Ukraine 11 клас Informatics
अध्याय: 11
1. Elective: graphic design (35 h)
Design and visual communication · Raster and vector graphics · Branding and print design
- ग्राफ़िक डिज़ाइन (Graphic Design) – ग्राफ़िक डिज़ाइन चित्र, शब्द और आकृतियों को इस तरह सजाना है कि संदेश साफ़, काम का और सुंदर लगे। डिज़ाइनर तत्वों (रेखा, आकृति, रंग, अक्षर, चित्र, खाली जगह) और सिद्धांतों (ग्रिड व संरेखण, पदानुक्रम, कंट्रास्ट, निकटता, दोहराव, संतुलन, खाली जगह) का उपयोग करते हैं। प्रक्रिया: ब्रीफ़, खोज, विचार, स्केच, डिजिटल ड्राफ़्ट, राय और अंतिम कलाकृति। पोस्टर, लोगो, किताब के कवर, पैकेट, साइन बोर्ड, वेबसाइट और ऐप सब इसी से बनते हैं।
- रास्टर ग्राफ़िक्स – रास्टर चित्र छोटे-छोटे रंगीन चौकोरों की जाली होता है। हर चौकोर को पिक्सेल कहते हैं और उसमें तीन संख्याएँ (R, G, B) होती हैं, हर एक 0 से 255 तक। एडिटिंग का मतलब इन संख्याओं को बदलना है: रीटचिंग, परतें और मास्क, फ़िल्टर और रंग सुधार। वेक्टर ग्राफ़िक्स आकृतियों और गणित से बनते हैं। AI चित्र भी रास्टर ही होते हैं, इसलिए इनका ईमानदारी से उपयोग करना चाहिए।
- डेस्कटॉप पब्लिशिंग – डेस्कटॉप पब्लिशिंग (DTP) का मतलब है कंप्यूटर पर पाठ, चित्र और ग्राफ़िक्स को पन्ने पर इस तरह सजाना कि दस्तावेज़ साफ़ और पेशेवर दिखे। हम हाशिया और स्तंभ तय करते हैं, पाठ और चित्र के फ़्रेम रखते हैं, फ़ॉन्ट और रंग चुनते हैं, फिर छपाई (CMYK, ब्लीड, कटाई निशान) या स्क्रीन (ई-बुक) के लिए फ़ाइल बनाते हैं।
2. Elective: computer animation (35 h)
Raster and vector animation
- एनिमेशन: स्थिर तस्वीरें चलने कैसे लगती हैं – एनिमेशन बहुत-सी स्थिर तस्वीरों (फ़्रेम) की कतार है जो तेज़ी से एक के बाद एक दिखाई जाती हैं। आँख और दिमाग़ उन्हें जोड़ देते हैं, इसलिए हमें गति दिखती है। फ़्रेम दर (fps) बताती है कि एक सेकंड में कितने फ़्रेम दिखे: ज़्यादा fps = ज़्यादा चिकनी गति। की-फ़्रेम मुख्य मुद्राएँ रखते हैं; बीच के फ़्रेम ट्वीनिंग से भरते हैं। मुख्य प्रकार: हाथ से बना (फ़्रेम-दर-फ़्रेम), स्टॉप मोशन (कागज़, मिट्टी), 2D और 3D कंप्यूटर एनिमेशन। रास्टर पिक्सेल रखता है; वेक्टर आकृतियों को गणित से रखता है, इसलिए बड़ा करने पर धुँधला नहीं होता।
3. Elective: 3D modelling (35 h)
3D modelling and rendering
- 3D मॉडलिंग: घन से छपी हुई वस्तु तक – 3D मॉडल कंप्यूटर में रखी एक आकृति है: बिंदु (शीर्ष, vertices) किनारों (edges) से जुड़कर सपाट फलक (faces) बनाते हैं – इसे मेश कहते हैं। हम सरल आकृतियों (primitives) से शुरू करते हैं, उन्हें खिसकाते, घुमाते और बड़ा-छोटा करते हैं, और फलक बाहर खींचते (extrude) हैं। फिर पदार्थ और रोशनी देकर कंप्यूटर तस्वीर रेंडर करता है। वही मॉडल पतली परतों में काटकर 3D प्रिंटर से बनाया जा सकता है।
4. Elective: mathematical foundations of informatics (35 h)
Number systems and data representation · Logic and information theory
- संख्या पद्धति और कूटन (Encoding) – संख्या पद्धति अंकों और आधार से संख्याएँ लिखने का तरीका है। दशमलव (आधार 10) में 0–9, बाइनरी (आधार 2) में 0 और 1, ऑक्टल (आधार 8) में 0–7, और हेक्साडेसिमल (आधार 16) में 0–9 और A–F। दशमलव से किसी आधार में: आधार से बार-बार भाग देकर शेष नीचे से ऊपर पढ़ें; भिन्न भाग के लिए आधार से गुणा करके पूर्णांक ऊपर से नीचे पढ़ें। दशमलव में: हर अंक × स्थानीय मान, फिर जोड़ें। बाइनरी ↔ ऑक्टल में 3 बिट के समूह, बाइनरी ↔ हेक्स में 4 बिट के। टेक्स्ट कूटन से रखा जाता है: ASCII (7 बिट, 128 अक्षर), ISCII (8 बिट, भारतीय लिपियाँ) और यूनिकोड (हर लिपि), जो UTF-8 (1–4 बाइट) या UTF-32 (4 बाइट) में सहेजा जाता है।
- बूलियन तर्क (Boolean Logic) – बूलियन तर्क में केवल दो मान हैं: 1 (सत्य) और 0 (असत्य)। लॉजिक गेट इन पर काम करते हैं: NOT मान उलटता है; AND तभी 1 जब सभी इनपुट 1; OR तब 1 जब कोई भी इनपुट 1; NAND और NOR, AND और OR के उल्टे हैं; XOR तब 1 जब इनपुट अलग हों। सत्य सारणी हर इनपुट संयोजन का आउटपुट बताती है (n इनपुट पर 2ⁿ पंक्तियाँ)। डी मॉर्गन: (A·B)' = A' + B' और (A + B)' = A'·B'। गेटों को जोड़कर लॉजिक सर्किट बनते हैं।
5. Elective: information security (17 h)
Threats and protection
- साइबर सुरक्षा: ख़तरे और उनसे बचाव – साइबर सुरक्षा कंप्यूटर, नेटवर्क और डेटा की रक्षा करती है। इसके लक्ष्य हैं गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता (CIA त्रिक)। आम ख़तरे: मालवेयर, फ़िशिंग व सोशल इंजीनियरिंग, ब्रूट फ़ोर्स और डिनायल ऑफ़ सर्विस। बचाव: मज़बूत प्रमाणीकरण, कूटलेखन, फ़ायरवॉल, एंटी-मालवेयर, अपडेट, पहुँच नियंत्रण और बैकअप।
6. Elective: web technologies (35 h)
Web development
- वेब डेवलपमेंट: HTML, CSS और JavaScript से वेब पेज कैसे बनता है – वेब पेज कुछ टेक्स्ट फ़ाइलों से बनता है। ब्राउज़र (क्लाइंट) URL और HTTP से सर्वर से ये फ़ाइलें माँगता है। HTML पेज का ढाँचा बनाता है: हेडिंग, पैराग्राफ़, लिंक, चित्र, सूची, टेबल और फ़ॉर्म। CSS सजावट देता है: रंग, फ़ॉन्ट, दूरी और लेआउट। JavaScript व्यवहार देता है: क्लिक पर पेज बदलता है। रिस्पॉन्सिव डिज़ाइन से एक ही पेज फ़ोन और कंप्यूटर दोनों पर ठीक दिखता है।
7. Elective: electronic document management (17 h)
Documents and e-document flow
- इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ और ई-दस्तावेज़ प्रवाह – दस्तावेज़ तथ्यों का रिकॉर्ड है जिसमें शीर्षक, संख्या, तारीख, पाठ, हस्ताक्षर और मुहर होती है। टेम्पलेट सभी दस्तावेज़ों को एक जैसा रखता है। स्कैनर, कंप्यूटर, प्रिंटर और क्लाउड दस्तावेज़ को कागज़ और फ़ाइल के बीच ले जाते हैं। इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर में निजी कुंजी हस्ताक्षर करती है और सार्वजनिक कुंजी जाँचती है, इसलिए कोई भी बदलाव पकड़ा जाता है। OCR पाठ की तस्वीर को बदलने लायक पाठ बनाता है। 2 तरह के स्टोरेज पर 3 कॉपी रखें, 1 घर से दूर, और पासवर्ड, पहुँच के अधिकार और एन्क्रिप्शन लगाएँ।
8. Elective: databases (35 h)
Database design and SQL
- MySQL के साथ SQL: तालिका बनाना, पंक्तियाँ बदलना और सवाल पूछना – SQL (स्ट्रक्चर्ड क्वेरी लैंग्वेज) MySQL जैसे रिलेशनल DBMS से बात करने की भाषा है। DDL कमांड (CREATE, ALTER, DROP) तालिकाएँ परिभाषित करते हैं; DML कमांड (INSERT, UPDATE, DELETE) पंक्तियाँ बदलते हैं; DQL (SELECT) डेटा पढ़ता है। हर स्तंभ का डेटा प्रकार होता है, जैसे INT, FLOAT, CHAR, VARCHAR या DATE। SELECT … WHERE संबंधात्मक ऑपरेटर, BETWEEN, AND/OR/NOT और IS NULL से पंक्तियाँ छाँटता है।
9. Elective: formal logic (35 h)
Concepts, statements and laws · Reasoning and argument
- तर्कशास्त्र: अच्छा तर्क कैसे काम करता है – तर्कशास्त्र (logic) सही सोच का अध्ययन है। तर्क में आधार-वाक्य (कारण) और निष्कर्ष होते हैं; इनके बीच का क़दम अनुमान है। निगमनात्मक तर्क में आधार-वाक्य सच हों तो निष्कर्ष सच होगा ही; ऐसा तर्क वैध है, और अगर आधार-वाक्य सचमुच सच हों तो ठोस (sound)। एक प्रति-उदाहरण किसी ढाँचे को अवैध साबित कर देता है। आगमनात्मक तर्क देखे गए मामलों से सामान्य या संभावित निष्कर्ष तक जाते हैं; वे मज़बूत या कमज़ोर होते हैं, पक्के नहीं। निरुपाधिक प्रतिज्ञप्तियाँ (A, E, I, O) और सरल विधेय तर्क (∀, ∃) तर्क को सटीक लिखने और दोष पकड़ने में मदद करते हैं।
10. Elective: computer sound processing (35 h)
Digital audio and MIDI
- संगीत प्रौद्योगिकी: आवाज़ से डिजिटल संगीत तक – संगीत प्रौद्योगिकी आवाज़ को संकेतों और संख्याओं में बदलती है, जिन्हें हम रिकॉर्ड, संपादित और साझा कर सकते हैं। माइक हवा के कंपन को वोल्टेज में बदलता है; ऑडियो इंटरफ़ेस उसे हर सेकंड हज़ारों बार नापता है (सैंपल रेट) और हर नाप को संख्या में रखता है (बिट डेप्थ)। DAW में ऑडियो और MIDI ट्रैक सजते हैं, और मिक्सिंग में हर ट्रैक का वॉल्यूम, पैन और इफ़ेक्ट तय होता है।
11. Elective: creative programming (35 h)
Creative coding
- क्रिएटिव कोडिंग: प्रोग्राम से कला बनाना – क्रिएटिव कोडिंग का मतलब है प्रोग्राम लिखकर चित्र, एनिमेशन, ध्वनि या इंटरैक्टिव कला बनाना। आप कैनवस पर x और y निर्देशांक से बनाते हो, जहाँ (0, 0) ऊपर-बाएँ कोना है और y नीचे की ओर बढ़ता है। रंग तीन संख्याएँ हैं (लाल, हरा, नीला)। लूप आकृतियों को दोहराकर पैटर्न बनाते हैं, रैंडम संख्याएँ हर बार नया चित्र देती हैं (जनरेटिव आर्ट), रिकर्शन फ्रैक्टल बनाता है, और माउस क्लिक या सेंसर जैसे इवेंट दर्शक को कला बदलने देते हैं। p5.js, Processing, Scratch और Python turtle इसके लिए बने हैं।