Ukraine 10 клас Informatics (profile level)
अध्याय: 5
1. Programming language and data structures
Programming fundamentals · Functions and recursion · Data structures · Libraries, GUI and OOP basics
- पायथन की मूल बातें: मोड, वेरिएबल, डेटा प्रकार और ऑपरेटर – पायथन इंटरैक्टिव मोड (एक-एक पंक्ति) या स्क्रिप्ट मोड (सहेजी गई .py फ़ाइल) में चलता है। ब्लॉक इंडेंटेशन से पहचाने जाते हैं। वेरिएबल मान से बँधे नाम हैं; हर मान का एक डेटा प्रकार होता है, और कुछ प्रकार परिवर्तनशील हैं। ऑपरेटर व्यंजक बनाते हैं जिन्हें पायथन प्राथमिकता के क्रम से हल करता है। input() टेक्स्ट पढ़ता है, int()/float()/str() प्रकार बदलते हैं, और डिबगिंग से सिंटैक्स, रनटाइम और तार्किक त्रुटियाँ ठीक होती हैं।
- रिकर्शन: ख़ुद को पुकारने वाले फ़ंक्शन – रिकर्शन (recursion) तब होता है जब कोई फ़ंक्शन किसी प्रश्न को हल करने के लिए उसी प्रश्न के छोटे रूप पर ख़ुद को पुकारता है। हर रिकर्सिव फ़ंक्शन में एक आधार स्थिति (base case) चाहिए, जहाँ वह रुककर सीधे उत्तर देता है, और एक रिकर्सिव स्थिति जो आधार स्थिति की ओर बढ़ती है। हर पुकार को कॉल स्टैक पर अपना स्टैक फ़्रेम मिलता है; पुकार लौटने पर फ़्रेम हट जाता है।
- पायथन में list: बनाना, ट्रैवर्स, बदलना और list मेथड – list वर्ग कोष्ठक में लिखा क्रमबद्ध, बदलने योग्य संग्रह है, जैसे [10, 20, 30]। आइटम इंडेक्स (0 से, या अंत से ऋणात्मक) और स्लाइस से मिलते हैं। for लूप से list ट्रैवर्स करते हैं, list परिवर्तनशील है इसलिए आइटम वहीं बदलते हैं, और फ़ंक्शन (len, max, min, sum, sorted, list) व मेथड (append, insert, extend, remove, pop, sort, reverse, count, index, clear) से काम करते हैं।
- ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग (OOP) – ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग में प्रोग्राम ऑब्जेक्ट्स से बनता है। क्लास एक ब्लूप्रिंट है जो बताता है कि उसके ऑब्जेक्ट्स के पास कौन-सा डेटा (एट्रिब्यूट) और कौन-से काम (मेथड) होंगे। हर ऑब्जेक्ट क्लास से बनता है और अपना डेटा ख़ुद रखता है। चार बड़े विचार हैं: एनकैप्सुलेशन (डेटा को मेथड के पीछे छिपाना), इनहेरिटेंस (नई क्लास पुरानी को दोबारा इस्तेमाल करे), पॉलीमॉर्फ़िज़्म (एक ही मेथड हर ऑब्जेक्ट के लिए सही ढंग से चले) और एब्स्ट्रैक्शन (ज़रूरी चीज़ ही दिखाना)।
2. Modern information technologies
IT in society · Information security
- सूचना प्रणाली (Information System) – सूचना प्रणाली (IS) लोगों, हार्डवेयर, सॉफ़्टवेयर, डेटा, नेटवर्क और प्रक्रियाओं का ऐसा समूह है जो मिलकर सूचना जुटाता, सहेजता, संसाधित करता और बाँटता है। यह कच्चे डेटा को एक शृंखला से काम की सूचना में बदलती है: जुटाना, कोड करना, भेजना, सहेजना, संसाधित करना और दिखाना। प्रणाली एक चक्र में बनती है (योजना, विश्लेषण, डिज़ाइन, निर्माण, परीक्षण, चलाना-सुधारना)। यह काम तेज़ करती है और ज्ञान बाँटने देती है, पर इसमें ख़र्च, ख़राबी, हैकिंग और जड़ता (rigidity) का ख़तरा भी है।
- साइबर सुरक्षा: ख़तरे और उनसे बचाव – साइबर सुरक्षा कंप्यूटर, नेटवर्क और डेटा की रक्षा करती है। इसके लक्ष्य हैं गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता (CIA त्रिक)। आम ख़तरे: मालवेयर, फ़िशिंग व सोशल इंजीनियरिंग, ब्रूट फ़ोर्स और डिनायल ऑफ़ सर्विस। बचाव: मज़बूत प्रमाणीकरण, कूटलेखन, फ़ायरवॉल, एंटी-मालवेयर, अपडेट, पहुँच नियंत्रण और बैकअप।
3. Data analysis and visualisation
Spreadsheet modelling · Statistics and visualisation
- डेटा विज़ुअलाइज़ेशन: संख्याओं को चित्र में बदलना – डेटा विज़ुअलाइज़ेशन यानी डेटा को चित्र की तरह दिखाना ताकि पैटर्न आसानी से दिखें। समूहों की तुलना के लिए दंड आलेख (bar chart), पूरे के हिस्सों के लिए पाई चार्ट, समय के साथ बदलाव के लिए रेखा ग्राफ़, दो संख्याओं के संबंध के लिए प्रकीर्ण आलेख (scatter plot) और मानों के फैलाव के लिए आयतचित्र (histogram)। अच्छे चार्ट में शीर्षक, मात्रक सहित अक्षों के नाम और ईमानदार पैमाना होता है; दंड आलेख का अक्ष 0 से शुरू होता है।
4. Electronic publications
Documents and publishing
- डेस्कटॉप पब्लिशिंग – डेस्कटॉप पब्लिशिंग (DTP) का मतलब है कंप्यूटर पर पाठ, चित्र और ग्राफ़िक्स को पन्ने पर इस तरह सजाना कि दस्तावेज़ साफ़ और पेशेवर दिखे। हम हाशिया और स्तंभ तय करते हैं, पाठ और चित्र के फ़्रेम रखते हैं, फ़ॉन्ट और रंग चुनते हैं, फिर छपाई (CMYK, ब्लीड, कटाई निशान) या स्क्रीन (ई-बुक) के लिए फ़ाइल बनाते हैं।
5. Graphics and multimedia
Raster and vector graphics · Computer animation
- रास्टर ग्राफ़िक्स – रास्टर चित्र छोटे-छोटे रंगीन चौकोरों की जाली होता है। हर चौकोर को पिक्सेल कहते हैं और उसमें तीन संख्याएँ (R, G, B) होती हैं, हर एक 0 से 255 तक। एडिटिंग का मतलब इन संख्याओं को बदलना है: रीटचिंग, परतें और मास्क, फ़िल्टर और रंग सुधार। वेक्टर ग्राफ़िक्स आकृतियों और गणित से बनते हैं। AI चित्र भी रास्टर ही होते हैं, इसलिए इनका ईमानदारी से उपयोग करना चाहिए।
- एनिमेशन: स्थिर तस्वीरें चलने कैसे लगती हैं – एनिमेशन बहुत-सी स्थिर तस्वीरों (फ़्रेम) की कतार है जो तेज़ी से एक के बाद एक दिखाई जाती हैं। आँख और दिमाग़ उन्हें जोड़ देते हैं, इसलिए हमें गति दिखती है। फ़्रेम दर (fps) बताती है कि एक सेकंड में कितने फ़्रेम दिखे: ज़्यादा fps = ज़्यादा चिकनी गति। की-फ़्रेम मुख्य मुद्राएँ रखते हैं; बीच के फ़्रेम ट्वीनिंग से भरते हैं। मुख्य प्रकार: हाथ से बना (फ़्रेम-दर-फ़्रेम), स्टॉप मोशन (कागज़, मिट्टी), 2D और 3D कंप्यूटर एनिमेशन। रास्टर पिक्सेल रखता है; वेक्टर आकृतियों को गणित से रखता है, इसलिए बड़ा करने पर धुँधला नहीं होता।