3D काम बनाने से पहले योजना
अच्छा 3D काम कंप्यूटर पर नहीं, काग़ज़ पर शुरू होता है। तीन सवाल पूछो।
- कौन इसे देखेगा या उपयोग करेगा? (बच्चा, ग्राहक, विद्यार्थी)
- क्या करना या दिखाना है? (सिखाना, बेचना, कहानी कहना)
- कहाँ देखा जाएगा? (फ़ोन, बड़ी स्क्रीन, प्रिंट, AR)
फिर आगे और बगल से एक छोटा स्केच बनाओ। स्केच बदलना सस्ता है, तैयार मॉडल बदलना महँगा।
सरल आकारों से बनाना
हर 3D वस्तु सरल आकारों से बन सकती है, जिन्हें प्रिमिटिव कहते हैं: डिब्बा, गोला, बेलन, शंकु। पहले मुख्य भाग के लिए बड़े आकार रखो, फिर छोटे ब्योरे जोड़ो। इसे ब्लॉकिंग आउट कहते हैं।
आकार कम रखो। कम फलकों वाला मॉडल फ़ोन पर जल्दी खुलता है। भागों के नाम साफ़ रखो (शरीर, सिर, हाथ) ताकि बाद में एनिमेट करना आसान रहे।
डिज़ाइन के नियम: संतुलन, अनुपात, कंट्रास्ट और फ़ोकस
डिज़ाइन के नियम सरल बातें हैं जो काम को सही दिखाती हैं।
- संतुलन: बायाँ और दायाँ हिस्सा बराबर भारी लगे। बीच की एक रेखा से जाँच सकते हैं।
- अनुपात: एक भाग का दूसरे के मुक़ाबले आकार। बड़े सिर वाला खिलौना प्यारा लगता है, पर बहुत बड़ा सिर ग़लत लगता है।
- कंट्रास्ट: गहरे के पास हल्का, या शांत रंगों में एक चमकीला रंग। इससे ज़रूरी भाग उभरता है।
- फ़ोकस: आँख को पता हो कि पहले कहाँ देखना है।
- एकता: कम रंग और पूरे काम में एक ही शैली।
रंगों के मतलब भी होते हैं: लाल चेतावनी, हरा चलो और नीला शांति। सिर्फ़ रंग पर भरोसा मत करो, ताकि जिन्हें रंग कम दिखते हैं वे भी पढ़ सकें।
एनिमेशन: कीफ़्रेम और बीच के फ़्रेम
एनिमेशन बहुत-सी स्थिर तस्वीरों को तेज़ी से दिखाना है। हर तस्वीर एक फ़्रेम है। फ़िल्मों में लगभग 24 फ़्रेम प्रति सेकंड होते हैं; गेम में अक्सर 30 या 60।
हम हर फ़्रेम नहीं बनाते। हम कीफ़्रेम बनाते हैं: ख़ास पोज़, जैसे फ़्रेम 0 पर हाथ नीचे और फ़्रेम 24 पर हाथ ऊपर। बीच के फ़्रेम कंप्यूटर निकालता है। इसे इंटरपोलेशन कहते हैं।
- 24 फ़्रेम प्रति सेकंड पर 24 फ़्रेम = 1 सेकंड।
- ईज़िंग से गति धीरे शुरू होती है और धीरे रुकती है, असली वस्तु की तरह।
- सिर्फ़ वही चलाओ जिसे चलना है, और गति छोटी और साफ़ रखो।
ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) के काम
ऑगमेंटेड रियलिटी असली कैमरा-दृश्य के ऊपर 3D मॉडल रखती है। वर्चुअल रियलिटी (VR) असली दुनिया को पूरी तरह बदल देती है। AR सिर्फ़ जोड़ती है।
AR मॉडल को जगह पर कैसे रखती है:
- कैमरा एक एंकर ढूँढता है: छपा हुआ मार्कर, समतल मेज़ या दीवार।
- फ़ोन कैमरा-चित्र और गति-सेंसरों से अपनी जगह और कोण जान लेता है।
- वह हर सेकंड कई बार फ़ोन के नज़रिये से मॉडल को एंकर पर बनाता है।
सुझाव: मॉडल हल्का रखो, असली आकार दो, नरम रोशनी रखो और बहुत अँधेरे कमरे में परखने से बचो।
खुद आज़माओ: अपना छोटा 3D काम
घर पर या किसी मुफ़्त 3D टूल में करो:
- काग़ज़ पर खिलौने का स्केच बनाओ। लिखो कि यह किसके लिए है।
- 4-5 सरल आकारों से बनाओ।
- बीच की रेखा से संतुलन जाँचो और एक अनुपात बदलो।
- दो कीफ़्रेम (फ़्रेम 0 और 24) बनाओ और बाक़ी टूल को भरने दो।
- फ़ोन हो तो AR व्यूअर में अपना मॉडल मेज़ पर रखकर देखो।
ऊपर के 3D में पहले अंदाज़ा लगाओ कि फ़्रेम 12 पर हाथ कहाँ होगा, फिर स्लाइडर चलाकर जाँचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- एनिमेशन का समय (सेकंड) = फ़्रेमों की संख्या ÷ फ़्रेम प्रति सेकंड
- फ़्रेमों की संख्या = सेकंड × फ़्रेम प्रति सेकंड
- बीच का मान = शुरुआत + (अंत − शुरुआत) × (फ़्रेम ÷ आख़िरी फ़्रेम)
- मुख्य शब्द: प्रिमिटिव, कीफ़्रेम, इंटरपोलेशन, एंकर, AR, VR
हल किए गए उदाहरण
1. एक एनिमेशन में 48 फ़्रेम हैं और वह 24 फ़्रेम प्रति सेकंड पर चलता है। वह कितना लंबा है?
समय = 48 ÷ 24 = 2 सेकंड।
2. एक छोटी क्लिप 30 फ़्रेम प्रति सेकंड पर 5 सेकंड की चाहिए। कितने फ़्रेम चाहिए?
फ़्रेम = 5 × 30 = 150।
3. एक हाथ फ़्रेम 0 पर 0° से फ़्रेम 24 पर 120° तक घूमता है। सीधे इंटरपोलेशन से फ़्रेम 12 पर कोण क्या होगा?
कोण = 0 + (120 − 0) × (12 ÷ 24) = 60°।
4. खिलौने का शरीर 4 इकाई ऊँचा है। डिज़ाइनर चाहता है कि सिर शरीर की ऊँचाई का एक चौथाई हो। सिर कितना ऊँचा होगा?
सिर = 4 × 1/4 = 1 इकाई। ऐसे सरल अनुपात अच्छा अनुपात देते हैं।
5. जल चक्र पर स्कूल पोस्टर को AR में बनाना है। योजना तीन पंक्तियों में लिखो।
कौन: कक्षा 8 के साथी। क्या: बारिश, नदी और बादल को चक्र की तरह दिखाना। कहाँ: पोस्टर पर छपे मार्कर से फ़ोन में AR।
आम गलतियाँ
- योजना बनाए बिना मॉडल बनाना शुरू करना। ग़लत चीज़ बन जाती है और दोबारा शुरू करना पड़ता है।
- बहुत ब्योरे और बहुत रंग रखना। काम उलझ जाता है और फ़ोकस नहीं रहता।
- हर फ़्रेम पर कीफ़्रेम लगाना। सिर्फ़ ख़ास पोज़ लगाओ, बाक़ी कंप्यूटर भरे।
- AR और VR को एक समझना। AR असली दृश्य में जोड़ती है; VR उसे बदल देती है।