ग्राफ़िक डिज़ाइन क्या है?
ग्राफ़िक डिज़ाइन (दृश्य संचार या संचार डिज़ाइन) चित्र, शब्द और आकृतियों से संदेश पहुँचाता है। अच्छा डिज़ाइन साफ़ (लोग समझें), काम का और सुंदर होता है।
कहाँ दिखता है: पोस्टर, लोगो, किताब के कवर, पैकेट, साइन बोर्ड, वेबसाइट और ऐप, पत्रिकाएँ, टी-शर्ट, डाक टिकट।
क्षेत्र: ब्रांड पहचान (लोगो, रंग), संपादकीय (किताबें, पत्रिकाएँ), पैकेजिंग, पर्यावरणीय (साइन, रास्ता दिखाना), डिजिटल/UI, मोशन।
लेआउट के तत्व और सिद्धांत
तत्व: रेखा, आकृति, रंग, बनावट, अक्षर (टाइप), चित्र और खाली जगह।
सिद्धांत:
- ग्रिड और संरेखण: अदृश्य कॉलम जो चीज़ों को सीधा रखते हैं।
- पदानुक्रम: सबसे ज़रूरी चीज़ सबसे बड़ी या मोटी, ताकि आँख क्रम से पढ़े।
- कंट्रास्ट: बड़ा-छोटा, गहरा-हल्का, ताकि मुख्य हिस्सा उभरे।
- निकटता: जो चीज़ें साथ हैं, वे पास रहें।
- दोहराव: रंग, फ़ॉन्ट, आकार दोहराने से एकता।
- संतुलन: सममित (दोनों ओर बराबर) या असममित (अलग पर वज़न में बराबर)।
- खाली जगह: साँस लेने की जगह।
टाइपोग्राफ़ी और रंग
टाइपोग्राफ़ी अक्षरों को चुनने और सजाने की कला है। सेरिफ़ फ़ॉन्ट के अक्षरों में छोटे "पैर" होते हैं (लंबे छपे पाठ के लिए); सैन्स-सेरिफ़ सादे होते हैं (स्क्रीन और बोर्ड के लिए)। दो-तीन से ज़्यादा फ़ॉन्ट न लो। पंक्तियाँ छोटी और उनके बीच जगह (लीडिंग) रखो।
रंग: रंग चक्र में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक रंग। पूरक रंग आमने-सामने होते हैं और तेज़ कंट्रास्ट देते हैं। सजातीय (analogous) रंग पास-पास होते हैं और शांत लगते हैं। लाल = ऊर्जा या ख़तरा, नीला = शांति या भरोसा, हरा = प्रकृति। स्क्रीन RGB रोशनी, छपाई CMYK स्याही।
कंट्रास्ट जाँचो ताकि कमज़ोर नज़र या रंग-अंधता वाले भी पढ़ सकें।
किताब का कवर, लोगो और पोस्टर
किताबें पहले हाथ से लिखी पोथियाँ और पांडुलिपियाँ थीं। चल-टाइप छपाई (पहले पूर्वी एशिया में, फिर यूरोप में) से किताबें सस्ती हुईं। कवर किताब को बेचने और समझाने का ज़रिया बना।
अच्छा कवर छोटे थंबनेल में भी शीर्षक साफ़ दिखाता है, एक मज़बूत चित्र से विषय या माहौल बताता है, और पीछे व रीढ़ पर लेखक, सार और बारकोड रखता है।
अच्छा लोगो सरल, याद रहने वाला, एक रंग में और बहुत छोटे आकार में भी चलता है। अच्छा पोस्टर दूर से तीन सेकंड में पढ़ा जाता है।
डिज़ाइन प्रक्रिया
- ब्रीफ़: किसके लिए, क्या कहना है, कहाँ और किस आकार में?
- खोज: दर्शक, दूसरों के डिज़ाइन, मूड बोर्ड।
- विचार: बहुत से छोटे स्केच।
- विकास: सबसे अच्छा चुनकर ग्रिड के साथ डिजिटल ड्राफ़्ट।
- राय और जाँच: लोगों को दिखाओ, पढ़ने में आसानी और कंट्रास्ट जाँचो।
- अंतिम कलाकृति: सही फ़ाइल, आकार और रंग मोड (RGB/CMYK)।
समाज के लिए डिज़ाइन: साफ़ सार्वजनिक साइन, स्वास्थ्य पोस्टर और सबके लिए सुलभ डिज़ाइन। अपने बनाए या अनुमति वाले चित्र ही लो (कॉपीराइट)।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द: ग्रिड, संरेखण, पदानुक्रम, कंट्रास्ट, निकटता, दोहराव, संतुलन, खाली जगह
- सेरिफ़ बनाम सैन्स-सेरिफ़; लीडिंग = पंक्तियों के बीच जगह; कर्निंग = दो अक्षरों के बीच जगह
- रंग: पूरक (आमने-सामने), सजातीय (पड़ोसी); स्क्रीन RGB, छपाई CMYK
- प्रक्रिया: ब्रीफ़ → खोज → विचार → विकास → जाँच → अंतिम
हल किए गए उदाहरण
1. स्कूल मेले के पोस्टर पर तारीख़ बहुत छोटी और स्कूल का नाम बहुत बड़ा है। ठीक करो।
मुख्य संदेश (कार्यक्रम और तारीख़) पदानुक्रम में सबसे ऊपर हो। "वार्षिक मेला, 12 दिसंबर" सबसे बड़ा, स्कूल का नाम छोटा, बाकी जानकारी सबसे छोटी।
2. पोस्टर में सफ़ेद पर हल्का स्लेटी पाठ है। क्या गलत है?
कंट्रास्ट बहुत कम है। हल्की पृष्ठभूमि पर गहरा पाठ (या उल्टा) लो ताकि दूर से और कमज़ोर नज़र वाले भी पढ़ सकें।
3. 12 साल के बच्चों की रहस्य कहानी का कवर सोचो।
ब्रीफ़: रहस्य, उम्र 12। गहरी नीली पृष्ठभूमि, एक मज़बूत चित्र (रात में जलती खिड़की), बड़ा साफ़ मोटा शीर्षक, नीचे छोटा लेखक नाम। फ़ोन थंबनेल में शीर्षक पढ़कर जाँचो।
4. लोगो एक रंग में क्यों चलना चाहिए?
वह मुहर, कढ़ाई, अख़बार और छोटे ऐप आइकन पर भी लगता है। सिर्फ़ काले रंग में चलने वाला सरल आकार हर जगह पहचाना जाता है।
आम गलतियाँ
- बहुत सारे फ़ॉन्ट और रंग लेना। दो फ़ॉन्ट और कम रंग एकता देते हैं।
- हर खाली जगह भर देना। खाली जगह भी डिज़ाइन का औज़ार है।
- सब कुछ एक ही आकार में रखना, जिससे पदानुक्रम नहीं बनता।
- इंटरनेट से बिना अनुमति चित्र उठाना।