डेस्कटॉप पब्लिशिंग क्या है?
डेस्कटॉप पब्लिशिंग (DTP) का मतलब है कंप्यूटर पर छपने वाला या स्क्रीन पर दिखने वाला दस्तावेज़ बनाना, जिसमें पाठ और चित्र ठीक उसी जगह रखे जाते हैं जहाँ हम चाहते हैं।
वर्ड प्रोसेसर लिखने के लिए बना है। DTP प्रोग्राम लेआउट के लिए बना है, यानी हर चीज़ पन्ने पर कहाँ बैठे। लोकप्रिय प्रोग्राम हैं Scribus, Adobe InDesign, Affinity Publisher और Canva। सबमें विचार एक ही हैं।
DTP से पर्चे, पोस्टर, किताबें, पत्रिकाएँ, मेन्यू, कार्ड और ई-बुक बनती हैं।
पेज सेटअप: आकार, हाशिया और स्तंभ
सबसे पहले पन्ने का आकार चुनो (A4, A5, लेटर या अपना नाप) और दिशा (पोर्ट्रेट यानी खड़ा, लैंडस्केप यानी लेटा हुआ)।
हाशिया (margin) पन्ने के चारों ओर की खाली जगह है। इससे पाठ किनारे से दूर रहता है, कटता नहीं और पन्ना खुला-खुला लगता है।
स्तंभ (columns) चौड़ाई को खड़ी पट्टियों में बाँटते हैं। बहुत लंबी पंक्ति पढ़ना मुश्किल है, इसलिए अख़बार और पत्रिकाएँ कई स्तंभ रखती हैं। दो स्तंभों के बीच की छोटी खाली पट्टी गटर (gutter) कहलाती है।
ग्रिड मार्गदर्शक रेखाओं का समूह है (हाशिया, स्तंभ, पंक्तियाँ)। हर पन्ने पर वही ग्रिड हो तो पूरा दस्तावेज़ सुघड़ दिखता है।
मास्टर पेज पर वे चीज़ें रखते हैं जो हर पन्ने पर दोहराई जाती हैं, जैसे पन्ना-संख्या, ऊपर शीर्षक (header) या नीचे तारीख़ (footer)। एक बार बनाओ, हर जगह दिखेगी।
फ़्रेम और परतें: पाठ, चित्र और आकृतियाँ
DTP में हर चीज़ एक फ़्रेम (डिब्बे) में रहती है। पाठ फ़्रेम में शब्द और चित्र फ़्रेम में तस्वीर। पाठ फ़्रेम आपस में जोड़े जा सकते हैं: एक भर जाए तो बचा हुआ पाठ अगले फ़्रेम में, दूसरे पन्ने पर भी, बह जाता है।
चीज़ें परतों (layers) में रहती हैं। ऊपर वाली परत नीचे वाली को ढक देती है। किसी चीज़ को पीछे भेजा या आगे लाया जा सकता है। फ़ोटो पर लिखना हो तो पाठ की परत फ़ोटो से ऊपर रखनी होगी।
टेक्स्ट रैप से पाठ चित्र के नीचे जाने के बजाय उसके चारों ओर बह जाता है।
चित्र दो तरह के होते हैं। बिटमैप (JPG, PNG) पिक्सेल से बना होता है; ज़्यादा खींचो तो धुँधला हो जाता है। वेक्टर (SVG, PDF, लोगो) रेखाओं और वक्रों से बना होता है; किसी भी आकार में साफ़ रहता है। छपाई के लिए फ़ोटो अपने अंतिम आकार पर करीब 300 dpi की होनी चाहिए।
अक्षर और रंग: पन्ना पढ़ने में आसान कैसे बने
पाठ के स्तर रखो: शीर्षक (करीब 30 से 40 pt), उप-शीर्षक (16 से 20 pt) और मुख्य पाठ (9 से 12 pt)। आकार का अंतर पाठक को बताता है कि पहले क्या पढ़ना है। इसे पदानुक्रम (hierarchy) कहते हैं।
दो-तीन से ज़्यादा फ़ॉन्ट मत लगाओ। आम जोड़ी: मुख्य पाठ के लिए एक सेरिफ़ फ़ॉन्ट और शीर्षक के लिए एक सान्स-सेरिफ़ फ़ॉन्ट। पंक्तियों के बीच ठीक जगह (लीडिंग) रखो और संरेखण एक जैसा रखो (बाईं ओर संरेखित पाठ पढ़ना सबसे आसान है)।
रंग: कुछ ही रंग चुनो जो आपस में मेल खाएँ। पाठ और पृष्ठभूमि में साफ़ अंतर (contrast) हो: हल्की पृष्ठभूमि पर गहरा पाठ, या उल्टा। सफ़ेद पर हल्का भूरा पाठ मत रखो।
ब्रांड पहचान: कोई दुकान या स्कूल हर जगह वही लोगो, रंग और फ़ॉन्ट दोहराता है। नियम एक ब्रांड बुक (शैली-मार्गदर्शिका) में लिखे जाते हैं, ताकि हर पोस्टर, कार्ड और वेबपेज एक परिवार जैसा लगे। अच्छा लोगो सरल होता है, एक रंग में भी चलता है और छोटा होने पर भी साफ़ रहता है।
छपाई की तैयारी
रंग-मोड। स्क्रीन रोशनी से रंग बनाती है: RGB (लाल, हरा, नीला)। प्रिंटर स्याही से रंग बनाता है: CMYK (सायन, मैजेंटा, पीला और K यानी काला)। स्क्रीन के कुछ चटक रंग छप नहीं सकते, इसलिए छपाई का काम शुरू से CMYK में बनाओ।
ब्लीड। कटाई की मशीन पूरी तरह सटीक नहीं होती। चित्र ठीक किनारे पर रुके तो सफ़ेद पतली लकीर दिख सकती है। इसलिए चित्र को किनारे से करीब 3 mm बाहर तक बढ़ाते हैं। यह अतिरिक्त हिस्सा ब्लीड है और कट जाता है।
कटाई निशान (crop marks) कोनों की छोटी रेखाएँ हैं जो बताती हैं कहाँ काटना है। ज़रूरी पाठ किनारे से कम से कम 5 mm अंदर रखो (सुरक्षित क्षेत्र)।
रिज़ॉल्यूशन: छपाई के लिए 300 dpi, स्क्रीन के लिए 72 से 150 dpi।
निर्यात: फ़ॉन्ट जोड़कर PDF बनाओ। प्रिंटर को भेजने से पहले एक बार जाँच लो (इसे प्रीफ़्लाइट कहते हैं)। बड़ी संख्या की छपाई ऑफ़सेट प्रिंटिंग कहलाती है; कुछ प्रतियों के लिए डिजिटल प्रिंटिंग सस्ती पड़ती है।
आम रूप: पर्चा, पुस्तिका, पत्रिका, ई-बुक
पर्चा (leaflet): एक कागज़, अक्सर तीन तह में मुड़ा। हर तह का अपना काम है: सामने का कवर नज़र खींचता है, अंदर जानकारी होती है, पीछे संपर्क।
पुस्तिका (booklet): पन्ने बीच से मोड़कर जोड़े जाते हैं। कुल पन्ने 4 के गुणज होने चाहिए। जिल्द (spine) के पास थोड़ी ज़्यादा जगह छोड़ो, ताकि पाठ मोड़ में न खो जाए।
पत्रिका: मज़बूत ग्रिड, बड़े चित्र, शीर्षक, कई स्तंभ और उद्धरण-बॉक्स (pull quote), यानी कोई छोटी पंक्ति बड़े अक्षरों में। पन्ना-संख्या और खंड का नाम हर पन्ने पर एक ही जगह रहते हैं।
ई-बुक: स्क्रीन के लिए बनती है (EPUB या PDF)। EPUB में पाठ अपने-आप दोबारा बैठता है (reflow): फ़ोन या टैबलेट के हिसाब से ढल जाता है और पाठक फ़ॉन्ट का आकार बदल सकता है। इसलिए जगहें तय नहीं करते, शैलियाँ (शीर्षक, अनुच्छेद) तय करते हैं।
मेल मर्ज पास का विचार है: एक पत्र का नमूना और नामों की सूची मिलकर बहुत-से निजी पत्र अपने-आप बना देते हैं।
करके देखो: घर पर एक पोस्टर बनाओ
- कागज़ लो और किनारे से 1 cm अंदर एक चौखट खींचो। यही हाशिया है।
- पेंसिल से पन्ने को दो स्तंभों में बाँटो।
- पुरानी पत्रिका से तस्वीर काटकर ऊपर के हिस्से में चिपकाओ।
- बड़ा शीर्षक, मध्यम उप-शीर्षक और छोटी पंक्तियाँ लिखो। तीनों आकार देखो।
- 2 मीटर दूर से देखो। क्या शीर्षक अब भी पढ़ा जा रहा है? हाँ, तो तुम्हारा पदानुक्रम ठीक है।
फिर यही कंप्यूटर पर Scribus या Canva में बनाकर प्रिंट करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द: DTP = डेस्कटॉप पब्लिशिंग = कंप्यूटर पर पाठ और चित्र का लेआउट
- मुख्य शब्द: हाशिया = खाली किनारा; गटर = स्तंभों के बीच की जगह; ग्रिड = पन्ने की मार्गदर्शक रेखाएँ
- मुख्य शब्द: ब्लीड (करीब 3 mm) = कटाई-रेखा से बाहर बढ़ाया गया चित्र
- मुख्य शब्द: स्क्रीन के लिए RGB, छपाई के लिए CMYK
- फ़ोटो रिज़ॉल्यूशन: छपाई के लिए करीब 300 dpi, स्क्रीन के लिए 72 से 150 dpi
- पुस्तिका के पन्ने = 4 का गुणज
- ज़रूरी पिक्सेल = इंच में आकार × dpi (जैसे 4 इंच × 300 dpi = 1200 px)
हल किए गए उदाहरण
1. एक पोस्टर A4 (210 mm × 297 mm) का है। हर ओर 3 mm ब्लीड के साथ आर्टवर्क कितना बड़ा बनेगा?
हर दिशा में दोनों ओर 3 mm जोड़ो। चौड़ाई = 210 + 3 + 3 = 216 mm। ऊँचाई = 297 + 3 + 3 = 303 mm।
2. तुम्हें 300 dpi पर 4 इंच चौड़ी फ़ोटो छापनी है। फ़ोटो कितने पिक्सेल चौड़ी होनी चाहिए?
पिक्सेल = इंच × dpi = 4 × 300 = 1200 पिक्सेल।
3. स्कूल पत्रिका में 10 पन्नों की सामग्री है। पुस्तिका में कुल पन्ने 4 के गुणज होने चाहिए। कितने पन्ने रखोगे?
10 से ऊपर 4 का अगला गुणज 12 है। इसलिए पुस्तिका 12 पन्नों की होगी; आख़िरी 2 में सूचनाएँ आ सकती हैं या वे खाली रह सकते हैं।
4. पन्ने की चौड़ाई 210 mm है, दोनों ओर 20 mm हाशिया और 2 स्तंभ हैं जिनके बीच 6 mm गटर है। हर स्तंभ कितना चौड़ा होगा?
काम की चौड़ाई = 210 - 20 - 20 = 170 mm। एक गटर घटाओ: 170 - 6 = 164 mm। दो स्तंभों में बाँटो: 164 ÷ 2 = 82 mm प्रत्येक।
5. एक लोगो स्क्रीन पर बढ़िया दिखता है पर बड़े बैनर पर धुँधला है। यह किस तरह की फ़ाइल रही होगी और हल क्या है?
यह बिटमैप (जैसे छोटी JPG) होगी, जो पिक्सेल से बनी है। खींचने पर पिक्सेल दिखते हैं। हल: लोगो का वेक्टर रूप (SVG या PDF) इस्तेमाल करो, जो हर आकार में साफ़ रहता है।
6. तीन तह वाला पर्चा लेटे हुए A4 कागज़ (चौड़ाई 297 mm) पर छपता है। हर तह करीब कितनी चौड़ी होगी?
297 ÷ 3 = 99 mm हर तह। असल में एक तह करीब 2 mm छोटी रखते हैं ताकि वह बाकी के अंदर मुड़ सके।
आम गलतियाँ
- पाठ को किनारे के बहुत पास रखना। वह कट सकता है। पाठ हाशिये और सुरक्षित क्षेत्र के अंदर रखो।
- बहुत सारे फ़ॉन्ट और रंग लगाना। दो फ़ॉन्ट और कुछ रंग दस से बेहतर लगते हैं।
- छपाई के लिए वेबसाइट की छोटी तस्वीर लेना। 72 dpi पर वह धुँधली छपती है; अंतिम आकार पर करीब 300 dpi चाहिए।
- ब्लीड भूल जाना। जो पृष्ठभूमि रंग किनारे पर रुकता है, कटाई के बाद सफ़ेद लकीर छोड़ सकता है।
- छपाई के लिए RGB में डिज़ाइन करना। स्क्रीन के चटक रंग CMYK में फीके दिखते हैं। CMYK में जल्दी जाँच लो।