कैमरा और इमेजिंग प्रणालियाँ
डिजिटल कैमरे में: लेंस जो प्रकाश को मोड़कर (अपवर्तन) फ़ोकस करता है, अपर्चर (छेद) जो प्रकाश की मात्रा तय करता है, शटर जो समय तय करता है, और इमेज सेंसर (CCD या CMOS) जिसमें लाखों प्रकाश-संवेदी पिक्सेल हैं। प्रोसेसर संकेतों को फ़ाइल बनाकर मेमोरी कार्ड में रखता है।
- एक्सपोज़र = अपर्चर (f-संख्या) + शटर स्पीड + ISO (सेंसर की संवेदनशीलता)।
- फ़ोकल लंबाई (mm): छोटी = चौड़ा दृश्य, लंबी = ज़ूम।
- स्कैनर, ड्रोन, वेबकैम और 3D स्कैनर भी इमेजिंग उपकरण हैं।
विज्ञान: प्रकाश सीधी रेखा में चलता है, उत्तल लेंस वास्तविक उल्टा प्रतिबिंब बनाता है, और सेंसर प्रकाश को विद्युत आवेश में बदलता है (प्रकाश-विद्युत प्रभाव)।
पिक्सेल, रिज़ॉल्यूशन, रंग और फ़ाइल आकार
- पिक्सेल: डिजिटल चित्र का सबसे छोटा बिंदु।
- रिज़ॉल्यूशन: पिक्सेल की संख्या, जैसे 1920 × 1080 (लगभग 2.1 मेगापिक्सेल)। छपाई में PPI/DPI (प्रति इंच पिक्सेल); फ़ोटो के लिए 300 PPI।
- RGB: स्क्रीन लाल, हरा, नीला प्रकाश जोड़ती है (योगात्मक)। छपाई में CMYK स्याही (व्यवकलनात्मक)।
- बिट गहराई: प्रति पिक्सेल बिट। 24-बिट = R, G, B हर एक के 8 बिट = 1.67 करोड़ रंग।
- रास्टर चित्र पिक्सेल जाल हैं (JPEG, PNG); वेक्टर गणित से बनी आकृतियाँ हैं (SVG), बड़ा करने पर धुंधले नहीं होते।
- संपीड़न: lossy (JPEG) बारीकी हटाता है; lossless (PNG) सब रखता है।
बिना संपीड़न आकार (बाइट) = चौड़ाई × ऊँचाई × बिट ÷ 8। अनुपात = चौड़ाई : ऊँचाई (16:9, 4:3)। छपाई का आकार (इंच) = पिक्सेल ÷ PPI।
इमेज एडिटिंग, एनिमेशन और 3D मॉडलिंग
इमेज एडिटिंग
परतें (layers), मास्क, क्रॉप, लेवल्स व कर्व्स (चमक और कंट्रास्ट), रंग संतुलन, क्लोन और रीटच। बिना नष्ट किए एडिटिंग मूल फ़ाइल सुरक्षित रखती है। ईमानदारी से एडिट करो: बदली फ़ोटो से किसी को धोखा मत दो।
एनिमेशन
एनिमेशन तेज़ी से दिखाए गए स्थिर फ़्रेमों की शृंखला है। फ़िल्म 24 fps, वीडियो 25–30 fps, गेम 60 fps। की-फ़्रेम मुख्य मुद्राएँ तय करते हैं और सॉफ़्टवेयर बीच के फ़्रेम (tweening) भरता है।
3D मॉडलिंग
मॉडल शीर्ष (vertices), किनारे (edges) और फलक (faces/polygons) से बनी मेश है (तार-ढाँचे में दिखती है)। फिर सामग्री व टेक्सचर, रोशनी, कैमरा और रेंडरिंग (कंप्यूटर अंतिम चित्र बनाता है)। रिग (कंकाल) से पात्र हिलते हैं।
डिज़ाइन के सिद्धांत और वेब डिज़ाइन
डिज़ाइन के तत्व: रेखा, आकृति, रंग, बनावट (texture), स्थान, रूप, मान (उजाला-अँधेरा) और टाइपोग्राफ़ी।
डिज़ाइन के सिद्धांत: संतुलन, कंट्रास्ट, ज़ोर (केंद्र बिंदु), संरेखण, दोहराव, निकटता, पदानुक्रम और ख़ाली जगह। तिहाई का नियम मुख्य विषय को 3 × 3 जाल की रेखाओं पर रखता है।
वेब पेज लेआउट
ज़्यादातर पेजों में हेडर (लोगो, शीर्षक), नेविगेशन मेन्यू, मुख्य सामग्री (चित्र और पाठ) और फ़ुटर (संपर्क, लिंक) होते हैं। पेज HTML (ढाँचा) और CSS (शैली) से बनते हैं और रिस्पॉन्सिव होते हैं: फ़ोन पर लेआउट बदल जाता है। वेब के चित्र छोटे और संपीड़ित हों ताकि पेज जल्दी खुले, और उनमें alt टेक्स्ट हो।
रचनात्मक प्रक्रिया: ब्रीफ़ → शोध → स्केच → ड्राफ़्ट → प्रतिक्रिया → अंतिम।
उपकरणों का सुरक्षित उपयोग, टीमवर्क और निर्माण
उपकरण सुरक्षा
कैमरा पट्टे और लेंस-कैप के साथ ले जाओ; गद्देदार बैग; ट्राइपॉड और लाइट स्टैंड को रेत की थैली से टिकाओ; तारों को टेप से चिपकाओ; गरम लाइटें ठंडी होने दो; सॉफ़्टवेयर लगाते समय लाइसेंस नियम मानो।
टीमवर्क
फ़ाइलें साफ़ नाम वाले साझा फ़ोल्डर में रखो, हर सदस्य को भूमिका दो (निर्देशक, फ़ोटोग्राफ़र, एडिटर, डिज़ाइनर), छोटी बैठकें करो, ऐसा विचार-मंथन करो जिसमें हर विचार लिखा जाए, विनम्र और साफ़ प्रतिक्रिया दो और साझा समय-सारिणी रखो।
निर्माण
योजना (स्टोरीबोर्ड या वायरफ़्रेम) → कैप्चर (फ़ोटो, मॉडल) → एडिट → चित्र, पाठ, ध्वनि और एनिमेशन को एक शैली में जोड़कर एक उत्पाद → जाँच → प्रकाशन।
करके देखो
फ़ोन से एक फ़ोटो लो और फ़ोटो की जानकारी में पिक्सेल आकार देखो। W × H × 24 ÷ 8 से बिना संपीड़न आकार निकालो और असली JPEG आकार से तुलना करो। फिर चरण 6 में दूसरे आकार आज़माओ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- फ़ाइल आकार (बाइट) = चौड़ाई × ऊँचाई × बिट गहराई ÷ 8
- मेगापिक्सेल = चौड़ाई × ऊँचाई ÷ 10,00,000
- रंगों की संख्या = 2^(बिट गहराई)
- छपाई आकार (इंच) = पिक्सेल ÷ PPI
- एनिमेशन फ़्रेम = फ़्रेम दर (fps) × समय (s)
हल किए गए उदाहरण
1. चित्र 1920 × 1080 पिक्सेल है। कितने मेगापिक्सेल?
1920 × 1080 = 20,73,600 पिक्सेल ≈ 2.1 MP।
2. 1920 × 1080, 24-बिट चित्र का बिना संपीड़न आकार MB में?
1920 × 1080 × 24 ÷ 8 = 62,20,800 बाइट ≈ 6.2 MB।
3. 8-बिट चित्र कितने रंग दिखा सकता है?
2⁸ = 256 रंग।
4. 3000 × 2400 पिक्सेल फ़ोटो 300 PPI पर छपी। आकार?
3000 ÷ 300 = 10 इंच, 2400 ÷ 300 = 8 इंच, यानी 10 × 8 इंच (लगभग 25 × 20 cm)।
5. 12 सेकंड का एनिमेशन 24 fps पर। कितने फ़्रेम?
24 × 12 = 288 फ़्रेम।
आम गलतियाँ
- सोचना कि ज़्यादा मेगापिक्सेल हमेशा बेहतर फ़ोटो। लेंस, रोशनी और सेंसर का आकार भी मायने रखते हैं।
- छोटे रास्टर चित्र को बड़ा करके साफ़ रहने की उम्मीद। वह डिब्बेदार हो जाता है; वेक्टर या बड़ा मूल लो।
- छपाई के लिए RGB रंग बिना CMYK में बदले भेजना, जिससे रंग फीके छपते हैं।
- वेब पेज पर बहुत बड़े बिना संपीड़न चित्र लगाना, जिससे फ़ोन पर पेज धीरे खुलता है।