Germany Jahrgangsstufe 10 Art
अध्याय: 3
1. Fine art
Fine art: colour and reality
- रंग सिद्धांत: रंग-चक्र, रंगों का मेल, मिश्रण और अर्थ – रंग सिद्धांत रंग मिलाने और साथ रखने के सरल नियम हैं। पेंट में लाल, पीला और नीला प्राथमिक रंग हैं; दो प्राथमिक से द्वितीयक (नारंगी, हरा, बैंगनी) बनता है; प्राथमिक + पास वाला द्वितीयक = तृतीयक, और इस तरह 12 रंगों का चक्र बनता है। हर रंग के तीन आयाम हैं: वर्ण/ह्यू (नाम), मान (हल्का-गहरा: टिंट, शेड, टोन) और संतृप्ति (चटक-फीका)। पूरक, सजातीय, त्रिक और एकवर्णी जैसे सामंजस्य रंगों को साथ अच्छा दिखाते हैं। गर्म रंग आगे आते लगते हैं, ठंडे पीछे जाते। प्रकाश जुड़कर सफ़ेद बनता है (RGB); पेंट और स्याही प्रकाश घटाते हैं (CMY से लगभग काला)। रंग भावना और संस्कृति के अर्थ भी रखते हैं।
2. Architecture and product design
Architecture and product design: Art Nouveau
- डिज़ाइन इतिहास: आंदोलनों और डिज़ाइनरों ने रोज़ की चीज़ें कैसे बदलीं – डिज़ाइन समय के साथ बदलते हैं, क्योंकि नई सामग्री, नई तकनीक और समाज के बारे में नए विचार आते हैं। आर्ट्स एंड क्राफ़्ट्स ने सस्ते कारखाना सामान को नकारा और हाथ के काम को महत्त्व दिया। आर नूवो ने प्रकृति की बहती रेखाएँ अपनाईं। बाउहाउस और आधुनिकतावाद ने कहा, रूप कार्य के पीछे चलता है, और बड़े पैमाने के उत्पादन के लिए डिज़ाइन किया। मध्य-शताब्दी डिज़ाइनरों ने ढली प्लाईवुड और प्लास्टिक से सस्ता फ़र्नीचर बनाया। उत्तर-आधुनिकता और मेम्फ़िस ने रंग और मज़े से नियम तोड़े। आज टिकाऊपन और डिजिटल निर्माण पर ध्यान है। दूसरों का काम पढ़ने से हम विश्लेषण करना, प्रेरणा लेना और बेहतर डिज़ाइन करना सीखते हैं।
3. Interaction, staging and communication
Interaction, staging and communication
- ग्राफ़िक डिज़ाइन (Graphic Design) – ग्राफ़िक डिज़ाइन चित्र, शब्द और आकृतियों को इस तरह सजाना है कि संदेश साफ़, काम का और सुंदर लगे। डिज़ाइनर तत्वों (रेखा, आकृति, रंग, अक्षर, चित्र, खाली जगह) और सिद्धांतों (ग्रिड व संरेखण, पदानुक्रम, कंट्रास्ट, निकटता, दोहराव, संतुलन, खाली जगह) का उपयोग करते हैं। प्रक्रिया: ब्रीफ़, खोज, विचार, स्केच, डिजिटल ड्राफ़्ट, राय और अंतिम कलाकृति। पोस्टर, लोगो, किताब के कवर, पैकेट, साइन बोर्ड, वेबसाइट और ऐप सब इसी से बनते हैं।