्क कमाती है।
आम गलतियाँ
- काम छोटा है इसलिए उसे "अनार्थिक" कहना। आकार से फ़र्क़ नहीं पड़ता; उद्देश्य (पैसा या नहीं) फ़ैसला करता है।
- लाभ को व्यवसाय का इकलौता उद्देश्य कहना। यह मुख्य है, पर उद्देश्यों के आठ प्रमुख क्षेत्र हैं।
- रोज़गार का प्रतिफल "शुल्क" लिखना। कर्मचारी को वेतन या मज़दूरी, पेशेवर को शुल्क मिलता है।
- अपने उपयोग के लिए बनाए माल को व्यवसाय मानना। व्यवसाय में पैसे के बदले बिक्री या विनिमय ज़रूरी है।