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रास्टर ग्राफ़िक्स

रास्टर चित्र छोटे-छोटे रंगीन चौकोरों की जाली होता है। हर चौकोर को पिक्सेल कहते हैं और उसमें तीन संख्याएँ (R, G, B) होती हैं, हर एक 0 से 255 तक। एडिटिंग का मतलब इन संख्याओं को बदलना है: रीटचिंग, परतें और मास्क, फ़िल्टर और रंग सुधार। वेक्टर ग्राफ़िक्स आकृतियों और गणित से बनते हैं। AI चित्र भी रास्टर ही होते हैं, इसलिए इनका ईमानदारी से उपयोग करना चाहिए।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह तस्वीर देखिए। यह छोटे-छोटे रंगीन चौकोरों से बनी है। हर चौकोर एक पिक्सेल है।
  2. एक पिक्सेल पर ज़ूम कीजिए। वह सिर्फ़ तीन संख्याएँ है: लाल, हरा और नीला। हर संख्या 0 से 255 तक जाती है।
  3. आसमान में दो भूरे धब्बे थे। हमने उन पर आसमान का रंग भर दिया। इसे रीटच करना कहते हैं।
  4. अब तस्वीर परतों में बँट गई। पीछे आसमान, बीच में सूरज, ऊपर घर। हर परत अलग से बदली जा सकती है।
  5. फ़िल्टर हर पिक्सेल को एक ही नियम से बदलता है। ग्रे फ़िल्टर लाल, हरे और नीले का औसत लेता है।
  6. अब आपकी बारी। रंग चुनिए और पिक्सेल पर छुइए। फ़िल्टर और परतें भी आज़माइए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

ज़्यादा ज़ूम करने पर फ़ोटो चौकोर क्यों दिखने लगती है?

क्योंकि वह तय चौकोरों की जाली है। काफ़ी ज़ूम करने पर हर चौकोर एक दिखता हुआ ब्लॉक बन जाता है।

तीन संख्याओं से लाखों रंग कैसे बन जाते हैं?

हर संख्या के 256 स्तर हैं। 256 × 256 × 256 = 16,777,216 अलग-अलग मिश्रण बनते हैं।

क्या रीटचिंग से असली फ़ोटो खराब हो जाती है?

नहीं, अगर आप कॉपी या नई परत पर काम करें। असली संख्याएँ नीचे सुरक्षित रहती हैं।

परतों की ज़रूरत ही क्या है?

ताकि आप सिर्फ़ एक चीज़, जैसे सूरज, बदल सकें और आसमान या घर को न छुएँ। परत को छिपा या हिला भी सकते हैं।

क्या फ़िल्टर फ़ोटो में कोई नई जानकारी जोड़ता है?

नहीं। वह पहले से मौजूद संख्याओं पर बस एक जोड़-घटाव करता है, हर पिक्सेल के लिए वही नियम।

क्या AI से बना चित्र भी पिक्सेल से बना होता है?

हाँ। AI पिक्सेल की संख्याएँ बनाता है। फ्री-प्ले में पिक्सेल रंगकर देखिए कि हर रास्टर चित्र सिर्फ़ संख्याएँ है।

रास्टर चित्र क्या है?

रास्टर चित्र छोटे चौकोरों की जाली होता है। हर चौकोर एक पिक्सेल (picture element) है। एक पिक्सेल का सिर्फ़ एक रंग होता है। हज़ारों पिक्सेल एक साथ देखने पर हमारी आँखों को चिकनी तस्वीर दिखती है।

फ़ोटो, स्क्रीनशॉट और फ़ोन के चित्र रास्टर होते हैं। रास्टर चित्र का आकार उसका रेज़ोल्यूशन (resolution) है: चौड़ाई × ऊँचाई, पिक्सेल में। 10 × 8 पिक्सेल के चित्र में 10 × 8 = 80 पिक्सेल होते हैं। ज़्यादा पिक्सेल यानी ज़्यादा बारीकी और बड़ी फ़ाइल।

करके देखिए: फ़ोन की किसी फ़ोटो को जितना हो सके ज़ूम कीजिए। आपको चौकोर दिख जाएँगे।

संख्याओं में रंग: RGB

स्क्रीन तीन छोटी रोशनियों से रंग बनाती है: R (लाल), G (हरा) और B (नीला)। हर रोशनी का स्तर 0 (बंद) से 255 (पूरी) तक होता है। यानी 256 स्तर।

256 स्तरों वाली तीन रोशनियों से 256 × 256 × 256 = 16,777,216 रंग बनते हैं। प्रिंटर अलग मिश्रण CMYK (सियान, मैजेंटा, पीला, काली स्याही) इस्तेमाल करते हैं।

रंग के तीन आसान विचार हैं: रंगत (hue: कौन-सा रंग, जैसे लाल या नीला), संतृप्ति (saturation: रंग कितना गहरा या फीका) और चमक (brightness: कितना हल्का या गहरा)।

एडिटिंग और रीटचिंग

रास्टर चित्र को एडिट करने का मतलब पिक्सेल की संख्याएँ बदलना है। क्रॉप (काटना) बाहर के पिक्सेल हटा देता है। रीसाइज़ पिक्सेल जोड़ता या घटाता है। रीटचिंग छोटी कमियाँ ठीक करती है, जैसे धब्बा, दाग या खरोंच। आम तरीका यह है कि कमी के पास के साफ़ पिक्सेल की नक़ल करके उसके ऊपर रंग दें।

हमेशा कॉपी या नई परत पर काम करें, ताकि असली फ़ोटो सुरक्षित रहे।

छोटे चित्र को बड़ा करने पर नए पिक्सेल सिर्फ़ अंदाज़े से भरे जाते हैं। जो बारीकी कभी थी ही नहीं, वह वापस नहीं आती।

परतें, मास्क और कोलाज

परत (layer) एक पारदर्शी शीट जैसी है। आप शीटें ऊपर-नीचे रखते हैं: आसमान, सूरज, घर। हमें ऊपर से देखने पर पूरा ढेर एक तस्वीर की तरह दिखता है। आप दूसरी शीटों को छुए बिना एक शीट को हिला सकते हैं, छिपा सकते हैं, रंग बदल सकते हैं या हटा सकते हैं।

मास्क तय करता है कि परत का कौन-सा हिस्सा दिखे। लेयर मास्क में सफ़ेद दिखाता है और काला छिपाता है। ग्रे थोड़ा दिखाता है। कुछ मिटता नहीं, इसलिए वापस ला सकते हैं।

कोलाज में कई चित्रों के हिस्से एक चित्र में जोड़े जाते हैं। हर हिस्सा अपनी परत पर होता है और मास्क उसके किनारे काटता है।

फ़िल्टर और रंग सुधार

फ़िल्टर एक ही नियम है जो हर पिक्सेल पर लगता है। उदाहरण:

रंग सुधार (colour correction) फ़ोटो का रूप ठीक करता है: चमक (हल्का या गहरा), कॉन्ट्रास्ट (गहरे और हल्के का फ़र्क), संतृप्ति और व्हाइट बैलेंस (ताकि सफ़ेद चीज़ पीली न दिखे)।

रास्टर बनाम वेक्टर, फ़ॉर्मेट और बिज़नेस ग्राफ़िक्स

वेक्टर ग्राफ़िक्स आकृतियों को गणित की तरह रखते हैं: रूपरेखा (contour), भरने का रंग, ग्रेडिएंट (धीरे-धीरे बदलता रंग) और टेक्स्ट। ये किसी भी आकार में साफ़ रहते हैं, इसलिए लोगो, आइकन और नक़्शे अक्सर वेक्टर होते हैं। जिन फ़ोटो में बहुत बारीक रंग-बदलाव हों, उनके लिए रास्टर बेहतर है।

रास्टरवेक्टर
बना होता हैपिक्सेल सेआकृतियों और वक्रों से
ज़ूम करने परचौकोर दिखते हैंसाफ़ रहता है
किसके लिएफ़ोटोलोगो, आइकन
फ़ॉर्मेटJPG, PNG, GIFSVG

JPG छोटी फ़ाइल बनाता है और थोड़ी बारीकी खो देता है (फ़ोटो के लिए अच्छा)। PNG हर पिक्सेल बचाता है और उसमें पारदर्शी पृष्ठभूमि हो सकती है। बिज़नेस ग्राफ़िक्स यानी चार्ट, रेखाचित्र और इन्फ़ोग्राफ़िक, जो संख्याएँ साफ़ दिखाते हैं। इन्हें अक्सर वेक्टर में बनाते हैं ताकि प्रिंट में तीखे दिखें।

AI से चित्र बनाना और ईमानदारी से उपयोग

AI इमेज जनरेटर लिखे हुए निर्देश (प्रॉम्प्ट) से नया चित्र बनाता है, जैसे “हरे खेत के ऊपर लाल पतंग”। उसने बहुत सारे चित्रों से पैटर्न सीखे हैं। नतीजा फिर भी एक रास्टर चित्र है: पिक्सेल की जाली।

ईमानदार उपयोग के नियम:

करके देखिए

पहले अंदाज़ा, फिर जाँच। एक पिक्सेल (30, 60, 90) है। सोचिए ग्रे फ़िल्टर से क्या मिलेगा। फिर 3D के फ्री-प्ले में “देखें” औज़ार से पिक्सेल छुइए, “ग्रे” दबाइए और मिलाइए। (उत्तर: 60, 60, 60।)

घर पर: अपनी कॉपी की फ़ोटो लीजिए। फ़ोन के एडिटर में क्रॉप कीजिए, चमक बढ़ाइए, फिर वापस (undo) कीजिए। ध्यान दीजिए कि undo इसलिए हो पाता है क्योंकि असली संख्याएँ बची रहती हैं।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 640 पिक्सेल चौड़े और 480 पिक्सेल ऊँचे चित्र में कितने पिक्सेल हैं?

पिक्सेल = 640 × 480 = 307,200।

2. औसत वाले नियम से पिक्सेल (30, 60, 90) को ग्रे बनाइए।

औसत = (30 + 60 + 90) ÷ 3 = 60। नया पिक्सेल = (60, 60, 60)।

3. पिक्सेल (200, 100, 0) को उलटा कीजिए।

255 − 200 = 55, 255 − 100 = 155, 255 − 0 = 255। नया पिक्सेल = (55, 155, 255)।

4. एक फ़ोटो 100 पिक्सेल चौड़ी और 50 ऊँची है। हर पिक्सेल 3 बाइट लेता है। कच्चा आकार कितना है?

100 × 50 = 5,000 पिक्सेल। 5,000 × 3 = 15,000 बाइट (लगभग 15 KB), संपीड़न से पहले।

5. एक लोगो को दोगुना चौड़ा और दोगुना ऊँचा किया गया। रास्टर लोगो में पिक्सेल कितने गुना हो जाएँगे? वेक्टर लोगो का क्या होगा?

रास्टर: 2 × 2 = 4 गुना पिक्सेल, और नए पिक्सेल अंदाज़े के हैं, इसलिए धुँधला लग सकता है। वेक्टर: आकृति नए आकार में गणित से दोबारा बनती है, इसलिए साफ़ रहती है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. पिक्सेल क्या है?
2. RGB में पिक्सेल (255, 255, 255) कैसा दिखता है?
3. लेयर मास्क में काला रंग क्या करता है?
4. कौन-सा किसी भी आकार में साफ़ रहता है?
5. AI से बना चित्र सबसे सही कैसे कहा जाएगा?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रास्टर और वेक्टर ग्राफ़िक्स में क्या अंतर है?

रास्टर पिक्सेल की जाली है और ज़ूम करने पर चौकोर दिखते हैं। वेक्टर गणित से रखी आकृतियाँ हैं और हर आकार में साफ़ रहती हैं।

फ़ोटो फ़िल्टर इतनी तेज़ी से कैसे काम करते हैं?

फ़िल्टर हर पिक्सेल की संख्याओं पर लगने वाला छोटा नियम है। फ़ोन लाखों पिक्सेल पर यह पल भर में कर लेता है।

क्या AI चित्र इस्तेमाल करना गलत है?

नहीं, पर ईमानदार रहिए। बताइए कि चित्र AI का बनाया है, असली घटनाओं या असली लोगों की नक़ली तस्वीर न बनाइए, और कलाकारों व टूल के नियमों का सम्मान कीजिए।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

यूक्रेन8 класDigital creativity
यूक्रेन10 класGraphics and multimedia
यूक्रेन10 класElective: graphic design (35 h)
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